जनवरी 21, 2012

नहीं है इन अनाथों का कोई नाथ


आकांक्षा अनाथ आश्रम के प्यारे बच्चे को पढ़ाते शिक्षक
आकांक्षा अनाथ आश्रम के प्यारे बच्चे
2008 की कुसहा त्रासदी में अपने माँ--बाप,स्वजन--परिजन को गंवाकर पूरी तरह से अनाथ हुए मासूम नौनिहालों की सिसक--सिसक कर बामुश्किल रेंगती जिन्दगी को देखने खगड़िया के जदयू सांसद दिनेश चन्द्र यादव पहुँचे.जिला समाहरणालय के ठीक सामने बिना किसी सरकारी मदद के लोगों की रहम और भीख प़र चलने वाले आकांक्षा अनाथ आश्रम में सांसद ने करीब दो घंटे गुजारे और बच्चों की तकलीफ को निकट से देखा.सांसद ने मुख्यमंत्री से मिलकर इस अनाथ आश्रम को विभिन्य सुविधाओं से लैस करने का भरोसा दिलाया.सांसद के भरोसे से इस अनाथ आश्रम के संचालक और अनाथ बच्चों के बीच ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है.उन्हें लगता है की अब उनके दिन बहुरेंगे.सांसद ने इस आश्रम को लेकर पूरी जानकारी इकट्ठी की और कहा की पहले तो इसके संचालक को उनके इस महान प्रयास के लिए धन्यवाद.फिर सांसद ने कहा की उन्हें इस आश्रम के बारे में कोई जानकारी नहीं थी.जिला पाषद प्रवीण आनंद के माध्यम से उन्हें जानकारी मिली तो वे यहाँ आये हैं.वे इस आश्रम को लेकर मुख्यमंत्री से गंभीरता से बातचीत करेंगे और इस आश्रम को विभिन्य सुविधाओं से लैस करवायेगे. पेट की आग बुझानी यहाँ मुश्किल है तो भविष्य के रंगीन सपने आखिर कैसे पलेंगे.यहाँ सबकुछ फनां होते दिख रहे हैं.रब करे सांसद मजबूत प्रयास करें जिससे मुख्यमंत्री इन अनाथों के दिन फिरा सकें. सहरसा टाइम्स के सभी सदस्य और पाठक भी तहे दिल से इनके दिन बहुरने के लिए भगवान् से दुआ करता है.

4 टिप्‍पणियां:

  1. चंदन जी, मे आपसे सहमत नही हू .और ,आप आप कैसे कह सकते है की, "इन" बचो का "नाथ" कोई नही हैं. शायद आपको नही मालूम की, आपके ही "एरिया" का एक आदमी "अपने" स्कूल (विभा इंटरनॅशनल स्कूल)के मधियाम से "ग़रीब" बचो को "फ्री" मे पड़ने का मोका दे रहा है. ज़रा दूर तक तो "देखेए" शायद आपको बहुत सारे लोग मिल जाएँगे ,सुपौल सहरसा का जो, प्रॉफिट के साथ साथ समाज को कुछ दे रहे है. मुझे जो मालूम हुवा मेने आपको बताया. अब हमारे ज़ीमेवारी है की हम उनको सपोर्ट करे या नही?

    Source: http://www.facebook.com/pages/Bivha-International-
    School
    http://bbc.co.uk/hindi/free-schooling-bivha-int-school/00987hhgyxxs

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  2. yes we shd suport them. i know little abt "bis"but they are only giving this facilities to gramin students. and above 6th class.
    i would like to say 2 management commity to start same facilities for below 6 class.

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  3. jo bhi ho in bachcho ka carrier barbad na ho aur ye social mainstream me aa sake iske liye admin. ko pahal karni chahiye.

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  4. सही कहा पांडे जी, यह तो सच मेी काफ़ी अछा पहल ही- बिवहा इंटरनॅशनल स्कूल के मालिक "श्री पमल का , जो सुपौल के हज़ारो बचो को "मुफ़्त" मे पढ़ने का मोका दे रहे है. सच मे "पमल जी" का इीम कआ डिग्री से सुपौल का भला हो रहा है. काश बाकी स्कूल वाले उनसे ये सिख लेते. ये तो अछा हुवा चंदन जी, ने रप्ट छापा और लोगो ने कॉमेंट किया. हाल मे ही हमे उनका इंटरव्यू लिया था, -बरी बिसवास से कह रहे थे की कोशी की किस्मत ज़रूर चमकीगी.
    धन्यवाद चंदन और सहयोगी , अपने अछा बहस छेरा.
    आप अधिक जानकारी के लिए देखे - www.bisbihar.jimdo.com
    www.jagran.in.yahoo.com
    हो सकता है की, कुछ लिंक कम नही करे - अपने अस्तेर से पता करे

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अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।