फ़रवरी 05, 2017

बकड़ी को लेकर गहराया विवाद

सौर बाजार से ललन कुमार की रिपोर्ट-------
सौरबाजार थाना के खजुरी पंचायत स्थित मुसहरनियां गांव में बकड़ी द्वारा फसल खाने के विवाद में मारपीट की नौबत आ गई। जिसमे एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है। जिसका इलाज सौर बाजार पीएचसी में चल रहा है जहां चिकित्सको ने गंभीर स्थिती बताया है  पिड़त ने सौर बाजार थाना में आवेदन देकर कारवाई की मांग की है।
थाना में दिए आवेदन में घायल महिला चन्द्रकला देवी ने कहा है कि गांव के ओमप्रकाश भारती की बकड़ी मेरे घर में घुसकर अनाज खा रहा था।  उसे हिदायत देने उसके घर पर गया जहां उनकी पत्नी त्रिफूल देवी पुत्र प्रिंस कुमार,पुत्री खुशबु कुमारी, मनिषा कुमारी उर्फ मुनचुन सहित सव परिवार मिलकर लाठी डंटा, फरसा,रड से मारकर जख्मी कर दिया उन्होने थ्रीनट से भी जान मारने की घमकी दिया और कहा है कि अगर पुलिस के पास गई तो तुम्हीरे पुत्र की हत्या करवा देंगें थाना अध्यक्ष रूदल कुमार ने बताया कि आवेदन मिला है जांच कर कारवाई की जाएगी।

फ़रवरी 04, 2017

आकांक्षा अनाथ आश्रम को वर्षों से है किसी तारणहार का इंतजार

बिना की सरकारी मदद के चल रहा है यह अनाथ आश्रम..... 
लोगों की दया और चंदे पर टिका है,यहां के बच्चों का जीवन और भविष्य..... 
अभीतक इस आश्रम में हो चुकी है तीन अनाथ बच्चियों की शादी .....

