अक्टूबर 02, 2011

चोर की जमकर धुनाई


02-10-2011   
सहरसा
आज अहले सुबह सदर थाना क्षेत्र के रिफ्यूजी कोलोनी में एक घर में घुसकर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे एक युवक को मुहल्ले के लोगों ने ना केवल धर दबोचा बल्कि लोहे के खम्भे में उसे बांधकर और दौड़ा--दौड़ा कर के बेरहमी से उसकी पिटाई भी की.लोडेड पिस्तौल से लैस यह आधुनिक चोर स्थानीय बटराहा मुहल्ले के एक लॉज में रहकर पढाई भी करता था.सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने लहुलुहान और खून से लथ--पथ हुए चोर को अपने कब्जे में ले लिया.गंभीर रूप से जख्मी हुए चोर को तत्काल पुलिस सदर अस्पताल ले गयी है जहां उसकी हालत नाजुक बतायी जा रही है.-
एक बार फिर भीड़ ने कानून को अपने हाथों में लेकर एक चोर को खम्भे से बांधकर और दौड़ा-दौड़ा कर तबतक पीटा जबतक की वह लहुलुहान होकर बेदम नहीं हो गया.हम आपको शहर के रिहायशी इलाके रिफ्यूजी कोलोनी का नजारा दिखा रहे हैं.पप्पू यादव नाम के इस चोर को देखिये लोग किस तरह से धुनाई कर रहे हैं.मुहल्ले के एक घर में यह पौ फटने से ठीक पहले चोरी की घटना को अंजाम दे रहा था.अचानक घर के लोगों की नींद खुल गयी और उन्होने हल्ला मचाया.उसके बाद फिर क्या हुआ यह हमें बताने की जरुरत नहीं है.देखिये इस आधुनिक चोर को,किस तरह से इसकी कमर में लोडेड पिस्तौल खोंसी हुई है.इसके पास से तीन जिन्दा कारतूस भी अलग बरामद किये गए हैं.हद बात तो यह है की यह चोर शहर के ही एक मुहल्ले बटराहा के एक लॉज में रहकर पढाई भी कर रहा था.यह बीएससी पार्ट वन का छात्र भी है.सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची सदर थाना की पुलिस ने चोर को लोगों की गिरफ्त से मुक्त कराके उसे अपने कब्जे में ले लिया.थाना लाने के क्रम में बेरहमी से हुई पिटाई की वजह से अचानक चोर बेहोश हो गया.आनन्--फानन में पुलिस चोर को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गयी है जहां उसकी हालत नाजुक है.

रविन्द्र यादव,थानाध्यक्ष,सदर थाना,सहरसा.
कानून को हाथ में लेकर भीड़ के द्वारा चोर की इस तरह से बेरहमी से पिटाई करने को कभी भी जायज नहीं ठहराया जा सकता है.जाहिर तौर पर यह पुलिस की नाकामियों का ही नतीजा है की अब पुलिस पर से लोगों का भरोसा उठने लगा है और लोग खुद कानून हाथ में लेकर इन्साफ करने में जुट गए हैं.दशहरे का समय है इस समय तो पुलिस को खासकर के और ज्यादा चौकस और सतर्क रहके ना केवल गस्त लगानी होगी बल्कि असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर भी रखनी होगी.

अक्टूबर 01, 2011

बच्चों ने किया बड़ा जाम



 ०१-१०-2011

वर्षों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित महादलित बच्चों और उनके परिजनों का गुस्सा आज एक साथ ही फुटकर सड़क पर पसर गया.सौर बाजार प्रखंड के करीब आधा दर्जन उत्क्रमित मध्य विद्यालय के सैंकड़ों बच्चे और उनके साथ उससे भी बड़ी संख्यां आये उनके परिजनों ने ना केवल जमकर बबाल काटे बल्कि बैजनाथपुर से होकर गुजरने वाली NH--107 को करीब पाँच घंटे तक जाम कर यातायात को पूरी तरह से ठप्प कर दिया.इस दौरान गाड़ियों की लम्बी कतार लग गयी और आमलोग खासे हलकान और परेशान रहे.हद की इन्तहा देखिये की सहरसा जिले के सबसे महत्वपूर्ण सड़क पर घंटों से यातायात ठप्प था लेकिन इस दौरान जिले के किसी बड़े प्रशासनिक अधिकारी ने मौके पर जाकर आंदोलित लोगों को समझाने का प्रयास नहीं किया.सुबह ग्यारह बजे से लगा जाम शाम के चार बजे जाकर समाप्त हुआ.आन्दोलनकारी बच्चों और उनके परिजनों का कहना था की सरकार उनके और उनके बच्चों के लिए तो अनगिनत योजनायें चला रही है लेकिन उन्हें इसका कतई लाभ नहीं मिल रहा है.बच्चों को स्कूल में एक तो कभी ढंग से मिड डे मिल नहीं मिलता है और उसपर आजतक ना तो छात्रवृति और ना ही पोशाक की राशि ही उन्हें मिली है.सरकार ने उन्हें महादलित बनाकर दूसरे को मालामाल करने का काम किया है.आखिरकार जाम सौर बाजार के बीडीओ के समझाने--बुझाने पर खत्म हुआ.

