मार्च 15, 2015

बाहुबली से जेल में पूर्व केंद्रीय मंत्री नागमणि की मुलाक़ात

मुकेश कुमार सिंह की कलम से-----
तत्कालीन गोपालगंज डी.एम जी कृष्णैया ह्त्या मामले में करीब आठ वर्षों से आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व सांसद बाहुबली आनंद मोहन से मुलाक़ात करने पूर्व केंद्रीय मंत्री सह समरस समाज पार्टी 
के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि सहरसा जेल पहुंचे. करीब तीन घंटे तक जेल के भीतर दोनों नेताओं के बीच हुयी बातचीत के बाद नागमणि ने सहरसा टाईम्स से ख़ास बातचीत में कहा की पूर्व सांसद आनंद मोहन के निर्देश पर "बिहार में नीतीश--लालू और भाजपा गठबंधन से अलग तीसरा मोर्चा बनाया जाएगा". पूर्व सांसद आनंद मोहन को निर्दोष बताते हुए नागमणि ने कहा की आनंद मोहन जी नीतीश की साजिश के शिकार के हुए हैं. आनंद मोहन को सभी जाति --धर्म के लोगों का सर्वमान्य नेता बताते हुए नागमणि ने आनंद मोहन की जेल से रिहाई के लिए माननीय उच्चतम न्यालय के सामने न्याय मार्च निकालने की भी घोषणा की.
लगातार कई वर्षों से जेल में बंद रहने वाले बाहुबली आनंद मोहन को लेकर राजनीति के जानकारों का कहना है की आनंद मोहन की राजनीति का अब अवसान हो चुका है.कभी रॉबिन हुड की उपमा से नवाजे जाने वाले आनंद मोहन को खासकर के बिहार की राजनीति में नजर अंदाज करना नामुमकिन था. लेकिन बदले वक्त में इनकी सियासी हैसियत में काफी गिरावट आई है. बाबजूद इसके विभिन्य पार्टियों के राष्ट्रीय स्तर के नेता आज भी ना केवल इनके सम्पर्क में हैं बल्कि इनका उपयोग समय--समय पर अपने फायदे के लिए बाखूबी करते रहे हैं. ऐसे में केंद्रीय मंत्री सह समरस समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नागमणि का सहरसा जेल पहुंचकर आनंद मोहन से घंटों बातें करना निश्चित रूप से कई तरह के राजनीतिक इशारे कर रहा है. आनंद मोहन से मुलाक़ात के बाद जेल से बाहर निकले नागमणि ने सहरसा टाईम्स से ख़ास बातचीत की.बातचीत में उन्होनें कहा की उन्होनें जाति और धर्म से ऊपर उठकर समरस समाज पार्टी का निर्माण किया है.वे जेल में आनंद मोहन से इसलिए मिलने आये थे की वे बिहार में लालू--नीतीश और बीजेपी गठबंधन के खिलाफ एक तीसरा मोर्चा बनाकर जनता को इन सभी से मुक्ति दिलाना चाहते हैं.चूँकि आनंद मोहन की पकड़ सभी धर्म और जातियों के लोगों पर है, इसलिए उन्हीं के निर्देश पर तीसरे मोर्चे का गठन होगा.पूर्व सांसद आनंद मोहन को निर्दोष बताते हुए नागमणि ने कहा की आनंद मोहन जी नीतीश की साजिश के शिकार हुए हैं.आनंद मोहन को सभी जाति --धर्म के लोगों का सर्वमान्य नेता बताते हुए नागमणि ने आनंद मोहन की जेल से रिहाई के लिए माननीय उच्चतम न्यालय के सामने न्याय मार्च निकालने की भी घोषणा की.
बहरहाल,बाहुबली से हुयी इस मुलाक़ात ने इतना साफ़ कर दिया है की पूर्व सांसद आनंद मोहन के कद्रदान राजनीति में अभी भी मौजूद हैं.हमारी समझ से,आनंद मोहन की राजनीतिक हैसियत अभी इतनी बची हुयी है जिससे वे अपना ना सही लेकिन कितनों का राजनीतिक भविष्य संवार सकते हैं.

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