जुलाई 20, 2016

बिहार में बहार है... ये बढ़ता बिहार है...


मुकेश कुमार सिंह की दो टूक----
ये बिहार के प्रमंडलीय मुख्यालय सहरसा के सदर अस्पताल की तस्वीर है साहेब ।बेड पर मरीज जीवन और मौत से जूझ रहा है ।उसकी तीमारदारी के लिए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से बड़े हाकिम को तो छोड़िये,अदना सा कोई मुलाजिम भी नहीं है ।लेकिन कुर्सी के नीचे देखिये मिस्टर डॉग को ।हुजूर वहां थकावट से निजात पा रहे हैं और तरावट ले रहे हैं ।हम कुछ भी कहेंगे तो नीतीश बाबू और तेजप्रताप बाबू बुरा मान जाएंगे ।जनता खुद सोचे की कोसी इलाके के पीएमसीएच कहे जाने वाले इस नामी अस्पताल में क्या चल रहा है ?  गुस्ताखी माफ़ हुजरे आला.

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*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।