अक्टूबर 20, 2013

कुदरत का करिश्मा : एक महिला ने एक साथ जनने चार बच्चे

सहरसा टाईम्स: बीती रात सदर अस्पताल सहरसा में एक महिला ने एक बाद एक कुल चार बच्चों को जन्म दिया.य़े चारो बच्चे सामान्य प्रसव से इस दुनिया में आये.खास बात यह है की जहां चारो बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं वहीँ इसकी माँ भी बिल्कुल ठीक--ठाक है. जिले के बनमा इटहरी प्रखंड के मकदमपुर गाँव की रहने वाली वीणा देवी के पति पंजाब में मजदूरी करते हैं.एक साथ चार--चार बच्चो के जन्म की खबर जैसे--जैसे लोगों को हो रही है वे बच्चों को देखने के लिए अस्पताल पहुँच रहे हैं.बच्चे के रिश्तेदार के साथ---साथ दूसरे लोग भी इसे भगवान् का चमत्कार मान रहे हैं.सभी इस बात से बेहद खुश हैं की चारो बच्चे और प्रसूता पूरी तरह से स्वस्थ्य हैं.
चार बच्चों को जनने वाली वीणा देवी इसे मालिक का चमत्कार मानकर खुश है.उसका कहना है की भगवान् ने यह किया है तो उसे ना केवल यह मंजूर है बल्कि उसे बेहद ख़ुशी है.आगे सभी कुछ भगवान् पर निर्भर है.चार बच्चों में दो बेटे और दो बेटियाँ हैं.
चारों बच्चे स्वस्थ्य हैं यह बेहद ख़ुशी की बात है लेकिन आप यह जानकार हैरान हो जायेंगे की वीणा देवी को पहले से ही पांच बच्चे हैं और अब ये चार.कुल नौ बच्चे हुए जिसकी परवरिश आखिर वीणा आगे किस तरह से और कितना बेहतर ढंग से कर पाएगी,यक्ष प्रश्न सामने खड़ा है.

ह्त्या या फिर हादसे में हुयी मौत

सहरसा टाईम्स: बीती रात बिहरा थाना पुलिस के द्वारा एक पैंतीस वर्षीय जख्मी युवक को ईलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया लेकिन ईलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गयी.मृतक वीरेंदर मुखिया जिले के महिषी थाना के नहरवार गाँव का रहने वाला है और उसे बीती रात बिहरा थाना के सिहौल पेट्रोल पम्प के पास से जख्मी अवस्था में सदर अस्पताल लाया गया था.इस मामले में जहां पुलिस कह रही है की ट्रैक्टर की चपेट में आकर इस युवक की मौत हुयी है वहीँ मृतक के पिता का कहना रूपये की लेन--देन में उसकी ह्त्या सिहौल गाँव के रहने वाले भगवान् जी नाम के व्यक्ति ने की है.फिलवक्त पुलिस लाश का पोस्टमार्टम कराकर आगे की तफ्तीश में जुटी हुयी है.ह्त्या या फिर हादसे में हुयी इस युवक मौत,इसपर रहस्य बरकरार है.
सहरसा के ए.एस.पी. दिलीप कुमार मिश्रा का कहना है की इस युवक की मौत ट्रैक्टर की चपेट में आकर हुयी है.बिहरा पुलिस ने उस ट्रैक्टर को भी बरामद कर लिया है.हांलांकि ट्रैक्टर ड्राईवर फिलवक्त फरार है.वैसे मृतक के पिता के आरोप को लेकर इनका कहना है की वे इस बिंदु पर भी जांच करवाएंगे.
आगे इस मामले में पुलिस जिस तरह से भी तफ्तीश करे लेकिन अभी यह रहस्य पूरी तरह से गहराया हुआ है की यह ह्त्या है या फिर सड़क हादसा.हमारी समझ से पुलिस को इस मामले में गहराई से जांच करने की जरुरत है.

