अप्रैल 23, 2015

खेतों में जला रहे हैं अरमानों की चिता .........

मुकेश कुमार सिंह की कलम से-----गेंहूँ की फसल में दाना नहीं आने की वजह से हलकान--परेशान किसान अपनी खेतों में लगी सैंकड़ों एकड़ फसल में आग लगाने को विवश हैं.एक तरफ बहुतरे ऐसे किसान हैं हैं जो दूसरे की जमीन बटाई करके किसानी कर रहे हैं लेकिन फसल मार खाने के बाद भी जमीन मालिक उनसे तय फसल मांग रहे हैं. जमीन मालिकों के फरमान से परेशान किसान खेतों में लगी फसल में इसलिए आग लगा रहे हैं की उनसे मालिक फसल की मांग ना करें.दूसरी तरफ थोक में ऐसे किसान भी हैं जिनकी फसल मारी गयी लेकिन अब उनकी कटाई के लिए उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे हैं.जाहिर तौर पर इन किसानों के अरमानों की चिता खेतों में ही जल रही हैं.
सहरसा में दस प्रखंड हैं और कमो--बेस सभी प्रखंडों में गेंहूँ की फसल इस साल बहुतायत में मार खा चुकी है. जिले में पचपन हजार हेक्टेयर भूमि पर इस साल किसानों ने गेंहूँ की फसल लगाई थी लेकिन फसल ने दगा दे दिया और किसान अपनी फसल में आग लगाने को मजबूर हैं.आज हम सत्तर कटैया प्रखंड के पटौरी पचायत में लगी सैंकड़ों एकड़ गेंहूँ की दानाविहीन फसल की दुर्गति दिखा रहे हैं.देखिये खेतों में किस तरह से किसान फसल में आग लगा रहे हैं.खेत में लगी फसल में आग लगाने वाले दो तरह के किसान हैं.एक बटाईदारी से किसानी कर रहे किसान और दूसरे जमीन के स्वामी वाले किसान.बटाईदारी वाले किसानों का कहना है की वे अपनी फसल में आग इसलिए लगा रहे हैं चूँकि जमीन मालिक उनसे बटाई के बदले तय फसल मांग रहे हैं. इन बटाईदारों का यह भी कहना है की सरकार तो फसल क्षति का मुआवजा जमीन मालिक को दे रही है,ऐसे में उनका क्या होगा.जो मूल किसान हैं उन्हें एक तो फसल मार खाने का गम है दूजा अपनी जमीन पर से फसल हटाने के लिए उन्हें मजदूर नहीं मिल रहे हैं.आखिर में थक--हारकर वे फसल को खेतों में ही जला रहा हैं.
जिला कृषि अधिकारी मेश मंडल
जिला कृषि अधिकारी उमेश मंडल किसानों की इस विपत्ति को स्वीकार कर रहे हैं और कह रहे हैं की किसानों को धैर्य से काम लेना चाहिए.खेत में फसल जलाने से उनकी अगली फसल पर बुरा प्रभाव पडेगा.अधिकारी किसानों को उचित मुआवजा देने के साथ--साथ बटाईदारों की मुश्किल के लिए भी सरकार को अवगत कराकर कोई उचित समाधान निकालने का अलग से भरोसा दिला रहे हैं.
बहरहाल,किसानों की पीड़ा अथाह और स्थिति बेहद दयनीय है. आगे देखना दिलचस्प होगा की सरकार और उसके तंत्र इन लुटे किसानों के जख्मों पर किस तरह से मरहमपट्टी करते है. 

अप्रैल 20, 2015

कैंसर को लेकर आयोजित हुआ "जागरूकता सेमीनार"

PARAS HMRI हॉस्पिटल पटना कैंसर रोग विशेषज्ञ
सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट----- राष्ट्रवादी उलमा ए हिन्द (चेरीटेबल ट्रस्ट) और पारस एच.एम.आर.आई. हॉस्पिटल पटना के द्वारा कैंसर जागरूकता को लेकर एक सेमिनार का आयोजन स्थानीय कला भवन में किया गया.बताते चलें की विगत कई वर्षों से कोसी का यह इलाका बाढ़ और सुखाड़ के अलावे विभिन्य आपदाओं की मार झेलता रहा है.जाहिर तौर पर इस इलाके में जानलेवा रोग को लेकर हुए इस सेमिनार को हम एक बड़ी पहल कहेंगे
कोसी का यह इलाका कैंसर जैसे महारोग की गिरफ्त में भी है.इस जागरूकता सेमीनार में पारस हॉस्पिटल से आये जाने--माने चिकत्सकों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से लोगों को कैंसर से लड़ने,बचने और निजात पाने के कई विज्ञानी मन्त्र दिए.
इस सेमीनार के दौरान कला भवन के सभागार में उमड़ी भीड़ ने भी चिकित्सकों से कैंसर को लेकर कई सवाल किये. इस कार्यक्रम का उदघाटन आई.एम.ए.के जिला अध्यक्ष डॉक्टर यू.सी.मिश्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर के किया.कार्यक्रम के पहले सत्र में डॉक्टर यू.सी. मिश्रा, डॉक्टर अबुल कलाम, डॉक्टर तारिक, डॉक्टर एस.पी. झा, डॉक्टर राकेश कुमार और सूर्या क्लीनिक गांधी पथ के डायरेक्टर डॉक्टर विजय शंकर ने लोगों को सम्बोधित किया. कार्यक्रम के दूसरे सत्र में पारस एच.एम.आर.आई.हॉस्पिटल पटना से आये कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आर.टैगोर, डॉक्टर शेखर केसरी, डॉक्टर राजीव शरण और डॉक्टर अविनाश ने  नासमझी में छोटी--छोटी गलतियां करने वाले लोगों को तल्ख लहजे में ताकीद की और कहा की धूम्रपान, शराब, तम्बाकू सहित कई ऐसी चीजें हैं जिसका सेवन कैंसर को निमंत्रण देता है. 

