जून 26, 2013

जल--त्रासदी के घायलों के लिए कर रहे रक्त दान


फ्रेंड्स ऑफ आनंद यूथ फ्रंट के बैनर तले तीन सौ से पांच सौ के बीच युवाओं ने किया रक्तदान 
लवली आनंद के पुत्र चेतन आनंद
फ्रेंड्स ऑफ आनंद यूथ फ्रंट के बैनर तले आज तीन सौ से पांच सौ के बीच युवाओं ने सदर अस्पताल के रक्त अधिकोष में रक्तदान किया।पूर्व सांसद आनंद मोहन और पूर्व सांसद लवली आनंद के पुत्र चेतन आनंद के नेतृत्व में उतराखंड के केदारनाथ और उसके आसपास के इलाके में हुयी भीषण जल--त्रासदी के घायलों के लिए युवाओं ने संगठित होकर रक्त दान किया।जिला प्रशासन के सहयोग से इस जमा रक्त को उतराखंड भेजा जाएगा जिससे जिन्दगी से जंग लड़ रहे तीर्थयात्रियों के प्राण बचाने में कुछ मदद हो सके।जाहिर तौर पर यह पहल देश--प्रेम और मानवता के जज्बे की एक बानगी है।
फ्रेंड्स ऑफ आनंद यूथ फ्रंट के बैनर तले और पूर्व सांसद आनंद मोहन और पूर्व सांसद लवली आनंद के पुत्र चेतन आनंद के नेतृत्व में आज यहाँ पर रक्त दान शिविर का आयोजन किया गया है। कल दिन के ग्यारह बजे से रक्तदान का सिलसिला शुरू हुआ जो शामतक तक बदस्तूर जारी रहा।देखिये यहाँ पर युवाओं का जत्था किसकदर जमा हुआ है।हद बात तो यह है की इन युवाओं के साथ कुछ महिलायें और कुछ बुजुर्ग भी आ मिले हैं।युवाओं का जोश यहाँ पर देखते ही बन रहा है।इस मौके पर चेतन आनंद ने कहा की उतराखंड के केदारनाथ और उसके आसपास के इलाके में हुयी भीषण जल--त्रासदी के घायलों के लिए युवाओं ने संगठित होकर रक्त दान किया है जिसे जिला प्रशासन के सहयोग से उतराखंड भेजा जाएगा जिससे जिन्दगी से जंग लड़ रहे तीर्थयात्रियों के प्राण बचाने में कुछ मदद हो सके। आगे वे युवाओं के सहयोग से धन भी इकट्ठा करेंगे जिसे मदद के तौर पर उतराखंड भेजा जाएगा।रक्त अधिकोष के टेक्नीशियन आतिश श्री ज्ञान का कहना है की उतराखंड के केदारनाथ और उसके आसपास के इलाके में हुयी भीषण जल--त्रासदी के घायलों की मदद लिए जत्थे में युवा यहाँ पर रक्तदान करने पहुंचे हैं।यहाँ पर रक्त का संग्रहण करके वे जिला के बड़े अधिकारियों से आग्रह करेंगे की जमा रक्त को उतराखंड भेजने का वे इंतजाम करें।
वाकई यह पहल काबिले तारीफ़ है।देश में आई किसी भी आपदा के समय हमें एकजुट होकर उससे मुकाबला करना चाहिए।युवाओं का यह सद्प्रयास देश की एकजुटता को दर्शाता है।रब उतराखंड में फंसे लोगों की जिदगी सलामत रखे।

