जनवरी 08, 2015

हत्या के विरोध में मशाल और विशाल जुलूस----

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट:-- बीते सात जनवरी की रात में सदर थाना के पंचवटी चौक इलाके में गोली मारकर व्यवसायी की हुयी हत्या के विरोध में आज जदयू से निष्कासित विधायक नीरज कुमार बबलू एनडीए के साथ ना केवल मुखर होकर सामने आये बल्कि एनडीए के क्षेत्रीय नेताओं और समर्थकों के साथ मिलकर मशाल जुलुस भी निकाला. मशाल जुलूस जिला मुख्यालय के चांदनी चौक से निकला जो महावीर चौक, दहलान चौक, शंकर चौक और डीबी रोड होते हुए थाना चौक पहुंचा जहां नेता और कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की. सहरसा में गिरती कानून व्यवस्था को लेकर ये सभी आंदोलित थे. नीरज कुमार बबलू ने कहा की लोग हत्या के विरोध में सड़क पर उतरे हत्या के करीब चौबीस घंटे बीत गए हैं लेकिन अभीतक कोई गिरफ्तारी नहीं है.विरोध में आमलोग सड़क पर उतरे हैं कल सहरसा बाजार बंद रहेगा और वे जिला प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम देंगे. अगर इस दौरान मृत व्यवसायी सुनील कुमार के हत्यारे की गिरफ्तारी नहीं हुयी तो आगे एनडीए के नेतृत्व में चरणबद्ध और उग्र होगा.

गोली मारकर व्यवसायी की हत्या


सहरसा में आतंक राज कायम हो चुका है.यहां की पुलिस काहिल और निक्कमी है जबकि अपराधियों का मंसूबा सातवें आसमान पर है.अपराधी मन--माफिक तरीके से घटना को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस महज मामला दर्ज करने का कर्तव्य निभा रही है.ताजा वाकया सदर थाना के पंचवटी इलाके का है जहां बीती रात करीब सवा नौ बजे अज्ञात अपराधियों ने एक युवा व्यवसायी को गोल मार दी.गंभीर स्थिति में जख्मी को ईलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी. अपराधियों की गोली से जख्मी हुए युवा व्यवसायी सुनील कुमार गुप्ता अपनी दूकान को बंद करने ही वाले थे की दो मोटरसाईकिल पर सवार चार अज्ञात अपराधी आ धमके.व्यवसायी सुनील गुप्ता कुछ समझ पाते,इससे पहले ही अपराधियों ने उनपर गोली दाग दी और वहाँ से नौ दो ग्यारह हो गए.घर के लोग और स्थानीय लोग मौके पर जबतक आये तबतक सुनील फर्श पर खून से लटपट छटपटा रहा था.आनन--फानन में उसे सदर अस्पताल लाया गए जहां से उसे तुरंत रेफर कर दिया गया.जान बचाने की गरज से लोग जख्मी को लेकर एक निजी नर्सिग होम पहुंचे लेकिन तमाम प्रयास के बाबजूद सुनील की मौत हो गयी.अपराधियों ने लूटपाट अथवा किस नीयत से गोली चलायी है फिलवक्त इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है.
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर जदयू के बागी सह निष्कासित विधायक नीरज कुमार बबलू पहुंचे और उन्होने सरकार के साथ--साथ पुलिस को खूब खरी --खोटी सुनाई.नीरज बबलू ने कहा की यह जंगल पार्ट टू का नजारा है.पुलिस--प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं रह गयी है.हर जगह आतंक राज कायम हो रहा है.
पुलिस अधिकारी प्रेम सागर,एसडीपीओ,सदर हर बार की तरह इस बार भी घटना को लेकर जानकारी देने के साथ--साथ जांच के बाद उचित कार्रवाई का भरोसा दिला रहे हैं.अधिकारी अपने जुमले को दुहराते हुए कह रहे हैं की किसी भी सूरत में दोषी बख्से नहीं जाएंगे.  बहरहाल घटना के कारण का खुलासा नहीं हो पा रहा है.लेकिन सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक़ मृत व्यवसायी एक बड़ा कारोबारी था और यह हत्या रंगदारी के लिए की गयी है.वैसे व्यवसायी की दूकान में कुछ लूटपाट किये जाने की भी खबर आ रही है.अब आगे देखना दिलचस्प होगा की पुलिस किस--किस बिंदु को आधार बनाकर आगे की कार्रवाई करती है.

