जनवरी 31, 2017

शहर को बहुत जल्द जल जमाव से मिलेगी मुक्ति......

वर्षों से जल जमाव से जूझ रहे सहरसा वासियों को मिल रही है नयी सौगात...... 
सदर एस.डी.ओ. के नेतृत्व में अधिकारियों का हुआ दौरा .......
सहरसा टाईम्स की EXCLUSIVE रिपोर्ट---  
सहरसा नगर से जल जमाव की समस्या के निदान हेतू श्री अमलेंदु कुमार, परियोजना प्रबंधक, बुडको की तीन सदस्यीय पदाधिकारियों की टीम ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में मो० जहाँगीर आलम, अनुमण्डल पदाधिकारी सदर सहरसा के साथ भ्रमण किया। 
टीम ने न्यू कॉलोनी, नया बाजार, सराही मोहल्ला, महावीर चौक, चांदनी चौक, सहरसा बस्ती, गौतम नगर, पटेल नगर, कायष्थ टोला, फ़क़ीर टोला, गंगजला, कोशी चौक इत्यादि स्थानों का भ्रमण कर जल निकासी की समस्या के समाधान हेतू नाला बनाने के लिए बेहतर स्थान का निरीक्षण किया। पुनः 7/2/2017 को अंतिम रूप से इसकी जांच कर इस बड़ी योजना पर निर्णय लिया जायेगा। इस मौके पर के०के०नारायण, कार्यपालक अभियंता पी०ई०ऐच०डी०, ओम प्रकाश सिंह, इ०इ०डूडा, दिनेश राम, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद , सहरसा मौजूद थे। उम्मीद है शीघ्र ही सहरसा वासियों को जल जमाव से मुक्ति मिल जायेगी ।

मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है ----- आनन्द मोहन


मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट----सहरसा जेल में बन्द पूर्व सांसद आनद मोहन ने आज मंगलवार को बड़ा और सनसनीखेज बयान दिया है । 
एक मामले में पेशी के लिए सहरसा कोर्ट पहुंचे आनंद मोहन ने पत्रकारों को चलते--चलते कहा मेरी हत्या की सहरसा जेल में साजिश रची जा रही है ।खुले सफे से उन्होंने कहा की मेरी सजा अब पूरी होने जा रही है, इसका फायदा कुछ लोग मेरी हत्या करके उठाना चाहते हैं । उन्होनें जेल के अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा की इन अधिकारियों के द्वारा जेल में गुटबाजी को प्रश्रय दिया जा रहा है ।इन्होंने जेल के भीतर चल रहे खेल--तमाशे का भी खुलासा करते हुए कहा की खुलेआम जेल के भीतर शराब और अन्य मादक पदार्थ पहुँचता है, जिसका कई बन्दी सेवन कर के जेल के भीतर हुड़दंग मचाते हैं ।इसके अलावे जेल में बन्द कई कुख्यात और दबंग बंदी थोक में मांस और मछली मंगाकर समय--समय पर पिकनिक मनाते हैं ।
बताना लाजिमी है की पूर्व सांसद गोपालगंज के तत्कालीन डीएम जी कृषनैया ह्त्या मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं ।नौ वर्षों से ज्यादा वे जेल में बिता चुके हैं ।फिलवक्त वे अभी सहरसा जेल में बंद हैं ।आनंद मोहन ने कहा की जेल के भीतर वे सदैव बंदियों के हित के लिए गर्मजोशी से आवाज उठाते हैं ।इससे भी वे जेल प्रशासन की  आँख की किरकिरी बने रहते हैं ।वे साजिश के शिकार होकर सजा काट रहे हैं ।वे राजनीतिक बंदी हैं कोई अपराधी नहीं ?जेल प्रशासन के रवैये से जेल में बंद कई अराधियों का मनोबल सातवें आसमान पर है । 
 उन्होनें आजतक ना तो कभी घुटने टेके हैं और ना ही उन्हें,मौत का कोई भय है ।लेकिन उन्हें साजिश की बू आ रही है ।इसलिए वे जेल प्रशासन,राज्य सरकार और आम जनता तक यह संवाद पहुंचा रहे हैं ।उन्हें सब से ज्यादा भरोसा,अदालत,जनता,ईश्वर और खुदी पर है । बताना लाजिमी है की बीते कुछ दिनों से जेल की स्थिति ठीक नहीं है ।कई बार पगली घंटी बजी है और बंदियों की पिटाई हुयी है ।मुख़्तसर में कहें,तो,जेल के हालात सही नहीं है ।इस मामले में राज्य मुख्यालय में बैठे जेल अधिकारी को सीधा हस्तक्षेप करना चाहिए,ताकि किसी तरह की कोई अनहोनी ना हो ।

CRPF जवान ने अपनी गर्दन काटकर चढ़ाई बलि

सीआरपीएफ जवान ने अपनी गर्दन काटकर चढ़ाई बलि......

माँ छिन्नमस्तिके मन्दिर में खुद की दी बलि......
मन्दिर परिसर में मचा कोहराम......
मृतक संजय नट बिहार के बक्सर जिले के बलियापुर गाँव का था रहनेवाला........
मन्दिर में लगा ताला,तत्काल पूजा--अर्चना हुयी बन्द......
पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी........
अंधविश्वास में बलि या फिर आत्महत्या ?

रामगढ़(झारखंड)से मुकेश कुमार सिंह की खास रिपोर्ट-----यहां के रजरप्पा थाना क्षेत्र स्थित मां छिन्नमस्तिका मंदिर परिसर में एक व्यक्ति ने मंगलवार की सुबह पहले तो पूजा--अर्चना की,उस के बाद खुद का गला रेत डाला ।मौके पर ही उसकी मौत हो गयी ।मन्दिर परिसर में खून की अविरल धारा बह रही थी जिसे देखकर मंदिर में पूजा कर रहे लोगों के बीच खलबली मच गयी । लोग चीत्कार करने लगे ।सही मायने में इस जघन्य और क्रूरतम घटना से लोगों के बीच भगदड़ मच गयी ।लोग डरे--सहमे और सकते में थे की ये क्या हो गया और वे अब क्या करें ?मन्दिर प्रबंधन ने इस घटना की सूचना पुलिस को दी । मौके पर पहुंची पुलिस ने लाश को कब्जे में ले लिया और तत्काल मन्दिर में ताला लगवाकर पूजा--अर्चना रोक दी ।
क्या कह रहे हैं लोग ?
मन्दिर के आसपास घटना के समय मौजूद लोगों ने बताया कि इस व्यक्ति ने मंदिर में पहले मां छिन्नमस्तिके की पूजा--अर्चना की,फिर मंदिर की परिक्रमा की और उसके बाद अपने साथ लाये कटार से माँ के सामने खुद की बलि चढ़ा दी । लोगों ने यह भी बताया की बीते कल यानि सोमवार को भी मृतक शख्स मंदिर आया था और उसने माँ की पूजा अर्चना की थी ।अब ना जाने क्या वजह थी की उसने अपनी बलि देकर अपनी ईहलीला खत्म कर ली ।
कौन है यह मृतक ?
मृतक व्यक्ति की पहचान बिहार के बक्सर जिले के बलियापुर गांव निवासी 45 वर्षीय संजय नट के रूप में की गई है ।संजय सीआरपीएफ का जवान था और फिलवक्त हजारीबाग में तैनात था ।दो दिन पूर्व ही वह अपने गाँव से वापिस अपनी ड्यूटी पर लौटा था ।


क्या कहती है पुलिस ?

मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी ने बताया की प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संजय को सोमवार से ही मंदिर परिसर के आसपास देखा गया था ।आज मंगलवार की सुबह उसने मां छिन्नमस्तिका की पूजा की और फिर मंदिर की परिक्रमा करने लगा ।इसी दौरान उसने खुद के साथ लाए कटार से मंदिर के मुख्य द्वार के पास अपना गला रेत डाला ।इस घटना में मंदिर के मुख्य द्वार पर खून फैल पड़ा और संजय वहीं गिर गया ।उसकी मौके पर ही मौत हो गई ।मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया है और तत्काल पूजा--अर्चना बन्द कर दी गयी है ।पुलिस अधिकारी ने संजय के पॉकेट की तलाशी ली तो एक कागज मिला,जिससे उसकी पहचान हुई ।कागज में मिले फोन नम्बर से उसके घरवालों को सूचना दे दी गई है ।पुलिस इस मामले को आत्महत्या का मामला मानकर काण्ड अंकित कर के अनुसंधान में जुट चुकी है की आखिर किस वजह से संजय ने अपनी जान दी है ।
क्या कहते हैं मृतक के परिजन ?
मृतक के परिजनों के अनुसार,संजय की मानसिक स्थिति बिल्कुल ठीक थी और वो जब भी गाँव आता था,तो,खेती-किसानी का काम करता था । उसका घर में किसी से कोई विवाद या झगड़ा भी नहीं हुआ था ।मृतक संजय को दो बेटी और दो बेटे हैं ।हमने मृतक की पत्नी शारदा देवी से मोबाइल पर बात करनी चाही लेकिन वह बदहवास थीं और कुछ भी बताने में असमर्थ थीं ।

बेहद खास बात-----

संजय ने जिस कटार से अपनी बलि दी,ठीक उसी तरह की कटार माँ छिन्नमस्तिके के हाथ में भी है । लोगों का यह भी कहना है की सम्भव है की संजय तंत्र--मन्त्र के चक्कर में,या फिर किसी मन्नत को लेकर खुद की बलि दी है ।
पुरातन काल की याद हुयी ताजा ---
रौंगटे खड़े करने वाली और रूह को थर्रा देने वाली इस घटना ने पुरातन काल की यादें ताजा कर दी है ।उस काल में अंधविश्वास और तंत्र--मन्त्र के चक्कर में ऐसी घटना बाहेआम घटती रहती थी ।तभी समाज के चिंतकों और समाज सुधारकों ने भगीरथ प्रयास कर के लोगों को अंधविश्वास से निकालकर ना केवल नयी रौशनी दिखाई थी बल्कि नए समाज का निर्माण भी किया था ।
आखिर इस घटना की क्या वजह हो सकती है ?
हमने अपने चश्मे नजर से इस घटना को तह में उतरकर देखना चाहा ।हर एक पहलू पर गहन मंथन किया है ।हमारी समझ से घटना की तीन वजहें हो सकती हैं ?पहली वजह यह है की संजय नट ने तंत्र--मन्त्र के चक्कर में इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया ।दूसरी वजह यह है की उसने किसी मन्नत की वजह से यह कदम उठाया । तीसरी वजह कोई गंभीर पारिवारिक बात थी जिसने उसे मरने को मजबूर किया ।
आगे पुलिस की तफ्तीश जारी है ।पुलिस आत्महत्या का मामला मानते हुए जांच में जुटी हुयी है ।आगे यह देखना बेहद जरुरी है की पुलिस की जांच में क्या कुछ निकलकर सामने आता है ?वैसे इस घटना ने जहां एक परिवार के मुखिया को खत्म किया है,वहीं सभी को सकते में भी ला दिया है ।इस घटना से मृतक के साथ--साथ जिन्हें जानकारी मिल रही है,वे सभी अंतरतम से दुःखी हैं ।

आपसी विवाद में आधा दर्जन घायल....

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट --- सदर थाना क्षेत्र के संतनगर में आपसी विवाद को लेकर हुई मारपीट में एक महिला समेत आधा दर्जन से अधिक लोग घायल । दो की हालात गंभीर ।सभी घायल सदर अस्पताल में भर्ती ।
सहरसा टाईम्स रिपोर्ट-----
यह बच्चा कहीं से भटककर सौर बाजार प्रखंड के सहुरिया पूर्वी पंचायत के रूपौली गांव पहुंच गया है ।बच्चा अभी रूपौली गांव के महेश्वर पंडित के घर पर है ।वह अपना नाम पता नही बता रहा है ।अगर किन्हीं को इसके बारे में कोई जानकारी हो,तो इसे,इसके परिजन से मिलाने की महती कोशिश करें ।

जनवरी 30, 2017

आखिर कौन है गुनहगार ?

★ आज के महंगाई के युग में जहां तीन सौ रुपया प्रतिदिन एक दैनिक मजदूर को मिलता है वही इस मासूम बच्चे को महज तीन सौ रुपया महीना पर खटाया जा रहा था।
★ मृतक मासूम बच्चे की मौत गरीबी और लापरवाही सही समय पर इलाज नहीं होने के कारण उसकी मौत हो गई *इसका गुनहगार कौन विशुनदेव मेहता या सरकार*
★ अब तो बड़ा सवाल यह उठता है की इस मासूम बच्चे को विषैला सांप ने काट लिया या कुछ और इस बच्चे की मौत के साथ ही दफन हो गई वास्तविक सच्चाई.
वहीं विशुनदेव मेहता कुछ लोगों को हजार 10 हजार 5 हजार देकर मैनेज कर इस मामले को दबाने में जुटे हुए थे .*

=== तेजस्वी ठाकुर की विशेष रिपोर्ट ===

*कोसी क्षेत्र* में आज भी गरीबों का शोषण जारी है. जब समाज के निचले पायदान पर बसे हुए गरीबों तक विकास पहुंचा ही नहीं तो फिर किसका हुआ विकास ? आज भी गरीबों का भविष्य अंधकार में डूबा हुआ है. बचपन मजदूरी करने को बेबस है. *न्याय के साथ विकास, ढिंढोरा खुद पीट रही सरकार, क्या है हकीकत बिहार का आज दिखा रहा सहरसा टाईम्स *
*सरकार अपने ही जुबान से कहते नहीं थकती *

*न्याय के साथ विकास,*
गरीबी ने मजबूर कर दी मजदूरी करने के लिए इस मासूम बच्चे को . सर पर से मां का साया पहले ही उठ चुका था पिता दिव्यांग है जो चलने फिरने से असमर्थ है। दिव्यांग पिता राजो चौधरी को तीनो पुत्र का भार और भोजन का खर्च उठा पाने में असमर्थ था । आज उदाहरण स्वरूप सहरसा जिले के सोनबरसा राज थाना क्षेत्र का यह मृतक मासूम बच्चा है गरीबी ने इसकी बचपन छीन ली और जिंदगी भी विशुनदेव मेहता के यहां तीन सौ रुपया महीना पर नौकरी लगा दी नीरज को . जो सबसे छोटा पुत्र था नीरज *न्याय के साथ विकास वाली सरकार में* सोनवर्षा राज थाना क्षेत्र के बेहटा मोहनपुर के विशुनदेव मेहता के यहां 10 वर्षीय मासूम सा बच्चा नीरज जो महज तीन सौ रुपया महीना पर मजदूरी कर रहा था ।
जहां आज इस मासूम बच्चा नीरज को मकई की तैयारी के दौरान विशुनदेव मेहता के घर पर विषैले सांप ने काट ली जिससे उसकी मौत हो गई . जहां यह मासूम मजदूरी करता था। *जिसका फायदा गांव के विशुनदेव मेहता जैसे लोग गरीबों का शोषण आज के महंगाई के युग में तीन सौ रूपया महीना पर बाल मजदूरी खुलेआम कराते हैं .* खेलने की उम्र में गरीब बच्चों को अपना पेट पालने की भार खुद उठानी पड़ रही है अपने घर की जीविका चलाने की बोझ इन मासूम से बच्चों के कंधों पर ही टिकी रहती है आखिरकार करे तो क्या करे घर में पिता दिव्यांग है जो चलने फिरने से लाचार है और भी दो भाई भले ही सरकार या प्रशासन इस गरीब मासूम बच्चों के परिजन को मुआवजा दे या ना दे *पहला मुआवजा विशुनदेव मेहता को देना चाहिए था ?*. क्योंकि विशुनदेव मेहता के घर पर यह बच्चा मजदूरी कर रहा था ? इलाज में लापरवाही के दौरान इस मासूम बच्चे की मौत हो गई।
जहां विशुनदेव मेहता के घर पर मजदूरी के दौरान इस मासूम बच्चे की मौत हो गई जहां परिजन को मुआवजा देना चाहिए था .? वहीं विशुनदेव मेहता कुछ लोगों को हजार 10 हजार 5 हजार देकर मैनेज कर इस मामले को दबाने में जुटे हुए थे । किसी तरह का सरकारी मदद और ना ही सरकारी लाभ नहीं मिल पाना यही न्याय के साथ विकास है गरीबी ने बचपन छीन ली और मजदूरी करने को बेवस कर दिया ।अब दिव्यांग पिता का एक सहारा ही छीन लिया भगवान यही कहते हुए रोती-बिलखती रही चाची और उसकी भाभी यहां तक कि इस मृतक बच्चा का नाही दिव्यांग पिता पहुंच पाया पहुंचा तो बस उसकी बड़ी चाची और भाभी सदर अस्पताल के बरामदे पर मृत पड़ा हुआ था यह मासूम बच्चा । वही पुलिस पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की तैयारी में जुटी हुई थी. वही परिजन ने गुहार लगाई की अब क्या बचा हुआ है इस मासूम बच्चे के साथ अब क्या होगा जोकि पोस्टमार्टम तो बहुत की हुई उसको क्या मिला जो इस मृतक मासूम बच्चे और उसके परिजन को मिलेगा .? बिना पोस्टमार्टम के ही घर ले गया परिजन मासूम बच्चे को.
*क्या यही न्याय के साथ विकास है*
*इसका गुनहगार कौन विशुनदेव मेहता या सरकार*

सड़क दुर्घटना में शिक्षक की मौत.....