यह नजारा है सहरसा के बैजनाथपुर के NH--107 का.देखिये यहाँ सरकारी योजनाओं के लाभ से पूरी तरह वंचित ना केवल महादलित बच्चों का कुनबा उमड़ा है बल्कि इन बच्चों के साथ इनके परिजन भी है.बच्चे और उनके परिजनों ने मिलकर बैजनाथपुर के NH--107 को पूरी तरह से जामकर के यातायात को बाधित कर दिया है.सुबह ग्यारह बजे ये सभी यहाँ हंगामा कर रहे हैं लेकिन इनको सुनने के लिए यहाँ कोई प्रशासन का अधिकारी नहीं आ रहा है.बैजनाथपुर शिविर के प्रभारी ने इन्हें समझाने का काफी प्रयत्न किया लेकिन उनकी एक ना चली और जाम जारी रहा.जाम के दौरान मधेपुरा,पुर्णिया,कटिहार से लेकर सोनवर्षा राज और निकट के कई हिस्सों के लिए जाने वाली गाड़ियां यूँ  ही सड़क के किनारे लगी रहीं.जाम के दौरान कई पुलिस अधिकारियों को भी जाम में फंसे रहने को विवश रहना पड़ा.मधेपुरा के डीएसपी को सहरसा जाना था लेकिन उन्हें जाने की इजाजत जाम खत्म होने पर ही मिल सकी.आईये सुनते हैं बच्चों और उनके परिजनों को.
अब जरा इस बुजुर्ग महादलित के गुस्से को देखिये.इनका कहना है की नीतीश कुमार ने इन्हें महादलित बनाकर ठगने का कामं किया है.ना तो इन्हें और ना ही इनके बच्चों को सरकार की किसी योजना का लाभ मिल रहा है.देखिये ये हाथ में पत्थर लेकर कह रहे हैं की अगर अभी नीतीश कुमार उनके सामने आ जाएँ तो वे उनका सर फोड़ देंगे.

दिनभर बैजनाथपुर शिविर के प्रभारी लोगों को मनाने की कोशिश करते रहे लेकिन किसी ने उनकी एक ना सुनी.सबके सब बीडीओ और डीएम को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़े थे.आईये सुनते हैं इनको..
सुनील कुमार भगत,बैजनाथपुर शिविर प्रभारी.
चार बजे शाम में जाम तो खत्म हो गया लेकिन इस जाम ने कई सवाल खड़े किये हैं.एक तो महादलितों के साथ किस तरह से छलावा हो रहा है और दूसरा प्रशासन के अधिकारी कितने बिगडैल और लापरवाह हैं,इनमें सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण हैं.

सितंबर 30, 2011

तंगहाली में फांसी लगाकर आत्महत्या


                      
     

