अप्रैल 30, 2012

पूर्व विधायक संजीव झा को जान से मारने की धमकी

सहरसा के पूर्व भाजपा विधायक संजीव झा 
सुशासन में कानून और अमन के राज कायम होने के दावों की पोल-पट्टी अब धीरे--धीरे खुलती नजर आ रही है.अपराधी अपने बढे हौसलों के दम प़र अब सुशासन के मंत्री और नेताओं को भी बख्सने के मूड में नहीं हैं.बीती रात और आज सुबह अज्ञात अपराधी ने मोबाइल से सहरसा के पूर्व भाजपा विधायक को गोली मारकर उनकी इहलीला खत्म करने की धमकी दी है.इस घटना से जहां पूर्व विधायक दहशत में हैं वहीँ पूरे इलाके में सनसनी फैल गयी है.पीड़ित भाजपा के पूर्व विधायक ने इस घटना के बाबत सदर थाना में लिखित आवेदन देकर ना केवल अपनी जान बचाने की गुहार लगाई है बल्कि त्वरित तरीके से उचित कारवाई की मांग भी की है.हद की इंतहा तो यह है की इस घटना को लेकर जब पीड़ित पूर्व विधायक ने पुलिस के आलाधिकारियों से संपर्क करना चाहा तो उनके मोबाइल के स्विच ऑफ थे.आहत पूर्व विधायक ने अधिकारियों के इस रवैये को लेकर सुशासन प़र सवाल भी खड़े किये हैं. पूर्व विधायक ने बताया की बीती रात करीब ग्यारह बजे जब वह अपने आवास प़र पहुँचे तो अचानक उनका मोबाइल बज उठा.उन्होनें जब मोबाइल प़र कॉल रिसीव किया तो पहले तो उन्हें भद्दी--भद्दी गाली दी गयी फिर गोली मारकर उन्हें परलोक पहुंचाने का फरमान सुनाया गया.पूर्व विधायक ने जब यह पूछा की आप कौन बोल रहे हैं तो जबाब में कहा गया तुम्हारी मौत.पूर्व विधायक ने कहा की उनसे धमकी देने वाले ने कहा की अब तुम विधायक नहीं रहे इसलिए नेतागिरी छोड़ दो वर्ना तुम्हारी जान नहीं बचेगी.ठीक इसी तरह का फोन उन्हें आज सुबह सात बजकर नौ मिनट प़र आया.विधायक ने घटना के बाबत अग्रतर कारवाई करने के लिए एक आवेदन सदर थाना में दे दिया है.सबसे ख़ास और चौंकाने वाली बात यह है की पूर्व विधायक ने धमकी को लेकर सहरसा के एस.पी अजीत सत्यार्थी से बात करनी चाही तो एक बार वे बाथरूम थे.उसके बाद उन्होनें कई बार उन्हें फोन लगाया लेकिन उनके मोबाइल का स्विच ऑफ हो गया.यही नहीं पीड़ित पूर्व विधायक ने इस बाबत कोसी रेंज के डी.आई.जी संजय सिंह से भी बात करनी चाही लेकिन उनके मोबाइल का स्विच भी ऑफ निकला.पीड़ित पूर्व विधायक ने अधिकारियों के मोबाइल के इस तरह से बन्द रहने को काफी खतरनाक बताते हुए कहा की अगर मोबाइल बन्द रहने के दौरान कोई अप्रिय घटना हो जाती है तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा.उन्होनें सुशासन प़र भी सवाल खड़े किये.

सांढ़ ने कुचल--कुचल कर मार डाला

आज सुबह एक बौराए सांढ़ ने एक रेलवे कर्मचारी को अपने पाँव और सिंग से कुचल--कुचल और रौंदकर मार डाला.सहरसा के रेलवे कोलोनी स्थित मुख्य सड़क प़र इस खून-चटोरे सांढ़ ने इस रेलवे कर्मचारी को चीर डाला.हद की इंतहा देखिये की दिन के उजाले में सांढ़ ने इस घटना को अंजाम दिया.लोगों ने ईंट--पत्थर मारकर इस सांढ़ को भगाने की हर संभव कोशिश की लेकिन सांढ़ ने जबतक इस कर्मचारी की जान नहीं निकाल दी तबतक वह वहीँ प़र डटा रहा.घटना को अंजाम देकर सांढ़ विजयी चाल में वहाँ से विदा हो गया.इस घटना से पूरे इलाके में जबरदस्त सनसनी फैल गयी है.सांढ़ ने अनिल यादव के ना केवल पेट को पूरी तरह से फार डाला बल्कि शरीर के कई हिस्सों के चिथड़े उड़ा डाले.यह घटना आज सुबह करीब आठ बजे की है.अनिल अपने एक सहयोगी के साथ गाँव जाने के लिए निकला था लेकिन सांढ़ ने इसे गाँव की जगह परलोक पहुंचा दिया.अनिल का सहयोगी किसी तरह इस सांढ़ की चपेट में आने से बच गया. जिस वक्त घटना घटना घट रही थी उस समय सड़क प़र लोगों की खूब आवाजाही थी.लोगों ने अपनी नंगी आखों से सांढ़ की बर्बरता देखी और उन्होनें सांढ़ को ईंट--पत्थर मारकर भगाना चाहा ताकि किसी तरह से अनिल की जान बच सके.लेकिन सांढ़ बिना उसकी जान लिए वहाँ से टस से मस नहीं हुआ.

मासूम की बलि

रिस्ते के जब पाए दरकते हैं तो बड़े से बड़े हादसे पल में बेजा हो जाते हैं और बाद में जिसपर महज अफ़सोस के सिवा वापसी का कोई चारा नहीं होता.सहरसा जिला के बनगांव थाना के बलहा--गढ़िया गाँव में सिर्फ रिस्ते को ही नहीं बल्कि पूरी आदमजात को लहू--लुहान करने वाली एक खौफनाक घटना घटी है.मामूली घरेलू झगडे वह भी गोबर के गोइठे और भूसा--करसी को लेकर हुए झगडे में एक सगे चाचा और दो सगी चाची ने मिलकर महज दस माह की एक बच्ची को पाँव से कुचल--कुचल कर मौत के घात उतार डाला.मानवता के चिथड़े उड़े और इंसानियत का सीना चाक हुआ..दस माह की सरस्वती जिसने अभी ठीक से दुनिया देखी भी नहीं थी,जिसे जीवन के उतार--चढ़ाव,गुना--भाग से कोई लेना देना नहीं था उसे असमय इस दुनिया से विदा कर दिया गया.बड़ों के झगडे में एक मासूम की बलि चढ़ गयी.पूरा घर लग रहा है आंसुओं के सैलाब से डूब जाएगा.माँ की चीत्कार यमराज को ललकार रहा है.घटना के बाबत मृतका बच्ची की माँ का कहना है की गोइठा और भूसा--करसी को लेकर उनकी कहा सुनी उनकी दो गोतनियों से हो गयी.इसको लेकर वे लोग आपे से बाहर हो गए और दोनों गोतनी और एक जेठ ने उस अबला को लाठी से पीटना शुरू कर दिया.बच्ची उनके हाथ से नीचे गिर गयी,.दरिन्दे जमीन पर गिरी बच्ची को पाँव से रौंदना शुरू कर दिया और वे तबतक उसे रौंदते रहे जबतक सरस्वती सदा के लिए खामोश नहीं हो गयी.घर में हो रहे हंगामा की खबर सुनकर सरस्वती के पिता शशि यादव भी दौड़कर पहुंचे लेकिन उनके भाई और भाभी ने मिलकर उन्हें भी मारना शुरू कर दिया.शशि के कान काट डाले,उसके सर फोड़ डाले.शशि का तो कहना है की उनके अपनों ने तो पहले उनकी बेटी की जान ली फिर उन्हें भी जान से मारने की पूरी कोशिश करने लगे.लेकिन उसने जोर से हल्ला मचाना शुरू किया जिससे गाँव के लोग जमा होने लगे.इतने में सभी आरोपी फरार हो गए और उसकी जान बच सकी.शशि को तीन बेटियाँ थीं जिसमें से सरस्वती इस दुनिया से जा चुकी है.

