दिसंबर 26, 2015

आपके एक लाइक करने से कोसी की बेटी बन सकती है, मिस बिहार 2015 ...

वोट के लिए इस लिंक को खोले तब लाइक करे .......
https://www.facebook.com/MissBihar/photos/a.409005692498409.96452.236597753072538/975000339232272/?type=3&theater
रीचा सिंह

चन्दन सिंह की रिपोर्ट:- कोसी की धरती ने कई ऐसे लाल पैदा किये जो कि आज इतिहास के पन्नो में दर्ज है. आज फिर कोसी की एक बेटी फिर से कोसी की इतिहास में एक और नाम दर्ज कराने को बेताब है. 
गौरतलब है मिस बिहार 2015 के लिए कोसी के बेटी रीचा सिंह आज आप सभी से अपनी सफलता के लिए एक वोट माँगती है. आपके वोट से रीचा मिस बिहार 2015 के लिए चयनीत हो सकती है. रीचा सहरसा की रहने वाली है.
इनके पिता जी श्री राकेश सिंह माता श्रीमती नूतन सिंह है. रीचा ने स्नातक की पढाई सहरसा के रमेश झा महिला कॉलेज से बीए इंग्लिश ऑनर्स और ए.एन कॉलेज पटना से एम.ए. इंग्लिश से पूरी की है. रीचा शुरुआती दौर से ही पढ़ाई के साथ साथ N.C.C. से भी जुड़ी रही. रीचा ने बिहार से N.C.C. से 26 जनवरी 2015 को दिल्ली के पैरड में भाग ली.
सहरसा टाईम्स आप सभी से आज कोसी की बेटी रीचा के लिए वोट देने का निवेदन करता है ताकि रीचा मिस बिहार 2015 बनकर बिहार में कोसी का फिर से परचम लहड़ा सके.
इस लिंक पर क्लिक करिये और दूसरा पेज खुलेगा जहाँ आपको रीचा सिंह की तस्वीर मिलेगी उस तस्वीर को लाईक करना है और हो सके तो कमेंट भी लिखिए और अपने दोस्तों को भी जानकारी दीजिये.........
समय नहीं है 28 को सुबह तक ही कर सकते है
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दिसंबर 22, 2015

सहरसा परिवहन विभाग की खुलती पोल.......

मो० अज़हर उद्दीन की रिपोर्ट :- जी हाँ सहरसा टाईम्स ने आप सभी को बार-बार समाज के हर दर्द और तकलीफों से रूबरू कराया है. आज एक बार फिर सहरसा टाईम्स आप सभी को एक ऐसी तस्वीर से रोशनास करता है जो सहरसा ज़िले के परिवहन विभाग की सिर्फ पोल ही नहीं खोल रही है बल्कि उनके कार्यशैली पे प्रश्न चिन्ह भी लगा रही है.
शहर के किसी भी मुख्य मार्ग पे जिला परिवहन विभाग के नियमों को ताख पे रख कर सड़क पे मनचाहा गाड़ी खूब दौड़ती है, लेकिन परिवहन विभाग के अधिकारीयों के कान पे जूं तक नहीं रेंगती है. 
ये तस्वीर सहरसा जिले के कहरा कुट्टी की है जहाँ जोगारगाड़ी पे ओवर लोड भूसा लाद कर जाने के क्रम में चालक सहित गाड़ी पलटी मार दी जिससे एक बड़ी दुर्घटना होने से बाल-बाल बच गई.स्थानीय लोगो के सहयोग से फिर इस जोगारगाड़ी को समान्य स्थिति में लाया गया.आगे बताना लाजमी होगा की शहर के मुख्य सड़कों पे जोगारगाड़ी नाम से जो गाड़ी खूब दौड़ती है,उसे परिवहन विभाग से आदेश नहीं प्राप्त है.इस गाड़ी पे मोटे, नुखीले और लम्बे सरिया (छङ) को लेकर सड़कों पे दौड़ते आपने खूब देखा होगा। फिर इस तरह की तस्वीर बार-बार सामने आ रही है.जो विभाग के खामोश रवैये को सामने ला रही है लग रहा है विभाग किसी बड़े घटना के इंतजार में बैठा हो. समय रहते ही विभाग को सजग होने की अहम जरूरत है.  

दिसंबर 18, 2015

उग्रतारा महोत्सव में मशहूर सिने गायक विनोद राठौर और चांदनी रॉय..........



मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट ---- सहरसा के महिषी स्थित राजकमल मैदान में आयोजित तीन दिवसीय उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव में अपनी मदमस्त आवाज का जादू बिखेड़ने आये मशहूर सिने गायक विनोद राठौर और जादुई आवाज की मल्लिका कोलकाता की चांदनी से सहरसा टाईम्स के मुख्य संपादक ने ख़ास बातचीत की । यूँ महोत्सव के आखिरी दिन शाम से लेकर देर तक बॉलीबुड के जाने--माने गायक विनोद राठौर चांदनी और उनके म्यूजिकल ग्रुप ने सुरों की ऐसी दरिया बहाई जिसमें लोग बस जमकर डुबकियां लगाते रहे ।
विनोद राठौर और चांदनी के साथ मुकेश सिंह
विनोद राठौर के साथ कई फिल्मों में अपनी जादुई आवाज से लोगों को अपना कायल बनाने वाली चांदनी रॉय ने भी अपनी दिलकश आवाज से लोगों का मन मोह लिया ।
चांदनी रॉय ने भी सहरसा के दर्शकों की तारीफ़ में कसीदे कढ़े और कहा की उन्हें यहां गाना गाने में खूब मजा आया । विनोद राठौर ने कहा की वे बचपन से ही संगीत में डूबे रहे हैं । अपने ओजस्वी पिता पंडित चतर्भुज राठौर से उन्होनें संगीत की बारीकियों को ना केवल सीखा बल्कि उसी को आज भी आत्मसात किये हुए हैं ।उन्होनें कहा की वे देश की कई भाषाओं में गाने गा चुके हैं जिसमें मैथिली और भोजपुरी भी है ।अपने बड़े भाई रूप कुमार राठौर और श्रवण राठौर से भी बहुत कुछ सीखने की बात बताते हुए उन्होनें कहा की वे किशोर दा के दीवाने रहे हैं ।उनके गाये हिंदी गानों में उन्हें प्रेमग्रंथ फ़िल्म का गाना *दिल देने की रुत आई*और बाजीगर का *बताना भी नहीं आता और छुपाना भी नहीं आता*गाना उन्हें बेहद पसंद है ।
जानकारी देते हुए विनोद ने आगे कहा की उनका नया एल्बम *मेरा प्यार*जनवरी महीने में आ रहा है जो खूब धमाल मचायेगा ।12 सितम्बर 1962 को मुम्बई में पैदा हुए विनोद आज भी कार्यक्रम से पूर्व कम से कम दो घंटे रियाज करते हैं ।वर्ष 1987--88 में*मेरे दिल में अंधेरा है कोई शमा तो जला दे* गाना से अपना सफ़र शुरू करने वाले विनोद हिंदी,मराठी,अंग्रेजी,उड़िया,फ्रेंच,मैथिली,भोजपुरी सहित कई और भाषाओं में भी 3500 से ज्यादा गाने गा चुके हैं ।चांदनी कई बंगाली फिल्मों में अपनी मदमस्त आवाज दे चुकी हैं और कई हिंदी फिल्मों में एक साथ गा रही हैं ।

दिसंबर 15, 2015

नहीं रहे भाजपा के कद्दावर नेता ब्रज कुमार सिंह .......

स्व० ब्रज कुमार सिंह
सहरसा टाइम्स की रिपोर्ट:- भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष-सह-सरडीहा पंचायत के पैक्स अध्यक्ष जमुनियां निवासी ब्रज कुमार सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गया. मौत की खबर सुनकर भाजपा कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गयी। आज सुबह उनका शव गांव पहुंचते ही घर में कोलाहल मच गया. पुरे गावं में मातम सा छा गया है. 
अचानक दिल का दौरा पड़ने से असमय ही इस दुनिया से अलविदा हो गए. श्री सिंह एक कद्दावर नेता के साथ-साथ समाजसेवी के रूप में भी जाने जाते थे. उनकी मौत की खबर सुनते हीं उनका अंतिम दर्शन के लिए भाजपा के नेताओं का ताँता लगा रहा.
जिसु सिंह
भाजपा के जिसु सिंह ने कहा कि उनकी मौत से भाजपा को काफी नुकसान हुआ है वे मिलानसार स्वभाव के थे, पार्टी में उनकी अलग पहचान थी. उनके कार्य से प्रभावित होकर वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री राधा मोहन जी २०१३ में उनके घर खाना पर गए थे. 
जाहिर तौर से वे एक नेता के साथ-साथ समाजसेवी भी थे इस लिए उनकी मौत से जरुर कही न कहीं आवाम भी मर्माहित है. 

दिसंबर 14, 2015

तीन दिवसीय सांस्कृतिक उग्रतारा महोत्सव का आगाज......