                                                                               कहते हैं की मौत बस बहाना ढूंढ़ती है बीते दिन सदर थाना क्षेत्र के बटराहा मुहल्ले से एक कमरे का दरवाजा तोड़कर पुलिस ने फांसी के फंदे में बांस--बल्ली से लटकती एक युवक की लाश को बरामद किया.पिछले दो दिनों से बन्द कमरे से आज बदबू निकल रही थी जिससे लोगों को शंका हुई और लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी.फिर मौके पर पुलिस ने आकर कमरे का दरवाजा तोड़कर लाश को बरामद किया.स्थानीय लोगों का कहना है की मृतक 35 वर्षीय संतोष
  यादव बेरोजगार था और महीनों से आर्थिक तंगी से गुजर रहा था.उसकी शादी हो चुकी थी और उसके दो मासूम बच्चे भी हैं.लेकिन पिछले तीन माह से उसने अपनी पत्नी और बच्चों को अपनी ससुराल में छोड़ रखा था.कई दिनों से वह काफी परेशान था और पिछले दो दिनों से उसका कमरा भी बन्द था लेकिन लोगों ने इसपर ध्यान नहीं दिया.लेकिन आज जब
कमरे से बदबू निकल रही थी तो लोगों को शक हुआ और उन्होनें पुलिस को इस बाबत सूचना दी.जाहिर तौर पर संतोष ने दो दिन पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह दिया था.पुलिस लाश को कब्जे में लेकर जांच में जुट चुकी है.गरीबों के नाम पर सरकार की तमाम योजनाओं के बीच आर्थिक तंगी में एक परिवार असमय बर्बाद हो गया.
यह नजारा है सहरसा के रिहायशी मोहल्ला बटराहा का.देखिये इस बन्द कमरे के दरवाजे को पुलिस के सामने तोडा जा रहा है.और यह बांस--बल्ली से लटकती--झूलती लाश है संतोष यादव की.दो बच्चों का बाप संतोष अपनी बेबा पत्नी और बच्चों को रोता--बिलखता छोड़कर इस दुनिया से जा चुका है.बेरोजगार संतोष लाख कोशिशों के बाद भी कमाई का कोई पुख्ता इंतजाम आजतक नहीं कर पाया था.घर में उसके बड़े भाई और अन्य कई लोग भी हैं लेकिन वे भी गरीबी में किसी तरह अपनी जिन्दगी की गाड़ी खींच रहे हैं.आर्थिक तंगी की वजह से संतोष काफी परेशान रहा करता था.उसने अपनी पत्नी और बच्चों को पत्नी के मायके सौर बाजार प्रखंड के इन्दरवा गाँव तीन महीने पहले ही पहुँचाया था लेकिन उन्हें वह ला नहीं पा रहा था.जाहिर तौर पर उसकी माली हालत उसे अपने परिवार को यहाँ लाने से रोक रहा था.आर्थिक रूप से पूरी तरह से टूट चुके संतोष ने जिन्दगी से हार मान ली और दो दिन पहले ही फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.बटराहा मुहल्ले में ही अलग--अलग जगह पर संतोष के दो भाईयों का परिवार रहता है.देखिये संतोष की मौत पर उसकी भाभी और घर के अन्य लोग कैसे विलाप कर रहे हैं.घर के लोग भी संतोष की आत्महत्या की वजह उसकी आर्थिक तंगी बता रहे हैं.
मौके पर आये पुलिस अधिकारी ने लाश को कब्जे में लेकर अनुसंधान शुरू कर दिया है.यह मामला हत्या का है अथवा आत्महत्या का यह उनके मुताबिक़ जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेगा.
पुलिस की जांच आखिर जब पूरी हो लेकिन यहाँ के हालत चीख--चीख कर कह रहे हैं की गरीबी और मज़बूरी में एक युवक ने अपनी इहलीला खुद खत्म कर ली.हारकर संतोष तो इस दुनिया से चला गया लेकिन उसके बाद उसकी बेबा और उसके मासूम बच्चों का क्या होगा,फिलवक्त इसका जबाब किसी के पास नहीं है.