दबंग विधायक का प्रचंड गुस्सा देखो सरकार

छातापुर जदयू विधायक नीरज कुमार बबलू
बैंक कैश वेन लूटकांड और कैश वेन के ड्राईवर ह्त्या मामले में चालीस दिनों तक कटिहार जेल में बंद रहने के बाद अठारह अक्तूबर को बाइज्जत बरी होने के बाद आज अपने जिला मुख्यालय के गंगजला स्थित आवास पर सुपौल जिले के छातापुर जदयू विधायक नीरज कुमार बबलू ने सहरसा टाईम्स से खास बातचीत की.बातचीत की दौरान नीरज कुमार बबलू ना केवल अगिया-बेताल थे बल्कि रह--रहकर अपना आपा भी खो रहे थे.नीरज कुमार बबलू पुलिस की कार्यशैली से खासे खफा थे और कह रहे थे की उन्हें झूठे मुकदमें में फंसाकर चालीस दिनों तक जेल के भीतर बंद रखा गया.वे इस मामले को हल्के में लेकर खामोश बैठने वाले नहीं हैं.वे इस मामले में पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा करेंगे.दबंग विधायक बबलू दैनिक हिन्दुस्तान अखबार के रवैये से भी काफी आहत दिख रहे थे.उन्होनें कहा की जबसे उन्होने न्यायालय में समर्पण किया तभी से यह अखबार भ्रामक ख़बरें छाप रहा है.अखबार ने लिखा की वे चुपके से जेल चले गए.उन्होनें अखबार पर सवाल खड़े करते हुए कहा की क्या उन्हें गाजे---बाजे के साथ जेल जाना चाहिए.और क्या वे चूहे थे जो सुरंग बनाकर जेल चले गए.
अखबार द्वारा कोर्ट से बरी होने के पूर्व यह छापने पर की इस मामले में न्यायालय से उन्हें फांसी तक की सजा मिल सकती है पर वे काफी बिफरे और कहा की इस खबर से उन्हें,उनके परिवार के लोगों के साथ--साथ उनके लाखों समर्थकों को काफी मानसिक यंत्रणा झेलनी पड़ी.अगर अखबार ने अपनी ख़बरों का खंडन पंद्रह दिनों के भीतर नहीं छापा तो वे अखबार के सम्पादक से लेकर मालिक तक पर मुकदमा करेंगे.नीरज इतने पर ही नहीं रुके और कहा की इस झूठे मुकदमें में उन्हें चार दिनों में ही बरी कर दिया जाना चाहिए था लेकिन उन्हें चालीस दिनों तक जेल में रखा गया.उन्होनें अदालत को झूठे मुकदमें में निर्दोषों को ना घसीटने की सलाह दी और कहा की इस तरह के कानून में बदलाव के लिए वे आगे बड़ी लड़ाई लड़ेंगे जिससे निर्दोषों को बड़ी मुसीबत का सामना न करना पड़े.
इस तमाम बयानबाजी के बाद विधायक के बरी होने की ख़ुशी में विधायक के घर बेमौसम की होली और दिवाली एक साथ मनाई गयी.विधायक के समर्थक उन्हें ना केवल जमकर गुलाल लगा रहे थे बल्कि पटाखे चलाकर अपनी ख़ुशी का इजहार भी कर रहे थे.
नीरज बबलू के इस तेवर का आगे क्या हस्र होगा उसपर हमारी गिद्ध दृष्टि तो लगी रहेगी ही लेकिन अभी के उनके इन तल्ख़ बयानों ने कोसी--सीमांचल इलाके के सियासी गलियारे में नयी गर्मी जरुर ला दी है.