जनवरी 07, 2015

लूटपाट कर मारी गोली


जख्मी शिवन यादव
कृष्ण मोहन सोनी की  रिपोर्ट :- आज रात करीब बिहरा थाना के मेनहा गाँव के समीप मोटरसाईकिल सवार दो अज्ञात अपराधियों ने एक मवेशी व्यापारी से ना केवल सत्रह हजार रूपये लूट लिए बल्कि लूट का विरोध करने पर मवेशी व्यापारी को गोली भी मार दी. जख्मी व्यापारी को सदर अस्पताल लाया गया, जहां उनकी पीठ में लगी गोली को चिकित्सकों ने निकाल दिया. अब जख्मी की स्थिति फिलवक्त खतरे से बाहर है. पुलिस के आलाधिकारी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचकर जायजा लेते हुए अपराधियों की धड़--पकड़ के लिए बड़ी कार्रवाई की बात कर रहे हैं.
घटनास्थल से लौटकर अस्पताल पहुंचे पुलिस कप्तान पंकज सिन्हा ने बताया की यह सीरियस मामला है और पुलिस इस मामले का उदभेदन का हर सम्भव प्रयास करेगी. घटना के बाबत पूरी जानकारी देते हुए इन्होनें कहा की इस मामले में साइंटिफिक तरीके से  जांच को आगे बढाकर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी. सहरसा जिले में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता ही जा रहा है. इस जिले में पुलिस अपराधियों के सामने बौनी नजर आ रही है. अपराधी मस्त और पुलिस पस्त. जाहिर तौर पर पुलिस पर अपराधी पूरी तरह से भारी हैं .इस मामले में पुलिस क्या गुल खिलाती है, आगे देखना दिलचस्प होगा. बहरहाल हमारी समझ से यह मामला अपराध के आंकड़े में एक इजाफा भर है.

बाहुबल का नंगा नांच


मुकेश कुमार सिंह की कलम से---- जदयू से निष्काषित और विधायकी खत्म हुए विधायकों के पक्ष में माननीय उच्च न्यायालय का फैसला आते ही निष्कासित और विधायकी खत्म हुए विधायकों की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं रहा.राज्य मुख्यालय पटना में बागियों का जमकर जलसा हुआ. इसी कड़ी में छातापुर से जदयू के बागी बाहुबली विधायक नीरज कुमार बबलू के सहरसा स्थित आवास पर बबलू समर्थकों ने एक साथ ना केवल होली और दिवाली दोनों मनाई बल्कि छंककर मिठाईयां भी खाई. हद की इंतहा तो यह देखने को मिली की इस मौके पर बाबले हुए बबलू समर्थकों ने नीरज बबलू के सामने ही रायफल और पिस्टल से हवा में जमकर गोलियां दागी. नियम--कायदे, पुलिस और कानून अक्सर बाहुबलियों के सामने घुंटने टेक देते हैं, यह तस्वीर उसकी बानगी है.
नीरज बबलू के घर बधाई देने पहुंचे उनके समर्थक 
नीरज बबलू के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ था. लोग एक दूसरे को अबीर लगाकर मिठाईयां खा रहे थे. हद तो यह है की नीरज बबलू के सामने ही बबलू समर्थक उनके आवास से लेकर शहर भर में घूम--घूमकर पटाखे चलाने के साथ---साथ रायफल और पिस्टल से जमकर गोलियां भी छोड़े जा रहे थे. कानून को सिद्दत से ठेंगा दिखा रहे ये सारे समर्थक नीरज कुमार बबलू के "बाहुबल" का खुलकर प्रदर्शन कर रहे थे. इस मौके पर नीरज बबलू ने सहरसा टाईम्स से कहा की माननीय न्यायालय ने नीतीश कुमार पर कड़ा तमाचा जड़ा है. नीतीश कुमार गलती पर गलती करते जा रहे हैं. उनका और उनके साथियों का एकमात्र मकसद है जदयू और नीतीश का सफाया. जनता नीतीश कुमार की तमाम हरकतों को देख रही है और बहुत जल्द नीतीश का सर्वनाश तय है. 
नीतीश पर कई तरह के विष वाण छोड़ते हुए नीरज बबलू ने कहा की सत्य परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं हो सकता. माननीय उच्च न्यायालय ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है. समर्थकों द्वारा गोलीबारी किये जाने को लेकर नीरज बबलू ने कहा की देखिये कोई फायरिंग नहीं हुयी है ये तो ख़ुशी का इजहार है. ऐसे भी अब रायफल, बन्दुक शोभा की वस्तु है. इससे कोई शिकार भी नहीं कर सकता. उनके कैम्पस में लायसेंसी हथियार से फायरिंग करना कोई अन्याय नहीं है. उनके समर्थकों का कहना है की माननीय न्यायालय के सम्मान में उन्होनें फायरिंग की है, वह भी लायसेंसी हथियार से. इनकी नजर में इन्होनें कोई गुनाह नहीं किया है. बाहुबल के सामने कानून और पुलिस की नहीं चलती है. धुंआं उगलते बन्दुक ने बाहुबल की एक नयी इबारत लिखी है. न्यायालय के फैसले पर खुश होना लाजिमी है लेकिन ख़ुशी का इजहार, इस तरीके से करना, हमारी समझ से कहीं से भी जायज नहीं