सितंबर 29, 2011

दरिदगी से पत्नी की हत्या

दरिदगी से पत्नी की हत्या 
२८-०९-2011
 भारतीय संस्कृति में जिस तरह से महिलाओ को देवी का दर्जा दिया जाता है वो अब हमारे समाज से कही ना कही दूर होता जा रहा.. मानवीय  संवेदना  सामाजिक  जीवन से शुन्य होती जा रही है.. जी हा आज जो हम आपको दिखाने  जा रहे है उसे देख  आप सोचने पर मजबूर हो जायेंगे... बीते दिन सहरसा के बनगाव थाना क्षेत्र के  राजोरा गांव निवाशी शुकुमार यादव के घिनोने करतूत से तंग अनीता ने सामाजिक व्यवस्था के लिये दरदर समाज में भटकती रही फिर भी ये सामाज उन्हें  न्याय नहीं दिला सकी और इसी समाज के सामने दिन दहारे उसके कशाई पति ने धारदार हथियार से प्रहार कर मौत की नींद शुला दिया...
यह नजारा है राजोरा गावं के मायडगरा घाट का जंहा अनीता ने पशु के लिये घास काटने गई थी... घास कट कर लौट रही अनीता को उसके दरिन्दे पति ने दविया से प्रहार कर पहले गर्दन कटा फिर जिन्दा देख जवरा कट दिया...फिर देखते ही देखते उन दो मासूम शिल्पी और शंकर का आशियाना माँ के आँचल के साथ ही उजर गया. शुकुमार यादव ने दो दिन  पहले अपने शाश से कहा था की अब अगर आपकी बेटी अनीता हमसे किसी प्रकार की मांग करती है तो उन्हें जान से मार दूंगा... और इस बात को दो दिन में  साबित कर दिखाया .. 
                        एक घिनोने रिश्ते के लिए एक पवित्र रिश्ता का अंत होते रहता है..... इस बेजुवान समाज में ये कोई नई बात   नहीं है.... खैर जो भी हो पुलिश अनुसन्धान मे लग गई है... हत्यारे को जल्द ही गिरफ्तार करने की बात की जा रही है..... 








सितंबर 16, 2011

आतंक की ख़ोप



                                                                                                                                              16-09-2011  
आतंक की  ख़ोप से शहमी है शहर.
थम सी जाती है सड़क पे दोड़ती जिन्दगी...
विरान  हो जाती है  शहर की हर गलिया..
सुनाई पड़ती है तो सिर्फ दर्द से कराहती बेजान लाशो की शिश्किया...
सुनाई पड़ती है तो माँ बहनों की रोने की  आवाजे...
बैचैन हो जाती है सुरक्षा विभाग के आलाधिकारी उड़ जाती है इनकी नींदे   ...
इनसे किये जाते है   तमाम तरह के सवाल कहा हुई सुरक्षा व्यवस्था से चुक...
ओर बन  जाती है एक और जाँच कमेटी ..
और फिर सब कुछ धीरे धीरे सामान्य होने लगता.... 
मातम का शाया सिर्फ उन्ही के यंहा रहता  है जिनका कोई आतंकी  हमले का शिकार होता है...और तब शुरू होती है राजनीतिक शियाशी खेल...वेवैचारिक खेल जिनका ना तो कोई तर्क होता है ना ही मतलब सिर्फ बहानेवाजी..
जी हाँ .. जब हम आंतरिक सुरक्षा की बात करते है तो उस मायने में मेरा राष्ट्रय काफी पीछे छुट जाता है.. सिर्फ घोटाले और बयानवाजी  में आगे..आंतरिक सुरक्षा मामले में भारत अमेरिका से कोशो दूर है... अमेरकी ने जिस तरह से 9 /11 के  हमले का जबाव लादेन के मौत से लेकर नई इबारत लिखी उससे सभी आतंकवाद  से प्रभावित  राष्ट्रय को  शिख  लेनी चाहिए... परन्तु हमारा भारत तो लोकतान्त्रिक राज्य है  यंहा सभी बराबर है .. लेकिन एक साधारण चोर के लिये तो यंहा  कठोर कानून है महज किसी  आतंकवादी के सामने मेरा कानून इसकी इजाजत नहीं देती की हम भी उसे    उसी तरह से मौत की नींद सुला दे जिस तरह से उसने पलक झपटे कई को मौत की नींद सुला दी.. लेकिन नही मेरा लोकतान्त्रिक राष्ट्रय  तो उसकी  अतिथि देवो में लगा है... उसे तो जिन्दा रखता है ताकि उसपर शियाशी खेल हो सके... बानगी भर के लिये हम  उस नेता को याद करे  जिसने कसाब  को कसाब जी कह कर संबोधन  किया  .... हम इस राष्ट्रीय पार्टी व उस राजनेता को   शतशत नमन करते है जो भारतीय आवाम के लिये कुर्वानी तक देने की कसमे खाते  है.   
बहुत ही गंभीर सवाल है की लगातार हो रहे आतंकी हमले से जहा सरकार का  नाकोदम  हो गया  है वही   भारतीय आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था   में कोई सुधार  नाम की कानून नहीं दिखती... गौरतलब  है की पिछले दिनों दिल्ली  के न्यायलय  परिसर  में हुए बम  धमाके  ने  जिस तरह से सुरक्षा व्यवस्था  के कलाई  खोल दी... उससे हम अनुमान लगा सकते है की दिल्ली का भीड़ भाड़  वाल इलाका कितना महफूज है.. इस धमाके में एक  मेल को लेकर सुरक्षा व्यवस्था  तमाम दावा करने लगी..स्कैच जारी किया गया... ५ लाख का इनाम रखा जाता है ... एक आतंकवादी को पकरने के नए तामझाम सरकार की  नाकाफी बाया करती है ... एक तरफ  कानून व्यवस्था  में जिस  तरह से  राजनीतिज्ञ का दखलअंदाजी  हो रहा है वही दूसरी तरफ आतंकवादी फिर से धमाके करने का योजना बना रहा है और हमे किसी बड़े आतंकी हमले के लिए तैयार रहना होगा.....                 

