दिसंबर 13, 2011

मुख्यमंत्रि की सेवा यात्रा

मुख्यमंत्रि की सेवा यात्रा ने कोशीवासी के लोगो में नई सुबह की किरण का एहसास करा दिया है.लोगो की उमरी भीड़  नीतीस के दर्सन मात्र के लिए थे आतुर. मुख्य मंत्री ने सहरसा सेवा यात्रा का पहला दौर जलई से किये जन्हा पे 513 कड़ोर की लागत से कोशी नदी पे पुल बनने का काम चालू है. दो हिस्से मे बटे म्थिलांचल को इस पूल से जोर जायेगा.इतना ही नहीं तटबंध के अन्दर बसे गांव में विकास के रस्ते भी साफ हो जायेंगे. सूबे के मुखिया के स्वागत  के लिए कई  गद्दावर पलके बिछाए उनके आने की बाट जोह रहे थे.
बलुआहा घाट (कोशी नदी पे बनता पूल )
ये नजारा है जलई का जहा सूबे के मुखिया अपने सेवायात्रा चोथे चरण का आगाज करने पहुंचे है. 513 कड़ोर की लागत से बन रहे इस पुल का मुयाना कर इसे 14 जनवरी 2014 को चालू करने  का निर्देस भी दिया. लोगो के  हुजूम  बीच जाके नीतीस ने उनसे रु ब रु हुए. नीतीस ने जब लोगो से मिला तो कई पीरितओं ने सीधे उनके हाथों में ही अपने आवेदन थमा दिए. गौरतलब है की इस क्षेत्र में कोशी नदी हर वर्ष विनाश की नई कहानी को जन्म देती है. लेकिन यंहा के आलाधिकारी के कानो तले जू तक नहीं रेंगती. 
जाहिर तौर पर जिस जगह पे सिर्फ दुखों की इबारत लिखी जाती है उन्हा पे आलाधिकारी कभी गलती से भी दस्तक नहीं देते लेकिन आज उसी जगह  शुबे के मालिक का आना निशित रूप से लोगो में ख़ुशी की लहर देखना लाजमी है.

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*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।