बाहुबली के हाथ में कलम

कहते हैं की वक्त और हालत हर किसी को उसकी जद में ला छोड़ता है.कभी राजपूतों का सिरमौर्य और छत्रप समझे जाने वाले पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन आज अपना चोला बदलकर कवि,लेखक और दार्शनिक हो गए हैं.इस रसूखदार और पूरा दम--ख़म वाले बाहुबली के हाथ में बन्दूक की जगह आज कलम आ चुकी है.पिछले पौने पांच साल से जेल में बंद आनंद मोहन यूँ खुद को कभी बाहुबली नहीं माने लेकिन देश उन्हें इसी नाम से जानता है.आज आनंद मोहन के इस ओजस्वी पहल को लोग ह्रदय परिवर्तन के रूप में ले रहे हैं जो किसी चमत्कार से कम नहीं है.आनंद मोहन रचित काव्य संग्रह "कैद में आजाद कलम"के तृतीय संस्करण का  1857 ग़दर के महानायक बहादुर शाह जफ़र और बाबू वीर कुंवर सिंह के विजयोत्सव समारोह के अवसर पर सहरसा के टाउन हॉल में बड़े ताम--झाम से लोकार्पण हुआ जिसमें देश की कई जानी--मानी राजनीतिक हस्ती,प्रखर समाजसेवी,नामचीन साहित्यिक हस्ती सहित कई बड़े पत्रकार भी शामिल हुए.इस लोकार्पण कार्यक्रम की सबसे ख़ास बात यह रही की इस कार्यक्रम में बिहार के कई बाहुबली नेता भी शामिल हुए जो आखिरकार कई तरह के सवाल खड़े कर गए.  अंगुलीमाल बाल्मीकि बन सकता है.जेल में बाल गंगाधर तिलक गीता लिख सकते हैं.जेल में मार्क्स पूंजीवाद के खिलाफ अनुपम ग्रन्थ की रचना कर सकते हैं तो पूर्व सांसद आनंद मोहन कवि लेखक और दार्शनिक क्यों नहीं बन सकते.इस बाहुबली का नया जन्म हो चुका है और यह विचार और शब्दों की ताकत के साथ नयी हुंकार भर रहा है.रब जाने आगे क्या होगा.

अप्रैल 25, 2012

बेरहमी से युवती की हत्या

अहले सुबह सहरसा जिला के बिहरा थाना क्षेत्र के बिहरा गाँव के शिव मंदिर स्थित पोखर में एक बीस वर्षीय नवविवाहिता की लाश मिली.लोगों ने पोखर में लाश को तैरते देखा तो उनके तो होश फाक्ते हो गए.देखते ही देखते वहाँ ग्रामीणों का तांता लग गया.लोगों ने आनन्--फानन में पुलिस को इस घटना की सूचना दी.सूचना मिलने प़र मौके प़र पहुंचकर पुलिस ने लाश को पहले तो पोखर से निकाला फिर तफ्तीश शुरू की.युवती की गर्दन रेतकर बड़ी बेरहमी से ह्त्या कर किसी ने उसकी लाश को पोखर में फेंक दिया था.घटना को लेकर कयास लगाया जा रहा है की पहले इसके साथ दुष्कर्म किया गया फिर राज खुल ना सके इसके लिए इसकी ह्त्या कर दी गयी.यूँ पुलिस इस बाबत कुछ भी ख़ास बताने से परहेज कर रही है..जीवन के महज बीस बसंत ही इसने देखे थे की हवस के भेड़ियों ने इसकी अस्मत उतारकर इसकी जान ले ली.हालांकि इसके साथ बलात्कार किये जाने की तत्काल कोई पुष्टि नहीं कर रहा है लेकिन यहाँ के हालात चीख--चीख कर यह बयां कर रहे हैं की बलात्कार के बाद इसकी ह्त्या की गयी है.कलाई में सजी इसकी चूड़ियाँ अब बेजान हो चुकी हैं. घटना के समीप  कुछ सामान भी यहाँ बिखड़े पड़े थे .लगता है की इसके लिए किसी ने पहले कुछ खरीददारी की फिर इसे इस ओर लेकर आया.इसके जिश्म से यहाँ पर जीभर के खिलवाड़ किया फिर इसकी जान गला रेतकर निकाल दी और इसकी लाश को पोखर में फेंक दिया.  स्मत के चिथड़े उड़े या की ना उड़े लेकिन एक युवती असमय इस दुनिया से जा चुकी है.बेरहमी से उसकी गला रेतकर ह्त्या हुई है यह तो साफ़--साफ़ दिख रहा है.अब पुलिस को इसकी शिनाख्त में कितना वक्त लगता है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट क्या आता है उसके बाद ही उसकी जांच करीने से आगे बढ़ सकेगी.वैसे पुलिस के पिछले रिकॉर्ड प़र गौर करें तो इस नवयुवती के साथ कोई बड़ा न्याय हो पायेगा,यह कहीं से भी नहीं दिख रहा है.पुलिस के लिए आगे की राह मुश्किलों से भरा पडा जान पड़ता है.

अप्रैल 24, 2012

सहरसा में डायरिया ने मचाया कोहराम

                                    EXCLUSIVE REPORT         

डायरिया से बदहाल मरीज सदर अस्पताल सहरसा

डायरिया के चपेट में बच्चे 
सहरसा में डायरिया का कहर अब सुरसा की तरह मुंह बाए महामारी का रूप लेने लगा है.जिले के सभी दस प्रखंड डायरिया से ना केवल आक्रान्त हैं बल्कि लोग इसकी चपेट में आकर त्राहिमाम कर रहे हैं.जाहिर सी बात है की प्रखंड के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों प़र डायरिया पीड़ितों का तांता लगा हुआ है.जहांतक सहरसा के सदर अस्पताल का सवाल है तो इस अस्पताल में डायरिया पीड़ितों की संख्यां सौ से भी ज्यादा हो गयी है और लगातार इस संख्यां में इजाफा ही होता जा रहा है.सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों में 15 मरीज की हालत काफी नाजुक है. अस्पताल के संक्रामक कक्ष के सभी बेड ना केवल भरे पड़े हैं बल्कि आपातकालीन कक्ष भी डायरिया मरीजों से लबालब है.बेड कम पड़ गए हैं और आलम यह है की मरीज बाहर में यत्र--तत्र फर्श प़र पड़े हुए इलाज कराने को मजबूर हैं.हलकान--परेशान मरीज और मरीज के परिजन एक तरफ जहां इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगा रहे हैं वहीँ जिले के सिविल सर्जन को स्थिति की भयावहता से कोई सरोकार नहीं है.सिविल सर्जन साहब किसी भी स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सकों की टीम तैयार रखने की बात कर,हमें रिझाने की जुगात करने की कोशिश करते दिखे .फिलवक्त सौ से ज्यादा मरीज इस अस्पताल में भर्ती हैं और इस संख्यां में लगातार इजाफा ही होता जा रहा है. इस अस्पताल में घोर
 लापरवाही का आलम है.मरीज के परिजन चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से मरीजों के इलाज में हो रही कोताही से खासे नाराज हैं.अस्पताल में आये समाजसेवी भी काफी खिन्न हैं और इस अस्पताल को खुद बीमार बता रहे हैं.इनकी मानें तो इस अस्पताल को खुद डायरिया हो गया है.यहाँ मरीज की चंगा होने की तो बात छोड़िये,यहाँ की बदइन्तजामी की वजह से मरीज के परिजन भी डायरिया या फिर किसी अन्य बीमारी के शिकार हो जायेंगे. हमाम में सारे नंगे हैं लेकिन यहाँ तो धरती के दूसरे भगवान् समझे जाने वाले डोक्टरों में भी सीनियर डॉक्टर साहब बिल्कुल नंगे नजर आ रहे हैं.डायरिया इस जिले में महामारी का रूप ले रहा है और स्वास्थ्य अधिकारियों को ठिठौली सूझ रही है.हम दावे के साथ कह सकते हैं की इन अधिकारियों को कुछ डायरिया पीड़ितों की मौत का इन्तजार है.पुराने आंकड़े गवाह हैं की बिना बड़ी घटना के इन्हें कुम्भ्करनी नींद से जागने की आदत नहीं है.लेकिन हम तो इन पीड़ितों के फिर से चंगे होने की ईमानदार दुआ अल्लाह से करते हैं.