सितंबर 06, 2011

पूर्व सांसद आनंद मोहन के घर पर हमला

05-09-2011
पुलिस अधीक्षक मोहम्मद रहमान  पूछताछ करते हुए 
 सहरसा जिला मुख्यालय के गंगजला स्थित पूर्व सांसद आनंद मोहन के घर पर करीब 50 से 60 की संख्यां में आये अज्ञात हमलावरों ने ना केवल पाँच चक्र गोलियां चलाई बल्कि बम के ताबड़तोड़ तीन धमाके भी किये.यक-ब-यक हुई इस घटना से पूरे मुहल्ले में हडकंप मच गया.हमलावरों ने घर के लोगों को भी निशाने पर लेने की कोशिश की लेकिन घर के लोगों ने ग्रिल और दरवाजे आनन्--फानन में बन्द कर लिए.इसी बीच हमलावरों ने आनंद मोहन के दो समर्थकों की जमकर धुनाई कर दी.देखते ही देखते अफरातफरी मच गयी और गोली की आवाज और बम धमाके की गूंज से लोगों की भीड़ यहाँ जमा होने लगी जिसे देख अपराधी हवा में हथियार लहराते फरार हो गए.हांलांकि इतनी बड़ी घटना में कोई भी गंभीर रूप से जख्मी नहीं हुआ.घटना की सूचना जंगल में आग की तरह पूरे इलाके में फैल गयी.इस घटना की सूचना ज्योहीं पुलिस को मिली वह भी पूरे आव--लस्कर साथ ना केवल तुरंत मौका ए वारदात पर पहुँच गयी बल्कि फ़ौरन घटनास्थल पर मौजूद लोगों से बयान लेकर आगे की कारवाई में भी जुट गयी.घटना के वक्त पुलिस अधीक्षक मोहम्मद रहमान कोसी दियारा इलाके में छापामारी में जुटे थे लेकिन उन्हें जैसे ही इस घटना सूचना मिली वैसे ही वे घटनास्थल पर पहुँच गए.करीब नौ बजे घटनास्थल पर पहुँचे पुलिस अधीक्षक ने इस घटना की कमान खुद संभाल ली.पुलिस अधीक्षक ने इस घटना के बाबत कहा की पुलिस इस मामले को चैलेन्ज के रूप में ले रही है और उन्होनें घटनास्थल पर मौजूद लोगों के बयान के आधार पर दोषियों को चिन्हित कर लिया है जिनकी आज रात ही ना केवल गिरफ्तारी कर ली जायेगी बल्कि सात दिन के भीतर उन्हें सजा कराने के लिए भी वे एडी चोटी एक कर देंगे.जो भी हो घटना बड़ी और पुलिस के लिए मुसीबत भरी है.यह घटना राज्य में कानून व्यवस्था की कलई खोलने के लिए भी काफी है.
पूर्व सांसद आनंद मोहन का आवास
यह नजारा है सहरसा जिला मुख्यालय के गंगजला मोहल्ला स्थित पूर्व सांसद और बाहुबली नेता आनंद मोहन के आवास का.सोमवार की शाम करीब यहाँ पर करीब 50 से 60 की संख्यां में आये अज्ञात अपराधियों ने जमकर तांडव मचाया.अपराधियों ने घर को चारों तरफ से घेरकर पहले तो घर के अंदर के लोगों को ललकारा लेकिन जब घर के लोग घर से नहीं निकले तो उन्होनें दहशत फैलाने की नीयत से पाँच चक्र गोलियां चलाई और तीन बम के जोरदार धमाके भी किये.इसी बीच इन अपराधियों ने आनंद मोहन के दो समर्थकों की जमकर धुनाई भी कर दी.यह जाहिर सी बात है की ये अज्ञात अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने आये थे लेकिन उन्हें इसमें कामयाबी नहीं मिल सकी.इतनी बड़ी घटना में एक भी व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी नहीं हुआ,यह बड़े सुकून की बात रही.घटना के बाद सदर थाना की पुलिस तुरंत घटनास्थल पर आई और तहकीकात शुरू कर दी.मौके पर एक के बाद एक सभी पुलिस के बड़े अधिकारी आये और उन्होनें अपने स्तर से घटनास्थल पर मौजूद सभी लोगों से पूछताछ की.घटनास्थल से खोखे,तलवार और बोतल बम के टुकड़े बरामद कर पुलिस ने आगे की कारवाई तेजी से शुरू कर दी है.इस मामले की कमान खुद पुलिस अधीक्षक मोहम्मद रहमान ने संभाल रखी है.उन्होनें बताया की पीड़ितों के बयान पर अपराधियों को चिन्हित कर लिया गया है और आज रात ही सभी की गिरफ्तारी कर ली जायेगी.पुलिस अधीक्षक ने इस घटना को ना केवल बड़ी घटना बताते हुए इसकी निंदा की बल्कि इस मामले को चैलेन्ज के रूप में लेने का एलान भी किया.अलग-- अलग पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में छः टीम बनाकर अपराधियों के संभावित ठिकाने पर छापामारी शुरू की जा चुकी है.पुलिस अधीक्षक खुद एक टीम के साथ छापामारी में जुटे हैं.

