अगस्त 21, 2016

लांडे जैसे कुछ अफसरान हों,तो अपराधियों की खैर नहीं

बड़ी सच्चाई का हम कर रहे खुलासा
डॉक्टर से रंगदारी मांगने वाले सरगना को शिवदीप लांडे और उनकी एसटीएफ टीम ने दबोचा था
खाकी की असली चमक दिखलायी लांडे ने लांडे जैसे कुछ अफसरान हों,तो अपराधियों की खैर नहीं

मुकेश कुमार सिंह की दो टूक----सहरसा में डॉक्टरों से रंगदारी मांगकर और उनपर गोलियां बरसाकर दहशत का साम्राज्य कायम करने वाले अपराध सरगना संतोष यादव और कार्तिक चौधरी को सहरसा पुलिस ने नहीं बल्कि शिवदीप लांडे और एसटीएफ की टीम ने दबोचा था ।हम इस रहस्य को तत्काल छुपाये रखना चाहते थे ।शिवदीप लांडे को यह शक है की इन दोनों अपराधियों के पीछे किसी बड़े खून--चटोरे अपराधी का दिमाग काम कर रहा है । लेकिन हम अपने आपको ज्यादा रोक नहीं पाये । कारण साफ़ है की शिवदीप लांडे को कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग चुके है जिसे वे सहरसा पुलिस से तत्काल साझा करना नहीं चाह रहे हैं ।
shivdeep-landay-police-officer
SHIVDEEP WAMAN LANDE
अब हम वाजिब विषय पर लौटते हैं ।निसंदेह बिहार एसटीएफ को एक बडी कामयाबी मिली है । सहरसा जिले में डाक्टरों के लिए आतंक का दूसरा  नाम बन चुके कुख्यात अपराधी संतोष यादव को शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाली एसटीएफ की टीम ने सदर थाना के संत नगर से दबोचा जबकि दूसरे अपराधी कार्तिक चौधरी को सहरसा के महिषी गाँव से दबोच लिया । संतोष यादव ने सहरसा के चर्चित डॉक्टर ब्रजेश कुमार सिंह से 25 लाख की रंगदारी मांगी थी ।साथ ही लगातार फोन और एसएमएस के जरिए उन्हें गोली मारने की धमकी भी दे रहा था ।
आईएमए की बिहार शाखा ने इसका जबरदस्त विरोध किया था और सरकार से अपराधियों की गिरफ्तारी व डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर आंदोलन की चेतावनी भी दी थी ।बताना लाजिमी है की कुछ दिन पहले डॉक्टर ब्रजेश की गाड़ी पर संतोष ने गोली भी चलाई गई थी ।
विस्वस्त सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक सहरसा के कुछ बुद्धिजीवियों के साथ--साथ कुछ वरिष्ठ पत्रकारों ने सिंघम के रूप में प्रसिद्ध एसपी शिवदीप लांडे को इस मामले में हस्तक्षेप कराने के मांग की थी ।
जाहिर सी बात है की, मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एसटीएफ के एसपी शिवदीप लांडे की टीम को संतोष की गिरफ्तारी का टास्क सौंपा था ।मोबाइल सर्विलांस के आधार पर एसटीएफ की टीम ने संतोष को ट्रैप किया और महिषी से पहले कार्तिक को फिर संतनगर से संतोष को दबोचा ।बाद में दोनों सूरमाओं को एसटीएफ की टीम ने सहरसा पुलिस को सौंप दिया ।
सूत्रों के मुताबिक संतोष यादव के पास से एसटीएफ ने आधा दर्जन डॉक्टरों की लिस्ट भी बरामद की है ।माना यह जा रहा है की इन डॉक्टरों से भी वह रंगदारी वसूलने की तैयारी में था। ।संतोष ने पिछले कई दिनों से सहरसा में आंतक मचा रखा था और डॉक्टरों से खुलेआम रंगदारी मांग रहा था ।हांलांकि फिलवक्त डॉक्टर चैन की साँसें ले रहे हैं लेकिन संतोष और कार्तिक के पीछे किस अपराध सूरमा का दिमाग और आशीर्वाद है,इसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है ।कयास यह लगाया जा रहा है की पुरे साक्ष्य के साथ असली खिलाड़ी को भी एसटीएफ की टीम जल्द ही सामने लाएगी ।अभी हम कुछ भी कहेंगे,तो जल्दबाजी होगी ।असली खाकी ने अपना रंग दिखाया है,जिसे हम सेल्यूट करते हैं ।रंग उतरी खाकी की सूरत भी हमें पसंद नहीं ।
इस अभियान को सफल बनाने में शिवदीप लांडे की टीम में शामिल डीएसपी रामाकांत का भी विशेष योगदान रहा ।गौरतलब है की एसटीएफ लगातार कुख्यात अपराधियों को दबोच कर उसे जेल में डाल रही है ।इस से पहले भी एसटीएफ एसपी शिवदीप लांडे की टीम कई कारनामे कर चुकी है ।ज्ञात हो कि कटिहार के व्यवसायी की अगवा बेटी सृष्टि को नेपाल से बरामद करने और बहुचर्चित दरभंगा इंजीनियर हत्याकांड के मुख्य आरोपी कुख्यात मुकेश पाठक को दबोचने का काम भी शिवदीप लांडे के नेतृत्व वाली एसटीएफ की टीम ने ही किया था ।

2 टिप्‍पणियां:

  1. SHIVDEEP LADNE jaise pulice officer ko jila me rakhar to dekhe sarkaar ki apradh band hota hai ki nahi .apradhi ko raaj neta hi ti panaah dete hai.

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  2. Baaki ko to bus salary se Mtlb h Jay ho landey g

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अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।