सहरसा से मुकेश कुमार सिंह की दो टूक-----
आज हम एक ऐसे अनाथ आश्रम की कहानी लेकर हाजिर हो रहे है जिसे पढ़कर आप रोयेंगे, सुबकेंगे, तड़पेंगे और सम्भव हुआ तो मदद के लिए आगे भी आएंगे। शिवेंद्र कुमार और बबली देवी निःसंतान थे. 2008 कुसहा त्रासदी हुयी। उस भीषण त्रासदी में बहुतो बच्चे अनाथ हुए। 
इस निःसंतान दम्पति ने तब फैसला लिया की उन्हें बच्चे नहीं है तो क्या हुआ? वे अनाथ बच्चों के ही माता--पिता बनेंगे। शुरू में इन्हें कुसहा त्रासदी के सताये पांच बच्चे मिले, जिन्हें इन्होने एक भाड़े के मकान में पालना शुरू किया। मुझे इस बात की जानकारी मिली और मैं 2008 के दिसम्बर माह में शिवेंद्र और उनकी पत्नी से मिला और उनकी सारी कहानी सुनी।
 उस वक्त मैंने और मेरे कुछ मित्रों ने इस महान दम्पति को सलाह दिया की आप एक संस्था बना लो, जिसका नियमानुसार निबंधन हो। हमारी सलाह मानकर इस दम्पति ने इन्द्राक्षी फाउंडेशन कर के एक संस्था बनायी फिर इस अनाथ आश्रम का सफ़र शुरू हुआ। शुरू में बच्चे कम थे लेकिन बाद में इसकी संख्यां में इजाफा होता चला गया।
फाइल फोटो 
इस क्रम में जगह बदल--बदल कर यह आश्रम चलता रहा । लेकिन 6 जनवरी 2011 को तत्कालीन जिलाधिकारी आर.लक्षमणण को बड़ी कोशिशों से मना कर हमने इस अनाथ आश्रम को जिला समाहरणालय के ठीक सामने खाली पड़े सरकारी भवन में शुरू करवा दिया । अबतक इस आश्रम में 26 बच्चे हो गए थे । पुलिस और प्रशासन को जहां कोई अनाथ बच्चा मिलता था वे उस बच्चे को इसी आश्रम में डालकर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर लेते थे । बताना बेहद जरुरी है की इस दौरान इस संस्था को किसी भी तरह की सरकारी और प्रशासनिक मदद नहीं मिलती थी । हमारी खुद की मदद, हमारे कुछ मित्रों की मदद और चंदे से यह अनाथ आश्रम चलता रहा । पर्व और त्यौहार भी इस आश्रम में हमारी कोशिश से बेहतर तरीके से मनता रहा । 13 मार्च 2011 को अनाथ आश्रम में पल रही एक गूंगी बच्ची नीलम की शादी हमने अपनी महती कोशिश से पुदीन कुमार से करायी । इस शादी में बच्ची का कन्यादान हमने तत्कालीन जिलाधिकारी देवराज देव से करवाई । 
बाल संरक्षण आयोग की सदस्या अर्पणा सिंह इस शादी में बढ़--चढ़कर हिस्सा लीं ।देवराज देव ने इस मौके पर अंतर्जातीय विवाह के नाम पर 25 हजार और कन्या विवाह योजना मद से 10 हजार का चेक अलग से इस दंपति को दिए ।
बिना सरकारी मदद के चलने वाले इस अनाथ आश्रम को हम अपनी हैसियत से ज्यादा अनवरत देते रहे ।इस आश्रम को हमारी पहल से बहुतो समाजसेवी जैसे प्रवीण आनंद, सुभाष गांधी, राजेश कुमार सिंह, सोनू सिंह तोमर और भी कई लोग मदद करने लगे । 
बीते 22 जनवरी को एक साथ दो अनाथ बच्चियों की शादी इस आश्रम में हुयी । इसमें से एक बच्ची सुमन जिसके दोनों पाँव कटे हुए थे से भानु यादव और रंजू कुमारी की बेचन मिश्र से शादी हुयी ।इस शादी में मृदुला मिश्रा,रिटायर्ड जज,पटना हाईकोर्ट सह भूमि प्राधिकार की वर्तमान चैयरमेन शामिल हुयीं । शादी का खर्चा मेरे अलावे कई लोगों ने उठाया । 
लेकिन सब से अधिक और बड़ी भूमिका छातापुर बीजेपी विधायक नीरज कुमार"बबलू"और उनकी विधान पार्षद पत्नी नूतन सिंह ने निभायी । शादी के बाद दिव्यांग सुमन "ससुराल नहीं जाउंगी" की जिद पर अड़ गयी । वजह यह थी की उसकी ससुराल में शौचालय नहीं था । फिर डीडीसी से मिलकर सरकारी योजना से सुमन की ससुराल में शौचालय बनवाने का आदेश लिया गया, तब सुमन अपनी ससुराल गयी ।दोनों बच्चियां अपनी ससुराल में अभी बेहद खुश हैं ।जाहिर सी बात है की उनके सूखे सपने और मरे जज्बात को सुर्खाबी पर लग गए हैं ।