जनवरी 06, 2015

पेंटावेलेंट टीकाकरण अभियान का शुभारम्भ 7 जनवरी से

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट :- बच्चों में हिब जैसे जानलेवा बिमारियों को समाप्त करने के लिए राज्य सरकार ने निःशुल्क पेंटावेलेंट सुई टीकाकरण अभियान चलाई है. अभियान को लेकर स्थानीय समाहरणालय सभागार में संवाददाता सम्मेलन जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई. सम्मेलन में मुख्य रूप से ग्रामीण बच्चो में अधिकांश पाये जाने वाली गोलघोटू, काली खांसी, टिटनेस हेपटाइटिस बी. और हिमेंफिलिस,  इन्फ्लूएंजा टाइप बी से बचाव को लेकर जानकारी दी गई. इस टीकाकरण अभियान से खास कर ग्रामीण क्षेत्रो में गरीब बच्चो के बीच नि :शुल्क पेंटावेलेंट  टीका से बिमारियों से बचाव होगा। अभियान का शुभारम्भ  7  जनवरी 2015  से किया जाएगा।
सिविल सर्जन भोलानाथ झा
 इस मौके पर सिविल सर्जन भोलानाथ झा ने सरकार की इस योजना को जिले के सभी प्रखंडो सामुदायिक व स्वास्थ्य केन्द्रों, उपकेन्द्र एवं  आँगनबाड़ी में नि:शुल्क दिए जाने की बात कही है. उन्होंने कहा की बिमारियों की रोक थाम और बचाव के उपाय को गंभीरता पूर्वक लागू करना है ताकि एक भी बच्चे न छूटे। डॉ संजय सिंह ने विस्तार पूर्वक वेंटावेंलेंट सुई से लाभ की बात कही जिस में  शून्य से एक वर्ष के बच्चो को राज्य सरकार अब मुफ्त में पेंटावेलेंट  टिका लगाएगी। यह टिका सभी जिला के अस्पतालों में उपलब्ध होगा.  जिसमें पांच  घातक रोंगो से बचायेगा। सम्मेलन में कहा गया की यह टिका हिमफिलिस इंफ्लूंइजा टाइप बी से होने वाले गंभीर रोगों जैसे निमोनिया मैनिंजाइटिस ,सेप्टीसेमिया और एपिग्लोटाइटिस आदि की रोक थाम करता है. अब पेंटावेलेंट टिका बच्चे को लगने वाली सुइयों की संख्या कम करेगा अब बच्चों को अलग से  डी पि टी, हेपटाइटिस बी और निमोनिया का टीका नही लगाना पड़ेगा।  इस हिब टीके से निमोनिया के एक तिहाई मामलो की और  मैनिंजाइटिस के 90 प्रतिशत मामलों की रोक थाम हो सकती है.  इस मौके पर डॉ यु.सी. मिश्रा, डी.पी.एम, डी.पी.आर.ओ. सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.
हिब के बारे में मुख्य सन्देश :------१. हर वर्ष विश्व भर में हिब रोग ५ वर्ष से कम आयु के 370000 बच्चों की मृत्यु का  कारण बनता है. इनमे से  लगभग 20 % बच्चे भारत के होते है. २- हिब रोग के पश्चात जीवित अधिकतर बच्चों में दीर्घकालीन प्रभाव रह जाते है. जैसे लकबा, बहरापन हो जाना या मस्तिष्क छतिग्रस्त हो जाना।३- हिब टीके  से निमोनिया के एक तिहाई मामलों की और हिब मैनिंजाइटिस के 90 % की रोकथाम हो सकती है.  