जून 13, 2013

अपराधियों ने प्रिंसीपल को मारी गोली

रिपोर्ट सहरसा टाईम्स: बीती रात अज्ञात अपराधियों ने मधुबनी जिले के कटौना देल्ही पब्लिक स्कूल {डीपीएस}के प्रिंसीपल इन्द्रजीत पाठक को गोली मारकर ना केवल गंभीर रूप से जख्मी कर दिया बल्कि उनके पास रखे पचास हजार नकदी,दो कीमती मोबाइल,सोने की चेन और अंगूठी सहित लैपटॉप भी लुट लिए।घटना सोनवर्षा राज थाना के शाहपुर गाँव के समीप घटी।गंभीर रूप से जख्मी प्रिंसीपल को रात में ही सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उनकी स्थिति नाजुक देखकर डॉक्टर ने रात में ही उन्हें PMCH रेफर कर दिया।
लेकिन फिलवक्त जख्मी प्रिंसीपल को सहरसा के सूर्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टर ने उनकी छाती में लगी दो गोलियों को निकाल दिया है लेकिन अभी उनकी स्थिति बेहद नाजुक है।जख्मी प्रिंसीपल खगड़िया के रहने वाले हैं और बीती रात वे अपने सहरसा के एक रिश्तेदार से मिलकर वापिस अपने घर लौट रहे थे जिस दौरान यह घटना घटी।इस मामले में जहांतक पुलिसिया कारवाई की बात है तो पुलिस ने घटनास्थल पर से जख्मी प्रिंसीपल की मोटरसाईकिल बरामद करते हुए जख्मी के भाई के बयान पर सोनवर्षा राज थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।अभीतक यह साफ़ नहीं हो पाया है की यह मामला सिर्फ लूटपाट का है या फिर इसके पीछे कोई और कारण है।
डॉक्टर विजय शंकर
इनकी हालत को लेकर के डॉक्टर विजय शंकर कह रहे हैं की चौबीस घंटे तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है।जख्मी के फेफरे के समीप गोली लगी थी जहां खून जमा हो जाते हैं।वे अपनी तरफ से इनकी जान बचाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। इस मसले को लेकर पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी का कहना है की पुलिस ने जख्मी के भाई के बयान पर सोनवर्षा राज थाना में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।पुलिस तफ्तीश में जुटी हुयी है और अपराधियों की पहचान करने की हर संभव कोशिश की जा रही है।इनकी मानें तो यह मामला सिर्फ लूटपाट का है या फिर इसके पीछे कोई और वजह है,पुलिस इसको लेकर भी छानबीन कर रही है।किसी भी सूरत में अपराधियों को नहीं बख्सा जाएगा।
जाहिर तौर पर जहां पुलिस और कानून का खौफ कमतर और फिसड्डी साबित हो रहे हैं वहीँ अपराधियों की जय--जय और बल्ले--बल्ले है।इस जिले में अपराधी निसंदेह पुलिस पर भारी हैं।अगर आप सही--सलामत बच रहे हैं तो समझिये खुदा का शुक्र और अपराधियों की मेहरबानी आपके साथ है।

जून 12, 2013

घुस लेते सहायक अभियंता हुए गिरफ्तार

विद्युत् विभाग के सहायक अभियंता को निगरानी ने 20 हजार रूपये घुस लेते रंगे हाथों दबोचा
सहायक अभियंता ग्रामीण चन्दन कुमार
सहरसा टाईम्स: एक बिजली उपभोक्ता की शिकायत पर आज पटना की निगरानी टीम ने सहरसा विद्युत् विभाग के सहायक अभियंता ग्रामीण चन्दन कुमार को 20 हजार रूपये घुस लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया।सहायक अभियंता को गिरफ्त में लेने के बाद निगरानी टीम ने पहले के विद्युत् विभाग स्थित सहायक अभियंता के कक्ष फिर उनके आवास पर भी छापामारी किया जिसमें करीब पचास हजार नकद,दो लाख के दो चेक और कई आपत्तिजनक कागजात भी बरामद किये गए।सहरसा सदर थाना में सहायक अभियंता से लम्बी पूछताछ और स्थानीय कोरम पूरा करने के बाद अगली कारवाई के लिए सहायक अभियंता को निगरानी टीम अपने साथ लेकर पटना के लिये रवाना हो गयी।
सहायक अभियंता चन्दन कुमार
पटना से बिजली निगरानी कोषांग से आई टीम ने आज सहरसा की एक मछली  को दबोच ही लिया।देखिये निगरानी की गिरफ्त में आये यह हैं सहायक अभियंता चन्दन कुमार।नवम्बर 2012 में पटना बिजली बोर्ड में नौकरी हासिल करने वाले इस अभियंता ने इसी साल मई माह में सहरसा में पदभार संभाला था।अपने अल्प सेवा काल में ही इन्होनें घुस लेने में महारत हासिल कर ली थी।सहरसा के शाहपुर गाँव के रहने वाले मोहम्मद इस्माईल जो विभाग के वाजिब उपभोक्ता थे लेकिन उन्हें फर्जी बताकर और उनपर गलत मुकदमा में फंसाने का धौंस देकर इन्होनें बतौर घुस दो लाख सत्तर हजार रूपये की मांग की थी।इस उपभोक्ता ने एक बार तीस हजार और एक बार सात हजार रूपये दिए भी लेकिन इतने पर इनका मन नहीं भरा और वे अपनी पिछली मांग पर डटे रहे।थक--हारकर उपभोक्ता ने इसकी शिकायत पटना निगरानी से की।और नतीजा आज सामने आया की निगरानी ने उपभोक्ता द्वारा बीस हजार रूपये देते हुए इन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।बाद में निगरानी ने विभाग में इनके कक्ष और इनके आवास को भी जमकर खंगाला जहां से करीब पचास हजार नकद,दो लाख के दो चेक और कई आपत्तिजनक कागजात भी बरामद किये।इस निगरानी टीम का नेतृत्व डीएसपी रामजीवन सिंह और डीएसपी रूप रंजन हरदवे कर रहे थे जबकि इनके साथ दो सब इन्स्पेक्टर भी थे।
इधर पीड़ित उपभोक्ता मोहम्मद इस्माईल इस घुसखोर अधिकारी को बेपर्दा करके काफी राहत में हैं
घूसखोरी अब संस्कार और रिवायत का स्वरूप ले चुका है।सरकार का कोई ऐसा विभाग नहीं है जहां घुसखोरी नहीं हो रही हो।बाबजूद इसके छोटी मछली ही सही एक के पकड़ में आने से भी घूसखोरों पर इसका प्रभाव जरुर पडेगा।यूँ आलम अभी यह है की जो पकड़ाया वह चोर वर्ना साधू।यूँ हमारा अनुभव कहता है की आदमी तभीतक लाचारी में ईमानदार बना रहता है जबतक उसे बेईमानी का मौक़ा नहीं मिलता है।बिजली विभाग में घूसखोरी अपने परवान पर है।एक नवोदित सहायक अभियंता की गिरफ्तारी के पीछे कहीं कोई बड़ा खेल तो नहीं,यह सवाल भी यहाँ मौजूद है।