शिवेंद्र के साथ सहरसा टाईम्स के एडिटर चीफ मुकेश सिंह 
हमने बहुतो कोशिश की,किसी तरह से इस संस्था को सरकारी मंजूरी मिल जाए लेकिन पटना में इस संस्था की फाईल 2010 से ही पड़ी हुयी है ।पैरवी और पैसे की कमी की वजह से इस संस्था का विधिवत सरकारी निबंधन नहीं हो सका है ।इस संस्था की फाईल बस इस टेबुल से उस टेबुल पर उछल--कूद कर रही है ।
सबसे अहम् बात एक साथ हुयी दोनों बच्चियों की शादी को लेकर यह हुयी है की महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने काफी तारीफ़ की है । राज्यपाल ने अपने पत्र में इस आश्रम का जिक्र करते हुए लिखा है की इस शादी से इन अनाथ बच्चियों के जीवन में ना केवल नया सवेरा आएगा बल्कि ये अपना जीवनयापन भी खुशी--खुशी कर सकेंगे ।उन्होनें उक्त वैवाहिक कार्यक्रम की सफलता की कामना भी की है ।
एक अनाथ आश्रम में अबतक तीन शादियां हो चुकी है । लेकिन विडम्बना देखिये की अभीतक इस आश्रम को कोई सरकारी मदद नहीं मिली है । आप यह जानकार हैरान हो जाएंगे की समय--समय पर सरकारी बड़े अधिकारी इस संस्था के संचालक को डराने--धमकाने और मारने तक के लिए यह कहकर चले आते हैं की यह संस्था विध--सम्मत, यानि वैधानिक नहीं है । अगर यह संस्था वैद्य नहीं है तो, अभीतक इस संस्था में कई विधायक, सांसद, मंत्री, विविध ओहदेदार लगातार क्यों आते रहे हैं और संचालक की पीठ क्यों थपथपाते रहे हैं ?
महामहिम राज्यपाल के पत्र आने के बाद इस संस्था के संचालक दम्पति को राष्ट्रपति पुरूस्कार मिलने की संभावना भी बढ़ गयी है ।हमारी महती कोशिश इसको लेकर जारी है ।
इस आलेख के माध्यम से हम कई सवाल खड़े कर रहे हैं ।पहला सवाल जब इस अनाथ आश्रम में इतने पुनीत कार्य हो रहे हैं, तो,सरकार इसका निबंधन क्यों नहीं कर रही है ?दूसरा सवाल आखिर और बड़े पैसे वाले इस आश्रम की मदद के लिए आगे क्यों नहीं आ रहे ?तीसरा सवाल आखिर क्या सोचकर पुलिस और प्रशासन के मुलाजिक कहीं मिले अनाथ बच्चे को इस आश्रम में पहुंचाते रहे ?चौथा सवाल क्या सरकारी कागज और कंप्यूटर में दर्ज संस्था ही वैद्य होती है ?पांचवां सवाल जो संस्था इतने दिनों से सेवा दे रही है,उसके साथ सरकारी अन्याय क्यों ?छठा सवाल जिस संस्था में खुद डीएम कन्यादान करते हों,उसे वैद्य संस्था बनाने से क्यों है परहेज ?
सातवां सवाल जिस संस्था में हुयी शादी के गवाह बड़ी हस्तियां बनीं,उसे सरकार कब करेगी वैद्य ?आठवां सवाल जिस संस्था की तारीफ़ में महामहिम राज्यपाल तारीफ़ में कसीदे कढ़ रहे हों, उसे अवैद्य संस्था कहना कहाँ तक है मुनासिब ?
आखिर में हम राज्यवासियों और देश वासियों से यह जानना चाहते है की आरा--तिरछा कर के सरकारी कागज़ पर निबंधन कराकर संस्था के नाम पर पैसे का खेल--खेलने वाले लोग ही सरकार की नजर में कबतक सही रहेंगे ?हमने कई सरकारी संस्था को देखा है,जहां अन्याय हो रहे हैं लेकिन उसकी फ़िक्र सरकार को नहीं है ।ऐसी सरकारी संस्थाओं में लगातार अनाथ बच्चों की मौत होती है लेकिन उसकी जांच हो रही है के तकिया कलाम से ज्यादा कुछ भी फलाफल नहीं निकलता ।हमने आजतक किसी सरकारी संस्था पर बड़ी कार्रवाई होते नहीं देखा है ।
महामहिम की हौसला आफजाई से इस अनाथ आश्रम को अकूत संबल मिला है ।हम यह उम्मीद करते हैं की सरकार इस दंपति को उनके त्याग और तपस्या के बदले,इसबार जरूर सरकारी निबन्धन का तोहफा देगी ।आखिर कबतक दान और चंदे पर इस अनाथ आश्रम में मासूम नौनिहालों के मनसुख सपने यूँ ही दम तोड़ते रहेंगे ।