अप्रैल 23, 2012

सोनवर्षा राज के भौरा गाँव में आग से भीषण तबाही

सोनवर्षा राज के भौरा गाँव में आग से भीषण तबाही
पहले से ही गम और सितम कम ना थे,ऊपर से कुदरत के कहर ने जिन्दगी को फकीरी की आगोश में धकेल दिया.कल चमन था आज एक सहरा हुआ,देखते ही देखते ये क्या हुआ.सहरसा जिले के सोनवर्षा राज प्रखंड के खुजराहा पंचायत के भौरा गाँव में आग ने आज भीषण तबाही मचाई.आग की एक चिंगारी निकली और देखते ही देखते भौरा गाँव के सौ से ज्यादा घर ख़ाक हो गए.पेट की रोटी काटकर और कुछ मनसुख सपनों को कुचलकर जमा की गयी सारी संपत्ति धू--धू कर जल गयी.चारों तरफ चित्कार मचा है.अब कैसे कटेगी आगे जिन्दगी.पछवा हवा में इस तबाही का ग्राफ और बड़ा होता लेकिन ग्रामीण ने एक साथ कई पम्प सेट चलाकर आग बुझाने की शुरुआत बड़ी तेजी से की, नतीजतन आग दूसरे गाँव में नहीं फ़ैल सकी.वैसे आग बुझने--बुझने पर थी तब अग्निशमन दस्ता भी वहाँ पहुंचा और मुस्तैदी से राख से उठ रहे धुएं को पानी की बौछार से शांत किया.तबाही बड़ी है जिसका आकलन मौके प़र प्रखंड प्रशासन के आलाधिकारी पहुंचकर ना केवल कर रहे हैं बल्कि पीड़ित परिवार की सूची बनाकर उन्हें सरकारी राहत भी दे रहे हैं.इस साल अभीतक आग से हुई तबाही की बात करें तो इस जिले में एक हजार से ज्यादा घर अभीतक आग की भेंट चढ़ चुके हैं.आग का कहर बड़ा था इसलिए पीड़ितों का कुशल क्षेम जानने कुछ नेता--भगता भी वहाँ पहुँचे और पीड़ितों के पास बैठकर वक्ती और सियासी आंसू बहाए.तबाही का ग्राफ बड़ा था और मीडिया सक्रिय था जिस कारण से प्रखंड प्रशासन भी आनन्--फानन में वहाँ पहुंचा.मौके प़र पहुँचे अधिकारी ने पीड़ितों की सूची बनानी शुरू की.तत्काल सत्रह परिवार की सूची बनायी गयी जिन्हें 2250 रूपये नकद,एक क्विंटल अनाज और एक तिरपाल दिए गए.वैसे इनका कहना है की वे अभी जांच कर रहे हैं,पीड़ितों की संख्यां बढ़ सकती है.आग लगने का कारण ये चूल्हे की आग बता रहे हैं.
आग से तबाही का ग्राफ इस जिले में लगातार बढ़ता ही जा रहा है.इस साल अभी तक की बात करें तो एक हजार से ज्यादा घर आग की चपेट में आकर ख़ाक हो चुके हैं जिसमें करोड़ों की संपत्ति का नुकशान हुआ है.अभी पछ्वा हवा का झोंका अंगडाई ही ले रहा है.इस जिले के ग्रामीण इलाके में ज्यादातर घर फूस के हैं.आग ज्यादातर फूस के घरों को ही अपना निशाना बनाती है.ऐसे में लोगों को आग को लेकर सतर्कता बरतने की जरुरत है.सबकुछ सरकार और प्रशासन के भरोसे छोड़ना जायज नहीं.

अप्रैल 22, 2012

सहरसा में डायरिया का कहर




सहरसा में डायरिया के कहर ने लोगों को ना केवल हलकान--परेशान कर के रख दिया है बल्कि उनकी आँखों की नींद उड़ा के रख दी है.कोसी के PMCH कहे जाने वाले सदर अस्पताल में डायरिया के रोगियों का तांता लग रहा है जो किसी संभावित बड़े खतरे की ओर इशारा कर रहा है.नाम बड़े और दर्शन छोटे के सूरते हाल वाले इस सदर अस्पताल में डायरिया से ग्रसित मरीजों का इलाज बेड की जगह फर्श प़र हो रहा है.मरीजों के रख--रखाव और संजीदगी से होने वाले इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप ना केवल मरीजों के परिजन बल्कि खुद मरीज भी लगा रहे हैं.जब इतने बड़े अस्पताल में आलम ऐसा है तो सुदूर ग्रामीण इलाकों में क्या चल रहा होगा,इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है.डायरिया इस इलाके में महामारी का रूप लेता दिख रहा है लेकिन स्वास्थ्य इंतजामात नाकाफी और सिफर दिख रहे हैं.ढाई दर्जन से ज्यादा मरीज यहाँ भर्ती हैं और मरीजों के आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है.ऐसे प़र मौके प़र मौजूद चिकित्सक को संजीदा और गंभीर होना चाहिए.लेकिन आकस्मिक सेवा के लिए मौके प़र मौजूद चिकित्सक डायरिया मरीज के बाबत पहले तो कुछ भी बताना नहीं चाहते लेकिन हमारे बार--बार कुरेदने प़र पहले तो कहते हैं की सिविल सर्जन से पूछिये.  बर्बादे गुलिस्तां को एक ही उल्लू काफी है.जहां हर शाख प़र उल्लू बैठा हो,अंजामें गुलिस्तां क्या होगा.इस अस्पताल से तो भगवान ही बचाए.यहाँ अगर मरीज की जान बच गयी तो समझिए अल्लाह मेहरबान है.वैसे हम आपको बता दें की यहाँ भगवान से ज्यादा यमराज की चलती है.