ईलाज के लिए शराब चाहिए

सहरसा टाईम्स: सदर अस्पताल के संक्रामक कक्ष में देखिये पैसठ वर्षीय टिटनस के मरीज गोहल बढ़ई अब इस दुनिया में नहीं हैं.जिले के सलखुआ प्रखंड के सहुरिया बसाही गाँव के रहने वाले गोहल के परिजन  अठारह अक्तूबर की सुबह उन्हें सदर अस्पताल लेकर आये.गोहल को टिटनस था.गोहल का ईलाज कल शुरू हुआ लेकिन उन्हें बीती रात दो इंजेक्शन जो उनकी जान बचाने के लिए अत्यावश्यक थे और उन्हें दिए जाने थे.गोहल के परिजन इंजेक्शन दिलवाने के लिए आपातकालीन कक्ष में नर्स और कंपाउंडर से खूब मनुहार किये लेकिन कोई वहाँ से आना नहीं चाह रहा था.आखिरकार दो कंपाउंडर आये और उन्होनें ताबड़तोड़ तीन इंजेक्शन गोहल को ठोंक डाले.लेकिन वह दो इंजेक्शन जो सब से आवश्यक थे मरीज को नहीं लगाए.उन दोनों इंजेक्शन को लगाने के लिए इन दोनों कंपाउंडर ने गोहल के परिजन से शराब की मांग की.मरीज के परिजन ने पैसे सुबह में देने की बात कही लेकिन बिना शराब के वे इंजेक्शन नहीं लगाने की जिद पर अड़े थे. आखिरकार वे वहाँ से बिना इंजेक्शन लगाए लौट गए.गोहल को इंजेक्शन नहीं दिए जा सके.इस घटना के बाद अस्पताल के दो सुरक्षाकर्मी आये और गोहल के परिजन को लेकर आपातकालीन कक्ष लेकर गए और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मिलकर उनकी जमकर धुनाई की.हद की इन्तहा देखिये की मरीज को इंजेक्शन शराब नहीं देने के कारण नहीं दिया गया और इधर मरीज के परिजन की पिटाई भी हुयी.इस बेरहमी और लोमहर्षक वारदात के दौरान अहले सुबह बिना ईलाज के गोहल की मौत हो गयी..इस दौरान हमारी दखल के बाद अस्पताल प्रशासन की नींद टूटी और वह हरकत में आया.हमारी पहल के बाद पहले तो अस्पताल उपाधीक्षक डॉक्टर रविन्द्र मोहन ने संक्रामक कक्ष पहुंचकर पहले तो मृतक की लाश को देखा फिर परिजनों को गंभीरता से से सूना.उपाधीक्षक ने अपने कक्ष में उन दोनों आरोपी जवानों को बुलाकर जमकर उनका क्लास लगाया.वे दोनों कंपाउंडर जिन्होनें बीती रात शराब मांगी थी फिलवक्त अस्पताल से फरार हैं.उपाधीक्षक ने हमको भरोसा दिलाया है की दोषियों पर शख्त से शख्त कारवाई होगी.
 क्या शराब के लिए किसी का ईलाज नहीं होगा?क्या शराब लेकर मरीज के परिजनों को अस्पताल जाना होगा?यह सुनकर भी आश्चर्य होता है.क्या अस्पताल में ईलाज करने के लिए स्वास्थ्यकर्मी की जगह गुंडे--मवाली और शराबियों को ईलगाया गया है.आखिर इस अस्पताल में क्या चल रहा है सरकार.

अक्टूबर 13, 2013

मौत का कोलाहल: एक ही परिवार के छः लोग मरे

विवेक सिंह सहरसा टाईम्स:  ट्रैक्टर हादसे में यूँ तो बारह लोग मारे गए हैं लेकिन हम आपको उस अभागे हरिलाल यादव के घर लेकर आये हैं जिनके घर दर्द की सुनामी आई है.हरिलाल की पत्नी सहित उनके घर के छः लोग इस हादसे में मारे गए हैं.खुद हरिलाल भी उस हादसे वाले ट्रैक्टर पर सवार थे लेकिन उनकी जान बच गयी.इस घर में दर्द की सुनामी आई है.पीड़ित के घर अधिकारियों का तांता लगा हुआ है. ये सभी सरकारी कागजात दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं. हरिलाल के घर एक तरफ जहां सरकारी बाबू सरकारी कागजात बनाने में मशगूल हैं वहीँ छः लाश को एक जगह रखकर रोदन और कन्द्रण हो रहा है.घर के शेष बचे लोगों का कलेजा फट रहा है.इस घर की तीन बच्चियां और तीन महिलायें इस दुनिया से अचानक विदा हुयी हैं.घर के लोग तो दर्द में डूबे हुए हैं ही पड़ोस और गाँव के लोग भी मातम में डूबे हुए हैं.इस अभागे परिवार पर दुर्गा पूजा के पावन मौके पर गम का ऐसा पहाड़ टूटा है जिसकी कल्पना मात्र से ही रूह थर्रा जाती है.इस हादसे में इक्कीस लोग जख्मी हुए हैं जिनमें से तीन की स्थिति अभीतक नाजुक बनी हुयी है जिसमें से दो जख्मियों को बेहतर ईलाज के लिए PMCH रेफर किया गया है.
सरकारी बाबू  अभी पीड़ित परिवार को दाह संस्कार के लिए सभी मृतकों के लिए कबीर अन्तियेष्टि योजना से अलग-अलग डेढ़ हजार और पारिवारिक सुरक्षा योजना से बीस हजार रूपये दिए जा रहे हैं.चूँकि मृतकों को राज्य सरकार ने डेढ़--डेढ़ लाख रूपये मुआवजे के तौर पर देने की भी घोषणा उसी रात ही कर दी थी इसलिए उसके मुताल्लिक भी कागजात तैयार किये जा रहे हैं.पीड़ित के घर अधिकारी भी खासे दुखी हैं और सरकारी प्रक्रिया की जानकारी देने के अलावे वे यह भी कह रहे हैं की इस घटना से वे भी काफी मर्माहत हैं.
एक तरफ जहां दुर्गा पूजा की वजह से चहुँदिश हर्षौल्लास और ख़ुशी का माहौल है वहीँ एक परिवार का सबकुछ पल में खत्म हो चुका है.जिन्दगी से ऐसा दर्द आ लगा है जिससे उबर पाना हरिलाल के लिए पहाड़ खोदकर दूध निकालने के समान है.माँ दुर्गा मौत की ईबारत लिख चुकी है.अब हरिलाल को कम से कम वह इतनी ताकत बख्से जिससे वह इस दर्द को ना केवल सह सके बल्कि उससे उबार भी सके.