किशोर को मारी गोली


सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट: बीती रात आम बगान में अज्ञात अपराधियों ने एक किशोर को उस वक्त गोली मार दी जब वह आम गिरने की आवाज सुनकर आम उठाने के लिए गया था।दो गोली किशोर के पाँव में मारी गोली है जिसे गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।एक तरफ जहां जख्मी के परिजन इस घटना के कारण को लेकर कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है वहीँ अभीतक सहरसा की सुस्त पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर जख्मी का बयान लेना या फिर स्थिति का जायजा लेना भी मुनासिब नहीं समझा है।
देखिये सदर अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में बेड पर पड़ा यह सत्रह वर्षीय किशोर इंटर का छात्र जितेन्द्र कुमार है।सुपौल जिले के परसरमा गाँव का रहने वाला यह किशोर कुछ दिनों से अपने नाना के घर सोनवर्षा कचहरी थाना के भरौली गाँव में रह रहा था।बीती रात यह अपने मामा के साथ अपने नाना के सिमरी बख्तियारपुर थाना के सिटानाबाद स्थित आम बगान पर था।रात में इसने आम गिरने की आवाज सुनी और टार्च की रौशनी में आम चुनने लगा।इसी दौरान पहले से जमा कुछ अज्ञात अपराधियों में से किसी ने इसपर गोली चला दी।अपराधियों ने दो गोली चलाई जो इस किशोर के पाँव में लगी है।बीती रात ही इसे सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इसके पाँव से गोली निकाल दी गयी है लेकिन इसकी स्थिति अभी गंभीर बनी हुयी है।जख्मी के परिजन सुशील सिंह और जीतू कुमार सिंह दोनों जख्मी के मामा घटना के कारण को लेकर कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं हैं।इनकी मानें तो इनकी किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं है।इस गोलीबारी की घटना में अब सबसे अहम् बात यह है की सूचना के बाद भी सहरसा पुलिस ने ना तो इस बच्चे का बयान लिया है और ना ही मौके पर पहुंचकर किसी तरह की तफ्तीश ही शुरू की है।
इसे महज पुलिस की सुस्ती नहीं बल्कि उसका असल रवैया कहेंगे की अभीतक पुलिस ने इस मामले में किसी भी तरह की तफ्तीश शुरू नहीं की है।यहाँ की पुलिस के काम---काज का यही तौर--तरीका है।अस्पताल प्रशासन के द्वारा पुलिस को बीती रात में ही इस घटना की सूचना दिए जाने के बाद भी पुलिस के अधिकारी ने सुबह होने तक मौके पर पहुंचना गंवारा नहीं किया। जिस मामले में पुलिस की इतनी सुस्ती हो उसकी जांच आगे कैसी होगी और इसका फलाफल क्या निकलेगा इसका बेहतर तरीके से अनुमान लगाया जा सकता है।जहां तक हमारी समझ जाती है यह पुलिस रिकॉर्ड में अधिक से अधिक एक इजाफा करने मामला भर साबित होगा।