अगस्त 30, 2011

एक शाम शहीदों के नाम


  एक शाम शहीदों के नाम 
 सहरसा

देश को आजादी दिलाने के लिए 29 अगस्त 1942 को शहीद हुए सहरसा जिले के 6 वीर सपूतों को आज सहरसा जिला मुख्यालय स्थित शहीद चौक पर ना केवल श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया बल्कि उन वीर पुरुषों की याद में मुख्यालय स्थित कला भवन में एक शाम शहीदों के नाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया.राज्य सरकार के कानून मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव,कई कद्दावर नेता,स्वतंत्रता सेनानी सहित सैंकड़ों बुद्धिजीवियों ने शहीद चौक पर शाम करीब छः बजे इन शहीदों को सर्वप्रथम पुष्प अर्पित किया फिर रात्रि के साढ़े आठ बजे से सांस्क्रतिक कार्यक्रम की शुरुआत हुई जो रात बारह बजे तक चलता रहा ..

कानून मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव
सबसे पहले हम आपको सहरसा जिला मुख्यालय के शहीद चौक पर लेकर आये हैं.यहाँ पर 29 अगस्त 1942 को शहीद हुए सहरसा जिले के 6 वीर सपूतों पुलकित कामत ,कालेश्वर मंडल,धीरो रॉय,भोला ठाकुर,केदारनाथ तिवारी और हीराकांत झा को श्रद्धांजलि के श्रद्धा सुमन राज्य सरकार के कानून मंत्री नरेन्द्र नारायण यादव,कई कद्दावर नेता,स्वतंत्रता सेनानी सहित सैंकड़ों बुद्धिजीवियों के द्वारा अर्पित किया जा रहा है.शाम के करीब छः बजे यह कार्यक्रम हो रहा है.दी कोसी क्रेडिट कॉपरेटिव क्रेडिट सोसाईटी लिमिटेड के सौजन्य से आयोजित इस शहीद दिवस का अगला पड़ाव कला भवन है जहां हम अब आपको लेकर आये हैं.इन महानुभावों की मौजूदगी में इसी कला भवन में रात्रि के साढ़े आठ बजे से एक शाम शहीदों के नाम सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है. 


रात्रि के बारह बजे तक चले इस कार्यक्रम में मंत्री नरेन्द्र नारायण सहित सभी जन तन्मयता से ना केवल बने रहे बल्कि कार्यक्रम का भरपूर आनंद भी उठाया.कोसी क्षेत्र के नामचीन और प्रतिष्ठित कलाकारों ने सूरों का ऐसा जलवा बिखेड़ा की उपस्थित जन बस तालियाँ बजाते चले गए.उपस्थित श्रोताओं ने गायकी में जहां कृतिका गौतम,अमरेन्द्र मिश्र आगा,मनोज कुमार झा और शिल्पी सक्सेना को काफी सराहा वहीँ संगीत परिवार स्वारांजलि की नृत्य प्रस्तुति पर वे झुमने पर मजबूर हो गए.
 