इन चिकित्सकों ने बाजार में बिकने वाले तैलीय खाद्य पदार्थ को कैंसर का बड़ा कारण बताया. हरी शब्जी के साथ--साथ फल के सेवन को बेहद जरुरी बताते हुए  चिकित्सकों ने यह भी कहा की आप अपने सोने वाले कक्ष में फ्रिज ना रखें. डॉक्टरों ने लोगों को खास जानकारी देते हुए कहा की कैंसर का ईलाज अब सम्भव है, जरुरत इस बात की है की इस रोग की पहचान शुरू में ही हो जाए.इस कार्यक्रम में शामिल हुए आमलोगों ने भी कैंसर से मुताल्लिक कई सवाल किये जिसका जबाब इन चिकत्सकों ने काफी सुलझे तरीके से देकर लोगों को सिद्दत से संतुष्ट किया.
इस एक दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने में ट्रस्ट के बिहार स्टेट मीडिया प्रभारी मोहम्मद अजहरुद्दीन, बिहार स्टेट कोर्डिनेटर डॉक्टर कृष्णानंद सिंह, राष्ट्रीय कोर्डिनेटर डॉक्टर अमित कुमार, असिस्टेंट स्टेट मीडिया प्रभारी करण कुमार, सन्मार्ग अखबार के ब्यूरो हेड अमित कुमार अमर ,संदीप कुमार, सहरसा टाईम्स के मैनेजमेंट हेड चन्दन कुमार सिंह और पारस हॉस्पिटल मार्केटिंग विंग्स के मोहम्मद फैज अहमद ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. इस कार्यक्रम का मंच संचालन माधव कुमार ने बेहतर और नायाब तरीके से किया जिसने इस कार्यक्रम को और भी खास बना डाला.



बेटी और बहन की अस्मत बचाने के खातिर किया खून ..............

 -::-बेटी और बहन की अस्मत को लुटने से बचाने के लिए वह कर डाला हत्या  -::
मुकेश कुमार सिंह की कलम से------- बीती रात सोनवर्षा राज थाना के मनौरी गाँव स्थित ईंट भट्ठे चिमनी पर ईंट भट्ठे चिमनी के मालिक पचपन वर्षीय मणि सिंह की हत्या चाक़ू से गोद--गोद कर और दबिया से काट--काट कर दी गयी.इस जघन्य हत्या की वारदात को उसी ईंट भट्ठे चिमनी पर काम करने वाले दो मजदूरों ने अंजाम दिया.हद की इंतहा देखिये की दोनों हत्यारों ने सदर थाना में हत्या में इस्तेमाल किये गए हथियार के साथ आज सुबह में आत्मसमर्पण कर दिया.हत्या के कारण का जो खुलासा इन हत्याओं ने किया है,उसे सुनकर आपका कलेजा मुंह को आ जाएगा.बेटी और बहन की ईंट भट्ठे के मालिक के हाथों लुटती अस्मत से आक्रोशित एक पिता और एक भाई ने यह जघन्य अपराध किया है.
 अब हम आपको लेकर सोनवर्षा राज थाना आये हैं. देखिये थाने के बरामदे पर बैठे ये सभी ईंट भट्ठे पर काम करने वाले मजदूरों के परिजन हैं.इनमें कुछ नाबालिग बच्चियां हैं जिनकी अस्मत बीते छह महीने से ईंट भट्ठा चिमनी मालिक लूटते आ रहे थे और और कुछ की लूटने की कोशिश में वे जुटे हुए थे.        आखिरकार गरीबों की अस्मत हवस की दरिंदगी पर भारी पड़ा और मौत का यह खेल खेला गया.चूँकि इनलोगों के परिजन ने इस घटना को अंजाम दिया है इसलिए ये सभी अपनी जान की सुरक्षा के लिए थाने में शरण लिए हुए हैं.मासूम बच्चियां और उनकी माँ अस्मत के चिथड़े उड़ाने की दास्ताँ सूना रहे हैं.

सोनवर्षा राज मुख्यालय स्थित मणि सिंह के आवास पर उनकी लाश पोस्टमार्टम के बाद पहुँच चुकी है.मेले की शक्ल में लोग वहाँ जमा हैं लेकिन सब के सब खामोश.देखिये यहां का नजारा. सहरसा पुलिस कप्तान के आवास पर यही वे दोनों हत्यारे हैं जिन्होनें अपनी बेटी और बहन की अस्मत का ना तो सौदा किया और ना ही अस्मत को चाक होने दिया. सिराजुल ने अपनी बेटी और प्रसन्नजीत ने अपनी बहन की अस्मत को लुटने से बचाने के लिए वह कर डाला जिसकी कल्पना मात्र से रूह काँप जाती है. आपको यह बता दें की मृतक मणि सिंह ने दो मासूम बच्चियों की अस्मत के लिए सौदा भी करना चाहा. मणि सिंह ने जहां सिराजुल को कीमती सोने की चेन दी वहीँ पर प्रसन्नजीत को पांच हजार रूपये दिए. मणि सिंह ने यह भी आश्वासन दिया की काम हो जाने के बाद वह उनलोगों के घर को रूपये और सामान से भर देगा. लेकिन इन दोनों मजदूरों की गरीबी इज्जत--आबरू भारी नहीं पड़ सकी और ये नहीं टूटे। आखिरकार हवस के भेड़िये का इन्होनें सफाया कर डाला.
पुलिस कप्तान पंकज कुमार सिन्हा
पुलिस कप्तान पंकज कुमार सिन्हा ने घटना की पूरी जानकारी तफ्सील से दी और घटना के साक्ष्य के आधार पर गहन अनुसंधान के बाद उचित कार्रवाई की बात कही. 
सहरसा टाईम्स - आखिर गरीबी ने हार नहीं मानी.मज़बूरी ने समझौता नहीं किया.दुनिया की चकाचौध और तमाम प्रलोभन के सामने फटेहाली ने घुटने नहीं टेके.अस्मत की दौलत के सामने सभी कुछ फीके और मंद पड़ गए.अस्मत के लुटेरे इस दरिंदे की जान इनदोनों ने ले ली.इन हत्यारों को हम कतई फरिश्ता नहीं कहेंगे लेकिन इतना जरूर कहेंगे की यह घटना पुरे देश को एक सन्देश दे रहा है"अस्मत की बोली लगाने वालों हो जाओ होशियार और खबरदार" वर्ना----?
                               ***** आपकी प्रतिक्रिया क्या है ? ******* 


अप्रैल 17, 2015

महिषी के महिसरहो गावं में दर्दनाक अग्निकांड....