जून 11, 2013

जमीन विवाद में उड़े खून के छींटे

  जमकर चली तीर और भांजे गए फरसे
झकस मुखिया,तीर लगा जख्मी
 
रिपोर्ट----मुकेश कुमार सिंह: आज अहले सुबह सहरसा जिला के सीमावर्ती मधेपुरा जिला के खोपैती गाँव में जमीन विवाद में ना केवल जमकर तीर चली बल्कि खूब फरसे भी भांजे गए।इस जघन्य घटना में थोक में खून के छींटे उड़े जिसमें पांच लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं।इन जख्मियों में दो के शरीर में तीर फंसे हुए हैं जिनकी हालत काफी नाजुक है और इन्हें बेहतर इलाज के लिए PMCH रेफर किया गया है।अन्य तीन जख्मियों का इलाज सहरसा सदर अस्पताल में किया जा रहा है।इस मामले में जहां तक पुलिसिया कारवाई की बात है तो चूँकि मामला मधेपुरा जिले का है इसलिए सहरसा पुलिस इस मामले में कहीं से कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रही है।
आपने जमीन विवाद या फिर अन्य विवाद में खून के छींटे उड़ते देखे होंगे लेकिन यह घटना आम घटना से बिलकुल अलग है।देखिये इन दोनों जख्मियों झकस मुखिया और रंजन मुखिया को।ये दोनों आपस में ससुर दामाद हैं।एक की पेट और एक के पीठ के हिस्से में तीर किस तरह से आरपार होकर फंसी हुयी है। खोपैती गाँव में आपसी जमीनी रंजिश में यह खुनी वारदात हुयी है।दुसरे पक्ष के लोगों ने आज अहले सुबह तीन बजे के बाद पीड़ित पक्षः के घर को चारो तरफ से घेरकर ताबड़तोड़ तीर चलाने लगे।यही नहीं इन आतातायियों ने जमकर लाठी और फरसे भी भांजे।इन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल सहरसा लाया गया लेकिन इनका इलाज यहाँ सम्भव नहीं हुआ तो इन्हें PMCH भेजा जा रहा है।कुछ जख्मियों को इस अस्पताल में रखकर उनका इलाज किया जा रहा है।घटना को अंजाम जख्मी लोगों के सगे रिश्तेदारों ने बाहर से मंगाए गुंडों की मदद से दिया है।जख्मी अपने कुछ रिश्तेदार मोहित मुखिया,वीरेंद्र मुखिया,कारी मुखिया,विष्णुदेव मुखिया,रमेन मुखिया आदि को आरोपी बना रहे हैं। 
अस्पताल के डॉक्टर भुवन कुमार सिंह ने इन जख्मियों के इलाज करने की हर संभव कोशिश की लेकिन इनके शरीर से तीर निकाल पाना इनके बूते से बाहर साबित हुआ।थक--हारकर इन्हें PMCH रेफर किया गया है।जमीन के चंद टुकड़े और थोड़े से वक्ती फायदे में लोग अपनों की भी जिन्दगी लीलने से बाज नहीं आ रहे हैं।इस तरह की घटना के लिए पुलिस और कानून का कम होता खौफ असल में पूरी तरह से जिम्मेवार है।