शहीदों का सिर्फ स्मरण और उनकी याद में कार्यक्रम आयोजित करने भर से इन शहीदों का भला होने से तो रहा.अगर हमें इन वीर सपूतों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो हमें आत्म मंथन और आत्म चिंतन से खुद को सुधारना और संवारना होगा.हम बदलेंगे तो सब बदलेगा.हमें दूसरे के आगे आने का इन्तजार नहीं बल्कि खुद के कदम आगे बढाने होंगे.

अगस्त 23, 2011

बिजलपुर मुखिया की हत्या

मृत मुखिया उपेन्द्र यादव
 सत्तर कटैया प्रखंड के बिजलपुर मुखिया उपेन्द्र यादव अपनी मोटरसाईकिल से अपने गाँव बिजलपुर जा रहे थे की पहले से ही घात लगाए मोटरसाईकिल सवार अपराधियों ने उनकी मोटरसाईकिल रुकवा कर नजदीक से कनपटी में गोली मारी.अपराधी तीन की संख्यां में थे जो दो मोटर साईकिल पर सवार थे.घटना के बाद अपराधियों की एक मोटर सायकिल घटना स्थल पर ही छूट गयी जबकि दूसरी मोटरसाईकिल पर सवार होकर वे तीनों फरार हो गए.गंभीर रूप से जख्मी मुखिया को पंचायत के लोगों ने उठा--पुठाकर सदर अस्पताल लाया लेकिन जख्मी मुखिया की मौत रास्ते में ही हो गयी.पुलिस इस मामले में काण्ड दर्ज कर विभिन्य इलाकों में अपराधियों को पकड़ने के लिए छापामारी कर रही है. 
 सदर अस्पताल में लोगों का हुजूम उमड़ा है.यह भीड़ मुखिया की हत्या को लेकर है.मृतक मुखिया के परिजन घटना के बारे में पूरी जानकारी देते हुए पुलिस अधिक्कारियों के बारे में शिकायत भी कर रहे हैं.आक्रोशित परिजन पुलिस अधीक्षक,एस.डी.पी.ओ और बिहरा थानेदार पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं.हांलांकि परिजन फिलवक घटना के कारण और अपराधियों के बारे में कुछ भी बताने से इनकार कर रहे हैं.

इस घटना से सहरसा में सनसनी फ़ैल गयी है.जिले में अपराधिक घटनाओं में इनदिनों अप्रत्यासित ढंग से इजाफा हुआ है जिससे आमलोगों की नींद उडी हुयी है.

मवेशी चराने के लिए चली गोली और फरशा



सहरसा  जिले के जलई थाना क्षेत्र के मजरही गाँव में आपस में दो गुटों की भिड़ंत हो गयी जिसमें जमके फरसे--लाठी भांजे गए और गोलीबारी भी हुई.इस घटना में तीन लोग जख्मी हुई हैं.दो लोग जहां फरसे के प्रहार से जख्मी हुए हैं वहीँ एक युवक को बांह और छाती के समीप गोली लगी है.दो जख्मियों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है जबकि एक जख्मी का इलाज महिषी उप स्वास्थ्य केंद्र पर हो रहा है.गोली लगे युवक की हालत नाजुक है.घटना के कारण की बात करें तो गाँव के डीलर से कुछ दिन पहले राशन--किरासन को लेकर कुछ ग्रामीणों की झड़प हुई थी.आज डीलर के कुछ मवेशी उस पक्ष के लोगों की खेत में फसल चर रहे थे.उसी समय मवेशी हटाने के नाम पर विवाद हुआ और डीलर के समर्थकों ने इस घटना को अंजाम दिया.इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने दोनों पक्षों पर काण्ड दर्ज करते हुए अनुसंधान का निर्देश जलई थानाध्यक्ष को दिया है.

