जनवरी 26, 2016

कोसी की धरती से एक और गांधीवादी और स्वतंत्रता सेनानी का निधन.............

चन्दन सिंह की रिपोर्ट :-  सहरसा के पूर्व सांसद आनंद मोहन के चाचा प्रखर गांधीवादी और स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत पदमानन्द ब्रह्मचारी जी का सोमवार को निधन हो गया. उनके निधन के साथ ही पंचगछिया गाँव सहित कोसी में शोक के लगर फ़ैल गई. उनकी मौत की खबर सुनते ही उनके पंचाछिया गावं में लोगो का ताँता लगाना शुरू हो गया. कोसी की धरती से स्वतंत्रा आंदोलन में उनकी बहुत बड़ी भूमिका रही थी. उसके बाद उन्होंने गांधीवादी विचारधारा को अपनाया. 
गौरतलब है कि आज उनके पार्थिव शरीर को गंगजला स्थित पूर्व सांसद आनंद मोहन के कार्यालय लाया गया जहां शोक सभा के साथ साथ उन्हें अंतिम विदाई देते हुए श्रद्धा सुमन अर्पित की गई. 
शोक सभा में पुर्व सांसद लवली आनंद,भा०जा०पा० के प्रदेश अध्यक्ष डॉ ०रामनरेश सिंह, पुर्व विधायक संजीव झा, गुंजेश्वर साह, किशोर कुमार मुन्ना, आलोक रंजन, सीपीआई सचिव ओमप्रकाश नारायण, रमेश सिंह, पुर्व एमएलसी इसराइल राईन, सरिता पासवान, प्रमुख पूनम सिंह, हम के छात्र युवा राष्ट्रीय  अध्यक्ष चेतन आनंद, खादी भंडार के मंत्री नकुल कुमार सिंह, अध्यक्ष सुमन कुमार, मुख्या रोशन सिंह, प्रो० एह्साम शाम.प्रो० एस०पी सिंह, पुर्व मुख्या अजय सिंह, त्रिवेणी सिंह, वार्ड पर्षद ध्यानी यादव, गोपाल झा, युवा प्रदेश महासचिव (हम )राजन आनंद, पुर्व प्रमुख सियाराम सिंह, हिरा सिंह, फ्रेंड्स ऑफ आनंद के अनीता कुशवाहा, रतन कुमार सिंह, सागर झा, अवनीस कुमार, बाबुल झा, सागर झा, डिग्री सिंह, संतोष यादव, सत्यप्रकाश, रजनी बाला जिला परिषद अजय झा, सरोज सिंह, लुकमान अली,कुणाल वीरू के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे |

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*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।