जून 09, 2013

इस अस्पताल में इंट्रा कैट नहीं है साहेब

बदइन्तजामी और लापरवाही की एक और बदरंग दास्ताँ
मुकेश कुमार सिंह की कलम से------- 
कोसी इलाके का PMCH कहा जानेवाला सदर अस्पताल इनदिनों गंभीर तरीके से बीमार है।आप यह जानकार हैरान-परेशान हो जायेंगे की जिस अस्पताल से पचास लाख से ज्यादा लोगों की उम्मीद और आस बंधी हो वहाँ इंतजाम और व्यवस्था के नाम पर महज हवा--हवाई हो तो उसे फिर क्या नाम दिया जाए।बदइन्तजामी और लापरवाही की एक और बदरंग दास्ताँ के साथ आज एक बार फिर सहरसा टाईम्स एक्सक्लूसिव खुलासा करने जा रहा है। इस अस्पताल में मरीजों को स्लाईन चढाने के लिए बीते कई महीनों से इंट्रा कैट नहीं है।गरीब और लाचार लोग मंहगे दाम चुकाकर इंट्रा कैट खरीदने को विवश हैं।जाहिर सी बात है की जिस अस्पताल में बिना मर्ज पता किये सिर्फ स्लाईन चढाने का खेल चल रहा हो वहाँ अगर महत्वपूर्ण उपस्कर ना हो तो फिर ये स्लाईन भी कैसे चढ़ेगा।उधर सियासी हाकिम यात्रा और रैली में मशगूल होकर अपनी हैसियत को मजबूत करने में जुटे हैं और इधर गरीब और मजबूर लोग महज आह और टीस के साथ सिसकियाँ भर रहे हैं।
कोसी इलाके के PMCH कहे जाने वाले  सदर अस्पताल की नाना कमियों से भरी बदरंग तस्वीरों और खबरों को हम लगातार इस उम्मीद से दिखाते और लिखते रहे हैं की हमारी पुरजोर कोशिश से इस अस्पताल के दिन बहुरेंगे और गरीब--गुरबे मरीजों का भला और कल्याण हो सकेगा।लेकिन सच मानिए हम अभीतक अपनी भगीरथ कोशिशों में आजतक कामयाब नहीं हो सके हैं।हमारी जानकारी के मुताबिक़ पिछले तीन महीने से इस अस्पताल में इंट्रा कैट नहीं है।गरीब मरीजों के परिजन अपनी मामूली कमाई में से 80 रूपये से लेकर 125 रूपये तक में बाजार और अस्पताल में सक्रिय दलालों के माध्यम से इंट्रा कैट खरीदने को विवश हैं।
अस्पताल का आपातकालीन कक्ष की बात करें या फिर विभिन्य वार्डों के भर्ती मरीजों की।जिन मरीजों को स्लाईन चढाने की जरुरत है उन्हें इंट्रा कैट खरीदकर स्लाईन चढ़ाए जा रहे हैं।मरीज के परिजन बताते हैं की वे बाजार से इंट्रा कैट खरीदकर लाये हैं।हमने अस्पताल में सक्रिय उन दलालों को भी ढूंढने की कोशिश की जिनके द्वारा भी इंट्रा कैट ऊँची कीमत में इस अस्पताल में बेचे जाते हैं।लेकिन इन दलालों का इस अस्पताल में इतना दबदबा है की किसी ने उसके बारे में हमें जानकारी देने के लिए अपना मुंह नहीं खोला।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर आर.एस.राम एक से डेढ़ महीने से अस्पताल में इंट्रा कैट नहीं होने की बात स्वीकार रहे हैं।इनकी मानें तो अस्पताल के मालिक सिविल सर्जन होते हैं वे जब खरीदकर अस्पताल को इंट्रा कैट उपलब्ध करायेंगे तो मरीजों के बीच उसे दिया जाएगा।कुछ दलाल भी ऊँची कीमत में इंट्रा कैट इस अस्पताल में बेच रहे हैं के जबाब में इनका कहना है की इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।वे पता कराते हैं की कौन--कौन लोग ऐसी हरकत कर रहे हैं।ऐसे लोगों पर कारवाई होगी।
एक जगह हो तो बताएं की दर्द यहाँ होता है।यहाँ तो जिधर दबाईये उधर मवाद है।बदगुमानी का चस्मा लगाए सियासी हाकिम यात्रा और और रैली में मशगूल हैं।बेचारे गरीब और मजबूर लोग महज सिसकियाँ भर रहे हैं।यह अस्पताल बीमार है,इसका इलाज कराओ सरकार।

जून 08, 2013

मजदूरों के लिए माले का हल्ला बोल

रिपोर्ट सहरसा टाईम्स: मनरेगा मजदूरों सहित तमाम मजदूरों को ससमय काम मिले और उन्हें काम के बदले उचित मजदूरी मिले इसके लिए आज पुरे बिहार में विभिन्य मजदूर संघठनों के साथ मिलकर माले धरना--प्रदर्शन और चक्का जाम कर रहा है। मनरेगा कर्मी आंदोलित होकर अपनी मांगों के लिए नारेबाजी कर रहे हैं।इनका कहना है की एक तो सरकार उन्हें साल में कम से कम सौ दिन काम दे और न्यूनतम तय मजदूरी 168 रूपये का उन्हें भुगतान करे। इसी कड़ी में आज सहरसा में माले कार्यकर्ताओं ने विभिन्य मजदूर संघठनों के साथ मिलकर पहले तो सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकालकर सड़कों पर घूम-घूमकर की खूब नारेबाजी की फिर उसके बाद जिला मुख्यालय के गंगजला चौक स्थित रेलवे गुमटी को जामकर सहरसा से सुपौल मार्ग के रेल परिचालन को घंटों ठप्प कर दिया।
अभी सरकार उन्हें महज 148 रूपये दे रही है।इनका यह भी कहना है की काम नहीं मिलने की स्थिति में सरकार से उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिले।इस चक्का जाम और आन्दोलन का सरकार पर कितना असर होता है और सरकार इन मजदूरों की कितनी सुधि लेती है,आगे देखने वाली बात होगी।

