कृष्ण मोहन सोनी की रिपोर्ट:- नेपाल में लगातार कई वर्षो से अपने अधिकार को लेकर भारतवंशी मधेशियों ने आवाज उठायी है लेकिन इन मधेशियों की मांगों को नेपाल सरकार नजर अंदाज करती रही. जिस वजह से नेपाल में मधेशीयों का आक्रोश बढ़ता गया अपने हक और हुकूक के लिए मधेशियों दूारा आंदोलन तेज होता गया लेकिन नेपाल सरकार बार - बार इन मधेशियों पर दमननात्मक करवाई कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश करती रही, जिसका परिणाम हुआ नेपाल में मधेशीयों का उग्र आंदोलन विगत तीन माह से नेपाल में फिर एक बार तेज हो चूका है लेकिन इस दिशा में अब तक ना तो नेपाल सरकार और ना ही भारत सरकार हस्तक्षेप कर किसी ठोस नतीजे पे पहुँच पायी है.

नेपाल में इन मधेशियों के उपर हो रहे दमन के विरोध में भारत में विभिन्न संगठनों ने विरोध व कैंडिल मार्च निकल कर भारत सरकार को इस दिशा में पहल करने की माँग की है. मधेशी आंदोलन के समर्थन में सहरसा जिले में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा व फ्रेंड्स ऑफ़ आनंद के सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने बुधवार को स्थानीय वीर कुँवर सिंह चौक से समाहरणालय, सहरसा तक विरोध मार्च निकला एवं एक प्रतिनिधि मंडल जिला के वरीय पदाधिकारी से मिल कर भारत सरकार के नाम एक अपने मांगो का ज्ञापन समर्पित किया. समर्पित ज्ञापन में कहा गया है कि मधेशियों पर अत्याचार बंद करने अधिकार सम्पन मधेश प्रदेश की स्थापना सेना, कार्यपालिका, न्यायपालिका,
विधायिका में मधेशियों को समानुपातिक साझेदारी सुनिश्चित करने आदि शामिल है. जिसमें भारत सरकार को मधेशीयों के समर्थन में हस्तक्षेप कर जल्द ही समाधान करने की मांग की गयी है.ताकि नेपाल में स्थिति समान हो सके और भारतवंशी मधेशियों को अधिकार मिल सके एवं नेपाल में चीन का आवंछित हस्तक्षेप व तिब्बत की तरह नेपाल भी हमारे हाथों से निकल ना जाय जो कई दृष्टि कोण से राष्ट्र के लिए अहितकर होगा.
इस विरोध मार्च में मुख्य रूप से फ्रेंड्स ऑफ़ आनंद के ध्यानी यादव, राजन आनंद, अनिल कुशवाहा, मुकेश कुमार सिन्हा, पप्पू भगत, महबूब अली कैंसर, उज्जवल कुमार, विपिन कुमार मिश्रा, युथ फ्रंट के अध्यक्ष विनय यादव,रविन्द्र कुमार,सैफ अली,तपेश कुमार यादव,आलोक कुमार झा,रोहिन दास,मनन साह,हम के सचिव अनिता कुशवाहा सहित सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.