अप्रैल 21, 2012

जल्लाद शौहर ने बीबी की जान ली

पैसे का लोभ और लालच के प्रपंच ने एक बार फिर एक शौहर को दरिंदा बना डाला.सहरसा के सदर थाना क्षेत्र के नरियार गाँव में एक तीस वर्षीय बहशी पति ने हैवानियत की सारी हदे पार करते हुए चार बच्चे वाली अपनी पत्नी की गला दबाकर बेरहमी से ह्त्या कर दी.यही नहीं इस जालिम ने अपने बड़े बेटे की भी चाक़ू से गर्दन काटकर ह्त्या करने की कोशिश की.19 अप्रैल की रात साहिना की आखिरी रात थी.साहिना के जालिम शौहर मुस्तकीम ने सोये में उसकी गला दबाकर ह्त्या कर दी.सुबह जब साहिना रोज की तरह उठकर चौका--बर्तन करती नहीं दिखी तो घर के लोगों ने उसे खोजना--जगाना चाहा.लेकिन जब कुछ महिलायें उसके कमरे में गयीं तो कमरे में साहिना बिस्तर प़र दुनिया को अलविदा कहकर पड़ी हुई थी.आस--पास के लोगों ने मुस्तकीम को दबोच लिया और पुलिस को इस घटना की सूचना दी.पड़ोस के लोगों का साफ़ कहना है की मुस्तकीम पहले सी ही बदमिजाज किस्म का था और वह साहिना को मायके से दहेज़ लाने के लिए प्रताड़ित करता था.वह साहिना को बराबर मारता--पीटता था.लेकिन पिछली रात वह जल्लाद बन गया और अपनी पत्नी की गला दबाकर उसकी ह्त्या कर दी.मुस्तकीम के ससुराल वाले भी सीधे तौर पर उसे हत्यारा बताकर उसकी पोली-पट्टी खोल रहे हैं. हत्यारे शौहर को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर तफ्तीश शुरू कर दी है.लेकिन इस हैवानियत से चार मासूमों की नन्हीं दुनिया ना केवल उजड़--बिखड़ गयी है बल्कि पूरी तरह से दोजख में समा गयी है.
पैसे ने आज फिर एक अबला की बलि ले ली.दुनियावी चमक--दमक में आज रिश्ते--नाते बेमानी हो गए हैं.मासूमों की कातर आँखें और पत्नी की बेपनाह मुहब्बत को आखिर दरकिनार कर ऐसी बड़ी घटना को कोई क्यूँकर अंजाम दे जाता है.साहिना जाकर भी कई सवाल छोड़े गयी है जिसके जबाब सदियों से नहीं दिए जा सकें हैं.

अप्रैल 18, 2012

Bihar Teacher Eligibility Test Result 2012


Coming Soon On 
www.biharboard.net(or) www.educationbihar.gov.in.

Bihar TET Result 2012 | Bihar TET Exam Result 2012 Date to Announce TET Bihar Result : 1.Bihar TET result Will be announced soon. However, it is expected Bihar TET result 2012 would be announced by last week of April or first week of May. There is no official announcement about Bihar TET exam result date till now. Bihar TET result would be announced for Bihar TET 2011 examination conducted on 20th and 21st December 2011. TET Bihar result 2011-12 would be announced for both papers I and II.

2.Candidates will be able to check Bihar TET result 2011 for Classes I to V and VI to VIII. More than 26 lakh candidates waiting for Bihar TET result 2012. More than 28 lakh candidates had applied for Bihar Teacher Eligibility Test 2011-12.Bihar TET exam result 2012 would be announced by State Council of Educational Research and Training (SCERT) Patna, Bihar.

3.Candidates have to secure minimum 60% marks to get listed in Bihar TET result 2011-12. Bihar TET certificate will remain valid for the period of 7 years from the date of issue.Bihar TET answer key has also not been published till now. So, candidates are waiting for Bihar TET answer keys as well as result.

Bihar TET result 2012 :

IBPS PO ANSWER KEY 2012


  • Which is Not Personal Messaging ?
    Instanotes

  • Which Device is Used for Point & Draw?
    Mouse

  • Set of Rule Telling Computer to perform task is called?
    Programmer line

  • ____is a form of denial-of-service attack in which an attacker sends a succession of requests to a target's system Ports?
    SYN flooding

  • ____User to Upload files on Online
    Webhosted Technology

  • Writing, formatting, Printing is Called?
    Word Processing

  • Where Columns and Row Intersected is Called?
    Cell Address

  • ______is the process of contracting an existing business process to give an another organization on other country is called
    Outsourcing

  • Under which menu Header and Footer founded on Power Point ?
    Insert

  • Typically Slide not Include ______?
    Full Motion Video

  • ____is a small piece of data sent from a website and stored in a user's Hard Drive while a user is browsing a website
    Cookies

  • Content Include Text,Picture,Music,video is called?
    Mutimedia

  • Method of getting Internet On Telephone line term called
    DSL line

  • Parentheses absence Related Question (Dnt know Full Question)

  • Which Business Language enables producers and consumers of financial data to switch resources away from costly manual processes, typically involving time-consuming comparison
    XBRL


  • A(n)_______ is a set of characters that share common design features.
    Typeface

  • A(an) _____is a digital circuit that performs arithmetic and logical operations.
    ALU

  • User can Use which out it hands?
    Speech recognization software

  • User access mail any where using?  Webmail Interface

  • Clipboard found in power point in which section?
    ?????

    GENERAL Knowledge and Awareness Question Answers..


    1. Which Of Following is smart money?
    Credit card

    2. What is not necessary For opening bank account ?
    Domicile Certificate

    3. Guest of Honour in Pravasi bharat diwas:
    Kamala prasad biseesa

    4. NERPA is a Submarine

    5. Who won Australian open doubles
    Leander Paes

    6 .India australia test match captain of Australia
    Michael clark

    7.Ranbir kapoor best actor film
    Rockstar

    8.DICGC limit-Each depositor in a bank is insured upto a maximum of Rs.1,00,000

    9. Ombudsman –court of law

    10.Which one transfer money from one bank to another internationally
    Swift

    12.Which of the following is not afunction of rbi fiscal policy

    13. Rajiv gandhi electrification scheme

    14. What is Debit card?

    15.Base rate was decided by?
    Ibdivisuak banks

    16.Padmavibushan award Mario de miranda got which award

    17.Drawee bank means

    18. Golden jubilee of afro asian rural development held in New Delhi

    19. Not money market instru.?
    Equity shares


  • 20.Retail loan

    21.Speed transfer rtgs

    22.Question on revenue deficit

    23. Rice quota 7 kgs

    24.Banks
    follow negiotable instruments act

    25.Axis bank is a Private ltd bank

    26.Swalbham scheme is for senior citizens

    27.which facility was provided by linked in- search

    28. Fixed deposites also called as term deposites

    29.Fixed deposites can be mature at a preagreed timeperiod only

    30.If repo rate increases bank will raise intrest rates

    31.which is nt the capitl mrket money tresury bill

    32.question on npa

    33. Question on gdp

    34.Italian ship ‘Enrica Lexie’ for killing 2 kerala fisherman

    35.2012 Asian Indoor Athletics Championships in Colombia

    36. Dhaka book fair releases Taslima’s Nirbasan

    37. ECS Complaint solved by payment and settlement act

    38.non banking institutions set up atms called white lable atms

    39.2012 badminton champion held in hyb

    40.The full form of seu ans. Slightly enriched uranium

    41..female CEO of any bank-Chanda kochhar

    42.WhY inDIA voted against SRi Lanka?.

    43.3male president related question.

    44.Parmshwr yojna-mp

    45.Doubtful asset percentage

    46.All mewmbers should enforce budget discipline Europian Union

    47.End of present foreign trade policy

    48.Fund to fight Naxalism sanctioned by Home ministry.