अक्टूबर 12, 2013

ट्रैक्टर पलटी,बारह मरे और इक्कीस घायल

रिपोर्ट- विवेक सिंह: बीती शाम करीब साढ़े सात बजे सहरसा सदर थाना के भेलवा---सुखासन गाँव के समीप एक ट्रैक्टर सड़क के नीचे एक गड्ढ़े में पलट गयी जिसमें बारह लोगों की मौत हो गयी.इस घटना में इक्कीस लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं जिन्हें ईलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां तीन की हालत नाजुक है.मरने वालों में पांच बच्ची,चार महिलायें और तीन पुरुष शामिल हैं.सभी मरने वाले बग़ल के ही गाँव आरण और नंदलाली के रहने वाले थे.ये सभी महिषी थाना के बाबा कारू--खिरहरी मंदिर से पूजा--अर्चना कर के वापिस अपने घर लौट रहे थे की यह घटना घट गयी. हादसा को देख ट्रैक्टर ड्राईवर वहाँ से फरार हो गया. इस हादसे में दस लोगों की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी जबकि दो की मौत अस्पताल ले जाने के दौरान हो गयी.
मौके पर जिला के सभी वरीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी
मौके पर जिला के सभी वरीय पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और पहले तो एम्बुलेंस से घायलों को सदर अस्पताल भेजवाया फिर लाश को एक गाड़ी पर लादकर अस्पताल भेजवाया.अस्पताल में भी अफरातफरी का माहौल था जहां खुद जिलाधिकारी शशि भूषण कुमार और पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी सिविल सर्जन भोला नाथ झा के साथ घायलों के बेहतर ईलाज के लिए मोनेटरिंग कर रहे थे. पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी ने बारह लोगों की मौत और इक्कीस लोगों के घायल होने की पुष्टि की. इस घटना में मारे गए लोगों के परिजनों को सरकार ने जहां डेढ़--डेढ़ लाख रूपये बतौर मुआवजा देने की घोषणा की है वहीँ घायलों के ईलाज का पूरा इंतजाम राज्य सरकार के निर्देश पर जिलाधिकारी और सिविल सर्जन सरकारी कोष से कर रहे हैं.दुर्गा पूजा के समय घटी इस भीषण घटना से पुरे इलाके में ना केवल सनसनी फैली हुयी है बल्कि चारो तरह चीख--पुकार और कोहराम मचा हुआ है.