तीन मासूम की मौत, एक की हालत नाजुक ..........
सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट-- आज सुबह सात से साढ़े सात बजे के करीब महिषी थाना के महिसरो गाँव के एक घर में आग लग गयी.आग ने धीरे--धीरे प्रचंड रूप अखितियार कर लिया और जबतक लोग आग बुझाने की कोई कोशिश करते तबतक चार मासूम बच्चे आग की भीषण लपट की जद में आकर बुरी तरह से झुलस गए.आग से झुलसे इन चारो बच्चों में से तीन की मौत गयी है जबकि एक की हालत बेहद नाजुक है जिनका इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा है.इन तमाम मासूम नौनिहालों की उम्र देश से लेकर साढ़े चार वर्ष है.फिलवक्त आग लगने के कारण का खुलासा  नहीं हो सका है.
महिषी थाना के महिसरो गाँव के पंडित की दुनिया ही उजड़ गयी है.देखिये इन झुलसे बच्चों को.गांगो पंडित के ये बच्चे पोता--पोती हैं.एक पोती और दो पोते इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं जबकि एक पोता मौत के मुहाने पर खड़ा है.गांगो पंडित अपनी गोद में एक पोता को लिए फिर रहे हैं लेकिन उसका इलाज करने वाला कोई नहीं है.यह एक्सक्लूसिव तस्वीर सदर अस्पताल की बदइंतजामी की कहानी ब्या कर रही है. आपातकालीन कक्ष में इन बच्चों का इलाज चल रहा हैं जिनमें से धीरे--धीरे तीन की मौत हो गयी है.
सोनवर्षा राज के पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना
मौके पर पहुंचे सोनवर्षा राज के पूर्व विधायक सह भाजपा नेता किशोर कुमार मुन्ना ने अस्पताल की बदइंतजामी को लेकर जमकर अपनी भड़ास निकाली और कहा की अभी तो आगजनी की शुरुआत ही हुयी है.जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमे को इस विकट स्थिति से निपटने के लिए तैयार होना होगा,साथ ही सरकार को भी शीघ्रता से इस मामले में गंभीर होना चाहिए. 
अभी तो आगजनी की शुरुआत हुयी है.शुरुआत में ही मौत ने ना केवल अपनी धमक का अहसास करा दिया है बल्कि मौत आगे नयी ईबारत लिखने जा रही है,इसका सिद्दत से संकेत भी दे दिया है.जिला प्रशासन और राज्य सरकार को असमय गुम हुयी बच्चों की किलकारियों से सबक लेकर आगे कुछ ऐसे प्रयास करने चाहिए, जिससे ऐसी घटना की पुनरावृति फिर से ना हो सके.

अप्रैल 15, 2015

शिक्षा के क्षेत्र में ठोश पहल की जरुरत......भूपेन्द्र प्रसाद यादव

-::-  सरकार से अपील -::-
पाठक की कलम से ……… राज्य  सरकार एवं शिक्षको के बीच संघर्ष चल रहा है एक तरफ शिक्षक अपने मांगों को लेकर विद्यालयों को बंद कर धरना प्रदर्शन कर रहें हैं तो दूसरी ओर सरकार भी अडिग है। ऐसी परिस्थिति में स्कूली बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे है और राज्य कि शिक्षा व्यवस्था भी चरमरा रही है. दोनों की इस लड़ाई को देख भूपेंद्र प्रसाद यादव ने  इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार से एक अपील करते हुए कहा है कि आप हम सबों की संविदा पर बहाली  शिक्षा मित्र के रूप में किया कि, बच्चे जो विद्यालय से बाहर रह रहे है उन्हें विद्यालयों में नामांकन करवावे नामांकन शत-प्रतिशत होने के बाद पंचायत,प्रखंड , नगर शिक्षक के रूप समायोजन किये लेकिन सहायक शिक्षक का दर्जा नही दिए. जिससे बिहार में शिक्षकों को दो तरह के नियमावली होने से एकता में कमी आई और संगठन अलग- अलग हो गया जो आपके लिए परेशानी का सबब बन गया. उन्होंने यह भी कहा है कि चार लाख के करीब नियोजित शिक्षक हो गए जिनके लिए एक आशियाना की आवश्यकता थी. मंहगाई से इसे खंडित किया जो तो आज जन आंदोलन का रूप ले लिया। शिक्षक पढ़ाने के बजाय आज अधिकारी के पास अधिकार और अन्य मांगों को लेकर परेशान है. उधर विपक्षी सरकार की अच्छी सुशासन व्यवस्था को जंगल राज में बदलने का प्रयास लाचार शिक्षको के संगठन के कंधे पर बंदूक रख कर चला रहे हैं. अच्छे शिक्षकों को पढ़ाने का अवसर नही मिल रहा है.  
नियमित करने की दिशा में एक ठोस पहल होनी चाहिए ताकि बिहार बदनाम न हो जहां अच्छों के लिए बिहार गीत का सभी विधालय में गाना गाया जाता है लेकिन असर नही हो रहा है. स्पष्ट एवं पारदर्शिता के साथ गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की आयाम हो इसकी हम सबको जरूरत है.  
पाठक :-
भूपेन्द्र प्रसाद यादव 
प्रखंड अध्यक्ष,
मुरलीगंज (मधेपुरा )  

पब्लिकेशन से कमीशन खोरी बन्द करो......