सहरसा टाईम्स रिपोर्ट :  जिले के बसनही थाना क्षेत्र  मोकमा पंचायत के सुथनियॉ गॉव वार्ड नं:-02 निवासी रंधीर यादव (शिक्षक )का निधन सोमवार की सुबह मधेपुरा मोटर साईकिल से जाने के क्रम में पतरघट प्रखंड के कहरा मोड़ के पास ट्रेक्टर से टकराने के दौरान मौत हो गया ।

देहद पंचायत में सर्पदंश से मासूम की मौत.....

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट----
सोनबरसा प्रखंड क्षेत्र के देहद पंचायत अन्तर्गत मोहनपुर गांव मे रविवार की सुबह सांप काटने से एक बारह वर्षीय बालक की मौत हो गई ।
घटना के बाबत मिली जानकारी अनुसार मोहनपुर गांव निवासी राजो चौधरी का पुत्र नीरज कुमार(12वर्ष) गांव के ही विष्णु देव मेहता के दरवाजे पर मक्का की तैयारी कर रहा था । कि अचानक  उसे विषैले सांप ने काट लिया । परिजनो के द्वारा  आनन-फानन मे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवरसा  इलाज हेतु लाया गया । जहां स्थिति चिंताजनक देख चिकित्सको ने समुचित ईलाज हेतु सदर अस्पताल सहरसा रेफर कर दिया । जहां उसकी मौत हो गई । घटना के बाद परिजनो पर दुखो का पहाड टूट पड़ा । वही पूरे गाँव मे मातमी सन्नाटा छा गया । घटना की जानकारी मिलने के बाद पंचायत के मुखिया तुम सिंह, समाजसेवी रौशन कुमार सिंह, सहित कई अन्य लोगो ने पहुंचकर पिडित परिवारो को ढाढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया

जनवरी 29, 2017

अवैध टैम्पू स्टैंड से लोगों को हो रही है परेशानी

लम्बे समय से फल--फूल रहा है,अवैध स्टैंड.....
जिला प्रशासन बना मूकदर्शक.....
सहरसा टाईम्स ने पूर्व में भी दिखाई थी खबर ।लेकिन अब--तक नहीं बदली तस्वीर....
मो० अज़हर उद्दीन की रिपोर्ट-------- 
सहरसा जिला मुख्यालय के महावीर चौक,मौसोमात पोखर और मीर टोला से लेकर रिफ्यूजी कॉलोनी तक अवैध टैम्पू स्टैंड का महाजाल फ़ैलता जा रहा है जिससे स्थानीय लोगों के साथ--साथ सड़क पे चल रहे मुसाफिरों को काफी मुसीबतों का सामना करना पर रहा है ।सड़क किनारे टैम्पू लगाने के कारण सड़क की चौड़ाई कम पड़ गई है जिससे सड़क के बीच छोटी बड़ी गाड़ियों के आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है और जिससे सड़क हादसे का भय लगातार बना रहता है ।
आये दिनों सड़क हादसे में मौत होने से लोगों की जान असमय जा रही है लगातार मृतकों के परिजनों द्धारा आक्रोशित मुद्रा में सड़क जाम करना या अन्य किसी तरह का आन्दोलन करना जिला प्रशासन के लिए काफी सिर दर्द बन रहा है ।लेकिन जिला प्रशासन के द्धारा फिर पुरानी कहानी को दोहराया जाता है मुआबजा की राशि का लोभ देकर उग्र आन्दोलन को रोका जाता है ।लेकिन परिवार का वो सदस्य जिसकी मौत सड़क हादसे में हो जाती है वह पुनः दोबारा वापस नहीं आ सकता ।अगर हम मुआबजा राशि देने के बदले पूरी सिस्टम को सुधार कर काबू में रखे तो ये आये दिन होने वाले इस सड़क हादसे में काफी कमी देखने को मिलेगी ।लेकिन यहाँ तो खाकी को जेब भरने से फुर्सत ही नहीं है ।अवैध स्टैंड के पास पल रहे स्टैंड ठेकेदार से लेकर खाकी वर्दी वाले तक इस अवैध टैम्पू स्टैंड की कमाई खाते है भला इसे किसी की सड़क दुर्घटना में होने वाली मौत या किसी आम जनों के परेशानीयों से इन्हें कैसा सरोकार ।
आगे बताना लाजमी होगा की स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक ट्रैफिक इन्चार्ज (नागेन्द्र यादव) और स्टैंड ठेकेदार के मिली भगत से रोज सड़क किनारे दर्जनों टैम्पू लगती है जो यहाँ से सवारी को लेकर कोशी तटबंध के अंदर,बलवाहाट,मेहसरों,चैनपुर और कई जगहों के जाती है ।अगर इस सड़क से कभी बड़े हाकिम या बड़े नेता का काफिला गुजरने वाला होतो ट्रैफिक इन्चार्ज के दिशा निर्देश पर वो सड़क कुछ देर के लिए बिना टैम्पू लगे तैयार हो जाता है ।लेकिन अब--तक ना तो जिला परिवहन विभाग या ना ही सहरसा पुलिस के द्धारा इस मसले को गम्भीरता से लेकर सख्ती दिखाई गयी है ।समय रहते अगर इस अवैध टैम्पू स्टैंड पर लगाम नहीं लगा तो आज हो या कल इस सड़क मार्ग में सड़क दुर्घटना होना तय है ।            

जनवरी 28, 2017

बिहार स्पोर्ट्स मीट तरंग प्रतियोगिता का आयोजन....


जीतापुर से पिन्टू भगत की रिपोर्ट – सदर प्रखंड के संकुल संसाधन केन्द्र नर्सिंगबाग में बिहार स्पोर्ट्स मीट तरंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया.
जिसका उदघाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी जनार्दन प्रशाद निराला, रघुनन्दन दास , समन्वयक कृष्ण कुमार, एच.एम. प्रभाष कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस मौके पर उन्होंने कहा खेल से बच्चों का शारीरिक एवम मानसिक विकास होता है. खेल से बच्चों में प्रतिभा का निखार होता है.
 इस खेल में १०० मीटर दौर ४०० मीटर दौर लंबी कूद, ऊँची कूद, भाषण प्रतियोगिता, क्विज प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमे संकुलाधीन सभी विद्दालयों ने भाग लिया। इस मौके पर सतीश कुमार, धर्मेन्द्र कुमार ,कलानंद राम ,बारह्मदेव मंडल सहित विद्यालय के सभी टीचरमौजूद थे. 

प्रमंडलीय स्तर पर आक्रोशित शिक्षकों ने दिया धरना.....

