अगस्त 10, 2016

बड़ा हादसा टला.....

मिड डे मिल में जहर की आशंका ......
थोड़ा सा भोजन चखते की महिला हेडमास्टर हुईं बेहोश ......
मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने खाने को भेजा जांच के लिए ........
करीब तीन सौ बच्चों की बची जान.......

सहरसा(मुकेश कुमार सिंह)----  आज प्राथमिक विद्यालय मेहता टोला, बैजनाथपुर में छपरा जैसी दर्दनाक घटना की पुनरावृति होते--होते बची । इस विद्यालय में करीब तीन सौ बच्चे हैं। सभी का खाना बनकर तैयार हो चुका था । बच्चे अब खाने ही वाले थे की उससे पहले स्कूल की प्रधानाध्यापिका कुमारी अंजन ने हल्का भोजन चखा । लेकिन जैसे हीं उन्होनें भोजन चखा की, वे बेहोश होकर गिर पड़ीं। स्कूल के सभी शिक्षक दौड़कर आये और बेहोश कुमारी अंजन को उठाया और तुरंत उन्हें लेकर बगल के एक चिकित्सक के पास पहुंचे । इस हादसे से सभी शिक्षक और बच्चे बेहद सहम गए। खाना बच्चों के बीच नहीं परोसा गया और इसकी सूचना जिला मिड डे मिल प्रभारी शकील हुसैन, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरुण कुमार सहित कई अन्य अधिकारी को दी गयी ।
बिना समय गंवाए कई अधिकारी मौके पर पहुंचे और खाने को जांच के लिए सदर अस्पताल भेज दिया । अब जांच के बाद ही इस बात का खुलासा हो सकेगा की खाने में जहर या की कौन सी विषैली चीज मिली हुयी थी । अगर खाने में जहर की पुष्टि होती है,तो बड़ा सवाल यह है की आखिर खाने में जहर किसने मिलाया और किस नीयत से ।
वैसे अभी कुछ भी कयास लगाना बेमानी है ।लेकिन जिस तरह से प्रधानाध्यापिका बेहोश हुईं, सवाल उठना तो लाजिमी है ।यूँ जांच की प्रक्रिया जारी है ।आगे यह देखना बेहद जरूरी है की जांच में क्या निकलता है । वैसे हम इतना तो अभी जरूर कह सकते हैं की इस हादसे में छपरा जैसी घटना की बू आ यही है । भगवान ने समय रहते एक बड़ा हादसा टाल दिया ।मिड डे मिल प्रभारी शकील हुसैन ने कहा की आगे की तमाम कार्रवाई खाने की जांच में क्या निकलता है,उसपर टिकी है ।वैसे मौजूद शिक्षकों के साथ--साथ कुछ बच्चों के अलावे रसोइये का बयान ले लिया गया है ।

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अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।