मुकेश सिंह की रिपोर्ट: वर्ष 2O12 से शुरू हुए तीन दिवसीय उग्रतारा महोत्सव का आज आगाज हो गया । महिषी के राजकमल मैदान में बने भव्य मंच पर दीप प्रज्ज्वलित कर राज्य की पर्यटन मंत्री अनीता देवी ने इसका उदघाटन किया ।इस मौके पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री प्रोफ़ेसर अब्दुल गफूर, सोनवर्षा राज के जदयू विधायक रत्नेश सदा के साथ--साथ कोसी प्रमंडल की आयुक्त टी. बिन्देश्वरी,कोसी प्रक्षेत्र के डीआईजी नागेन्द्र प्रसाद सिंह,सहरसा के जिलाधिकारी बिनोद सिंह गुंजियाल और पुलिस कप्तान विनोद कुमार मौजूद थे ।
कार्यक्रम के उदघाटन के दौरान क्षेत्रीय कलाकारों ने आगत अतिथियों के स्वागत में ना केएल गीत गाये बल्कि जमकर नृत्य भी किये।स्वागत में बेहद खास बात तो यह रही की महिषी वेदपीठ के बच्चों ने संस्कृत में मन्त्र पढ़कर अतिथियों का स्वागत किया।
आज कार्यक्रम का आगाज हो चुका है और आज शाम से लेकर कल और कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन यानि सोलह दिसंबर को शाम से लेकर देर रात तक यहां पर सुरों और नृत्यों की दरिया बहने वाली है ।
आज भी इन अतिथियों के आगमन पर नृत्य और गायन हुआ जिसकी तस्वीर हम अपने दर्शकों को दिखा रहे हैं । देखिये मंत्री साहिबा को, किस तरह से वे दीप प्रज्ज्वलित करके इस महोत्सव का उदघाटन कर रही हैं।दर्शकों की अच्छी खासी भीड़ और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच इस कार्यक्रम का उदघाटन हो गया । इस मौके पर सहरसा टाईम्स ने पर्यटन मंत्री अनीता देवी से ख़ास बातचीत की जिसमें उन्होनें कहा की इस इलाके को पर्यटन के तौर पर ना केवल विकसित किया जाएगा बल्कि इस इलाके में लगातार मिल रही पुरातात्विक महत्व की चीजों को सहेज कर रखने के भी बड़े प्रयास होंगे।
तीन दिवसीय सांस्कृतिक उग्रतारा महोत्सव में विभिन्य सरकारी विभागों के अलावे गैर सरकारी संस्थानों के द्वारा सौ से ज्यादा स्टॉल भी लगाए गए हैं।जाहिर तौर पर ये स्टॉल यहां पहुँच रहे लोगों के लिए बेहद आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं ।लोग यहाँ से अपनी जरुरत की चीजों की खरीददारी भी कर रहे हैं ।
आज शाम से रात तक क्षेत्रीय कलाकारों की प्रस्तुति के साथ--साथ राजस्थानी नृत्य होगा ।कल एक शाम मैथिली के नाम और  आखिरी दिन यानि परसों ख्याति लब्ध बॉलीबुड गायक विनोद राठौर अपनी जादुई आवाज से लोगों को झूमने और नाचने--गाने पर मजबूर करेंगे।

दिसंबर 04, 2015

सहरसा में फिर गरजी बन्दूक, एक की मौत......

सहरसा टाइम्स एक्सक्लूसिव 
**अपराधियों ने की ताबर तोर फाइरिंग........
**रितेश सिंह उर्फ़ टिक्लू की गोली लगने से हुई मौत......
**शम्भू दास को पैर में लगी गोली ........
**इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती........
मृत रितेश सिंह उर्फ़ (टिक्लू)
घायल शम्भू दास 
अजहर उद्दीन की रिपोर्ट : सहरसा में अपराधियों का हौसला बुलंद है अपराधी बड़े आराम से घटना को अंजाम देकर फरार होने में सफल हो रहा है और हमारी पुलिस के हाथ खाली खोखा मिल रहा है. डॉ पी. के. मल्लिक क्लिनिक के पास अपराधियों ने प्रोफेसर जनार्दन सिंह (सर्व नारायण सिंह कालेज) के पुत्र रितेश सिंह उर्फ़ (टिक्लू)  और शम्भू दास (निर्मला पैथोलाजी के संचालक)  पर ताबरतौर फाइरिंग की जिसमे रितेश सिंह उर्फ़ टिक्लू की घटना स्थल पर ही मौत हो गई और शम्भू दास को पैर में गोली लगी. जिसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जाहिर तौर पर सहरसा में घटना पर पुलिस अंकुश लगाने में पूरी तरह से विफल है. हमारी पुलिस एक घटना की तफ्तीश में जुटी रहती है, लेकिन अपराधी दूसरी घटना को अंजाम देने में सफल हो जाता है. आखिर अपराधियों की गोली कब तक आवाम के सीनों को छल्ली करता रहेगा ये सवाल सहरसा टाइम्स सहरसा के पुलिसिया तंत्र से करता है. 