बिहार जुनियर स्पोर्ट मीट 2017 का हुआ आगाज....



प्रतिभागियों के बीच हुई क्वीज प्रतियोगता....
कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट------
शिक्षा के साथ--साथ खेल कूद होना अति आवयशक है. एक तरफ जहाँ बच्चों को शिक्षित करने के लिए अभिभावक चिंतित रहते है वही बेहतर स्वास्थय को लेकर भी गंभीर रहते है. ऐसी परिस्थिति में अगर बच्चों को स्कूली शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ-साथ खेलकूद का मौका मिलता है तो निश्चित रूप से बच्चे शिक्षित और स्वस्थ होंगे। 
इसी उद्देश्यों को लेकर जिले के प्रखंड स्तरीय बिहार जुनियर स्पोर्ट मीट 2017 तरंग का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में जिले के कहरा प्रखंड क्षेत्र के करीब 150 संकुल विद्दयालों के छात्र--छत्राओं को अपना प्रतिभा दिखाने का मौका मिला।
 कार्यक्रमों का आयोजन मध्य विधालय आरक्षी केंद्र के प्रांगण में आयोजित की गयी. जिसमें कई विधालयों के शिक्षक व शिक्षिकाओं सहित अन्य गणमान्य लोगों व विभागीय अधिकारियों ने भी शिरकत की. कार्यक्रम का आगाज विभाग द्धारा प्रभारी ए०पी० ओ०नन्द लाल पासवान, प्रखंड विकास पदाधिकारी-कहरा, सचिव नुनु मणि सिंह, निरंजन कुमार, संकुल व्यवस्थापक विमल कुमार यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। वही पंचकोशी सांस्कृतिक मंच, सहरसा के द्धारा कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों को करते हुए बच्चों में उत्साह को बढ़ाया। जिसमें टीम अमित सिंह जय जय, संगीत प्रभारी खुशुबू सिंह, म्यूजिक अरुण कुमार, नाल वादक मिथुन राजा, गायक उमेश राम व पवन कुमार यादव ने अपने कला को बिखेरा ।
मंच संचालन सत्यम कुमार सिंह ने किया प्रतियोगिता में कबड्डी, वॉलीवॉल,ऊँची कूद,लंबी कूद,चित्रकला अदि मुख्य रूप से शामिल था इस मौके पर क्वीज प्रतियोगिता निर्णायक संजीव कुमार,संजीव कुमार सिंह,प्रतिभागी में भविया कुमारी,नाजिया प्रवीण,दिलखुश कुमार सहित सैकडों छात्र--छात्राओं ने हिस्सा लिया ।
बिहार जुनियर स्पोर्ट मीट 2017 तरंग को सफल बनाने में आ० मध्य वि० परमिनिया की शिक्षिका हिमांशु ललिता,आ० आ० मध्य वि० शि० संघ,सहरसा के मो० अंसार आलम,मो० अशहर आलम,मुकेश कुमार सहित साजिया,मोमिषा खातून सहित दर्जनों शिक्षक शिक्षिकाओं ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया ।      

शहर में चोरों का तांडव लगातार जारी....

चोर गिरहों पर सहरसा पुलिस नकेल कसने में नाकाम....
मो० अजहर उद्दीन की रिपोर्ट-------  
जिले में पिछले दिनों से लगातर चोरी की घटना सहरसा पुलिस के लिए सर दर्द बन गयी है. वही शहरवासी काफी हलकान और परेशान नजर आ रहे है. मकान खाली हो या लोग मकान में सो रहे हो चोर बड़े आराम से बिना किसी ख़ौफ़ के चोरी की घटना को अंजाम देकर वहाँ से फरार हो जाते है. पिछलें दिनों विद्यापति नगर, न्यू कॉलोनी और अन्य कई जगहों में चोरों ने बड़े आराम से चोरी की घटना को अंजाम दिया.
गौरतलब है की सदर थाना क्षेत्र के मसोमात पोखर स्थित केशव चन्द्र झा के मकान में बीती रात चोरों ने घर की गेट का कुण्डी काट कर घर में रखे समान नगदी सहित जेवर लेकर फरार हो गये. सदर थाना को दिये आवेदन में केशव चंद्र झा ने बताया की वो भाई के लड़की के शादी में 2 फ़रवरी को परिवार के साथ पूर्णिया गये थे वापस 3 फ़रवरी को पूर्णिया से अकेले देर रात वापस आने पर जब हमनें अपने घर के मुख्य द्वार का ताला खोलना चाहा तो देखा गेट में ताला नहीं है और गेट की कुण्डी टूटी है.
 फिर घर के अंदर घुसा तो हमारे चलने के आहट से एक चोर बाहर निकला तो हमने उसे हिम्मत कर अपने हाथों से दबोचा लेकिन फिर घर के अंदर से तीन की संख्या में और चोर निकले और चोर को देख में काफी डर गया और पकड़े हुए चोर को छोड़ दिया। फिर घर के दरवाजे से चोर भाग गया. थाने में दिए आवेदन में पीड़ित ने सोने का आभूषण 36 ग्राम, चाँदी का पायल 5 जोड़ा 144 ग्राम,70 हजार रूपये नकद, दो मोबाईल,कपड़े सहित अन्य समानों की चोरी होने की बात कही ।
लगातर शहर में इस तरह के घटना से लोगों की ज़िन्दगी आफत में गुजर रही है. जल्द से जल्द सहरसा पुलिस को चोर गिरोह को पकड़ना होगा नहीं तो इसी तरह चोरों के द्वारा हर रात किसी ना किसी के घर को निशाना बनाया जायेगा.  