जनवरी 04, 2015

दबंगों का कहर

मुकेश कुमार सिंह की कलम से --- लगता है बिहार में कानून और पुलिस का कोई खौफ नहीं रहा. चहुँदिश दबंग, गुंडे और मवालियों का कहर बरप रहा है. अपराध के आंकड़े सारे रिकॉर्ड तोड़ने पर आमदा है. आलम यह है की आमलोगों का जीना पूरी तरह से मुहाल है. बीती रात सहरसा जिले के सौर बाजार इलाके में दबंगों ने कुछ दलित परिवारों पर ऐसा कहर ढाया जिसे ये दलित ताउम्र नहीं भूल पाएंगे। दबंगों ने इनके घर को तोड़फोड़ कर ना केवल जमीनदोज कर डाला बल्कि इनके जीवन भर की कुल जमापूंजी भी लूट ली. यही नहीं जालिमों ने महिलाओं, बच्चों के साथ---साथ सभी उम्र के लोगों की धुनाई भी की. पीड़ित परिवार ने  सौर बाजार थाना में आठ लोगों को नामजद और करीब पचास अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कराया है. लेकिन पुलिस अभीतक किसी की गिरफ्तारी में कामयाब नहीं हो पायी है. पीड़ित परिवार बेछपपर डरे--सहमे हैं क्योंकि उन्हें दबंगों की तरफ से अभी भी जान से मार डालने की धमकी मिल रही है. विशेष रिपोर्ट-----------
तिनका--तिनका जोड़कर सपनों का आशियाना बनाया था  कमर तोड़ मिहनत से घर में कुछ सामान भी जुटाए थे. लेकिन बीती रात दबंग दरिंदों का कहर बरपा और जो कुछ हुआ उसके स्मरण मात्र से रूह थर्रा जाती है. दबंगों ने इनके घर को तोड़फोड़ कर ना केवल जमीनदोज कर डाला बल्कि इनके जीवन भर की कुल जमापूंजी भी लूट ली. यही नहीं जालिमों ने महिलाओं, बच्चों के साथ---साथ सभी उम्र के लोगों की धुनाई भी की. गर्भवती महिलाओं को भी नहीं बख्सा इन बहसी आततायियों ने. घर में दाना नहीं और तन ढकने के लिए कपडे नहीं. सर्द रात में आसमान इनके लिए छत है. देखिये यहां का जर्रा--जर्रा सच की कहानी बयां कर रहा है. कल चमन था आज एक सहरा हुआ .दरिंदों ने कुछ भी नहीं छोड़ा, बेछप्पर कर डाला इन्हें.बात इतने पर ही खत्म नहीं हो रही. दबंग अब इन्हें धमकी दे रहे हैं की हादसे वाली जगह पर फिर से घर बनाया तो उन्हें मौत की गहरी नींद में सुला दिया जाएगा.
घर के मुखिया विष्णुदेव पासवान.हैं जालिमों ने पेड़ में बांधकर इनकी पिटाई की है. ये जख्मी हैं और कह रहे हैं की लगातार तीन साल से उनके परिवार पर जुल्म ढाया जा रहा है. इसबार तो हद की इंतहा हो गयी. खाने को लाले हैं. उनकी कोई नहीं सुन रहा.क्या करें, कहाँ जाएँ और किससे फ़रियाद करें, उन्हें कुछ भी समझ में नहीं आ रहा है.दलित पर जुल्म हुआ हो तो विरोधी दल के सियासी लोगों को एक बड़ा मौक़ा तो मिल ही जाता है.वारदात स्थल पर इनका पहुंचना लाजिमी है. लोजपा नेत्री सरिता पासवान मौके पर पहुंचकर अपना राजनीतिक धर्म निभा रही हैं. पीड़ितों पर हुए जुल्म की दास्ताँ को जुबां देने के साथ--साथ पीड़ितों को न्याय मिले इसके लिए वे आवाज बुलंद कर रही हैं.
  प्रेम सागर, एसडीपीओ, सदर सहरसा
पहली बार हमें एक ऐसे पुलिस अधिकारी मिले जिन्होनें बिना लफ्फाजी के घटना घटी है, उसे स्वीकारा है. अधिकारी प्रेम सागर, एसडीपीओ, सदर, सहरसा कह रहे हैं की घटना घटी है और वे खुद आरोपियों को गिरफ्त में लेने के लिए छापामारी में जुटे हुए हैं. इनकी मानें तो डरे--सहमे दलित परिवार के लोगों की सुरक्षा के लिए थाना स्तर से इंतजाम किया गया है. अब सुरक्षा का क्या इंतजाम हुआ है, हमने इसका भी जायजा लिया. जहां इतनी बड़ी घटना घटी हो और आगे भी कोई बड़ी अनहोनी होने की आशंका हो, वहाँ पर चार होमगार्ड के जवान को लगाया गया है. होमगार्ड के जवान कमल मिस्त्री कह रहे हैं की इस जगह पर किसी बड़े अधिकारी को होना चाहिए. लेकिन वे तो एक अदना सा मुलाजिम है,इसलिए हुकूम बजा रहे हैं.बड़ा सवाल यह है की अगर कोई बड़ी अनहोनी हुयी,तो इसकी जिम्मेवारी कौन लेगा.
बहरहाल जो तस्वीरें चस्पां है, उससे तो यही जाहिर हो रहा है की दबंगों के सामने कानून और पुलिस ने अपने घुंटने टेक दिए हैं.रब जाने आगे क्या होगा.