    49. Planning Commission along with which dept. announced packaged for the tribal naxlite area….option are——-tribal dept/Home Ministry/financedept./rural

    50.In which organisation summit talked about budget?

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    Bihar Mahadalit Vikas Mission Admit Card

    सूचना 

    अप्रैल 17, 2012

    शिव को किया बेघर निर्मल

    ढोंगी के रूप में निर्मल 
    कल तक लोगों में ज्ञान की रौशनी भरने वाले,सुख समृधि की बरसात करने वाले संकटमोचन निर्मल बाबा अचानक लोगों को बदबू देने लगे हैं.कल तक जो लोग निर्मल बाबा का उद्दघोष और जयकारा लगाने में जुटे थे वे अब उन्हें फ्रॉड और ढोंगी बाबा कहकर उनके पुतले जलाने में जुटे हैं.सहरसा के लोग निर्मल बाबा के प्रवचन से इतने प्रभावित थे की उनके कहने प़र अपने घर में रखे शिव लिंग को विभिन्य शिवालय अथवा किसी मंदिर में पहुंचाकर उनकी पूजा--अर्चना वहीँ शुरू कर दी थी.लोगों की मानें तो निर्मल बाबा ने कहा था की अगर घर में शिव लिंग को रखकर पूजा अर्चना करोगे तो अनिष्ट होने से कोई नहीं बचाएगा.यही वजह थी की खासकर के घर की महिलाओं ने शिव लिंग को अपने--अपने घर से निकाल कर किसी अन्य जगह प़र रख दिया.यानि शिव को इस तरह से बेघर कर दिया.अब जब निर्मल बाबा प़र तरह--तरह के आरोप लग रहे हैं तो लोगों की तन्द्रा टूटी और उन्हें अपनी गलती का अहसास हो रहा है.अब लोग कह रहे हैं की निर्मल बाबा ने उनके साथ बड़ा धार्मिक छलावा किया.
    सर चढ़कर बोल रहा निर्मल बाबा का जादू पलक झपकते ही काफूर हो गया है.कल तक जो निर्मल बाबा भगवान् की तरह पूजे जाते थे आज उन्हें लोग इंसान कहने में भी सौ बार सोचते हैं.यह अलग बात है की उनके लाखों भक्त अभी भी उनके लिए झंडा उठाकर सामने आने को बेताब हैं.लेकिन सच जब पूरी तरह से सामने होगा तो ये अंध भीड़ भी अपना रास्ता बदल लेगी.

    अपराध सरगना भगवान रॉय गिरफ्तार


    पिछले तीन सालों से आतंक का राज कायम कर कोसी प्रमंडल सहित सीमावर्ती कई जिलों में अपराध--दर अपराध को अंजाम देने वाले दुर्दात और कॉन्ट्रेक्ट किलर अपराध सरगना भगवान रॉय को  सहरसा पुलिस ने बड़े नाटकीय ढंग से सदर थाना के नयाबाजार के एक घर से गिरफ्तार कर लिया.पुलिस ने उसके पास से एक विदेशी पिस्टल,तीन जिन्दा कारतूस और करीब तीस की संख्यां में सिम कार्ड बरामद किये.भगवान रॉय की गिरफ्तारी को एक बहुत बड़ी कामयाबी बताते हुए सहरसा के पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी ने कहा की यह अपराध सरगना बिहार के अपराध जगत का बेताज बादशाह और अभी नेपाल जेल में बन्द पप्पू देव का खासम--खास शूटर है जो उत्तर बिहार के कद्दावर ठेकेदार प्रेम रंजन सिंह की ह्त्या करने की नीयत से सहरसा में ठहरा हुआ था.महज तीन वर्ष की अवधि में एक से बढ़कर एक बड़े अपराध को अंजाम देकर खौफ और दहशत के दूसरे नाम के रूप में मशहूर था. प्रेम रंजन सिंह नाम के समृद्ध और नामचीन ठेकेदार की ह्त्या की सुपारी लेकर सहरसा के नया बाजार में ठिकाना बनाए इस अपराधी को दबोचने के लिए सहरसा पुलिस लम्बे समय से रणनीति बना रही .पुलिस ने उसके पास से एक विदेशी पिस्टल,तीन जिन्दा कारतूस और करीब तीस की संख्यां में सिम कार्ड बरामद किये हैं.हांलांकि उसके पास कारबाईन और ए.के.सैंतालिस जैसे बड़े हथियार भी थे जिसे उसने अपने किसी अन्य साथी के हवाले कर दिया है.इस अपराधी की गिरफ्तारी से पुलिस अधीक्षक फुले नहीं समा रहे हैं.उन्होनें इस अपराधी को लेकर विस्तृत जानकारी दी.इस अपराधी के पास से बरामद सिम कार्ड को लेकर पुलिस अधीक्षक ने कहा की इसका उपयोग यह पैसे वाले लोगों से रंगदारी मांगने के लिए करता था.हमेशा से पानी प़र डंडा मारने और लकीर की फकीर बनी रहने वाली सहरसा पुलिस के लिए ये  दिन निश्चित रूप से कामयाबी का दिन है.

    बिजली ने ढाया कहर

     सहरसा के सोनवर्षा राज चौक प़र एक सवारी गाड़ी जिसमें बाराती लदे थे बिजली करेंट की चपेट में आ गयी जिससे एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि सात लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए.एक और व्यक्ति की मौत इलाज के दौरान हो गयी जबी घायलों में तीन की हालत नाजुक बनी हुयी है.सभी घायलों का इलाज सदर अस्पताल सहरसा में चल रहा है.घायलों में चार बच्चे शामिल हैं.घटना के सम्बन्ध में प्राप्त जानकारी के अनुसार बाराती लड़ी सवारी गाड़ी सोनवर्षा राज चौक पर खड़ी थी.बाराती वहाँ रूककर पीछे से आ रही अन्य गाड़ियों का इन्तजार कर रहे थी.अचानक बराती उस गाड़ी में बैठने लगे.कुछ बच्चे गाड़ी की छत पर चढ़ गए.गाड़ी के ऊपर से हाई वोल्टेज तार गुजर रहा था.बच्चों ने उसे नहीं देखा और उनके हाथ उस तार से सट गए और देखते ही देखते बिजली का करेंट पूरी गाड़ी में दौड़ गया और लोग आग में जलने लगे.अफरातफरी मच गयी.कोई कुछ समझ नहीं पा रहा था की अचानक क्या हो गया.जबतक लोगों की समझ में कोई बात आती तबतक मोहम्मद जुबेद नाम के एक युवक की घटनास्थल पर मौत हो गयी और सात लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए.आनन्--फानन में जख्मियों को सदर अस्पताल लाया गया जहां दोपहर बाद एक और व्यक्ति की मौत हो गयी.अभी छः लोग घायल हैं जिसमें तीन लोगों की हालत नाजुक बनी हुयी है.एक बड़े हादसे ने शादी को तो बदरंग कर ही दिया कुछ जिंदगियों को छिनकर उसके परिवार को भी दोजख मयस्सर कर दिया. बहरहाल तीन लोगों की हालत नाजुक है जिसे बचा पाना सहरसा स्वास्थ्य महकमा के लिए एक बड़ी चुनौती है.