फ़रवरी 03, 2017

भारत मेडिकल एजेंसी से भारी मात्रा मे पकड़ाए कॉरेक्स.



अजहरुद्दीन की रिपोर्ट --- सहरसा के कोशी निवास होटल परिसर में अवस्थित भारत मेडिकल एजेंसी से भारी मात्रा में कॉरेक्स सिरप बरामद किया गया है ।
 सदर थानाध्यक्ष भाई भरत के नेतृत्व में यह कामयाबी मिली है । एजेंसी मालिक विक्की भगत को भी पुलिस ने हिरासत में ले लिया है ।
 बताना लाजिमी है की बिहार में शराबबंदी के बाद नशे के आदी कॉरेक्स सिरप का धड़ल्ले से इस इलाके में उपयोग कर,नशे का आनंद ले रहे हैं ।हद की इंतहा तो यह है की कॉरेक्स सिरप को छुपाकर और जेल कर्मी की मिली भगत से जेल के भीतर भी पहुंचाया जाता है जिसे पीकर बंदी खूब मस्ती करते हैं । 
हांलांकि पुलिस की इस कामयाबी की हम दिल से तारीफ़ करते हैं लेकिन सहरसा में बहुत सारी दवा दुकानें हैं,जहां कॉरेक्स सिरप बिक रहे हैं ।इस सिरप का छुप--छुपाकर अलग से भी कारोबार होता है । पुलिस को एक तरफ जहां और सख्ती दिखाने की जरुरत है,वहीं ऐसे कारोबारियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्सने का संकल्प लेना होगा ।

क्या ये तिरंगे का अपमान है ?


सहरसा टाईम्स एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ----- 

नामी कम्पनी के किसी भी प्रोडक्ट को बाजार में लाने से पहले कई तरह के प्रयोग किये जाते हैं । जाहिर सी बात है की उसी प्रयोग से बाजार में वह प्रोडक्ट जगह बना पाती है ।  
लेकिन हम अपने पाठकों को एक नामी कम्पनी AQUALITE की चप्पल को दिखा रहे हैं जिसपर उन रंगों को करीने से इस्तेमाल किया गया है जिसका उपयोग हमारे राष्ट्रीय ध्वज में होता है ।
हमारी समझ से यह बेहद दुःखद है । यह चप्पल लोगों के पाँव में आ गयी है ।यह राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने वाली चप्पल है ।देशवासियों को और विभिन्य राज्यों की सरकार और केंद्र सरकार को इस चप्पल को बाजार से पूरी तरह हटाना होगा । बाजार में इस चप्पल को पूरी तरह से उतारा जा चुका है ।हमारी समझ से,चप्पल कम्पनी पर कठोर कार्रवाई का रास्ता तैयार करना चाहिए । जागो देशवासियों,जागो ।

महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविन्द की आकांक्षा अनाथ आश्रम पर बरसी कृपा

** पत्र लिखकर निर्जीव अनाथ आश्रम में भरी ऊर्जा .. 
** क्या अनाथ आश्रम के अब बहुरेंगे दिन ? 
आकांक्षा अनाथ आश्रम में बीते 22 जनवरी को दो अनाथ बच्चियों की एक साथ शादी हुई. इसमें से एक बच्ची सुमन दिव्यांग है जिसके दोनों टांगें कटे हुए हैं. दूसरी बच्ची रंजू कुमारी है. हांलांकि शादी पहले 28 दिसम्बर को होने वाली थी लेकिन पैसे का इंतजाम नहीं होने के कारण तिथि में बदलाव हुआ. 
सहरसा टाईम्स अपने पाठकों को एक्सक्लूसिव जानकारी दे रहा है की इस शादी को लेकर महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविन्द ने आश्रम संचालक के नाम 12 जनवरी की तिथि में पत्र संप्रेषित कर दोनों बच्चियों के उज्जवल भविष्य की कामना की थी।
अपने पत्र में महामहिम ने कहा यह जानकार प्रसन्नता हुई की आकांक्षा अनाथ आश्रम, सहरसा, बिहार के तत्वाधान में सामूहिक कन्यादान का वैवाहिक कार्यक्रम आगामी 22 जनवरी को संपन्न होने जा रहा है। आशा है उक्त समारोह के आयोजन से समाज के कमजोर और अभिवंचित वर्ग की अनाथ युवतियों के जीवन में नया सवेरा आएगा और वे सुख और आनंद के साथ अपना भावी जीवन यापन कर सकेंगी । मैं उक्त वैवाहिक आयोजन की सफलता की मंगल कामना करता हूँ ।