जनवरी 03, 2015

वर्षा से जनजीवन अस्त व्यस्त

के० एम० सोनी की रिपोर्ट :- सहरसा में भीषण ठंड बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. शरीर को हार  कपा देने वाली इस ठंड से लोग परेशान थे. खास कर इस भीषण ठंड में फुटपाथ  पर रह रहे गरीबों की दर्द कह पाना मुश्किल सा लगता है हलांकि चार दिन सूर्य देवता ने अपने रूप को दिखा सब को राहत तो दी मगर दो दिन से ठंड हवा व बारिश ने लोगो को जीना मुहाल कर दिया है. एक तरफ जहाँ शहरी जीवन पर असर पड़ा वही वर्षा से किशानो के चेहरों पर खुशियां फसलों में जान आई है. वैसे तो लोग रोज सड़क जाम  व कूड़े कचड़े से तंग थे मगर अब इस ठंड व बारिश ने कीचड़ में रहने व चलने पर मजबूर कर दिया है. 

जनवरी 02, 2015

सामूहिक दुष्कर्म

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट:- बीती देर रात सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना के करुआ गाँव में दो दरिंदों ने एक महिला की अस्मत के चीथड़े उड़ा डाले. हद और जुल्म की इंतहा देखिये की अस्मत को चाक कर के ये दरिंदे बेहोश पड़ी महिला के शरीर के सारे जेवरात भी उड़ा ले गए. गंभीर रूप से जख्मी महिला को देर रात ग्रामीणों ने सिमरी बख्तियारपुर अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन उसकी स्थिति नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर ईलाज के लिए आज सदर अस्पताल भेज दिया है. इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हुयी, मानवता एक बार फिर कलंकित हुयी. 
हवस के दो दरिंदों ने एक अबला की अस्मत को तार--तार कर के रख दिया. गरीबी की वजह से पति सुरेश मुखिया पंजाब में रहकर कमाता है. चार छोटे--छोटे बच्चे हैं जिसकी परवरिश में यह अबला जुटी रहती थी. बीती देर रात अपने घर से निकलकर यह महिला पानी लेने के लिए चापाकल पर गयी थी की अस्मत के दो लुटेरे नीरो यादव और धीरो यादव ने उसके मुंह पर कपड़ा डालकर उसे वहाँ से उठा लिया और बगल के एक घर में जाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. 
नीरो यादव जहां करुआ गाँव का रहने वाला है वहीँ धीरो यादव बगल के गाँव बड़खुड़वा गाँव का रहने वाला है. महिला इस घटना के बाद बेहोश हो गयी. होश आते ही उसने हल्ला किया तब जाकर आसपास के लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुयी है. पीड़िता की स्थित बेहद नाजुक है और अस्पताल में वह रह--रह कर बेहोश हो जा रही है. पीड़िता और उसके परिजन यशमन मुखिया घटना के बाबत जानकारी दे रहे हैं.
महिला थानाध्यक्षा आरती सिंह
सदर अस्पताल में जिले की महिला थानाध्यक्षा आरती सिंह पीड़िता का बयान ले रही हैं.इनका कहना है की महिला ने दो लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है.पीड़िता का मेडिकल कराया जा रहा है और जैसा रिपोर्ट आएगा,वैसे अग्रतर कार्रवाई होगी. जाहिर सी बात है की आगे पुलिस की कार्रवाई पीड़िता के मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर होगी. लेकिन यहां यह बताना जरुरी है की जिस करुआ गाँव की रहनेवाली पीड़िता है, उसी गाँव के रहने वाले सिमरी बख्तियारपुर के जदयू विधायक डॉक्टर अरुण कुमार यादव हैं. आगे देखना दिलचस्प होगा की जिस गाँव के रहने वाले सुशासन के विधायक हैं वहाँ की पीड़िता को कितनी तेजी से न्याय मिलता है और पुलिस की कार्रवाई आगे कैसी होती है.