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    अप्रैल 11, 2012

    M.B. INFOTECH कम्प्यूटर दूकान में लाखों की चोरी

    सहरसा में चोरी की वारदात रुकने का नाम ही नहीं ले रही है.सुस्त पड़ी पुलिस प़र चोर ना केवल भारी प़र रहे हैं बल्कि इससे आमलोगों का जीना मुहाल हो गया है.बीती रात चोरों ने सदर थाना क्षेत्र के महावीर चौक स्थित M.B. INFO TECH कम्प्यूटर की दूकान में लाखों के कम्प्यूटर सेट,लैपटॉप,अन्य कीमती सामान सहित 50 हजार से अधिक की नकदी चुरा के लोगों के होश उड़ा दिए हैं.हद बात तो यह है की सूचना बाद दूकान पहुंची पुलिस पहले तो इस चोरी की वारदात को चोरी मानने के लिए ही तैयार नहीं थी लेकिन बाद में उसे होश आया और उसने काण्ड दर्ज कर फिर तहकीकात शुरू कर दी.बताना लाजिमी है की पिछले तीन महीने के भीतर एक दर्जन से ज्यादा ना केवल चोरी की बड़ी घटना घटी है बल्कि तीन बड़ी डकैती की घटना भी घटी है जो पुलिस की कार्यशैली प़र बड़े सवाल खड़े कर रहे हैं.
    चोरी की वारदात से आमलोग हलकान--परेशान है.चोरी की घटना पर पुलिस अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल साबित हो रही है लेकिन पुलिस अधिकारी ठिठौली भरे अंदाज में सफाई देने से बाज नहीं आ रहे.सहरसा में हर तरह के अपराध सर चढ़कर बोल रहे हैं लेकिन पुलिस बेलगाम अपराध पर लगाम लगाने के बजाय महज हवाबाजी के दावे करती दिख रही है.आप जान लें की यह वह जिला है जहां लम्बे समय से अपराधी पुलिस पर ना केवल भारी रहे हैं बल्कि मनचाहे ढंग से वे बड़े से बड़े अपराध को अंजाम भी देते रहे हैं.

    अप्रैल 10, 2012

    पुलिसिया जुल्म से कराहता सहरसा का रामपुर गाँव

    सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना के रामपुर गाँव में बेमौसम पुलिसिया आफत का कहर बरपा है.पुलिस दिन में तो जब चाहे इस गाँव में आकर उधम मचाती ही है,हद तो यह है की रात में भी किसी वक्त पुलिस इस गाँव में पहुंचकर किसी भी घर का दरवाजा खटखटाती है और घर खोलने को यह कहकर मजबूर करती है की घर का दरवाजा खोलो नहीं तो दरवाजा तोड़ डालेंगे.दरवाजा को बुजुर्ग महिला,महिला या कोई लड़की खोलती है तो उससे क्रमशः सवाल किये जाते हैं की तुम्हारा बेटा,पति और भाई कहाँ है,उसी ने वायरलेस सेट लिया है.गाँव का हर घर दहशत और खौफ के साए में है.जाहिर सी बात है की इस गाँव में शोले का गब्बर या किसी बड़े अपराधी गिरोह से कोई दहशत नहीं है बल्कि यह डर और भय पुलिस से है.हम आपको घटना को लेकर तफसील से बताते हैं की आखिर पुलिस इतनी  बेदर्दी प़र क्यों उतरी हुई है.रामपुर गाँव में रामनवमी और चैती दुर्गा पर्व के मौके प़र दो दिवसीय ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम का आयोजन एक और दो अप्रैल को दो दिवसीय किया गया था.एक अप्रैल को प्रोग्राम हुआ लेकिन उसमें मारपीट हो गयी जिस वजह से दो अप्रैल को प्रोग्राम स्थगित कर दिया गया.इस वजह से रामपुर गाँव वालों और बगल के गाँव सरोजा के ग्रामीणों के बीच ना केवल जमकर मारपीट हुई बल्कि गोलीबारी भी हुई.हद बात तो यह थी की सारा बबाल पुलिस की मौजूदगी में हुआ.गुस्साए लोगों ने उस समय पुलिस को भी अपना निशाना बनाया और पुलिस प़र ना केवल जमकर पथराव किये बल्कि पुलिस जवानों को दौड़ा--दौड़ा कर पीटा भी.पुलिस को अपमी जान बचाने के लिए गोलीबारी भी करनी पड़ी थी.करीब तीन घंटे तक पूरा इलाका रणक्षेत्र में तब्दील रहा.इस घटना में जहां दो ग्रामीणों को गोली लगी थी वहीँ करीब तीन दर्जन लोग अफरातफरी में जख्मी हुए थे.यही नहीं इस घटना में एक हवलदार सहित करीब ढाई दर्जन पुलिस के जवान भी घायल  हुए थे.इसी अफरातफरी में गुस्साए लोगों ने पुलिस जीप को ना केवल क्षतिग्रस्त कर दिया था बल्कि जीप की बैटरी और जीप में रखा वायरलेस सेट भी उड़ा ले गए थे.अब खासकर के इसी वायरलेस सेट की बरामदगी के लिए पुलिस के जवान गाँव वालों की चैन छीनकर उनकी आँखों की नींद उड़ा दी है.पूरे गाँव में दहशत का माहौल है.गाँव से पचहत्तर प्रतिशत लोग भाग चुके हैं और जो बचे हैं वे घर की जगह खेत और नजदीक के जंगल में शरण लिए हुए हैं.हर घर बेदम हो रहा है.दहशत में डूबी घर की महिलायें और बुजुर्ग अपनी तकलीफ को खुलकर बता रहे हैं.घर में अनाज--पानी नहीं है.आसपास की सारी दुकाने बन्द हैं.घर के मर्द पलायन कर चुके हैं.ऐसे में भोजन प़र भी आफत है.लगता है की इस गाँव में अघोषित कर्फ्यू लागू है.गाँव के लोग मीडियाकर्मी से कहते हैं की वे लोग चंदा करके रूपये देने को तैयार हैं.कोई उन्हें वायरलेस सेट खरीदकर ला दें जिसे वे पुलिस को सौंपकर इस मुसीबत से निजात पा सकें.इस गाँव में हर आँख खौफ की कहानी बयां कर रही है.अब तो आलम यह है की बुजुर्ग महिलायें रोटी--बिलखती ना केवल विलाप और क्रंदन कर रही हैं बल्कि कोई उन्हें इस मुसीबत से निजात दिला दे की गगनभेदी फ़रियाद भी लगा रही हैं.पुलिस के एक वायरलेस सेट ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है.स्थिति बद से बदतर होती जा रही है लेकिन इसपर आलाधिकारी कोई ठोस और मजबूत पहल की बजाय क्रूरता बरसाने प़र आमदा हैं.नक्सल क्षेत्र के जो हालात होते हैं पुलिस ने वहीँ हालात इस गाँव में पैदा भर करके नहीं बल्कि काबिज करके रख दिया है.हमारी नजर में इस सेट को वापिस कराने के लिए पुलिस द्वारा इस तरह से बर्बर कारवाई करना कहीं से भी जायज नहीं है.पुलिस लोगों को भरोसे में लेकर भी वायरलेस सेट की तलाश कर सकती है या फिर लोगों से सेट वापिस करने के लिए आग्रह--अनुग्रह कर सकती है.लेकिन ब्रिटिश पुलिस की तरह यह दादागिरी दिखाना पुलिस के काले और बदसूरत चहरे को दर्शा रहा है जो उसकी सेहत और छवि के लिए कहीं से भी अच्छा नहीं है.मामला काफी बिगड़ा हुआ है इसमें अब राज्य सरकार के साथ--साथ राज्य मुख्यालय को खुद से हस्तक्षेप करना चाहिए.यूँ ये सुशासन की पुलिस है भैईये,इनपर अब किसी का जोर नहीं चलता.