मांगें पूरी नहीं हुई तो मूल्यांकन बहिष्कार का लेगे निर्णय.....
 कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट------- शिक्षक जहाँ एक गुरु के रूप में जाने जाते है वही देश के लिए छोटे--छोटे बच्चों के भविष्य का निर्माण कर्ता  भी कहे जाते है बच्चों की बचपन को अक्षर ज्ञान से लेकर देश स्तर पर उनके नाम को रौशन करने में उनकी अहम भूमिका होती है। वही देश का नाम भी रौशन होता है जिस देश में शिक्षको व गुरुओं के साथ सरकार की दोहरी नीति हो तो उस देश के बच्चों का भविष्य का क्या होगा कारण शिक्षा जगत में अलख जगाने वाले शिक्षक ही दौहरी नीतियों का शिकार हो और अपने अधिकारी की लड़ाई लड़ने के पीछे सड़क पर उतर जाय तो निश्चित रूप से स्कूली बच्चों का भविष्य शिक्षा से दूर हो जायेगा।
दूर्भाग्य है की सरकार और शिक्षकों के बीच इस लड़ाई में सामंजस ना हो पाना।  इन दिनों अपने विभिन्न मांगों को लेकर शिक्षकों द्धारा लगातार आंदोलन जारी है इस आंदोलन से स्कूली बच्चों और शिक्षा पर प्रतिकुल असर पर रहा है. बावजूद ना तो राज्य सरकार गंभीर हो रही है ना ही शिक्षकगणों का आंदोलन में कोई नर्मी दिखाई दे रही है। पिछले कई महीनों से सरकार और शिक्षकों के बीच माँग को लेकर आंदोलन जारी है।  

कोशी प्रमंडल माध्यमिक शिक्षक संघ, पटना के आह्वान पर प्रमंडल स्तर पर समान काम के बदले समान वेतन को लागू करने की माँग को लेकर स्थानीय सहरसा स्टेडियम के मुख्य द्धार पर कोशी प्रमंडल माध्यमिक शिक्षक संघ,सहरसा के द्धारा एक दिवसीय धरना कार्यक्रम आयोजित की गयी जिसमें कोशी प्रमंडल के सहरसा,सुपौल व मधेपुरा जिला के सैकड़ों शिक्षकों ने धरना में भाग लिया ।इस मौके पर कोशी प्रमंडल माध्यमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष रंजीत प्रसाद सिंह ने धरनार्थियों को संबोधित करते हुए कहा की राज्य सरकार हम शिक्षकों के साथ दोहरी नीति अपना रही है उन्होंने कहा की माननीय सर्वोच्च्य न्यायालय के न्याय निर्णय के आलोक में समान काम के बदले समान वेतन देने की माँग करते हुए कहा की राहुल सिंह वित सचिव द्धारा नियोजित शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा लागू नहीं करने से शिक्षकों में आक्रोष व्याप्त है ।
जब तक सरकार समान काम की समान वेतन की घोषणा नहीं करती है तो मूल्यांकन बहिष्कार का निर्णय लेकर हम शिक्षकों का आंदोलन जारी रहेगा ।धरना कार्यक्रम में मंच संचालन प्रमंडलीय सचिव परमेश्वरी यादव ने किया इस मौके पर उपाध्यक्ष प्रभात रंजन,संयुक्त सचिव सुरेश कुमार भूषण,सदा शिव झा,डॉ० विंदेशर मंडल (सुपौल अध्यक्ष),सचिव दीपक कुमार,डॉ० अरुण कुमार यादव,संयुक्त सचिव मा० शि० संघ सुरेश सिंह,हारून (सचिव मधेपुरा),नवीन कुमार नवीन (अनुमंडल सचिव),रमेश प्रसाद सिंह (कार्यकारणी ),कुमारी पुष्पा,कृष्ण कुमार (मधेपुरा),प्रभाकर कुमार,कुमारी आनंद भारती,रेखा सिन्हा,गीतांजलि,राजीव रंजन,अनिल कुमार दास,राजेश झा,राजेश कुमार,गोपाल झा,आदि ने भी संबोधित किया ।               

जितापुर में चोरों का आतंक .........

जीतपुर से पिन्टू भगत की रिपोर्ट –----- मुरलीगंज थाना छेत्र के अन्तर्गत भतखोरा बाज़ार में शुक्रवार की रात्रि दो दुकान एवं दो घरों से नकदी पच्चीस हज़ार रूपये व सामान चोरों ने चोरी कर ली. जानकारी अनुसार भतखोरा बाज़ार के आर्यन मोबाईल दुकान से भी चोरों ने कुछ रूपये ओर सामान उड़ा ले गए. 
 दूकानदार चन्दन कुमार ने कहा की ये घटना रात के दो से तीन बजे के बीच की है. दूसरी ओर दुर्गा स्थान के पास पान दुकान से लगभग दस हज़ार रूपये मूल्य के सामान एवम कुछ केस भी चोरों ने ताला तोड़कर घटना को अंजाम दिया। 

दूकानदार शिवा यादव ने बताया रात को ही दुकान में सामान लगाया था महाजन से कर्ज लेकर अब महाजन को कहाँ से रूपये देंगे सब लूट गया. वही बाजार के पास ही मंटू सिंह ,एवम सिंटू सिंह के घर के बरामदे से पानी वाला मोटर चोरी हो गई जब की मोटर को लाए हफ्ता भी नहीं बिता था.
मामले की जानकारी मिलने पर थाना से एस आई सुधीर पासवान अपने दल बल के साथ पहुच मामले की जाच की ओर कहा सभी पीरित आवेदन दे तब आगे की करवाई की जायेगी।
इस तरह चोरी की वारदात से बाज़ार में दहशत व्याप्त हो गया है क्योंकि पहले भी इस पंचायत में चोरी की घटना होते रही मगर अब तक चोर पकड़ा नहीं गया. 

रिफ्फुजी कॉलोनी में अपराधियों ने फिर चलाई गोली... एक जख्मी

बिग ब्रेकिंग सहरसा टाईम्स  ---
सदर थाना के रिफ्यूजी चौक स्थित केसरी वस्त्रालय में अपराधियों ने की लूट पाट । लूट के दौरान वस्त्रालय के एक कर्मी रमेश झा को मारी गोली । गंभीर स्थिति में कर्मी को लाया गया है सदर अस्पताल।
बताना लाजमी है कि रिफ्फुजी कालोनी अपराधियों का अड्डा बनता जा रहा है जहाँ अपराधी निरंतर घटनाओं को अंजाम देकर बड़े आराम से निकल जाते है वही पुलिस प्रशासन अपराधियों को पकड़ पाने में असफल रहती है. 

साईं चाकर समिति द्वारा भंडारा का आयोजन

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट--- आज साईँ चाकर समिति,सहरसा द्वारा भण्डारा का शुभारम्भ किया गया ।भंडारा राम जानकी मंदिर परिसर, शंकर चौक सहरसा में आयोजित की गई ।
 भण्डारा का प्रारम्भ भगवान् शिरडी के साईँ बाबा के मोहक मूर्ति की पूजा अर्चना तथा प्रसाद का भोग अर्पित करने के बाद मो० जहाँगीर आलम, एस०डी०ओ० सहरसा सदर के द्वारा प्रसाद वितरण कर भंडारा का प्रारम्भ किया गया । इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित भक्तों के बीच प्रसाद वितरण जारी है ।

करोड़ों की हेराफेरी करने वाला शातिर गिरफ्तार


बिग ब्रेकिंग सहरसा टाईम्स --------
करोड़ों की हेराफेरी करने वाला शातिर गिरफ्तार ।सदर थाना के मल्लिक चौक से हुयी गिरफ्तारी ।जीवन समृद्धि नाम से चला रहा था चिटफंड कम्पनी । गिरफ्त में आया शातिर नवीन दंडसेना असम का है रहने वाला ।

जनवरी 27, 2017

मानवता, इंसानियत और रिश्तों की एक साथ उड़ी धज्जियां ......