-:सर्वदलीय युवा - छात्र संघर्ष समिति ने डी.एम. से मिलकर मांग पत्र सौपा :-
कृष्णमोहन सोनी रिपोर्ट :- जिले में निजी स्कूलों द्वारा छात्र व अभभावको का हरी दोहन, पब्लिकेशन से कमीशन खोरी पर रोक लगाने के लिए शहर के विभिन्न छात्र संगठनो ने आंदोलन को तेज कर दिया है.
डी.एम. को मांग पत्र सौपते छात्र संघर्ष समिति के सदस्य 
 इस बावत सर्वदलीय युवा-छात्र संघर्ष समिति, सहरसा द्धारा मो० लुक़्मान अली के नेतृत्व में जिला पदाधिकारी शशि भूषण कुमार से एक शिष्ट मंडल मिलकर एक मांग पत्र भी समर्पित किया.  जिसमे व्यवस्था में सुधार करने कि मांग किया है. आवेदन में कहा गया है कि जिले के सभी प्राइवेट स्कुल प्रबंधन एवं किताब दुकानदारो के मनमानी से छात्र व अभिभावक त्राहिमाम है. ऐसे प्रबंधक द्धारा कमीशन खोरी से अभभावक शोषण के शिकार हो रहे है. इस समिति के शिष्टमंडलों ने शैक्षणिक माहौल का पारदर्शी तरीके से कार्य करने कि भी बात कही गयी है, शिष्ट मंडलों में पिंटू शर्मा, अमर यादव, सुभाष गांधी जे.पी.पा. जिला अध्यक्ष, सहरसा, शंकर कु, ए.आई.एस.एफ. एंथनी स्टालिन, प्रवीण कुमार झा युवा रा.लोसपा मोनू कुमार झा ABVP सोमु, अनिल यादव ]जद यु सहित अन्य शामिल है.   


निजी स्कूलों में कमीशन खोरी बंद हो :- मनीष

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट :- एन.एस.यु.आई. जिला कमिटी की एक बैठक स्थानीय जिला परिषद के प्रांगण में आहूत की गयी जिसमे शिक्षा के प्रति सरकार कि उदासीनता एवं निजी शिक्षण संस्थान के मनमानी व संस्थान के प्रबंधको द्धारा पब्लिकेशन से कमीशन खोरी छात्र/छात्राओ व अभिभावक के हो रहे आर्थिक क्षति जैसे समस्याओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा के बाद ऐसी व्यवस्था के विरुद्ध लोगो के बीच जन-जागरण अभियान, आंदोलन करने का निर्मय लिया.
इस बैठक में वरीय कांग्रेस पार्टी के सदस्यों सहित अन्य राजनितिक दलों के नेता व अभिभवकगण ने भी भाग लिया। बैठक की जिला अध्यक्षता सुदीप कुमार सुमन ने किया. इस बावत प्रदेश महासचिव मनीष कुमार ने कहा कि निजी स्कुल के दोहन से छात्र सहित अभिभावक त्राहिमान है. सरकार इस दिशा में उदासीन है इसलिए एन.एस.यु.आई. इसके विरुद्ध आंदोलन करेगी और जिला पदाधिकारी सहरसा को एक मांग पत्र भी समर्पित किया है जिसमे आगामी स्तर से सिर्फ एन.सी.ई.आर.टी. पुस्तको से पाठ्यक्रम की पढ़ाई शिक्षा के अधिकार को लागु करने, हर निजी स्कूलों में अभभावको की कमिटी का गठन निजी स्कूलों के प्रबंधक द्धारा प्रत्येक वर्ष पाठ्यक्रम का बदलाव सहित 9 सूत्री मांग शामिल है बैठक में नीरज गुप्ता, शोभा कांत झा, विराज , विकास, पिंटू, प्रवीण सहित अन्य भी मौजूद थे.   

अप्रैल 12, 2015

नियोजित शिक्षको का विशाल प्रदर्शन, जिले के अधिकतर स्कूलों में तालाबंदी

 --- पटना के गांधी मैदान में बैठेंगे उपवास पर----
कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- जिले में अपनी विभिन्न मांगो लेकर नियोजित शिक्षको ने सरकार से आमने सामने होने के लिए आंदोलन को तेज कर दिया है.पिछले दिनों इन शिक्षको ने अपने अपने विद्यालयों में काम काज को भी ठप्प कर शहर में एकजुट होकर धरना व प्रदर्शन को अपना हथियार बनाया है. इन शिक्षको ने जिला प्राथमिक शिक्षक संघ ,सहरसा के बैनर तले विशाल मोटर साईकिल जत्था निकाल प्रदर्शन किया गया जिसमे महिला व पुरुष नियोजित शिक्षक/शिक्षिका अलग-अलग जत्था बनाकर प्रदर्शन में कदम से कदम मिलाकर शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरकर नियोजित शिक्षको की चार सूत्री मांगो को अनसुनी करने के विरोध में सरकार के विरुद्ध नारेवाजी करते हुए समाहरणालय के समक्ष सभा में तब्दील हो गया.  
 इस मौके पर संघ के प्रधान सचिव नुनुमणि सिंह ने कहा कि नियोजित शिक्षको के वेतनमान सेवा शर्त और स्थानांतरण नियमावली संसाधन के लिए बिहार राज्य  प्राथमिक शिक्षक संघ द्धारा पत्र स्मार- पत्र राज्य स्तर पर धरना प्रदर्शन एवं मिलकर सरकार से कई बार मांगो को पूरा करने के लिए कहा गया है लेकिन सरकार हमेशा से टालमटोल कर रही है जबकि संघ सरकार को यह भी बताया कि शत-प्रतिशत नामांकन और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा की पूर्ति के लिए यह आवश्यक है कि पूर्व के शिक्षको तथा नियोजित शिक्षको के बीच की खाई को पाट कर एक करना होगा जबतक ऐसा नही होगा तबतक गुणवत्ता परक शिक्षा बेईमानी होगी। 
उन्होंने कहा कि बगल के उत्तर प्रदेश में शिक्षको के पद रिक्त होने पर नियोजित शिक्षको को वरीयता के कर्म में स्थायी करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है लेकिन बिहार सरकार प्रत्येक वर्ष स्थायी रिक्तियों को समाप्त कर राज्य में गंभीर स्थिति पैदा कर शिक्षको में असंतोष पैदा कर रही है अगर सरकार की नियत साफ है तो उदारता पूर्वक सरकार सामान काम के लिए सामान वेतनमान देने की घोषणा करे यह भी कहा गया कि इसके बावजूद सरकार हमारी मांगो को स्वीकार नही करती है तो 16 अप्रैल 2015 को पटना के गांधी मैदान हजारों की संख्यां में उपवास पर बैठेंगे।  
इस प्रदर्शन के माध्यम से अपने मांगो का एक ज्ञापन  जिला पदाधिकारी शशिभूषण कुमार को समर्पित किया. समर्पित ज्ञापन में मुख्य रूप से सामान काम के लिए सामान वेतनमान देने, नियोजम शब्द समाप्त कर स्थानांतरण नियमावली बनाने, नियमित शिक्षको की भांति प्रोन्नति, वेतन भुगतान नियमित करने की मांग शामिल है. इस मौके पर संघ के सचिव मिथिलेश कुमार सिंह, अध्यक्ष सत्यदेव प्रसाद यादव, वरीय उपाध्यक्ष गीता वर्मा,अरुण कुमार झा, शिव कुमार झा, किशोरी साह, ललन कुमार यादव, रंजन कुमार सिंह , जय नारायण सिंह, कैलु पासी व प्रवक्ता रेवती रमन सिंह ने भी सम्बोधित किया।   