अक्टूबर 09, 2013

बस हादसा

सहरसा टाईम्स: सहरसा से पूर्वी कोसी तटबंध के समीप राजहनपुर गाँव जा रही एक बस आज दोपहर बाद महिषी थाना के गेमरहो के समीप एक खायी में पलट गयी जिसमें एक पांच वर्षीय बच्ची और पैंतालिस वर्षीय एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गयी जबकि सत्रह लोग जख्मी हो गए.जख्मियों को ईलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं जहां तीन बच्चे सहित पांच की हालत नाजुक है.मृतक और सभी जख्मी महिषी थाना के राजहनपुर गाँव के रक्सा टोला के रहने वाले हैं.घायलों में से कुछ लोग दुर्गापूजा में लगने वाले मेले को देखने सहरसा आये थे तो कुछ लोग दुसरे काम से.
डॉक्टर रविन्द्र मोहन,अस्पताल उपाधीक्षक,सदर अस्पताल,सहरसा.: अस्पताल उपाधीक्षक के मुताबिक़ सत्रह लोग जख्मी हैं जिनमें से दो--तीन की स्थिति गंभीर है.सभी का उपचार किया जा रहा है.
एक बार फिर रफ़्तार और असावधानी ने एक बड़ी घटना की पटकथा लिख ही डाली.

छः दिनों से जारी भूख हड़ताल हुयी खत्म

सहरसा टाईम्स : जिला मुख्यालय के कुंवर सिंह चौक पर पिछले छः दिनों से जारी भूख हड़ताल आज जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों के साथ--साथ स्थानीय बीजेपी विधायक की पहल पर खत्म हो गयी.दुर्गापूजा में बेबस बने पुलिस--प्रशासन पर एक तरह से तरस खाते हुए और एक महीने के इस अल्टीमेटम पर की तय अवधि में ब्रिज का निर्माण कार्य अगर शुरू नहीं हुआ तो इस बार न केवल उग्र आन्दोलन होगा बल्कि अनशनकारी रेल परिचालन को पूरी तरह से ठप्प कर देंगे के फरमान पर अनशन खत्म हुआ.
 अनशन स्थल पर स्थानीय बीजेपी विधायक आलोक रंजन,पुलिस अधीक्षक अजीत कुमार सत्यार्थी,ए.एस.पी दिलीप मिश्रा और एस.डी.ओ.(ट्रेनी आई.ए. एस.)पंकज दीक्षित अनशन स्थल पर अनशनकारियों से वार्ता करने के लिए पहुंचे
दुर्गा पूजा में अपाड़ भीड़ को संभालने में पुलिस--प्रशासन को हर साल खासी मशक्कत करनी पड़ती है.ऐसे में अनशन के छठे दिन लोक गायक सह सिने अभिनेता सुनील छैला बिहारी के इस अनशन में शामिल हो जाने से इस अनशन का स्वरुप काफी विशाल हो गया.यही नहीं तमाम विरोधी दल सहित कई संगठनों का इस अनशन को समर्थन प्राप्त था जो पुलिस--प्रशासन के गले में हड्डी बन रही थी.सभी ने मिलकर अनशनकारियों को समझाया.स्थानीय विधायक ने ब्रिज को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता की.मुख्यमंत्री ने उन्हें ब्रिज निर्माण का आश्वासन देते हुए कहा की जैसे ही उनके हाथ रेलवे का पत्र आता है वे ब्रिज निर्माण के लिए सरकारी राशि देने की स्वीकृति दे देंगे.वार्ता में यह तय किया गया की आगामी अठारह अक्तूबर को अनशनकारी प्रवीण आनंद और ऑस्कर महेंद्र त्यागी, लोक गायक सह सिने अभिनेता सुनील छैला बिहारी,मीडिया के दो लोग स्थानीय भाजपा विधायक के नेतृत्व में रेलवे का पत्र लेकर मुख्यमंत्री से मिलने जायेंगे और राशि की स्वीकृति हाथो--हाथ करवाएंगे.इसी बात पर अनशन को खत्म कराया गया.वैसे अनशनकारियों ने इस तमाम प्रयास के लिए एक महीने की मोहलत दी है.अगर इस अवधि के भीतर ब्रिज निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ़ नहीं हुआ तो वे ना केवल रेल की पटरी पर भूख हड़ताल कर रेल परिचालन पूरी तरह से ठप्प कर देंगे बल्कि सम्पूर्ण कोसी में उग्र आन्दोलन करेंगे.यही नहीं जनता आगामी चुनाव में अपने वोट का बहिष्कार भी करेगी.
अनशन खत्म कराने आये अधिकारियों पुलिस अधीक्षक अजीत सत्यार्थी,पंकज दीक्षित,एस.डी.ओ(ट्रेनी आई ए एस) और ए.एस.पी दिलीप मिश्रा ने जान पर बनी इस अनशन खत्म करवाने के लिए आमलोगों के साथ--साथ मीडिया को दिल से बधाई दी.
तमाम प्रयास के बाद आज अनशन को तो खत्म करा लिया गया है लेकिन अनशनकारियों ने घोषणा कर दी है की उन्होनें अनशन खत्म नहीं किया है बल्कि अनशन में एक ब्रेक लिया है.अगर तय अवधि में ब्रिज निर्माण का कार्य शुरू नहीं हुआ तो आगे वे ऐसा आन्दोलन करेंगे की इसकी गूंज राज्य सहित देश के कोने--कोने में सुनाई देगी. नीतीश बाबू,या मुलाहिजा होशियार---------