जनवरी 01, 2015

मत्स्यगंधा का दर्द

कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट:-  कोसी ही नहीं बल्कि पुरे राज्यों  के लिए कभी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र था सहरसा का मतस्यगंधा झील । जहाँ पड़ोशी  देश नेपाल से लेकर देश के अन्य कई राज्यों से आये पर्यटकों की चहल कदमी व सुन्दर सुसज्जित रंग बिरंगे प्राकृतिक फूलो की खुशबुओं से लोगो को अपनी ओर खींच लेने की क्षमता थी. पार्को ओर झीलों में बने परासर मुनि की बाँहों में सत्यवती ओर छोटे नन्हे बालक वेद व्यास की भव्य मूर्तियां चौसठयोगिनि रक्तकालि मंदिर में होते पूजा अर्चना  भजनों से गुंजायमान  इस परिसर में महाभारत काल की कथा और भारतीय संस्कृति व सभ्यताए  जहाँ नजर आती थी वंही कुछ देर ही  सही  आने वाले पर्यटकों के लिए हजारो वर्ष पुरानी कहानी को अक्षुण्ण बनाये रखने  लिए प्रेरणा देता था. यंहा आये सभी भारतीय सभ्य संस्कृती ओर लोक आस्था देव मुनि आदि की कथाओं को सहेजने और अपने जिगर में रखने के साथ मनोरंजन कर आनन्द का लुफ्त उठा कर जाते थे. 
सुन्दर सुन्दर आकृतिओं से सजा मत्स्यगंधा जिनकी कुछ वर्ष बितने के साथ ही पुरानी शमशान घाट जहाँ कभी इस स्थान पर मुर्दा घर और मरणोपरांत मानवों का कंकाल ही शेष रहा करता था की और समाहित हो भूल गया की हम कभी करोड़ो की लागत से सुसज्जित हो कोशी की इस सहरसा की धरती पर स्वर्ग सा स्थापित हुआ था आज यहाँ आये पर्यटकों की भीड़ मायुश चेहरे चिन्तित हो आपने घर की ओर जाते हैं।  एक प्रशन यहाँ की दुर्दशा उजड़े फूलो की बाग़ और जीर्णशीर्ण हो चुके कला कृतियों को देख कहीं न कहीं स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधिओं से लेकर सरकार की उदासीनता को सामने ला  खड़ा  करता है.
नव वर्ष २०१५ पर उमड़ी हजारों की भीड़ और परिसर में फैले गंदगियों से स्पष्ट होता है की कोसीवासियो का एकलौता पर्यटन स्थल का केंद्र  गंदगियों, दुर्गन्ध एवं कई बिमारिओं का  केन्द्र  बन गया है।  फूलों की खुशबू अब तो नहीं आती लेकिन मलमूत्र के गंध से वहाँ खड़ा रहना मुशकिल  हो गया है.

खास अंदाज में नए साल का आगाज


नए साल का आगाज सहरसावासियों ने अपने अंदाज में किया. हांलांकि अहले सुबह से यहाँ शीतलहर और कुहासे के बीच बारिस की बूंदों ने लोगों की जान निकालकर रख दी थी लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया मौसम ने अपना मिजाज बदला और करीब नौ बजे दिन से मौसम कुल मिलाकर साफ़ हो गया.सहरसा में चूँकि कोई पिकनिक स्पॉट नहीं है इसलिए यहाँ के लोग अमूमन घरों में ही पिकनिक मनाने और मजे करने के आदी रहे हैं. इसबार लोगों ने इस नए साल का आगाज ना केवल जिले के विभिन्य मंदिरों सहित खासकर महिषी के उग्रतारा पीठ, काठो का मटेश्वर धाम और जिला मुख्यालय स्थित रक्तकाली चौंसठयोगिनी धाम में पूजा अर्चना के साथ की.
2015  के आगवन पर मुकेश कुमार सिंह की कलम से ख़ास  रिपोर्ट -----