दिसंबर 02, 2015

नेपाल में मधेशियों पर दमन, भारत में विरोध मार्च......

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट:- नेपाल में लगातार कई वर्षो से अपने अधिकार को लेकर भारतवंशी मधेशियों ने आवाज उठायी है लेकिन इन मधेशियों की मांगों को नेपाल सरकार नजर अंदाज करती रही. जिस वजह से नेपाल में मधेशीयों का आक्रोश बढ़ता गया अपने हक और हुकूक के लिए मधेशियों दूारा आंदोलन तेज होता गया लेकिन नेपाल सरकार बार - बार इन मधेशियों पर दमननात्मक करवाई कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश करती रही, जिसका परिणाम हुआ नेपाल में मधेशीयों का उग्र आंदोलन विगत तीन माह से नेपाल में फिर एक बार तेज हो चूका है लेकिन इस दिशा में अब तक ना तो नेपाल सरकार और ना ही भारत सरकार हस्तक्षेप कर किसी ठोस नतीजे पे पहुँच पायी है.
नेपाल में इन मधेशियों के उपर हो रहे दमन के विरोध में भारत में विभिन्न संगठनों ने विरोध व कैंडिल मार्च निकल कर भारत सरकार को इस दिशा में पहल करने की माँग की है. मधेशी आंदोलन के समर्थन में सहरसा जिले में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा व फ्रेंड्स ऑफ़ आनंद के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने बुधवार को स्थानीय वीर कुँवर सिंह चौक से समाहरणालय, सहरसा तक विरोध मार्च निकला एवं एक प्रतिनिधि मंडल जिला के वरीय पदाधिकारी से मिल कर भारत सरकार के नाम एक अपने मांगो का ज्ञापन समर्पित किया. समर्पित ज्ञापन में कहा गया है कि मधेशियों पर अत्याचार बंद करने अधिकार सम्पन मधेश प्रदेश की स्थापना सेना, कार्यपालिका, न्यायपालिका, विधायिका में मधेशियों को समानुपातिक साझेदारी सुनिश्चित करने आदि शामिल है. जिसमें भारत सरकार को मधेशीयों के समर्थन में हस्तक्षेप कर जल्द ही समाधान करने की मांग की गयी है.ताकि नेपाल में स्थिति समान हो सके और भारतवंशी मधेशियों को अधिकार मिल सके एवं नेपाल में चीन का आवंछित हस्तक्षेप व तिब्बत की तरह नेपाल भी हमारे हाथों से निकल ना जाय जो कई दृष्टि कोण से राष्ट्र के लिए अहितकर होगा.
इस विरोध मार्च में मुख्य रूप से फ्रेंड्स ऑफ़ आनंद के ध्यानी यादव, राजन आनंद, अनिल कुशवाहा, मुकेश कुमार सिन्हा, पप्पू भगत, महबूब अली कैंसर, उज्जवल कुमार, विपिन कुमार मिश्रा, युथ फ्रंट के अध्यक्ष विनय यादव,रविन्द्र कुमार,सैफ अली,तपेश कुमार यादव,आलोक कुमार झा,रोहिन दास,मनन साह,हम के सचिव अनिता कुशवाहा सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.    


दिसंबर 01, 2015

मधेशियों के समर्थन में “हम और फ्रेंड्स ऑफ आनन्द”

महासचिव राजन आनंद
सहरसा टाइम्स की रिपोर्ट:- पिछलें तीन महीनों से भारतीय मूल के मधेशी अपने मानवीय और लोकतांत्रिक आधिकारों को लेकर नेपाल में आन्दोलन कर रहे है. उन्हें प्रत्येक दिन बर्बरता पूर्वक कुचला जा रहा है. अब तक पचास से अधिक मधेशी और दो भारतीय नागरिक कि जाने जा चुकी है.लेकिन न तो नेपाल कि असंवेदनशील सरकार झुकने को तैयार है और भारत सरकार का रवैया भी हमेशा उपेक्षापूर्ण है. ऐसे में छात्र “हम और फ्रेंड्स ऑफ आनन्द” ने मधेशियों के समर्थन में उतरने का निर्णय लिया है. 
आगामी 2 दिसम्बर 2015 को अपराह्न् 2 बजे कुवंर सिंह चौक से समाहरणालय तक विरोध मार्च करते हुए प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेगे और दिन के दूसरें चरण में संध्या 04.30 बजे शंकर चौक पर कैंडिल जलाकर मधेशी शहीदों को श्रधांजलि अर्पित करेगें. इसकी जानकारी “हम” के महासचिव राजन आनंद ने दिया.  

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।