भूख हड़ताल में आई गर्मी

प्रसिद्ध लोक सह भोजपुरी गायक और सिने अभिनेता सुनील छैला बिहारी भी रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए बैठे भूख हड़ताल पर वहीँ आम आदमी पार्टी की बिहार प्रदेश इकाई ने भी अनशन को दिया अपना समर्थन
सुनील छैला बिहारी
सहरसा टाईम्स:  रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के लिए स्थानीय वीर कुंवर सिंह चौक पर जारी भूख हड़ताल के पांचवें दिन निसंदेह अप्रत्यासित गर्मी आ गई है .इस आमरण अनशन के समर्थन में जहां प्रसिद्ध लोक सह भोजपुरी गायक और सिने अभिनेता सुनील छैला बिहारी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं वहीँ आम आदमी पार्टी की बिहार प्रदेश इकाई ने भी अनशन को अपना समर्थन दिया है.पार्टी के प्रदेश नेता नन्द कुमार आजाद भी भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं और उन्होनें घोषणा की है की जबतक ब्रिज के निर्माण का रास्ता साफ़ नहीं हो जाएगा वे भूख हड़ताल पर बैठे रहेंगे.इस समर्थन से पांच दिनों से भूखे--प्यासे बैठे अनशनकारियों में ना केवल अकूत ऊर्जा का संग्रहण हुआ है बल्कि अनशन के फलाफल को लेकर उम्मीद भी बंधी है.
आम आदमी पार्टी के प्रदेश नेता नन्द कुमार आजाद ने भी अनशन को पार्टी के समर्थन की बात करते हुए कहा की वे भी अनशन पर बैठ रहे हैं.जबतक ओवर ब्रिज निर्माण की हरी झंडी मिल नहीं जाती,वे अनशन पर बैठे रहेंगे.
अब यह आन्दोलन अपने परवान पर है.शासन--प्रशासन को अविलम्ब इसका हल निकाल लेना चाहिए वर्ना आगे स्थिति विस्फोटक हो सकती है जो कहीं से भी शुभ संकेत देने वाला साबित नहीं होगा.

अक्टूबर 05, 2013

शरद यादव ने लांच किया अपना वेबसाईट

सहरसा टाईम्स: जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने आज सहरसा परिसदन में अपना वेबसाईट लांच किया.इस मौके पर शरद यादव खासे उत्साहित थे और उन्होनें कहा की वे अब सीधे जनता से जुड़े रहेंगे और जनता की ज्यादा सेवा करेंगे.यूँ वे बीते पैंतालिस वर्षों से जनता की सेवा ही करते आ रहे हैं.जाहिर सी बात है की आज से शरद जी भी हाईटेक हो गए.वेबसाईट लांच करने वाले इंजीनियर संदीप शांडिल्य का कहना है की इस वेबसाईट के माध्यम से शरद जी देश के किसी भी कोने से अपने संसदीय क्षेत्र की जनता से ना केवल रूबरू होते रहेंगे बल्कि कहीं की जनता की समस्याओं से भी वे रूबरू हो सकते हैं.शरद जी के संसदीय क्षेत्र की तमाम योजनाओं के साथ--साथ उसमें व्यय राशि का ब्यौरा भी वेबसाईट में होगा.

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।