जबरदस्त हंगामा और तोड़फोड़

रिपोर्ट सहरसा टाईम्स:  आज सहरसा रेलवे स्टेशन पर दस हजार से ऊपर यात्रियों ने ना केवल जमकर हंगामा किया बल्कि जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन पर पथराव करने के साथ--साथ जमकर तोड़फोड़ भी किया.गुस्साए यात्रियों ने सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस को घंटो स्टेशन पर रोकर बबाल काटा. इस हंगामे को लेकर यात्रियों का कहना था की यहाँ से दिल्ली,पंजाब सहित अन्य प्रान्तों को रोजी-रोजगार के लिए जाने वाले मजदूर तबके के लोगों के लिए ट्रेन की कोई विशेष सुविधा नहीं है.गाड़ी एक है और सवारी बेसुमार.10 हजार से ज्यादा यात्री पिछले पाँच दिनों से सहरसा रेलवे स्टेशन पर झख मार रहे हैं लेकिन उन्हें एक मात्र जनसेवा एक्सप्रेस में जगह नहीं मिल पा रही है.जाहिर सी बात है की अपना घर--बार छोड़कर परदेश कमाने जा रहे लोगों को अपने गंतव्य तक जाना भी मील का पत्थर साबित हो रहा है.ऐसे में आज लोगों का धैर्य जबाब दे गया और लोगों ने जनसेवा एक्सप्रेस को घंटों रोककर हंगामा और ट्रेन पर पथराव किया.
यात्रियों के हंगामे से परेशान रेल प्रशासन ने जिला प्रशासन और पुलिस को इत्तला किया.देखते ही देखते पूरा रेल परिसर पुलिस जवानों से भर गया.पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी और बड़ी मशक्कत के बाद ट्रेन को जो आठ बजे खुलने वाली थी उसे साढ़े ग्यारह बजे किसी तरह से रवाना किया।कैलाश प्रसाद,प्रभारी एस.पी,सहरसा और सदर एस.डी.ओ शम्भुनाथ झा जैसे अधिकारी भी मानते हैं की लोगों का गुस्सा इसलिए फूटा की यहाँ जाने वालों का जन--सैलाब उमड़ा हुआ है लेकिन उसके मुताबिक़ ट्रेन की संख्यां नहीं है।घंटों मशक्कत के बाद RPF,GRP और बिहार पुलिस के जवान और अधिकारियों ने गुस्साए यात्रयों को समझा--बुझाकर ट्रेन को रवाना किया.
पलायन यहाँ की नियति है.स्टेशन पर रोज हजारों मजबूरों का कारवां दूर प्रांत जाने को इक्कठा होते हैं.अगर सरकार इन्हें अपने घर में रोजगार देने में असमर्थ है तो कम से कम इनके बाहर जाने का पुख्ता इंतजाम करे.जाहिर सी बात है की आज की घटना फिर दुहराई जा सकती है.बताते चलें की इससे पूर्व भी कई बार और यहाँ पर भीड़ हिंसक हुयी है और तोड़फोड़ की बड़ी घटना को अंजाम दिया है.

जून 07, 2013

पीट--पीटकर ह्त्या

मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट: आज सुबह मूंग की खेत में भैंस के चले जाने और थोड़ी सी फसल भैंस के द्वारा खा लेने का कीमत 40 वर्षीय अंदेव यादव को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।घटना के सन्दर्भ में प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ बनगांव थाना के ढ़ोली गाँव के रहने वाले मृतक की भैंस आज सुबह बगल के गाँव चैनपुर की एक खेत में घुस गयी और मुंग की फसल खाने लगी।मृतक ने इस दौरान अपनी भैंस को खेत से निकालने की भरपूर कोशिश की लेकिन उनकी कोशिश के बीच में ही चैनपुर गाँव के कुछ दबंगों ने आव देखा ना ताव और अंदेव यादव पर लाठी--डंडे,रॉड और कुदाल के बट से ना केवल हमला बोल दिया बल्कि उसे तबतक पीटते रहे जबतक उसकी जान नहीं चली गयी।घटना को अंजाम देकर तमाम आतातायी वहाँ से फरार हो गए।इस घटना की सूचना आनन-- में जंगल की आग की तरह इलाके में फ़ैल गयी।इस घटना से पुरे इलाके में तनाव व्याप्त है।स्थानीय बनगांव थाना और सदर थाने की पुलिस घटना स्थल पर कैम्प कर रही है।पुलिस ने लाश को जहां कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है वहीँ मृतक के परिजनों के बयान पर तीन लोगों के खिलाफ नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ बनगांव थाना में काण्ड दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्त में लेने के लिए छापामारी में जुट गयी है।
लाश का पोस्टमार्टम कराने के लिए जगदेव पासवान नाम के चौकीदार को भेजा गया है।बड़े हाकिम थाने की शोभा बढ़ा रहे हैं।घटना को लेकर चौकीदार जानकारी देते हुए कहता है की इस मामले में कारवाई होकर रहेगी।  बताना लाजिमी है कि अभी सहरसा के पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी अवकाश पर हैं।यही नहीं कोसी रेंज के डीआईजी संजय कुमार सिंह भी अवकाश पर हैं।एक डीएसपी कैलाश प्रसाद हैं जो पुलिस अधीक्षक के प्रभार में हैं और अभी वे बगल के जिला मधेपुरा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेवा यात्रा में अपनी सेवा दे रहे हैं।मौत के इस बड़े मामले को अभी छोटे और मझोले अधिकारी संभाल रहे हैं। छोटी सी बात में एक जिन्दगी बेजा चली गयी।जिस बात को आपसी समझ से सुलझाया जा सकता है उसमें भी अब खून के छींटे उड़ने हैं।अब पुलिसिया कारवाई से आगे जो और जैसा फलाफल आये लेकिन अंदेव अपने परिजनों के बीच अब कभी लौटकर नहीं आयेगा।