अप्रैल 11, 2015

छात्र हित में काम करने वाला संगठन एन.एस.यू.आई. का स्थापना दिवस

कृष्णमोहनसोनी की रिपोर्ट:- एन.एस.यू.आई का 45 स्थापना दिवस 09 अप्रैल को बड़े उत्साह पूर्वक छात्र व छात्राओं ने मनाया. सहरसा कचहरी स्थित स्थानीय जिला कांग्रेस कार्यालय में स्थापना दिवस के मौके पर संगठन के जिला अध्यक्ष सुदीप कुमार ने झंडोतोलन कर संगठन के ध्वज को सलामी दी। इस मौके संगठन की नींव लिखने वाली ढृढ़ इच्छा शक्ति के घोतक देश की पूर्व प्रधान मंत्री श्रीमति इंदिरा गांधी को नमन किया गया. उन्होंने कहा कि जिस सोच के साथ संगठन की नींव रखा गया संगठन आज उस राह पर चलकर 44 वर्षों तक चलकर छात्रों के हित में काम कर रहा है.
इस अवसर पर उपस्थित प्रदेश महा सचिव मनीष कुमार ने कहा कश्मीर से कन्या कुमारी तक छात्र हित में काम करने वाले संगठन के रूप में एन.एस.यू.आई. है. जिसका सदस्य होने पर हमे गर्व है संगठन हमेशा से छात्रों के हित में एक से एक आंदोलन किया है जब-जब देश में छात्रों के भविष्य पर विद्यालय कर्मी द्धारा या अन्य जगहों पर जुल्म ढाया गया तो इस पर संगठन द्धारा विरोध होता रहा है और छात्र के हित में आवाज उठाई गयी है जिसका परिणाम रहा कि हमारे संगठन के छात्र अपनी विभिन्न समस्याओं पर सफलता को हासिल किया है। स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस के पूर्व नगर अध्यक्ष मंजीत कुमार सिंह एवं हीरा सिंह अधिवक्ता, विराज कश्यप, प्रवीण, छोटू, बंटी कुमार, सन्नी, विमल मिश्रा, आदित्य मुकुंद, रविशंकर, चौधरी आदि ने भी सम्बोधित किया. 
  

दबंगों की दबंगई......

महा दलित को बिजली जलाने से कर रहा है वंचित
कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- सरकार द्धारा हर गाँव को विधुत सेवा से जोड़ना चाहती है इसके लिए हर गाँव में बिजली देने के लिए विधुत विभाग को भी निर्देश दिया गया है. गाँव -गाँव में बिजली की समुचित व्यवस्था पहुंचाने के लिए विभागीय स्तर से कार्य भी किये गए। ग्रामीण क्षेत्रों में बी.पी.एल. परिवारों को चिन्हित कर बिजली कनेक्शन भी लगाये गए. गरीब कंज्यूमर होने के बावजूद भी बिजली की रौशनी से कोशो दूर है गाँव में जो दवंग लोग हैं वे बगैर कंज्यूमर बने बिजली का सुख उठा रहे हैं. 
गौरतलब है कि सौर बाज़ार प्रखंड क्षेत्र के धमसेना गाँव, वार्ड 2 के सैकड़ो ग्रामीण महा दलित व गरीब विधुत आपूर्ति विभाग का कंज्यूमर है लेकिन इन क्षेत्रो के कुछ दवंग लोग इन गरीबो को बिजली के कनेक्शन को बिजली खंभा से जोड़ने नहीं देते है. जिससे ये गरीब कंज्यूमर रहने के बावजूद भी बिजली सुविधा से वंचित है. इस गाँव के गरीबो द्धारा विभाग को सुचना भी दी गयी. कंज्यूमर बने ग्रामीण नुनु लाल राम, वीरबल राम संजय राम, गानो राम, पंकज राम, राजा राम, मो०मुस्लिम, मो०इदरीस मो० इस्माइल, मो०हनीफ, मो० कबीर , खेतुं खातुन, मनोज राम, प्रमोद राम आदि ने आक्रोशित होकर कहा कि इस गाँव में उन्हें द्वंगो द्धारा बिजली का कनेक्शन खम्भा में लगाने नही दिया जाता है.
इन लोगो ने बताया कि विभाग को सुचना बार बार दिया गया है विभाग के एक कर्मी अरुण यादव जाँच के लिए आये और हम लोगो का बिजली तार को पोल से जोड़ने लगे तो दबंगो द्धारा उन्हें रोक दिया गया वे वापस चले गए. जिससे गाँव में तनाव बढ़ता जा रहा है. इन लोगो ने यह भी कहा कि अगर विभाग द्धारा कोई ठोस कदम नही उठाया गया तो भविष्य में हम सभी महा दलित व गरीब विभाग के विरुद्ध आंदोलन करेंगे. समय रहते विभाग द्धारा इस दिशा में पहल नही किया गया तो गांव में एक जबदस्त विवाद हो सकता है. 

भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले प्रभारी प्राचार्य को पद मुक्त करने की माँग… N.S.U.I.