    अप्रैल 08, 2012

    एक लाख में हुआ बच्ची का सौदा

    भूख,बेकारी,अभाव और बीमारी से भरे कोसी के इलाके में मासूम बच्चियों की खरीद--फरोख्त का धंधा बदस्तूर जारी है.गरीबी की मार और पैसे की लालच में कभी खुद माँ--बाप अपनी बच्चियों का सौदा दलालों के हाथों कर डालते हैं तो कभी मजबूर बच्चियां खुद दलाल की चंगुल में फंसकर बिक जाती हैं.ताजा घटना में एक मासूम बच्ची का सौदा एक राजस्थानी व्यक्ति से एक महिला दलाल के द्वारा एक लाख में हुआ था जिसकी शादी सदर थाना के शंकर चौक स्थित शिव मंदिर में बीती रात हो रही थी.किसी ने इस बात की सूचना सदर थाना के पुलिस को दी.फौड़ी कारवाई करते हुए रात के दो बजे पुलिस मंदिर पहुंची जहां उसने राजस्थानी दुल्हे के साथ--साथ महिला दलाल को ना केवल गिरफ्तार कर लिया बल्कि बर्बाद होने जा रही बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया..सहरसा के धमसैनी गाँव की रहने वाली अमिला देवी नाम की एक महिला दलाल ने अमीषा नाम की तेरह वर्षीय नाबालिग बच्ची का सौदा एक लाख रूपये में राजस्थान के रहने वाले प्रेम कुमार से किया था.सौदा पक्का था और वायदे के मुताबिक़ बच्ची विवाह के रस्म अदायगी के बाद राजस्थानी दुल्हे को सौंपी जाने वाली थी लेकिन कुदरत को यह मंजूर नहीं था.जाहिर सी बात है की यही वजह थी की हमेशा अपनी लेट--लतीफी को लेकर बदनाम रहने वाली सहरसा पुलिस इतनी चुस्त निकली की उसने सही वक्त प़र मंदिर पहुंचकर लड़की को बर्बाद होने से बचा लिया.अमीषा मधेपुरा जिला के कोरलाही-सुखासन गाँव की रहने वाली है लेकिन छः माह पूर्व वह गुस्से में घर छोड़कर भाग गयी थी.उसके माता--पिता और अन्य रिस्तेदार लुधियाना में रहते हैं.अमीषा की मानें तो जिसे महिला दलाल कहा जा रहा है,वह दलाल नहीं है.उसी ने छः माह पूर्व उसे अपने घर में पनाह दी थी,जब वह सड़कों प़र भटक रही थी.अमिला देवी नाम की महिला दलाल को वह दलाल मानने से साफ़ तौर प़र इनकार करती है और कहती है की यह शादी उसकी मर्जी से हो रही थी,उसका सौदा नहीं हुआ था.महिला दलाल अमिला देवी भी खुद को दलाल होने से इनकार कर रही है.उसका कहना है की लड़की की मर्जी से उसका विवाह किया जा रहा था.उसने दलाली के तौर पर कोई रकम नहीं ली है.लड़की और महिला दलाल के बीच इतने गहरे ताल्लुकात हैं की सारे सच को दफनाने की कोशिश हो रही है.

    अप्रैल 07, 2012

    बड़े जालसाज हुए गिरफ्तार

    बीती रात सहरसा पुलिस ने सदर थाना के पूरब बाजार और शंकर चौक स्थित एक फोटो स्टेट की दूकान में छापा मारकर फर्जी वोटर आई.डी.कार्ड,ड्राईविंग लाईसेंस,पेन कार्ड सहित स्कूल--कॉलेजों से लेकर तमाम तरह के प्रमाण पत्रों की हुबहू नक़ल करने वाले बड़े और शातिर गिरोह का खुलासा किया.पुलिस ने तीनों दुकानों से ना केवल थोक में नकली कागजात और सर्टिफिकेट बरामद किये बल्कि इस गोरखधंधे में लगे पाँच शातिर युवकों भी गिरफ्तार किया.सामने नगर परषिद का चुनाव है और पुलिस को कुछ समय पूर्व से यह सूचना मिल रही थी की सहरसा की कुछ फोटो स्टेट दुकानों में इस तरह के फर्जीवाड़े का काला खेल चल रहा है.पिछले माह इस जिला की कमान संभालने वाले पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी ने अपराध नियंत्री पदाधिकारी एस.आई चन्दन कुमार के नेतृत्व में एक टीम गठित कर ऐसे नक्कालों को चिन्हित करने का निर्देश दिया था.इस टीम ने एक सप्ताह की कड़ी मशक्कत के बाद आज इस गिरोह की शिनाख्त कर ली और इसी का फलाफल है की देर शाम एस.डी.ओ राजेश कुमार और एस.डी.पी.ओ राज कुमार कर्ण,पुलिस इन्स्पेक्टर गणपति ठाकुर के नेतृत्व में सदर थाना क्षेत्र के पूरब बाजार की दो और शंकर चौक की एक फोटो स्टेट की दूकान में छापामारी हुयी जिसमें ना केवल कई फर्जी सामान बरामद हुए बल्कि पाच नक्कालों को भी हिरासत में लिया गया.पुलिस ने भारी मात्रा में उन सामानों को भी अपने कब्जे में लिया है जिसके दम प़र इस कारोबार को चलाया जा रहा था.पुलिस शख्ती से इन नक्कालों से पूछताछ में जुटी हुई है की इनके तार कहाँ तक फैले हुए हैं.
    एक बड़े जालसाज गिरोह का पर्दाफ़ाश हुआ है.यह केवल पुलिस के लिए कामयाबी की बात नहीं है बल्कि इससे आमलोगों ने भी राहत की सांस ली है.पुलिस की यह कामयाबी उसकी पीठ थप--थपाने के लिए काफी है.हम ये दुआ करते हैं की पुलिस की इस कामयाबी का ग्राफ काफी बड़ा हो जिससे आमलोगों का ज्यादा से ज्यादा भला हो सके.

