फ़रवरी 13, 2012

नवविवाहिता रूपम की हत्या का खुलासा

शादी के जोड़े में रूपम और सोनू सिंह
शादी का ठीक से माने भी रूपम नहीं समझ पायी थी की दहेज़ के लोभी और अवैद्य सम्बन्ध की गिरफ्त में फंसा पति अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर ना केवल उसकी हत्या कर दी बल्कि साक्ष्य छुपाने या फिर पूरी तरह से उसे मिटाने की गरज से उसकी लाश को कोसी नदी में फेंक दिया. 21 जून 2010 को  नवहट्टा थाना क्षेत्र के दिबरा गाँव के सोनू सिंह के साथ हिन्दू रीति--रिवाज से यथासंभव दान--दहेज़ देकर उसका विवाह काफी धूम--धाम से हुआ था.लेकिन रूपम की किस्मत ही खराब थी की उसका विवाह जिसके साथ हुआ था उसका नाजयाज सम्बन्ध उसकी भाभी रिंकू सिंह के साथ था.बताते चलें की रिंकू सिंह लगातार दूसरी बार खड़का तेलवा पंचायत की मुखिया निर्वाचित हुई है.रूपम को इस अवैद्य सम्बन्ध की जानकारी हो गयी और वह इसका विरोध करने लगी.रूपम के बेगैरत पति अक्सर रूपम की पिटाई करने लगा.यही नहीं वह रूपम को मायके वालों से 2 लाख रूपये लाने की जिद भी करने लगा.रिस्ते में खटास और दरार आने लगी.रूपम सारी घटनाओं से अपने मायके वालों को अवगत कराती रही.
मृतका के परिजन
कई बार रूपम के पिता दयानंद सिंह जो एक किसान हैं ने दिबरा जाकर इस बाबत पंचायत भी की.इस बीच भी उन्हें उनकी बेटी बुला रही थी लेकिन उनका एक पाँव दुर्घटना का शिकार हो गया और वे समय से वहाँ नहीं पहुँच पाए.और इसी बीच रूपम को इस दुनिया से विदा कर दिया गया.रूपम की माँ,भाभी,और चाची सहित मायके के सभी लोग ना केवल इस घटना की बाबत पूरी जानकारी दे रहे हैं बल्कि दोषियों को फांसी की सजा मिले इसकी गुहार भी लगा रहे हैं.मृतका का मायका मधेपुरा जिला का दिघिया गाँव हैपैसा और रसूख की ताकत रखने वाले इस हत्यारे परिवार को शायद यह गुमाँ था की वे इस मामले को अपने तरीके से पेच-अप कर लेंगे. नवहट्टा थाना के दिबरा गाँव में हुई इस सनसनीखेज हत्या की कमान आखिरकार सहरसा के एस.पी ने खुद संभाल ली है और मामले की तहकीकात कर रहे हैं.बताते चलें की नवविवाहिता रूपम की ह्त्या बीते 6 फ़रवरी को हुई थी.इस ह्त्या मामले में रूपम के पति,पति की मुखिया भाभी सहित पांच लोगों के खिलाफ नवहट्टा थाना में काण्ड दर्ज किया गया है.फिलवक्त आरोपी परिवार के सभी सदस्य फरार हैं.एक तरफ मृतका के मायके वाले इस ह्त्या के पीछे की वजह दहेज़ का लोभ और अवैद्द्य सम्बब्ध का प्रपंच बता रहे हैं वहीँ एस.पी इस घटना को सही बताते हुए जल्द से जल्द मामले के आरोपियों के खिलाफ कुकी--जब्ती करने और कठोर कारवाई की बात कर रहे हैं.
मासूम रूपम इस दुनिया से बिना कुछ ख़ास बटोरे अधूरी ही विदा हो गयी.पुलिस के अधिकारी दावे--तो बड़े--बड़े कर रहे हैं लेकिन रूपम को कितना और कैसा न्याय मिल पायेगा अभी उसपर शब्द देना जल्दबाजी होगी.हम जिन्दा रूपम की समस्याओं तक तो जानकारी के अभाव में समय प़र नहीं पहुँच सके लेकिन मुर्दा रूपम के लिए हमारी कोशिश तबतक जारी रहेगी जबतक हत्यारे सलाखों के भीतर पहुँच नहीं जाते

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