दिसंबर 06, 2016

आयकर विभाग का छापा,एक डॉक्टर शिकंजे में,कई डॉक्टर्स निशाने पर



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सहरसा में डॉक्टर शंकर कुमार ईशर पर आयकर का कसा शिकंजा 

शुरूआती जांच में करीब ढ़ाई करोड़ का नहीं है कोई लेखा--जोखा
आयकर विभाग ने बैंक अकाउंट को किया सीज
अभी सहरसा के कई नामी नर्सिंग होम के डॉक्टर हैं 
आयकर विभाग के निशाने पर 

Income-tax-Raid-on-Doctors-clinicसहरसा से मुकेश कुमार सिंह की दो टूक---->>

जांच में यह बात सामने आयी कि जमा रुपये का कोई लेखा-जोखा नहीं है. पूछताछ में डॉक्टर ईशर की घिग्घी बंध गयी और वे आय का स्रोत भी नहीं बता सके.आयकर की टीम ने उनके बैंक अकाउंट को सीज कर लिया है.औपचारिकता पूरी करने के बाद खाते में रखे सभी रुपये को आयकर विभाग ने जब्त कर लिया है.डॉ ईशर सहरसा के गांधी पथ में निजी प्रैक्टिस करते हैं.बताना लाजिमी है की इनकी पत्नी संगीता ठाकुर भी डॉक्टर है ।यही नहीं डॉक्टर शंकर कुमार ईशर के पिता ए.के.ईशर भी इस इलाके के जाने--माने चिकित्सक थे ।इस मामले में अभीतक तस्वीर पूरी तरह से साफ़ हो चुकी है की इनकी इस ब्लैक मनी को आयकर विभाग जब्त कर लेगा. 
इसके अलावा आयकर विभाग ने उनकी आय से जुड़े और क्लिनिक के कागजातों को भी जब्त कर लिया है. फिलहाल इनकी जांच चल रही है.आगे इनके रिटर्न दायर करने के मामलों समेत अन्य सभी पहलूओं पर जांच की जायेगी.लेकिन इस मामले के उजागर होते ही सहरसा का पारा ठंढ के इस मौसम में भी काफी गर्म है ।सहरसा में दर्जनों बड़े आलिशान नर्सिंग होम हैं जिसके स्वामी पहले अकड़ कर चलते थे लेकिन अभी भींगी बिल्ली की तरह जुगाड़ टेक्नोलॉजी की तलाश में हैं ।हमने कई चिकित्सक को पसीने से तर और बेहद परेशान हाल देखा है ।
हमने कुछ चिकित्सक से गुजारिश भी की कुछ कालेधन हमें भी दीजिये जिससे हम सरकार के नियम--कायदे के सम्पादन से पहले ही कुछ गरीबों की मदद करें ।लेकिन अभीतक किसी डॉक्टर का कलेजा नहीं पसीजा है ।शायद सभी को सरकारी चाबुक का ही इन्तजार है ।

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अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।