अगस्त 20, 2016

कोसी में सोशल मीडिया यूजर्स को नई दिशा देंगे नेटकर्मी व रचनाकार

रिपोर्ट सहरसा टाईम्स : 
सहरसा ग्रुप के एडमिन सह कार्यक्रम संयोजक श्री कुमार रविशंकर ने बताया की रविवार 21 अगस्त को सहरसा रेडक्रास भवन में दिन के 2 बजे आयोजित कार्यक्रम का उदघाटन भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. रामनरेश सिंह,( विभागाध्यक्ष मैथिली विभाग, पीजी सेंटर सहरसा),मुख्य अतिथि सोशल मीडिया व ब्लागिंग जगत के चर्चित शख़्सियत डॉ० रवीन्द्र प्रभात(लखनऊ),विशिष्ट अतिथि सदर अनुमंडल पदाधिकारी मो. जहाँगीर आलम, गज़लकार व शायर अनिरूद्ध सिन्हा,समकालीन कविता के कुमार विजय गुप्त(मुंगेर),डॉ० के एस ओझा (प्राचार्य एस०एन०एस कॉलेज,सहरसा) रहेंगे | साथ ही कोसी क्षेत्र के अनेक कवि व सोशल मिडिया, एक्टिविस्ट नवीन निशांत(प्रभारी हिंदुस्तान), कुंदन सिंह(प्रभारी जागरण), दीपंकर (प्रभारी प्रभात खबर), चन्दन सिंह (सहरसा टाईम्स), गंगेश झा (सोनभद्र एक्सप्रेस), रमण ठाकुर(दैनिक भास्कर) संजीव श्रीवास्तव (राष्ट्रीय सहारा), कुणाल किशोर(कोशी xpress) रुपेश कुमार(,मधेपुरा), राकेश सिंह(मधेपुरा टाइम्स), अरविन्द ठाकुर, आभा अनुरंजिता, मुख्तार आलम आदि इस आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे | 
सहरसा के युवा नेता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एनएसयुआई श्री केशर कुमार सिंह एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता शशिशेखर झा “सम्राट”डॉ० रजनीश रंजन (रालोसपा नेता) युवा मुखिया शिवेंद्र सिंह जीशु,  मुख्य रूप से कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे| अरविन्द श्रीवास्तव एवं अरविन्द मिश्र नीरज के संचालन में कवि सम्मेलन का आयोजन होगा |
सोशल मीडिया फ़ेसबुक पर ’सहरसा’ ग्रुप के एडमिन अविजित सिंह चौहान ने बताया की कार्यक्रम में सेमिनार का आयोजन किया जायेगा जिसमे वर्तमान समय में सोशल मिडिया के महत्व और भूमिका पर चर्चा की जाएगी|
कोसी क्षेत्र में आभासी व साहित्य जगत का यह समागम गतवर्ष भी आयोजित हुआ था। इंटनेट, कला, साहित्य व रंगमंच से जुड़े मित्रों की सार्थक भागीदारी इस ’मिलन समारोह’ में इस वर्ष भी दिखेगी। कवि-सम्मेलन, शशि सरोजनी रंगमंच संस्थान द्वार सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह भी इस आयोजन के मुख्य आकर्षण होंगे ।इस आयोजन के मीडिया प्रभारी सोमु आनंद रहेंगे।
नोट- (सम्मान समारोह - सहरसा ग्रुप मिलन समारोह में इंटरनेट,सोशल मीडिया के साथ प्रिंट मीडिया एवं साहित्य जगत के हस्तियों का सम्मान किया जायेगा । निवेदक - सहरसा ग्रुप )

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अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।