एक शख्स ने अपनी जीवनसंगनी....
बेटा और बेटी को जिंदा जलाकर दफनाया.... 
आरोपी शख्स फरार,जांच में जुटी पुलिस ......
सहरसा(बिहार) से मुकेश कुमार सिंह की खास रिपोर्ट---  
आज रिश्तों को घुन्न लग गए हैं । इंसानियत और मानवता कहीं गुम सी हो गयी है ।आदमी,आदमी नहीं,हैवान और शैतान बन गया है ।सहरसा के सलखुआ थाना के पुरैनी गाँव में घटी घटना ने ना केवल रिश्तों का सर कलम किया है बल्कि बर्बरता और क्रूरता की नयी कहानी लिख दी है । डोमी ठाकुर नाम के एक शख्स ने अपनी पत्नी मीणा देवी,6 वर्षीय पुत्र सत्यम एवं 8 वर्षीय पुत्री सोनम कुमारी को पहले तो बेदर्दी से जिंदा जलाकर मार डाला फिर लाश को मवेशी के चारे रखने वाले घर में दफना दिया ।उसने इस घटना को इस बारीकी से बीती रात अंजाम दिया की इसकी तनिक भी भनक किसी को नहीं लगी ।आज सुबह जब पड़ोसियों ने मीणा देवी और बच्चों को नहीं देखा,तो,सभी के कान खड़े हो गए ।लोग समझ गए की डोमी ने तीनों की हत्या कर लाश को कहीं छुपा दिया है ।ग्रामीणों ने पुलिस को इस जघन्य घटना की फौरन सूचना दी । 
मौके पर आनन्--फानन में पुलिस के अधिकारी और जवान पहुंचे और उन्होनें छुपाए गए शव को मवेशी के चारे रखने वाले घर की जमीन खोदकर खोज निकाला ।जमीन के भीतर गाड़ी गयी अधजली लाश को देखकर सभी के रोंगटे खड़े हो गए । घटना के बाबत मिली जानकारी के अनुसार डोमी ठाकुर को शक था की उसकी पत्नी मीणा देवी का अवैद्य सम्बन्ध गाँव के ही रोहित ठाकुर से था और दोनों बच्चे उसके नहीं बल्कि उनदोनो के अवैद्य सम्बन्ध की निशानी थी ।अवैद्य सम्बन्ध को लेकर बराबर घर में पति--पत्नी के बीच मारपीट होती थी ।अक्सर पड़ोसियों के बीच---बचाव से मामले को शांत कर लिया जाता था ।लेकिन इसबार डोमी के धैर्य ने जबाब दे दिया और वह इंसान से शैतान बन गया और तीनों को जिंदा जलाकर पहले तो मार डाला फिर लाश को भी करीने से ठिकाने लगा दिया ।इस घटना से पुरे इलाके में सनसनी है । ग्रामीण गमजदा और भौचक हैं की ऐसी वीभत्स घटना भी घट सकती है क्या ?क्या एक पति और एक पिता इस तरह की रूह को कंपकंपाने वाली घटना को अंजाम दे सकता है ?ग्रामीण की आँखों में कई सवाल तैर रहे हैं ।
इस घटना के बाबत एसडीपीओ अजय नारायण ने बताया की अब तक की जानकारी के मुताबिक अवैद्य संबंध होने के शक के कारण मीणा देवी और बच्चों की हत्या डोमी ठाकुर ने जलाकर कर दी है ।हांलांकि अपने पुत्र-पुत्री और पत्नी की हत्या कर वह फरार हो गया है लेकिन जल्दी ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी । इस जघन्य घटना ने मानवीय संवेदना की तेजी से हुयी गिरावट की नयी पटकथा लिख दी है ।आधुनिक समय में ऐसी बर्बर घटना कई तरह के सवाल खड़े कर रहा है ।क्या रिश्ते की गर्माहट अब नहीं रही ?क्या इंसान कभी भी शैतान की शक्ल अख्तियार कर सकता है ?क्या शक और शंका में अपनों की ईहलीला खत्म कर दी जायेगी ?क्या इंसान प्रेम,त्याग,विश्वास,समर्पण,भरोसा और बलिदान की परिभाषा भूल चुका है ?क्या इंसान और जानवर के बीच का अंतर खत्म हो गया है ?डोमी ठाकुर ने जो काम किया है,उसे किसी भी सूरत में माफ करना मुनासिब नहीं है लेकिन बड़ा सवाल यह है की मीणा और दोनों बच्चे अब कभी जिंदा होकर हमारे सामने नहीं आएंगे ।यह घटना क्रूरतम,बर्बर और आदिम युग की यादें ताजा कर रही है ।

जनवरी 26, 2017

1.26 करोड़ की नकदी और 2.4 किलो सोना बरामद...


सहरसा टाईम्स ---
गुजरात के बनासकांठा जिले के मुख्यालय शहर पालनपुर में पुलिस ने आज एक महिला महंत (साध्वी) के घर से 1 एक करोड 26 लाख रूपये की नकदी (सभी दो हजार रूपये के नोट) तथा करीब ढाई किलो सोना बरामद किया। साध्वी को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा आयकर विभाग को इतने बडे पैमाने पर सोने और नकदी की बरामदगी की सूचना दे दी गयी है। 

देश भक्ति की गीतों से गूंजा शहर....

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट------ जिले में 68वां गणतंत्र दिवस बड़े ही उत्साह पूर्वक धूम--धाम से मनाया गया. ग्रामीण क्षेत्रो से लेकर शहरों तक उत्साह का माहौल देखा गया. 

गणतंत्र दिवस पर गाँव व शहर में विभिन्न जगहों पर तिरंगे झंडे को फहरा कर सलामी दी गयी. वही देश की आजादी में शहीद वीरों की वीरता और कुर्वानी को भी याद करने के साथ साथ राष्ट्रीय गीतों की गूंज से गुंजायमान रहा । 

इस मौके पर सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में झंडोत्तोलन भी किये गये स्थानीय स्टेडियम में गणतंत्र दिवस पर मुख्य समाहरोह का आयोजन कर झंडोत्तोलन किया गया वही सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर झाकियां भी निकाली गयी । 

साथ ही जिला के प्रशासनिक कार्यालयों में भी तिरंगे को सलामी दी गयी । मुख्य रूप से न्यायालय,आयुक्त कार्यालय,समाहरणालय,डी०आई०जी०कार्यालय,एस०पी० कार्यालय आदि में अधिकारियों द्वारा झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी गयी । 
इसी तरह शिक्षण संस्थानों में भी झंडोत्तोलन किया गया ।इस मौके पर स्टेडियम में पारितोषिक वितरण किया गया ।

जरूरतमंदों के बीच कम्बल वितरण.....

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट-  हमारे देश में दो तरह के लोग बसते हैं एक सत्ता  सम्पन्न धनिकों का तो दुसरा सर्वहारा गरीबो का ऐसी परिस्थिति में गरीबों की अधिकार पर भी बड़े लोग ही काबिज हो जाते थे और गरीब एवं जरूरतमंद अपने अधिकारो से बंचित हो जाते थे ।यही कारण है की आज भी कुछ ऐसे लोग है जिसके कारण हमारे समाज में जरूरतमंद लोग समाज के मुख्य धारा से अलग थलग है और उन्हें सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओ से बंचित होना पर जाता है. 
जबकि हमारे देश की संबिधान में सबको अधिकार दिए गए हैं ऐसे लोगों के लिए सरकार की भी कई योजनाए भी चल रही  है बाबजूद आज भी सरकार की  योजनाए गरीबो तक सही सही नही पहुंच पाती है । 
इसके लिए मानवाधिकार आयोग भी सख्त कानून के तहत  जरूरत मंदों के लिए गम्भीरता से लिये  है । आयोग के लिए मानव अधिकारों की लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक जरूरत मंदों की अधिकार को देने के लिए सुरक्षा उतना  महत्वपूर्ण हो गया है जितना की प्रजातंत्र की सुरक्षा एक ऐसा प्रजातंत्र जो प्रत्येक नागरिकों के हित का ध्यान रखता है 
सहरसा में ऐसे जरूरतमंदों बेबस व लाचारों को जीने का अधिकार,भोजन पानी,आवास,सरकारी योजनाओं व न्याय दिलाने का अधिकार को दिलाने के लिए भारतीय आम जनता मानव अधिकार संगठन सह भारतीय मजदुर अधिकार संगठन के कार्यकर्ताओं ने ऐसे जरूरतमंदों के बीच कम्बल बितरण किया इस बितरण समारोह में विभिन्न  जिले से संगठन के अधिकारियों ने भी शिरकत की संगठन के द्धारा  सहरसा जिले के नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड न० 27 में जरूरतमंदों के बीच कम्बल का वितरण किया गया । 
कम्बल वितरण समारोह का विधिवत उद्धघाटन संगठन के राष्ट्रीय मजदुर संगठन अध्यक्ष अनिल महा सेठ,महिला जिला अध्यक्ष संजना देवी तांती,संगठन जिला अध्यक्ष संतोष कुमार सिंह,संगठन उप सचिव सनोज कुमार,मधेपुरा से आये मो० परवेज,अंकित कुमार सोनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रजवलित कर किया।  मंच संचालन शेखर कुमार रॉय ने की ।इस मौके पर विभिन्न वार्डो के सैकड़ों महिला व पुरुष जरूरतमंदों समारोह में भाग लिया । सबसे दिलचस्प तो यह रहा की इस समारोह में सहरसा जिला पदाधिकारी , अनुमंडल पदाधिकारी व नगर परिषद के कार्यपालक महोदय को आमन्त्रित किया गया था और उनकी स्वीकृति भी मिली थी लेकिन इन जरूरतमंदों के बीच कम्बल बितरण में नही आ सके जबकि इन पदाधिकारियों का इन्तजार भी घण्टो की गयी पदाधिकारियों के हाथ गरीबों को कम्बल बितरण करना था पदाधिकारियों के नही  आने से  लोगों में नाराजगी भी देखने को मिला ।       