यह पत्र आकांक्षा अनाथ आश्रम में अकूत ऊर्जा भरने का काम कर रहा है । हमारी कोशिश है की आश्रम संचालक को राष्ट्रपति पुरस्कार मिले ।साथ ही इस आश्रम का बहुत जल्द सरकारी निबंधन हो ।हमें पूरी उम्मीद है की अब इस अनाथ आश्रम के दिन जरूर बहुरेंगे ।

टिप्पणी--- आखिर महामहिम राज्यपाल रामनाथ कोविन्द के एक अनाथ आश्रम को संप्रेषित पत्र की खबर तमाम बड़े अखबार और टीवी चैनल्स की सुर्खियां क्यों नहीं बनी ? आखिर अनाथ बच्चों और अनाथ आश्रम के प्रति अखबार और टीवी चैनल्स को सहानुभूति क्यों नहीं ? बड़ा सवाल फजां में मौजूं है ।

बेहद दुःखद हादसा , दो छात्र की मौत

सहरसा टाईम्स (सिमरी बख्तियारपुर)---
जिले के सिमरी बख्तियारपुर के सैनी टोला में बीती रात गैस सिलिन्डर के लीकेज से लगी आग में दसवीं कक्षा के दो छात्र की हुई दर्दनाक मौत । दोनों शव को  पोस्टमार्टम के लिए लाया गया सदर अस्पताल सहरसा ।

फ़रवरी 02, 2017

SSB जवान ने खुद को मारी गोली, मौके पर हुयी मौत


सहरसा टाईम्स रिपोर्ट :: (मुजफ्फरपुर---
अभी झारखंड के रजरप्पा मंदिर में सीआरपीएफ के जवान की आत्म बलि की चर्चा चल रही रही थी, तब तक बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में एक एसएसबी जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है.घटना एसएसबी के अहियापुर में स्थित झपहा स्थिति कैंप की है.बताया जा रहा है कि आत्महत्या करने वाले जवान का नाम चैतन्य तामरा है, वह आंध्रप्रदेश के श्रीकाकुलम जिले का रहनेवाला था.उसकी पोस्टिंग एसएसबी के 27 वीं बटालियन में की गयी थी.प्राथमिक जानकारी के मुताबिक जवान काफी मानसिक तनाव में था और हाल में ही वह छुट्टी से घर से लौटा था.एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उसके मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे मुख्य ड्यूटी से हटाकर कैंप में रखा गया था.
घटना के बाद एसएसबी के डीआईजी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जवान के पास अपनी राईफल नहीं थी.मुख्य ड्यूटी से उसे हटाने के बाद उसके हथियार को उससे वापस ले लिया गया था. उसने अपने साथी की राइफल से खुद को गोली मार ली. घटना के बाद तत्काल उसे स्थानीय अस्पताल में भरती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद एसएसबी कैंप की सुरक्षा बढ़ा दी गयी है. वरीय अधिकारी जवानों से स्वयं बात कर रहे हैं.गौरतलब हो कि हाल में औरंगाबाद जिले में एक सीआइएसएफ के जवान ने एक जवान से हुए मजाक के बाद गोली चलाकर अपने चार साथियों की हत्या कर दी थी.

आकर्षक रूप से दिखा माँ सरस्वती का दरवार .........

 मो० अजहर उद्दीन की रिपोर्ट----- सरस्वती पूजा में सहरसा शहर की बात करे तो युवाओं के द्धारा आकर्षक रूप से माँ सरस्वती की प्रतिमा के साथ साथ पूजा पंडाल को बेहतर तरीके से सजाया गया. 
शहर के बटराहा में युवाओं और समाज के बुद्धिजीवी लोगो के सहयोग से प्रतिमा के साथ-साथ देश सेना और आतंकवाद की झलक भी देखने को मिला.

बटराहा में मौजूद अनपूर्णा मंदिर के समीप,ड्रीम क्लब और शिव सेना क्लब के द्धारा झाकियां के साथ--साथ बेहद खुबशुरत माँ सरस्वती की प्रतिमा नजर आयी ।
दर्जनों युवाओं और समाज से सरोकार रखने वाले लोगों के द्धारा इस तरह के कार्यक्रम को सफल बनाते हुए समाज को आपसी मोहब्बत का पैगाम दिया ।   

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।