जून 06, 2013

वादा स्मृति यज्ञ

सहरसा टाईम्स:-  सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा क्षेत्र की जनता से थोक में किये गए वायदे को अभीतक पूरा नहीं किये जाने की वजह से बौखलाए लोगों ने आज जिला मुख्यालय के कुंवर सिंह चौक पर वादा स्मृति यज्ञ का आयोजन किया।समाजसेवी सह जिला परिषद सदस्य प्रवीण आनंद के संयोजन में हुए इस यज्ञ का लक्ष्य यह था की सहरसा के विकास के लिए उदासीन बने सूबे के मुखिया नीतीश कुमार को भगवान् सद्द्बुद्धि दें जिससे नीतीश बाबू को सहरसा की जनता से अपने द्वारा किये गए वायदे का अहसास हो और वे उसे पूरा करने की दिशा में शीघ्रता से पहल करें। अपनी सेवा यात्रा के दौरान नीतीश कुमार आज सहरसा के बगल के जिला मधेपुरा के दौरे पर हैं और वहाँ पर विकास की कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर रहे हैं।
 इधरसहरसा की जनता नीतीश बाबू द्वारा पूर्व में किये गए वायदे के अभीतक पूरा नहीं होने पर न केवल खुद को ठगा महसूस रहे हैं बल्कि वादा स्मृति यज्ञ करके भगवान् उन्हें सद्द्बुद्धि दे इसके लिए भगवान् से वे प्रार्थना भी कर रहे हैं। इस यज्ञ के माध्यम से यहाँ उपस्थित लोग नीतीश के द्वारा वर्ष 2003 में सहरसा के बंगाली बाजार में ओवरब्रिज निर्माण करने का वादा,2009 में जिले के पुरीख गाँव में अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण,2010 में दुबारा सत्ता में आने पर पंचगछिया को अनुमंडल बनाने और सेवा यात्रा के दौरान वर्ष 2011 में मत्स्यगंधा की सुखी और पशुगंधा में तब्दील झील को देश स्तरीय मनोरम झील बनाने के किये गए वादे की याद ताजा करा रहे थे।इसके अलावे लोग सदर अस्पताल को मेडिकल कॉलेज का दर्जा देने और बाढ़ पीड़ितों की शरण स्थली सहरसा को विशेष जिला का दर्जा देने की भी मांग कर रहे थे।जाहिर तौर पर यहाँ की जनता त्राहिमाम कर रही है और अबतक सियासी लौलीपॉप से काम चला रही है।
नीतीश बाबू जनता के भरोसे का खून हो रहा है।अबतक इलाके की जनता बस सियासी लौलीपॉप से काम चला रही है।अब तो अपने वायदे पर पुनःविचार कीजिये और उसे पूरा करने की दिशा में पूर्वाग्रह मुक्त प्रयास कीजिये।भगवान् की बेआवाज लाठी और जनता के जेहन की खलबली कब कौन सा गुल खिला दे कहना नामुमकिन ही।