सामाजिक संगठन बिहार मोर्चा ने किया झंडोत्तोलन


* मोर्चा के मुख्य कार्यालय परिसर में हुआ झंडोत्तोलन 

* गणतंत्र दिवस के इस मौके पर सैंकड़ों मोर्चा कार्यकर्ताओं ने लिए कई संकल्प
सहरसा(बिहार) से मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट---- 
68 वें गणतंत्र दिवस के मौके पर आज सहरसा के गौतमनगर स्थित बिहार विकास मोर्चा के कार्यालय परिसर में मोर्चा के संयोजक सोनू सिंह तोमर ने झंडोत्तोलन किया । 
मोर्चा के संरक्षक प्रखर समाजसेवी राजेश कुमार सिंह के आवासीय परिसर सह मोर्चा कार्यालय परिसर में हुए इस झण्डोत्तोलन कार्यक्रम में मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे । जाहिर तौर पर गणतंत्र दिवस के इस महापर्व में देशभर में बड़े हर्षोल्लास से झंडोत्तोलन किया गया लेकिन सहरसा में हुए इस झंडोत्तोलन का एक अलग महत्व है जिसमें अकूत सन्देश भरे हुए हैं ।झंडोत्तोलन के बाद मोर्चा के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कई संकल्प लिए जो देश के लिए एक नजीर और बड़ा सन्देश है ।मोर्चा कार्यकर्ता ने गणतंत्र के इस पावन पर्व के मौके पर ना नशा करेंगे और ना नशा करने देंगे,गरीब और असहाय की निःस्वार्थ सेवा और मदद करेंगे । लावारिश और मजबूर मरीज के ईलाज का मुकम्मिल इंतजाम करेंगे,लावारिश शव को उनके धर्म के अनुसार अंतिम संस्कार करेंगे ।यही नहीं आवश्यकता के मुताबिक सदैव रक्तदान को तत्पर रहेंगे,केंद्र और राज्य दोनों की विभिन्य योजनाओं की जानकारी आखिरी पायदान पर लुढ़के लोगों तक ना केवल पहुंचाएंगे बल्कि उन्हें,उनका हक दिलाएंगे ।इसके अलावे भी कई और संकल्प लिए गए ।लेकिन सबसे खास संकल्प यह लिया गया की जाति और धर्म से ऊपर उठकर हर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्य को मोर्चा कार्यकर्ता करेंगे ।
इस मौके पर मोर्चा के संरक्षक राजेश कुमार सिंह ने कहा की बिहार विकास मोर्चा को किसी राजनीतिक दल से कोई लेना--देना नहीं है ।सारे संकल्प को बिना किसी लाभ की अपेक्षा से पूरा करने का उनलोगों ने बीड़ा उठाया है,जो इलाके भर ही नहीं पुरे बिहार में मिल का पत्थर साबित होगा ।मोर्चा के संयोजक सोनू सिंह तोमर ने कहा की आपसी भाईचारे के लिए वे सभी जान की बाजी लगाने से भी गुरेज नहीं करेंगे । मोर्चा का एकमात्र मकसद निःस्वार्थ सेवा है । इस झण्डोत्तोलन और संकल्प कार्यक्रम में मोर्चा के जिलाध्यक्ष राजाराम चौधरी,आशीष रंजन,हरिओम सिंह,रौशन झा,धीरज यादव,आनंद प्रकाश,संजीव बब्लू, रितेश हन्नी,शशि यादव,नीरज चौहान,सुजीत सिंह, राकेश दास,रवि सिंह,जयदेव पासवान,अमित पाठक, मनोज यादव,चुन्नू बिटटू,कैलास सदा, नितिन सिंह सहित सैंकड़ों मोर्चा कार्यकर्ता मौजूद थे ।
बताना लाजिमी है की मोर्चा के इस झंडोत्तोलन और संकल्प के गवाह सहरसा टाईम्स न्यूज ग्रुप के चीफ एडिटर मुकेश कुमार सिंह खुद बने ।

जनवरी 25, 2017

स्कॉर्पियो ने टैम्पू को रौंदा छः जख्मी दो की हालात नाजुक

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट ---बुधवार को बच्चों को मदरसा लेकर जा रही टैम्पू को दरभंगा की ओर से आ रही अनियंत्रित स्कॉर्पियो ने टक्कर मार कर छः लोगों को बुरी तरह से घायल कर दिया ।घायलों को स्थानीय लोगों व उनके परिजनों ने सदर अस्पताल में भर्ती कराया ।घायलों में तीन बच्चियां,दो महिला और एक पुरुष शामिल हैं ।घटना दुमा चौक भेलाही व बहोरबा गांव के समीप की बतायी जा रही है ।स्थानीय लोगों ने बताया की स्कार्पियो चालक अनियंत्रित तेज गति से गाड़ी चला रहा था ।इस दुर्घटना में जहां घायल इस्मत परवीन के पैर टुटने की जानकारी मिली है जिन्हें निजी क्लिनिक में भर्ती कराया गया है वहीं शेष अन्य जख्मी का ईलाज सदर अस्पताल में जारी है । घायलों दो की हालात नाजुक है । दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहन को पुलिस ने जब्त कर लिया है ।स्कार्पियो चालक घटना के बाद फरार होने में कामयाब हो गया ।

छात्र की मौत पर पसरा मातम...


इलाके के लोग भी हैं शोकाकुल......
राजनीतिक दल के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता ने भी जताई गहरी संवेदना ....
शानू की मौत ने विश्वविद्यालय परिवार को भी डाला सदमें में ......
सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट ---मनोहर लाल टेकरीवाल महाविद्यालय के बीएड संकाय में सत्र 2015-17 में नामांकित छात्र कुमार शानू की मौत बाथरूम में पांव फिसलने से हो गई। 23 वर्षीय शानू जिले के कहरा प्रखंड अंतर्गत रहुआमणि गांव निवासी सुनील कुमार सिंह का इकलौता पुत्र था। जानकारी के अनुसार बाथरूम में स्नान करने के दरम्यान शानू का पांव फिसल गया, जिससे उसके सिर में गहरी चोट लग गयी और अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गयी । शानू के मौत की खबर मिलते ही उसके माता-पिता एवं बहन के आंसू थमने का ही नाम नहीं ले रहे हैं ।इस दुःखद घटना पर एमएलटी कालेज के प्राचार्य डॉ केपी यादव एवं बीएड प्रभारी सुप्रिया सिंहा ने छात्र शानू के निधन पर दु:ख व्यक्त करते हुए कहा कालेज ने एक होनहार मेधावी छात्र को खो दिया है। पूरा महाविद्यालय परिवार शानू की मौत से मर्माहत है।
 जानकारी हो की भूपेंद्र नारायण मंडल विश्व विद्यालय के द्वारा बीएड प्रथम वर्ष की परीक्षा मंगलवार से ही शुरू हुई है और शानू परीक्षा में शामिल होने के लिए तैयार हो रहा था कि इसी क्रम में यह हादसा हो गया।इस घटना को लेकर शोकाकुल परिवार से हम (से0) के युवा प्रदेश महासचिव राजन आंनद ने मिल कर सांत्वना दी ।प्रदेश महासचिव राजन आनंद ने कहा की सोनू काफी मिलनसार प्रवर्ति का लड़का था मेधावी होने के साथ- साथ वह सामाजिक सरोकार से जुड़ा हुआ था ।उनका निधन सिर्फ परिवार के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए अपूर्णीय क्षति है। हिन्दू युवा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित आनंद ने कहा कि सोनू प्रतिभाशाली एवं मेहनती छात्र था। महाविद्यालय में उनके स्वभाव की मिसाले दी जाती थी । शोकाकुल परिवार से मिलने वालों में फ्रेंडस आँफ आनंद के जिलाध्यक्ष अजय कुमार बबलू,शंभू सिंह,मनन सिंह महासचिव,सानू सिंह,आकाश सिंह,महबूब अली कैशर,पिंटू कुमार,कुणाल वीरू,विक्की जायसवाल,आशीष आनंद, सोमू आनंद,विशाल विट्टू,पिन्टू यादव आदि मौजूद थे।

ट्रंप का मोदी कनेक्शन......