सहरसा जिला मुख्यालय स्थित रक्तकाली चौंसठ योगिनीधाम का है. सुबह में तो मौसम को लोग बुरा-भला कहकर अपने घरों में दुबके थे लेकिन जैसे ही मौसम साफ़ हुआ की लोगों का हुजूम यहाँ पहुँचने लगा.इस मंदिर परिसर में ही एक महीने तक चलने वाला महायोगिनी मेला लगा हुआ है. पहले ये सभी यहाँ माँ काली की पूजा-अर्चना कर रही हैं फिर मेले में जाकर भरपूर मजे लूट रही हैं.इस साल के आगाज को मनोरंजक और यादगार बनाने में इस मेले की अहम् भूमिका है.लोग यहाँ दिनभर खाने और खरीददारी से लेकर विभिन्य तरह के मजे लुटने में लगे हैं.यह सिलसिला यूँ ही देर रात तक चलता रहेगा.रक्तकाली चौंसठयोगिनी धाम में लोकगाथा भगैत गाकर भी लोगों ने बेहद खास अंदाज में इस नए साल की शुरुआत की.खास बात यह रही की इसी रक्तकाली चौंसठयोगिनी धाम मंदिर परिसर में एक महीने तक चलने वाले महायोगिनी मेला में लोगों ने जमकर खरीददारी की और छककर विभिन्य व्यंजनों का मजा लिया.हर वय के लोग इस मेले में झूले,ब्रेक झूले,नावं की सवारी सहित अन्य तरह के मजे लिए.इसमें कोई शक नहीं की महायोगिनी मेला ने लोगों के इस साल को यादगार बनाकर रख दिया.
जिला मुख्यालय से अठारह किलोमीटर पश्चिम अवस्थित इस प्रसिद्ध पीठ का देखिये नजारा. नए साल का आगाज यहां लोग माँ की पूजा-अर्चना के साथ कर रहे हैं.जाहिर सी बात है की यह बेहद खास नजारा है,क्योंकि इस भागम--भाग भरे भौतिकवादी युग में ईश्वर की असीम कृपा लेकर लोग नए साल की शुरुआत करना चाह रहे हैं.इस महान शक्तिपीठ में भक्तों का जन--सैलाब उमड़ा है और लोग पंक्ति में खड़े होकर अपनी बारी का इन्तजार कर रहे हैं.इस मौके पर रश्मि ठाकुर,सोनू तोमर जैसे कई श्रद्धालुओं से हमने बात की.सभी का समवेत कहना था की माँ उनके घर--परिवार में खुशियां भरने के साथ---साथ चहुँदिश खुशियों की बरसात करे जिससे सभी के लिए यह वर्ष मनोरम और यादगार बन सके.
सहरसा के लोगों के लिए इस साल की शुरुआत पूजा--अर्चना के साथ बड़े उमंग और उल्लास के साथ की है.जिले के विभिन्य प्रसिद्ध मंदिरों में मसलन माँ उग्रताराधाम,विशिष्ट कन्दाहा सूर्य मंदिर,मटेश्वर धाम शिव मंदिर और देवन वन शिव मंदिर में लोगों ने पहले जाकर पूजा--अर्चना की फिर अपनी दिनचर्या की शुरुआत की.जिला मुख्यालय में लोगों ने नए साल का आगाज मत्स्यगंधा रक्त काली चौंसठ योगिनी मंदिर में पूजा--अर्चना के साथ की.उनके आगाज को मजेदार तरीके से तब्दील करने में मंदिर परिसर में लगे महायोगिनी मेला की महती भूमिका रही है.उसपर भगैत ने चार चाँद लगा दिए.इस मौके पर हम सहरसावासियों के सर्वोत्तम,सफल और आदर्श जीवन की कामना के साथ-साथ लोकगाथा भगैत को भी संरक्षित रखा जा सके इसकी ह्रदय से कामना करते हैं.नए साल के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं---------------सभी के लिए.
नोट-----आज सुबह से शाम तक मत्स्यगंधा मंदिर में करीब 80 हजार,उग्रतारा शक्तिपीठ में 60 हजार और काठो के मटेश्वर धाम में 40 हजार लोगों के पहुँचने की संभावना है.

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।