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- महा विध्यालय में हो रहे भ्र्ष्टाचार और इसकी जाँच करने कि माँग सहित छात्र व छात्राओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ के विरुद्ध एन.एस.यू.आई. सहरसा के छात्र संगठनो ने इसे गंभीरता से लिया है और महा विध्यालय के छात्रों के भविष्य को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है. 
छात्र नेताओं ने एक प्रेस बयान जारी कर कहा है कि
बी.एड. नामांकन में धांधली की जाँच, रमेश झा महिला महा विधालय के इतिहास एवं संगीत विषय के सेकड़ो वंचित स्नातक द्धितीय खंड की छात्रा की शीध्र परीक्षा तिथि निर्धारित करने, महा विध्यालय और विश्व विध्यालय की चुप्पी को लेकर N.S.U.I. जिला कमिटी विरोध प्रदर्शन कर आंदोलन का शंखनाद किया है. N.S.U.I. के रमेश झा महिला महा विध्यालय की अध्यक्षा विनीता कुमारी की अध्यक्षता में चले धरना कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष सुदीप कुमार सुमन ने कहा कि महाविध्यालय के इतिहास में सबसे कमजोर और भ्रस्टाचार को बढ़ावा देने वाले प्रभारी प्राचार्य को शीघ्र पद से हटाने के लिए हम मांग करते है. उन्होंने कहा कि गत बी.एड. नामांकन में लाखों रुपये की वसूली कर अपने चहेते छात्राओं का नामांकन करने का गत बी.एड. नामांकन का प्रथम सूचि शेष 14 सीटों की रिक्ति के खिलाफ दूसरे सूचि के प्रकाशन के बीच 5 माह कालग्न खुद भ्रस्टाचार को स्थापित करता है लेकिन इनके जानकारी के उपरांत कार्रवाई का न होना जहाँ दुःखद है वही हम छात्रों को आंदोलन करने को बाध्य करता है। 
एन.एस.यू.आई. के प्रदेश महासचिव मनीष कुमार ने कहा कि जिन प्राचार्य के कार्यकाल में लगभग 50 लाख रुपये का खर्च किया जा चूका है उस महा विध्यालय के छात्रावास में एक भी चापाकल का नही होना प्रभारी प्राचार्य का छात्र विरोधी होना इससे बड़ा और प्रमाण नहीं हो सकता. इस मौके पर छात्र संगठन के विराज कश्यप, सनी ठाकुर, राहुल राज, विकास मिश्रा, प्रीति कुमारी, शक्ति शिवानी राजपूत, मीणा कुमारी , राजमणि अनीता लक्ष्मी, मौसमी सिंपल भारती, प्रवीण कुमार, बंटी विकास पिंटू आदि ने भी हिस्सा लिया .

अप्रैल 10, 2015

नियोजित शिक्षकों की गुंडई.............


मुकेश कुमार सिंह की कलम से------ अपने आंदोलन के दूसरे दिन सहरसा में नियोजित शिक्षक आज पूरी तरह से गुंडागर्दी पर उत्तर गए.आलम यह था की ये शिक्षक मोटरसाईकिल पर घूम--घूमकर विभिन्य स्कूल पहुँच रहे थे जहां बच्चे या तो इन्हें देखकर खुद डरकर भाग रहे थे या फिर ये शिक्षक जबरन उन बच्चों को स्कूल से निकालकर घर भेज रहे थे.यूँ तो इस आंदोलन की वजह से अधिकाँश स्कूल पहले से बंद हैं लेकिन जो खुले थे,उनपर आज शामत आई थी.इन आंदोलित शिक्षकों ने जिले के शिक्षा विभाग के तमाम कार्यालय में भी तालाबंदी कर के काम--काज को पूरी तरह से ठप्पकर दिया.


नियोजित शिक्षकों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है.बच्चों में ज्ञान भरने वाले ये गुरूजी आज गुंडे--मवाली की शक्ल में दिख रहे हैं.देखिये किस तरह से ये जबरदस्ती बच्चों को स्कूल से भगा रहे हैं मध्य विद्यालय तिवारी टोला,मध्य विद्यालय कोसी कोलीनी,कुंवर सिंह मध्य विद्यालय,NPS डुमरैल सहित दर्जनों स्कूल जो आज खुले थे उन्हें ये गुरूजी दादागिरी के दम से बंद करा रहे हैं.मोटरसाईकिल पर देखिये ये सभी किस तरह से घूम--घूमकर स्कूल को बंद करा रहे हैं.बच्चे भयभीत हैं और कह रहे हैं की सर उन्हें जबरदस्ती स्कूल से भगा रहे हैं.जहांतक गुरूजी का सवाल है तो उनका कहना है की गुंडई शिक्षक नहीं सरकार कर रही है,वे तो ऐसा करने के लिए विवश और मजबूर हैं.नियोजित शिक्षक की सरकार से इस आरपार की लड़ाई में जिले के 741 प्राथमिक और 509 मध्य विद्यालय पूरी तरह से प्रभावित हुए हैं.
नियोजित शिक्षकों की जायज मांगों के हम भी पक्षकार हैं लेकिन शिक्षकों ने जिस तरह से मासूम नौनिहालों को जबरन स्कूल से खदेड़ना शुरू किया है हम उसका पुरजोर विरोध करते हैं.आंदोलन का यह चरित्र और यह विकृत चेहरा निसंदेह शर्मसार करने वाला है.सरकार को त्वरित गति से इस मामले का पटाक्षेप करना चाहिए.