 यह नजारा है सदर अस्पताल का.देखिये गोली से जख्मी हुए इस युवक को.इसकी छाती और बांह में गोली लगी है और इसकी हालत नाजुक है.मास्केट से इस युवक पर गोली चलाई गयी है.और इस व्यक्ति को देखिये इसे फरसे से घायल किया गया है.इसकी पत्नी इसके करीब बैठकर इसके जीवन की कामना कर रही है.घायल के परिजन इस घटना के पीछे मवेशी चराने की बात को कारण बता रहे हैं.

पुलिस अधीक्षक घटना की पूरी जानकारी देते हुए दोनों पक्षों पर काण्ड दर्ज कर अनुसंधान की बात कर रहे हैं.
मोहम्मद रहमान,पुलिस अधीक्षक,सहरसा. पुलिस अनुसंधान में आखिर जो निकले लेकिन अभी तो एक युवक की जान खतरे में पड़ी है.आखिर क्यों लोग छोटी--छोटी बातों में एक दूसरे की जान लेने पर उतारू हो जाते हैं.

सहरसा में चोरो का आतंक,जागते रहो

 सहरसा में चोरो का आतंक , जागते रहो
सहरसा में लगातार हो रहे बड़े अपराधों के साथ--साथ चोरी की घटनाओं में हुई वृद्धि ने आमलोगों की नींद उड़ाने के साथ पुलिस के भी होश उड़ाकर रख दिए हैं.सिर्फ एक महीने की बात करें तो चोरों ने तेरह बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दिए हैं जिसमें 60 लाख से ज्यादा के आभूषण, कीमती सामान और नकदी की चोरी हुई है.बीती रात चोरों ने सदर थाना क्षेत्र के मानस नगर मुहल्ले में डॉक्टर के घर और गौतम नगर में एक इंजीनियर के घर लाखों की चोरी की और चलते बने.पुलिस दोनों घटनाओं को लेकर काण्ड दर्ज कर अनुसंधान में जुट चुकी है.                                  
सबसे पहले हम आपको गौतम नगर स्थित रेलवे के सेक्टर इंजीनियर के घर का नजारा दिखा रहे हैं.चोरों ने यहाँ से 12 लाख के कीमती आभूषण और 50 हजार की नकदी चुराए हैं.हांलांकि गृहस्वामी इनकम टेक्स की वजह से चोरी गए आभूषण के आंकड़े और कीमत कम बता रहे हैं.इस घर में चोरी के वक्त घर में कोई नहीं था.बताना लाजिमी है की सेक्टर इंजीनियर रंजन कुमार के श्वसुर बिजलपुर के मुखिया उपेन्द्र यादव की बीते 20 अगस्त को अज्ञात अपराधियों ने हत्या कर दी थी और परिवार के सभी सदस्य वहीँ पर दाह--संस्कार में गए थे.

अब हम आपको चोरी की दूसरी घटना का नजारा दिखा रहे हैं.मानस नगर मुहल्ले में यह घर डॉक्टर रविन्द्र कुमार का है.रविन्द्र कुमार सौर बाजार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित हैं.बीती रात चोरों ने यहाँ से चार लाख के आभूषण,40 हजार का NSC,एक मोबाइल और 8 हजार रूपये नकद उडाये हैं.यहाँ भी चोरी अधिक की हुई है लेकिन आंकड़े कम दिखाए जा रहे हैं.यहाँ पर पीड़ित चिकित्सक के साथ पुलिस का रवैया काफी बुरा रहा.चोरी की घटना की जब उन्होनें सदर थाने को जानकारी दी तो मौके पर मौजूद दारोगा L.N.रॉय ने उनके घर आकर चोरों को दबोचने की जगह उनसे पूछा की आप तो सौर बाजार में हैं तो फिर आपको कैसे पता चला की आपके घर में चोरी हो रही है.
पुलिस ने मामला दर्ज कर अनुसन्धान शुरू कर दिया है.पुलिस अधिकारी जल्द से जल्द चोरों को पकड़ने का दावा कर रहे हैं.पुलिस अधीक्षक का कहना है की कल जन्माष्टमी को लेकर बाहरी लोगों की भीड़ थी.चोर उसी में शामिल रहकर इस घटना को नन्जाम दिया है.
चोरी की लागातार बढ़ रही घटनाओं से लोगों का जीना मुहाल है.लोगों की गाढ़ी कमाई पर चोर हाथ फेर रहे हैं लेकिन पुलिस दावों के सिवा कुछ भी नहीं कर पा रही है.

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।