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट----- बीते कल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात किये।
 प्रधानमंत्री मोदी विश्व के पांचवें नेता हैं जिसे ट्रंप ने राष्ट्रपति बनने के बाद बात की है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा कि ट्रंप भारत को कितनी अहमियत दे रहे हैं यह इस बात से जाहिर है कि अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बनने की शपथ लेने के चौथे दिन ही उन्होंने नरेंद्र मोदी से बातचीत की है। न्यूज़ एजेंसी के अनुसार राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस साल के अंत तक अमेरिका आने का न्यौता दिया है। 

जनवरी 24, 2017

तिरंगों से सजा बाजार....

मो० अजहर उद्दीन की रिपोर्ट----
हर साल की भांति इस साल भी 26 जनवरी 2017 को 68 वे गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जायेगा । जिसको लेकर बाजारों में तिरंगों से लहरता नजारा देखने को खूब मिल रहा है तरह--तरह के बैंच, रिवन, ब्राशलेट और टोपी जैसे सामान तिरंगे के रंगों में डूबा बाजार में खूब मिल रहा है।
गणतंत्र  दिवस के दिन आयुक्त,जिला पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारियों के मौजूदगी में सहरसा जिले के पुलिस लाईन में पूरी तैयारी के साथ तिरंगे को सलामी दी जाती है यहाँ तरह--तरह की झांकी और परेड भी करावाया जाता है जिससे गणतंत्र दिवस को और हर्षउल्लास से सराबोर कर दिया जाता है ।उसके बाद जिले के अन्य प्रशासनिक विभाग,स्कूल,कॉलेज और अन्य जगहों में तिरंगे को सलामी दी जाती है ।        

यहां बीमार बन्दी मरीजों के साथ होता है जानवरों जैसा सलूक ....


वर्षों से अपनी काली करतूत के लिए बदनाम सहरसा पुलिस कुछ भी कर सकती है साहेब
बन्दी मरीज के हाथ में बेड़ी और कमर में रस्सी बांधकर जेल से अस्पताल और अस्पताल से ले जाया जाता है जेल. 
मुकेश कुमार सिंह की दो टूक----
अपनी बिगड़ैल और बेशर्म कार्यशैली के लिए वर्षों से बदनाम रही सहरसा पुलिस कुछ भी कर सकती है साहेब ।रोजाना,हफ्ता और महीना वसूली में माहिर ये खाकी वाले कोई भी जुल्म ढ़ा सकते हैं और कोई भी कहर बरपा सकते हैं । 
ताजा वाकया सहरसा सदर अस्पताल का है जहां एक सप्ताह पूर्व सहरसा जेल में बंद दो बन्दी दिनेश शर्मा और मोहम्मद तीरो को बीमार होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था ।आज दोनों ठीक होकर पुनः जेल ले जाए जा रहे थे ।आपको यह जानकार हैरानी होगी जो तस्वीर हम आज दिखा रहे हैं,वही मंजर तब भी था,जब इन दोनों बंदी को अस्पताल लाया गया था ।
देखिये तस्वीर में किस तरह से दिनेश शर्मा के कमर को रस्सी से जकड़ा गया है और मोहम्मद तीरो के दोनों हाथ बेड़ी से जकड़े हैं ।क्या यही इंसानियत और मानवता है ।एक तो ये दोनों बंदी हैं दूजा बीमार होकर पुनः ठीक हुए हैं ।वैसे इनका ईलाज सदर अस्पताल में कितना कारगर हुआ होगा,उसपर अलग से प्रश्नचिन्ह लगा हुआ है ।
इन दोनों बन्दी को जानवर बनाकर अस्पताल से पुनः वापिस जेल ले जा रहे सुरक्षा कर्मी सिकंदर सरदार,छेदीलाल मरांडी और सुनील पासवान का समवेत कहना है की सुरक्षा की गरज से दोनों बंदियों इस तरह से ले जाया जा रहा है ।अगर ये दोनों भाग जाएंगे,तो उनकी नौकरी फंस जायेगी । यानि अपनी नौकरी बचाने के लिए ये सुरक्षाकर्मी मानवाधिकार का सर कलम कर रहे हैं ।विवश हैं ये बेचारे,इसलिए ये बंदी को जानवर और मुर्गा बनाकर ले जा रहे हैं ।हमारे पाठक तस्वीर को देखें और खुद तय करें की सहरसा पुलिस की यह कार्यशैली कितनी जायज हैं ?वैसे हम ताल ठोंककर कहते हैं की यहां की पुलिस अपनी मर्जी से चलती है ।इन खाकी वालों के लिए सारे नियम--कायदे ढ़ाक के तीन पात और पूरी तरह से बेमानी हैं ।यहां की पुलिस मैं चाहूँ,ये करूँ,मैं चाहूँ,वो करूँ,मेरी मर्जी.......की तर्ज पर काम करती है ।

सहरसा लोजपा में युवा को मिला जिम्मेदारी ....

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट ----  लोक  शक्ति पार्टी सहरसा जिला विधान पार्षद श्रीमति नूतन सिंह ने कहा की देश व समाज में विकास व शौषित पीड़ितों दबे कुचले मजलूमों और जरूरतमंदों की हक की लड़ाई में युवाओं की भागीदारी होना अति आवयशक है. 
उन्होंने इस दिशा में जिले में लोजपा युवा कार्यकर्ताओं द्वारा किये गये सामाजिक कार्यों में समाज सेवा की भावना को युवाओं में लाने के लिए युवा वर्ग को आगे बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा. उन्होंने कहा की बुजुर्गो की दिशा-निर्देश और युवा वर्ग द्वारा किये गए कार्यो से समाज का विकास सम्भव है. इस दिशा में महिलाओं को भी समाज के ऐसे हर वर्गों के लिए आगे आ कर बढ़--चढ़कर कार्य कर समाज की बिगड़ती हुई तस्वीर बदलने में अहम भूमिका होने की बात कही।
विधान पार्षद श्रीमति नूतन सिंह
रंजीत सोनी 
विधान पार्षद श्रीमति नूतन सिंह सहरसा जिले में युवा लोजपा में कार्य कर रहे युवा को रेखांकित किया और कार्यकुशलता, दक्षता एवं कर्मठता को देखते हुए रंजीत सोनी (मास्टर जी) को सहरसा जिला युवा लोजपा महासचिव बनाये जाने पर धन्यवाद् भी दिया। भाजपा नेता व छातापुर विधायक नीरज कुमार सिंह बबलू ने भी बधाई दिया है और कहा की पिछले कई वर्षो से रंजीत सोनी समाज के हर वर्गो के लोगों के लिए युवा शक्ति को आगे बढ़ाते हुए जनहित में काम करते आ रहे है. रंजीत सोनी के आने से सामाजिक कार्यो में काफी योगदान मिलेगा।
रंजीत सोनी को सहरसा जिला युवा लोजपा के महासचिव मनोनित करने पर अनिल यादव,राजीव चौधरी,संतोष सिंह,पांडो रजक,सुशील चौधरी,राम किशोर यादव उर्फ़ मरर यादव,पंकज यादव,पिंटू सिन्हा,रविन्द्र सिन्हा,सोहन दास,राजीव झा,राजा राम यादव,मुकेश भगत आदि युवा कार्यकर्ताओं ने रंजीत सोनी के अगवाई में सामाजिक काम करते हुए हर्ष जताया एवं धन्यवाद् दिया ।          

सहरसा टाईम्स की पहल- खून का इंतजाम कर इंसानियत का दिया पैगाम...