अप्रैल 07, 2015

बाल मजदूरी न हो इसके लिए माँ को तालीम कि जरूरत :- डॉ जाकिर…………

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- हुकूमत हमे अधिकार देने के लिए तैयार है इसके लिए कई योजनाये भी चला रखी है लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है कि जहाँ अशिक्षा है वहां के समाज कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. इसके लिए समाज के सभी वर्गों के लोगो में शिक्षा की जरूरत है खास कर गांव हो या शहर हर घर में सबसे पहले महिलाओ को शिक्षित बनना जरूरी है इसका मूल है कि जबतक महिलाये शिक्षित नही होगी उनके बच्चो में ज्ञान कि रौशनी नही होगी उक्त बाते जिले के महिषी प्रखंड क्षेत्र के कोसी तटबन्ध स्थित कोसी के कछाड़ पर बसा कुन्दह गांव के मदरसा जमीलुल उलूम के प्रांगण में एक समारोह में आयुर्वेदिक मेडिकेयर एण्ड डेपलपमेंट इंस्टीट्यूशन , मोतिहारी पूर्वी चंपारण के संस्थान के जनाव डॉ० जाकिर हुसेन ने कही.
संस्था द्धारा बाल मजदूरी बंद करो, शिक्षा का प्रबंध
करो कार्यक्रम व बाल मजदूर शिक्षण प्रशिक्षण केंद्र का विधिवत उद्धघाटन डॉ०जाकिर हुसेन, नारी शिक्षा पर काम कर रही मोहतरमा राबिया खातुन, मोहतरमा, शबनम खातुन ने संयुक्त रूप से किया। समारोह कि अध्यक्षता इंतेजारुल हक ने किया इस समारोह के मौके पर ग्रामीण मुस्लिम बच्चों को शिक्षा से जोड़ने उसे तालीम देकर एक अच्छे इंसान बन कर देश व समाज के नाम रौशन करने पर बल दिया गया, बाल मजदूरी जैसे कोढ़ को समाप्त करने ग्रामीण बच्चियों को भी शिक्षित होने के साथ साथ अपने पैर पर खड़ा होने के लिए एक से एक हुनर से रूबरू होकर उसे इल्म की जरूरत व उसके लिए शिक्षण प्रशिक्षण कार्यकर्म में भागीदारी देकर इल्म सिखने को कहा गया.
समारोह को सबोधित करते हुए डॉ हुसेन ने कहा की हमारा देश बहुत खूबसूरत है इसकी पहचान हिन्दू , मुस्लिम सिख, ईसाई की एकजुटता हमेशा कायम रहेगी पहले हम सब इंसान हैं उन्होंने कहा कि अशिक्षा के कारण बाल मजदूरी बढ़ रहा है सरकार इस दिशा में अरबो रुपये खर्च कर रही है लेकिन सरजमीं पर कही नही दिख रहा है. आज कचरे की ढेर में बच्चे गुम होते जा रहे हैं आज देश का भविष्य हर एक बच्चा हैं लेकिन न की कमी के कारण उनके माँ बाप दलालों गिरफ्त में आकर अपने जिगर के टुकड़े औलाद को शिक्षा से जोड़कर होटलों, ढावे या अन्य ऐसे जगहों में भेज देते जहां बच्चे कि जिंदगी ही समाप्त हो जाती है. इसके लिए उनकी माताओ को सबसे पहले शिक्षा कि जरूरत है. इसलिए बेटी को भी तालीम कि उतनी ही जरूरत है। जिस बच्चे कि माँ शिक्षित है उस घर में खुशियां है कोई समस्या भी उस परिवार में नही रहता बच्चे पढ़ेंगे गरीबी दूर होगी। इस मौके पर मो० शफीक, मो० अनवर आजाद,  मदरसा के मौलाना आदि ने भी सम्बोधित किया।

अप्रैल 06, 2015

बैंक में लिंक फ़ैल रहने से ग्राहक हो रहे है परेशान--------- कोई सुधि लेने वाला नहीं

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- सहरसा में पिछले कई दिनों से लगातार कई घंटों तक लिंक फेल रहने लगा है. यहां नेट- संचार सेवा बुरी तरह से प्रभावित है. जिसके चलते पुरे जिले में नेट से चलने वाले सारे काम ठप्प सा हो गया है, शहर वासियों को लिंक फेल रहने से काफी परेशानियों का सामना करना पर रहा है. लिंक के फेल रहने से जहाँ सरकारी कार्य या अन्य गैर सरकारी कार्य भी सही तरीके से नही हो पा रही है, वही शहर में ऑन लाईन से होने वाले सभी काम वाधित हो गया है. इसका सबसे ज्यादा प्रभाव बैंक कार्यों पर पड़ा है. लिंक के फेल रहने से बैंक के सारे कामो को सुचारू तरीके से कर पाने में जहां बैंक के कर्मियों को परेसानी हो रही है वही ग्राहकों का कोप भाजन के शिकार बैंक कर्मी को होने की खबर मिली है.
इसतरह से लिंक फेल रहने से बैंक के ग्राहकों में बैंक के प्रति असंतोष बढ़ जाने से बैंक के कर्मियों और ग्राहकों के बीच जल्दवाजी में बैंक के काम करने  को लेकर आपसी नोकझोंक भी होती है. अपने ग्राहकों को लिंक फेल रहने के कारण बताते रहे बैंक कर्मी लेकिन ग्राहक आखिर इन्तजार भी कितनी देर करे यह समस्या खड़ी हो गयी लिंक फेल रहने से स्थानीय यूको बैंक सहरसा शाखा में दिन भर ग्राहकों कि भीड़ लगी रही लोग लिंक के आने के इन्तजार में बैठे रहे वही बैंक कर्मी भी ग्राहकों को जल्द सुविधा देने के लिए लिंक का इन्तजार करते दिखे.
इस बावत यूको बैंक के प्रबंधक भगवान दत्त झा ने कहा कि इतनी भीड़ बैंक में इसलिए है कि कई दिनों से रोज घंटो लिंक फेल रहता है जिससे ग्राहकों को परेसानी हो गयी है वही बैंक के कार्य भी बुरी तरह प्रभावित है।बैंक के विशेष सहायक अनंत कुमार वर्मा ने कहा कि बैंक कर्मचारी लिंक के इन्तजार में हैं बगैर लिंक के बैंक के काम सही-सही व समय पर नही हो पाटा है. बरावर लिंक फेल रहने से ग्राहकों को असुविधा होने के कारण परेसानी होती है वही ग्राहक असुरक्षित भी महसूश करते है. 

अप्रैल 02, 2015

धूम- धाम से मनाया गया दो दिवसीय खाटू श्याम महोत्सव.....................