    अप्रैल 04, 2012

    हंगामा क्यों बरपा

    घायल पुलिस जवान
    जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना के रामपुर गाँव में राम नवमी के अवसर प़र आयोजित हो रहे ऑर्केस्ट्रा प्रोग्राम को अनुमंडल प्रशासन द्वारा रोके जाने से खफा दो गुटों ने ना केवल जमकर गोलीबारी की बल्कि पुलिस जवान प़र भी रोड़े--पत्थर बरसाए और उन्हें दौड़ा--दौड़ा के पीटा.इस दौरान जान बचाने के लिए पुलिस के जवानों ने भी छूटकर गोलीबारी की.इस घटना में ग्रामीणों ने पुलिस जीप को भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया.इस भीषण उत्पात में जहां दो ग्रामीणों को गोली लगी है वहीँ एक हवलदार सहित आठ जवान भी जख्मी हुए हैं.रात नौ बजे से बारह बजे करीब तीन घंटे तक पूरे क्षेत्र में अफरातफरी और भागम--भाग की दहशतजदा स्थिति बनी रही.घटना की सूचना मिलने प़र जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी ने मौका ए वारदात प़र सिमरी बख्तियारपुर एस.डी.पी.ओ अनंत रॉय सहित कई पुलिस अधिकारियों को भारी संख्यां में पुलिस बल के साथ भेजा.रात से पुलिस के अधिकारी वहाँ कैम्प किये हुए हैं.गाँव में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है. गाँव में भारी तायदाद में पुलिस जवानों के साथ पुलिस के बड़े अधिकारी कैम्प कर रहे हैं.स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है.देखिये यही है रामपुर गाँव का दुर्गा स्थान जहां पायल मुखर्जी ग्रुप का ऑर्केस्ट्रा प्रोग्रामहोने वाला था लेकिन अनुमंडल पदाधिकारी देवेन्द्र कुमार दर्द ने सरोज के लोगों के आवेदन प़र प्रोग्राम को स्थगित करा दिया था.देखिये किस तरह से मैदान में टूटे और बिखड़े शीशे पड़े हुए हैं.बड़े--बड़े ईंट और पत्थर के टुकड़े हैं जो यहाँ की घटना की पुख्ता गवाही दे रहा है.उत्पातियों ने पुलिस जीप को भी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त कर दिया.रामपुर और सरोजा गाँव के लोग हमारे कैमरे प़र आने से भागते रहे लेकिन हमने ऑर्केस्ट्रा में टेंट और शामियाने लगाने वाले से घटना के बाबत जानकारी ले ही ली.यही नहीं मेला में दूकान लगाने वाले से भी हमने घटना के बाबत जानकारी ली. इस घटना का एक बड़ा ही दिलचस्प पक्ष है जिससे हम आपको रूबरू कराना चाहते हैं.
    नाच--गाने के शौक ने दो गांवों के लोगों के दिल में कटुता और नफरत भर दी है.सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल और आसपास के इलाके में मेजिस्ट्रेट के साथ--साथ थोक में जवान भर दिए गए हैं.लेकिन  सवाल यह है की आखिर यह स्थिति उत्पन्न क्यों हुयी और तंग हुए रिश्ते को फिर से कैसे मधुर बनाया जाएगा.पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है.पहले उसे शान्ति व्यवस्था कायम करनी है फिर लोगों को प्यार के अनुपम डोर में बांधना है.

    अप्रैल 02, 2012

    सामूहिक दुष्कर्म मामला

    आरोपी बलात्कारी 
    सामूहिक बलात्कार की शिकार 20 वर्षीय महादलित नवविवाहिता लाखो देवी चिकित्सीय जांच के लिए  जब सदर अस्पताल लायी गयी तो पूरे अस्पताल परिसर में पसरे लोगों को लगा की एकायक उन्हें लकवा मार गया.तीन हवस के भेड़ियों की जुल्म की शिकार हुई लाखो देवी का उस समय बलात्कार हुआ था जब वह अपने पति के साथ अपने गाँव तिरासी से बगल के गाँव टेकनमा गयी थी और पुनः वहाँ से वह अपने घर वापिस हो रही थी.टेकनमा पुल प़र पहले से घात लगाकर छः युवक बैठे थे.जैसे ही पति--पत्नी पुल से गुजरने लगे की तीन युवकों ने लाखो के पति को पिस्तौल की नोंक प़र पुल के एक किनारे ले गए जबकि तीनों आरोपी लाखो को लेकर पुल के दूसरे किनारे गए जहां बारी--बारी से उन्होने लाखो के साथ मुंह काला किया .घटना के बाद आरोपी और उसके साथ वहाँ से भाग निकले.पीड़िता और उसके पति ने मिलकर हल्ला करना शुरू किया.गाँव के लोग आनन--फानन में इकट्ठा हुए और पतरघट पुलिस को इस घटना की सूचना दे दी.मौक़ा ए वारदात प़र पुलिस फ़ौरन पहुंची.पीड़िता ने बलात्कारी चन्दन,अनिल कुमार और मोहम्मद खुर्शीद तीनों युवकों को पहचान लिया था.उसने इस बाबत पूरी जानकारी पुलिस को दी.पुलिस ने बिना समय गंवाए ग्रामीणों की मदद से गाँव की घेराबंदी करके तीनों आरोपियों को धर दबोचा.इस मामले में पुलिस की फौड़ी कारवाई काबिले तारीफ़ रही लेकिन कहते हैं की कुत्ते की दुम कभी सीधी नहीं होती है.हम आपको पुलिस की बेइंतहा लापरवाही का नजारा भी दिखा रहे हैं.पतरघट पुलिस ने पीड़िता और आरोपी को एक ही पुलिस जीप में बिठाकर घंटों अस्पताल,कोर्ट और अन्य जगहों का चक्कर लगाया.आप इस नज़ारे को देखकर खुद अनुमान लगाएं की पीड़िता अपनी अस्मत के लुटेरों को खुद अपने करीब पाकर क्या सोच रही होगी.पुलिस की इस कामयाबी से जिले में नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक फुले नहीं समा रहे हैं.इनकी माने तो इस मामले का चार्जसीट पुलिस दो दिनों के भीतर अदालत में ना केवल समर्पित करेगी बल्कि वे इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्पीडी ट्रायल कराकर दोषियों को जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की भी कोशिश करेंगे.इस मामले के त्वरित पटाक्षेप से ऐसे घिनौने कृत्यों को अंजाम देने वाले ऐसी घटना को अंजाम देने से पहले आगे सौ बार सोचेंगे.
    बलात्कार जैसे घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले दरिंदों के खिलाफ दो दिनों के भीतर अदालत में फाईनल चार्ज सीट दाखिल करने का पुलिस का फैसला ना केवल नायाब है बल्कि अति स्वागत योग्य है.आगे स्पीडी ट्रायल कराकर आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की भी बात की जा रही है.ऐसे में सबकी निगाह पुलिस और अदालत प़र टिकी है की आगे क्या होगा.फिलवक्त पुलिस के इस फौड़ी रवैये प़र उसकी पीठ थप-थपायी जानी चाहिए.

    सहरसा का स्थापना दिवस

    सहरसा जिले के 59 वें स्थापना दिवस प़र जिला मुख्यालाय में एक से बढ़कर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया.सुबह में प्रभात फेरी निकाली गयी,हवाई पट्टी प़र पारा सेलिंग और युध्याभ्यास हुए.दोपहर बाद पटेल ग्राउंड प़र कबड्डी और खो--खो खेल का आयोजन हुआ.जिला समाहरणालय में जिलाधिकारी मिसबाह बारी ने दस बजे दिन में झंडोतोलन किया.लेकिन सबसे ख़ास कार्यक्रम शाम से लेकर देर रात स्टेडियम में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें भारी तायदाद में उमड़ी भीड़ ने जीभर के मनोरंजन किया.सांस्कृतिक कार्यक्रम का उदघाटन शाम पाँच बजे कोसी प्रमंडल के आयुक्त विमलानंद झा ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया.इस मौके प़र जिले के तमाम वरीय अधिकारियों के अलावे सहरसा और सिमरी बख्तियारपुर के विधायक,अन्य जनप्रतिनिधि सहित कई अन्य गण्यमान लोग भी उपस्थित थे.सांस्कृतिक कार्यक्रम का आगाज स्थानीय कलाकारों ने छः बजे संध्या से किया जो साढ़े आठ बजे रात तक चला.उसके बाद मंच प्रसिद्ध लोक सह पार्श्व गायिका शारदा सिन्हा ने संभाला जो एक से बढ़कर एक गीत गाकर लोगों को झुमाती रहीं.साढ़े बारह बजे यह सांस्कृतिक कार्यक्रम समाप्त हुआ.जाहिर सी बात है की ऐसे कार्यक्रम लोगों में एक नयी ऊष्मा और उत्साह भरते हैं.स्थापना दिवस के मौके प़र एक बढ़िया कार्यक्रम का आयोजन हुआ जिसे लोग वषों अपने जेहन में जज्ब रखेंगे.

    *अपनी बात*

    अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।