  • माँ--बाप गंवाएं अनिमेष को मिला जीवनदान 
  • हमारी कोशिश एक बार फिर लायी रंग 
  • युवा सम्राट क्लब के युवकों ने रचा इतिहास 

सहरसा से मुकेश कुमार सिंह की खास रिपोर्ट---- कौन कहता है की आसमां में सुराख नहीं हो सकता,एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों । अगर मानवता और इंसानियत जेहन में चस्पां हो, तो फिर मदद की नयी ईबारत लिखी जा सकती है ।सहरसा के शिवपुरी मोहल्ले के रहने वाले अनिमेष पिछले कई दिनों से बीमार चल रहा था ।उसके शरीर में खून की मात्रा बेहद कम थी ।हीमोग्लोबिन करीब सवा चार ग्राम था ।यानि उसे खून की शख्त आवश्यकता थी ।और सहरसा सदर अस्पताल,जिसे कोसी इलाके का पीएमसीएच कहते हैं,वहाँ के ब्लड बैंक में ब्लड नहीं था । 
यह सदर अस्पताल वर्षों से खुद ना केवल बीमार है बल्कि वेंटिलेटर पर है ।इस अस्पताल में ईलाज के लिए आये मरीज की अगर जान बच जाती है,तो समझिये की उपरवाला मेहरबान है । अनिमेष को कल ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था । डॉक्टर तुरंत खून की व्यवस्था करने को कह रहे थे लेकिन खून की व्यवस्था आखिर कौन करता और कहाँ से होता ?आपको यह जानकार बेहद दुःख होगा की अनिमेष के पहले पिता की मौत हुयी,फिर माँ ने भी साथ छोड़ दिया ।यही नहीं बड़े भाई संजय की भी मौत हो गयी ।अनिमेष बिल्कुल असहाय और अकेला हो गया ।हांलांकि उसके चाचा--चाची और अन्य रिस्तेदार जिंदा हैं ।
अनिमेष को जिंदा रखने के लिए खून की आवश्यकता थी ।बिना खून के उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं थी ।यह जानकारी हम तक पहुंची ।हमने तत्काल युवा सम्राट क्लब के रितेश हन्नी को फोन लगाया और कुछ युवकों को लेकर अस्पताल पहुँचने को कहा ।अनिमेष को ए पॉजिटिव ब्लड की जरुरत थी ।रितेश हन्नी बिना समय गंवाए क्लब के अपने कुछ मित्रों के साथ अस्पताल पहुंचा ।हम भी अस्पताल पहुंचे ।वैसे ब्लड मैं खुद दूँ यह इच्छा थी मेरी लेकिन मेरा ब्लड ग्रुप ए बी नेगेटिव है ।हम चाहकर भी ब्लड नहीं दे सकते थे ।लेकिन रितेश हन्नी के साथ आये युवक शुभम कुमार सिंह ने तुरंत एक यूनिट ब्लड दिया ।कई युवक और हन्नी के साथ में ऐसे थे जिनका ब्लड ग्रुप ए पॉजिटिव था ।यानि तीन यूनिट ब्लड की जगह तीस यूनिट ब्लड एक साथ देने के लिए युवा सम्राट क्लब शिवपुरी के युवक तैयार थे ।
अभी अनिमेष को एक यूनिट ब्लड चढ़ाया जा रहा है ।फिर दो यूनिट और चढ़ाने है ।ब्लड का इंतजाम पहले से है ।यानि अब अनिमेष को जीवनदान मिल चुका है ।
रितेश हन्नी के साथ पिंटू परासर, शशि यादव, विकास कुमार ,नीतीश, रंजन, संदीप, अभिषेक, नवीन सहित कई और युवक अस्पताल में मौजूद थे । अनिमेष सहरसा जिले के जेम्हरा गाँव का रहने वाला है और उसे पहला खून देने वाला शुभम कुमार सिंह सुपौल जिले के जरौली गाँव का रहने वाला है ।
कोशिश अगर ईमानदार हो,तो कामयाबी मिलनी तय है ।युवा सम्राट क्लब शिवपुरी के युवकों ने मानवता और इंसानियत की ना केवल ईबारत लिखी है बल्कि पुरे देश को यह सन्देश दिया है की रक्तदान परम धर्म और कर्तव्य है ।जाति--धर्म से ऊपर उठकर हुए इस सुकार्य ने जाहिर कर दिया है की दूसरों की जिंदगी बचाने का जज्बा अभी भी बरकरार है ।हमें भी इस बात का संतोष है की अनिमेष को मिल रहे नए जीवन का ईश्वर ने हमें भी साझीदार बनने का अवसर दिया ।मानव सेवा से और पर हितार्थ कार्य से बड़ा कोई कर्म नहीं होता ।

जनवरी 23, 2017

हर्षो उल्लास से मनाई गई नेताजी जयंती.....

"तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आज़ादी दूंगा।"  
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस (23 जनवरी 1897–18 अगस्त 1945) 
गुलामी की बेड़ियों में जकड़े हुये भारत को आजाद कराने के लिये अनेक देशभक्तों ने अपने-अपने तरीकों से भारत को आजाद कराने की कोशिश की। किसी ने क्रान्ति के मार्ग को अपनाया तो किसी ने अहिंसा और शान्ति के मार्ग को, पर दोनों मार्गों के समर्थकों के संयुक्त प्रयासों से ही भारत की आजादी का मार्ग निर्धारित हुआ।  जब भारत स्वतंत्रता के लिए संघर्षरत था और नेताजी आज़ाद हिंद फ़ौज के लिए सक्रिय थे तब आज़ाद हिंद फ़ौज में भरती होने आए सभी युवक-युवतियों को संबोधित करते हुए नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने कहा,"तुम मुझे खून दो मै तुम्हे आजादी दूंगा"
सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट  -------- आज नेता जी की 120 वीं जयंती सहरसा के कई जगहों पर हर्षौल्लास से मनाया गया. शहर के रिफ्फुजी कालोनी चौक जो की सुभाष बोस के नाम से प्रसिद्द हो चूका है आज उनकी जयंती पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस विचार मंच के तहत कई कार्यक्रम किया गया. जिसमे शहर के कद्दावरों का जमावरा लगा रहा. इस आयोजन के मुख्य अतिथि के रूप सहरसा सदर के अनुमंडल पदाधिकारी मो० जहागीर आलम, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव श्री ओम प्रकाश नारायण के अलावे कई नामचीन हस्तियों ने सिरकत की. 

भाई ने मोबाइल तोड़ा तो बहन ने फंदा लगाकर जान दी


रजनीश की रिपोर्ट-लखीसराय--   भाई और बहन के बीच शनिवार रात मोबाइल को लेकर पहले बहस हुई, फिर झगड़ा हुआ। गुस्से में भाई ने मोबाइल पटककर तोड़ दिया तो रविवार सुबह बहन ने फंदा लगाकर जान दे दी। घटना रामगढ़ गांव की है। एसडीपीओ पंकज कुमार ने रामगढ़ थानाध्यक्ष के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर पूछताछ की। फिलहाल, यूडी केस दर्ज किया गया है।
रामगढ़ के मुन्ना साव की 16 साल की बेटी किरण कुमारी हाईस्कूल की छात्रा थी। मुन्ना साव रामगढ़ चौक पर ही एक छोटी-सी गुमटी में दुकान चलाता है। पुलिस ने बताया कि भाई से झगड़े के बाद किरण ने पंखे में दुपट्टे का फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन पहले ही घर में नया मोबाइल आया था। शनिवार रात मोबाइल चलाने को लेकर भाई से झगड़ा हो गया और भाई ने मोबाइल पटककर तोड़ दिया। इसे लेकर किरण रातभर गुस्से और हताशा में रही। अगली सुबह उसने खुदकुशी कर ली।
प्राथमिक जांच में पारिवारिक विवाद में आत्महत्या का मामला सामने आया है। भाई-बहन के बीच मोबाइल को लेकर शनिवार रात झगड़ा हुआ था। यूडी केस दर्ज किया गया है, लेकिन पुलिस पूरे मामले की तहकीकात करने में लगी है। -पंकज कुमार, एसडीपीओ, लखीसराय

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।