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- सहरसा में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मारवाड़ी समाज के द्धारा अजब रंगीला गजब रंगीला, दो दिवसीय खाटू श्याम महोत्सव बड़े धूम धाम से आयोजित की गयी. इस मौके पर स्थानीय सब्जी बजार स्थित बड़ी दुर्गा मंदिर प्रांगण में बाहरी कलाकारों द्धारा सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ भजन संकीर्तन व नृत्य की प्रस्तुति की गयी. महोत्सव में सबसे पहले अहले सुबह 7 बजे एक विशाल निशान शोभा यात्रा निकाली गयी जिसमे हजारों की संख्या में महिला, पुरुष व बच्चों ने हिस्सा लिया. निशान शोभा यात्रा स्थानीय शंकर चौक मंदिर के प्रांगण से निकल कर शहर के विभिन्न बाजारों से गुजर कर बड़ी दुर्गा स्थान स्थलपर पहुंच महोत्सव में बदल गया. महोत्सव में भव्य पंडाल जहां भक्तजनो के लिए बनाई गयी वही  शहरवासियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा श्रद्धा व भाव रात भर चली सांस्कृतिक भजन संकीर्तन व नृत्य में लोगभाव बिभोर हो गये. महोत्सव में बनारस, इलाहाबाद, वृन्दावन कलकत्ता,बंबई आदि जगहों से कलाकारों को मंगाया गया. इस दो दिवसीय महोत्सव को मारवाड़ी युवा मंच के युवाओं व मारवाड़ी महिला के सदस्या ने स्वयं सेवक बन कर हर आने वाले श्रद्धालुओं, भक्तजनो की देखरेख सेवा व सुरक्षा में भी जुटे रहे सांस्कृतिक कार्यक्रम में प्रसिद्ध भजन गायक व नृत्य करने वाले कलाकारों की एक से एक प्रस्तुति से श्रद्धालु लगातार दो दिनों तक रात भर झूमते रहे. इस दो दिवसीय महोत्सव की सफलता के लिए आयोजन के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, शौरभ दहलान, राजेश पचेरिया, प्रकाश पचेरिया, युगल भीमसेरिया, राजेश यादुका, श्रवण खेतान, लड्डू यादुका, चीकू आदि ने मुख्य रूप से भाग लिया।  

शुलभ चिकित्सा व्यवस्था के लिए एम्स खोलने की माँग तेज..........

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:- कोसी प्रमंडल के सहरसा जिले में शुलभ और ठोस चिकित्सा व्यवस्था जिले वासियों को इसके लिए एम्स की मांग अब जोर पकड़ने लगी है, इस दिशा में कई  राजनितिक दलों से लेकर विभिन्न गैर राजनितिक संगठनो ने भी अब शहर के विभिन्न क्षेत्रो में स्टाल लगा कर हस्ताक्षर अभियान चला कर आवाज बुलंद करने लगा है.
एम्स की मांग को लेकर राष्ट्रवादी उलमा -ए -हिन्द चेरीटेवल ट्रस्ट के कार्यकर्ताओं  द्धारा शहर में जागरूकता रैली निकाल लोगो को इस दिशा में आगे आकर समर्थन करने के साथ-साथ चिकित्सा जगत में शुलभ व ठोस व्यवस्था की मांग की है. कार्यकर्ताओं ने स्थानीय मीर टोला से एक जागरूकता रैली निकाल कर डी.बी.रोड, शंकर चौक, स्टेशन रोड आदि होकर लोगो के बीच इसकी महत्ता को सामने रखा वही शहर के विभिन्न चौक चौराहो पर स्टॉल लगा कर हस्ताक्षर अभियान चला कर लोगो का समर्थन लिया इस कार्यक्रम के संगठन के संस्थापक डॉ उताउरहमान मो० अजहर उद्दीन,रोहित, करण कुमार,अभिनंदन, चंद्रमणि अजय कुमार कुंदन,सोनू , आदि ने मुख्य रूप से भाग लिया।  

अप्रैल 01, 2015

सरकार द्धारा बिल में परिवर्तन से पूंजीपतियों के हाथों किसानो की जमीन.......... विधानंद मिश्र,पार्टी अध्यक्ष (कांग्रेस)

कृष्णमोहन सोनी की रिपोर्ट:-  केंद्र में भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीति व काला बिल भूमि अधिग्रहण से किसानो पर मड़राता खतरा, मनरेगा में कटौती,खाद्य सुरक्षा अधिनियम को लागु नही करने के खिलाफ में कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने कमर कस लिया है, इस काला बिल को पास करने वाली केंद्र की भाजपा सरकार द्धारा देश के किसानो के साथ खिलवाड़ ही नही बल्कि अन्याय होने की बात कही है.
इस किसान विरोधी काला  बिल से देश के किसानों की अधिकार को छीनने के वरोध में सहरसा जिला कांग्रेस कमिटी ने पार्टी कार्यकर्ताओं साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों के किसानो बीच जागरूकता एवं हस्ताक्षर अभियान चलाकर किसानो को जागरूक करने में जुट गयी है. कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने भाजपा सरकार को किसान विरोधी सरकार बताया. अभियान को तेज करते हुए नेताओं ने ऐसी सरकार से बचने की  बात किसानो से कहीं इस बावत जिला कांग्रेस कमिटी, सहरसा द्धारा  प्रेस ब्यान जारी कर पार्टी अध्यक्ष विधानंद मिश्र ने कहा कि वर्ष 1894 में ब्रिटिश हुकूमत ने भूमि अधिग्रहण का कानून बनाया था  जिसमे सरकार को किसानो के खिलाफ असीमित ताकत थी. इसे पहली बार वर्ष 2013 में मनमोहन सिंह की सरकार ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के अथक प्रयास से भूमि अधिग्रहण बिल संसद में पास कराया गया जिसमे यह प्रावधान किया गया कि बिना अस्सी प्रतिशत किसानो की रजामंदी के जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जा सकेगा और मुआवजा बाजार दर का चार गुना होगा तथा शहरी क्षेत्र में दो गुना। अधिग्रहित भूमि पर काम नहीं किये जाने की स्तिथि में पांच साल के बाद वह जमीन स्वतः किसान को वापस मिल जायेगी। वर्तमान भाजपा की केंद्र सरकार ने गलत नियत और मंशा से पूंजीपतियों के हाथ किसानो की जमीन लुटवाने के निमित वर्ष 2013 के अधिग्रहण कानून में व्यापक परिवर्तन कर कांग्रेस द्धारा किसानो को दिए गए अधिकारों को छीनने की पुरजोर कोशिश कर रही है।  

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।