जहरीली मिठाई का कहर

बीती रात जिले के पूर्वी कोसी तटबंध के भीतर बसे जलई थाना के समानी गाँव के महादलित बस्ती में कहर बरपा।नौ मासूम बच्चों ने संदेश में आई मिठाई को छंककर खाया लेकिन यह मिठाई उनके लिए जानलेवा साबित हुयी।इस मिठाई को खाकर गंभीर रूप से नौ बच्चे बीमार हुए हैं जिनमें से चार की हालत काफी नाजुक बनी हुयी है।  रिपोर्ट सहरसा टाईम्स:--
सदर अस्पताल के बच्चा वार्ड की फर्श पर ये नौ मासूम बच्चे किस तरह से बेसुध पड़े हुए हैं।पेट की भूख को मिटाने के लिए मिठाई खायी थी लेकिन यह मिठाई इनके लिए जानलेवा साबित हो गयी।ये सभी बीमार और जिन्दगी से जंग लड़ते बच्चे महादलित परिवार के हैं।बगल के गाँव से रिश्तेदार ने सन्देश में मिठाई भेजी थी।बीती रात बच्चों ने जी के स्वाद की खातिर और पेट की भूख मिटाने की गरज से छंककर मिठाई खायी।मिठाई खाने के कुछ लम्हे बाद ही इन बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।कैय--दस्त शुरू हुआ और देखते ही देखते वे बेहोश हो गए।आनन्--फानन में गाँव के झोला छाप डॉक्टर से पहले इनके इलाज की कोशिश की गयी लेकिन स्थिति बिगडती देख परिजनों ने इस घटना की सुचना जलई थाना को दी।पुलिस के अधिकारी बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और बच्चों को सदर अस्पताल पहुंचाया जहां उनका इलाज चल रहा है।बच्चे की स्थिति अभी नाजुक बनी हुयी है।सभी बच्चों की उम्र पांच से लेकर बारह वर्ष के बीच है और ये सभी आपस में रिश्तेदार हैं।घर के लोग मुकेश सदा और प्रमिला कुमारी तफसील से घटना के बाबत जानकारी दे रहे हैं।
पुलिस के अधिकारी जलई थानाध्यक्ष पवन पासवान ने मौके पर तुरंत पहुंचकर बच्चों को सदर अस्पताल पहुंचाया था।वे घटना को लेकर जानकारी देते हुए कह रहे हैं की बच्चों की स्थिति गंभीर है।पुलिस अधिकारी की मानें तो वे यह पता करने की कोशिश कर रहे हैं की मिठाई कहाँ से आई और मिठाई में कौन सी जहरीली चीज मिली हुयी थी।जांच के दौरान जिसका दोष निकलेगा उनपर कठोर कारवाई होगी।सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर आर.एस.रामखुद बच्चों के उपचार के इंतजाम में जुटे हुए हैं।उनकी मानें तो बच्चों की स्थिति गंभीर थी लेकिन उपचार के बाद उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
 पहले से क्या गम कम था जो ऊपर वाले तूने ये सितम ढाया।बामुश्किल जीवन की साँसे बचाकर किसी तरह से जिन्दगी जी देने वाले इन महादलित बच्चों पर वाकई आफत का पहाड़ टूटा है।इन बच्चों की सेहत शीघ्रता से सुधरे इसके लिए हम दिल से दुआ करते हैं।

जून 05, 2013

शादी समारोह में चली गोली

सहरसा टाईम्स: बीती रात जिले के सलखुआ थाना के रईठी गाँव में एक शादी समारोह अचानक पहले अफरातफरी और फिर मातम के माहौल में बदल गया।सलखुआ थाना के रामनगर से रईठी गाँव के साजो चौधरी के घर बरात आई थी लेकिन गाँव के दबंग और इलाके के मुखिया राजेश चौधरी के भाई विकेश चौधरी ने शराब के नशे में धुत्त होकर एक बाराती को गोली मार दी।गोली 25 वर्षीय युवक मिथिलेश चौधरी को लगी है जिसे गंभीर स्थिति में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।जख्मी की स्थिति नाजुक है।बताना लाजिमी है की इस हादसे की वजह से शादी की रस्म पूरी नहीं हो पायी और बारात और दुल्हा बिना शादी के ही वापिस हो गया।
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉक्टर आर.एस.राम जख्मी मरीज की स्थिति को काफी गंभीर और नाजुक बता रहे हैं।इनका कहना है की कई डॉक्टर इसके उपचार में लगे हुए हैं।उनकी तरफ से हर संभव कोशिश की जा रही है।
शराब और नशे की वजह से गोली चली और एक घर बसने से पहले तत्काल मातम के घने कोहरे में समा गया।रब जाने इस जख्मी का क्या होगा।सवाल यह भी बड़ा है की अभी उस बच्ची पर क्या बीत रही होगी जिसकी सजी मांग बिना सिंदूर के कितने दर्द और टीस परोस रहे होंगे।

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।