फ़रवरी 07, 2017

मुशायरे की धमक से थिरका सहरसा....


देश से लेकर विदेशों तक धूम मचाने वाले शायर और शायराओं ने की शिरकत.... 
कला भवन एक यादगार शाम का बना गवाह .........
मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट-----
सहरसा में कल सोमवार की शाम में आयोजित हुए मुशायरे ने ना केवल एक बेहतरीन फंजा का माहौल पैदा किया बल्कि एक यादगार शाम के रूप में दशकों लोग इसे याद रखेंगे ।इस भव्य मुशायरे का आगाज एसडीओ सदर, मो० जहाँगीर आलम, डॉ०अब्दुल कलाम, अंजुम हुसैन और मो० ताहिर हुसैन के द्वारा किया गया ।
मुशायरा में मो० जहाँगीर आलम ने अपनी ताजा गजल "मेरी आँखों में जो, बहता हुआ ये पानी है,  तेरी चाहत की, यही आखरी निशानी है" ।। सुनाकर उपस्थित श्रोताओं को मन्त्रमुग्ध कर दिया ।
सहरसा शहर के कला भवन में ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया । इस मौके पर मेहमाने खुसूसी के तौर पर एसडीओ सदर मोहम्मद जहांगीर आलम ने शिरकत की । यूँ प्रोग्राम का विधिवत शुरुआत डॉक्टर अब्दुल कलाम ने शम्मा रोशन के जरिए की । बताते चलें की मेहमाने ऐजाज़ी के तौर पर सोशल वर्कर मोहम्मद जहांगीर ने शिरकत की ।
इस मौके पर SDO सदर जहांगीर आलम ने अपने ख्याल का इज़हार करते हुए कहा कि उर्दू सिर्फ मुसलमानों की ज़ुबान नहीं है बल्कि यह एक मुल्क की ज़ुबान है और उर्दू सिर्फ ज़ुबान ही नहीं बल्कि यह एक तहज़ीब का नाम है ।मगर अफ़सोस होता है कि आज उर्दू जुबान अपनों की वजह से ही दम तोड़ रही है ।इसलिए ज़रूरत है कि इस ज़ुबान को ज़िंदा किया जाये और यह विशाल शक्ल अख्तियार करे इसके लिए माहौल तैयार किया जाए ।
इस महफिले मुशायरा के खास मौके पर दिल्ली जामिया मिलिया विश्यविद्यालय से सहरसा की जमीं पर आये प्रसिद्ध इंक़लाबी शायर अकमल बलरामपूरी ने अपने कलाम के जरिये कहा की "हमको इस मुल्क का ग़द्दार बताने वालों ।हमने बंटवारे में अपनों से बग़ावत की है"।अकमल बलरामपूरी ने देशभक्ति पर अपनी शायरी सुनाते हुए कहा कि "अभी बन्द होती आँखों के बहुत अरमान बाक़ी हैं,हमारी टूटती साँसों में हिंदुस्तान बाक़ी है ।
जलालपुर से आयी अंतर्राष्ट्रीय शायरा चाँदनी शबनम ने अपने नायाब अंदाज में शायरी पढ़ी,की "उसी सबब से जुदा हो गए हैं हम दोनों,ना ऐतबार उसे था ना ऐतबार मुझे"। सुप्रिया शबनम ने अपने कलाम में पढ़ा की "जो बेखबर है आँधियों के खोफ़ से यहाँउन कश्तियों को अब तो बचाने की बात है"।
इसी कड़ी में विकास बोखला ने पढ़ा की "ऐसी नोटों की मार खाते हैं,रजनी गंधा उधार खाते हैं"। पटना से तशरीफ़ लाये क़ासिम खुर्शीद ने पढ़ा की "हमारे इश्क़ का अब तक निशान रौशन है,ज़रा सी दूरी है और दरमियान रौशन है ।
अराधना प्रसाद ने पढ़ा की "तेरे आमाल तुझे खुद ही सजा देंगे,अब ना मुंसिफ ना गवाहों का हवाला होगा", ।इनके अलावा इस मुशायरे में समीर परमल,संजय कुमार कुंदन,रामनाथ,श्वाती भारती ने भी अपनी रचनाएं पढ़ीं ।एक बेमिशाल और हसीन शाम थी जिसमें श्रोताओं ने खूब आनंद लिए ।प्रोग्राम के आखिर में सदर एस डी ओ जहांगीर आलम ने सभी आये हुए शायरों को मोमेंटो दिया ।
बताना लाजिमी है की महफिले मुशायरा को कामयाब बनाने में गुड्डू हयात, मोहम्मद मोइउद्दीन, फिरोज आलम, अतहर अली, बबलू, अंजुम हुसैन, डॉक्टर अबुल कलाम, अनवार, छतरी यादव का बहुत हाथ रहा ।जाहिर तौर पर ऐसे कार्यक्रम बराबर होने चाहिए जिससे लोगों का ना केवल मनोरंजन होगा बल्कि उर्दू भाषा को सुर्खाबी पर भी लगेंगे ।गीत,गजल,कलाम,रुबाई और मरसिये के जरिये हम एक भाषा से परिचित नहीं होते हैं बल्कि एक तहजीब से हमारा साक्षात्कार होता है ।

CBI के हत्थे चढ़ा बिहारी इनकम टैक्स कमिश्नर


 बिहार,सूरत से चेन्नई तक करोड़ों की संपत्ति मिली
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर 12 ठिकानों पर एक साथ छापामारी
CBI के साथ आयकर विभाग के भी अधिकारी थे इस छापामारी में शामिल 
दिल्ली से मुकेश कुमार सिंह खास रिपोर्ट----
देश के भीतर बड़े अधिकारी और ओहदेदारों के  द्वारा आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई और छापामारी का ना केवल ग्राफ बढ़ता जा रहा है बल्कि कईयों पर कानूनी शिकंजा भी कसता जा रहा है ।
इसी कड़ी में बिहार के सहरसा जिले के आरापट्टी गाँव निवासी और वर्तमान में दिल्ली में इनकम टैक्स कमिश्नर (अपील) के पद पर तैनात हरिवंश कुमार चौधरी उर्फ जीवन चौधरी अब पूरी तरह से सीबीआई के लपेटे में आ गए हैं ।CBI की एक विशेष टीम और आयकर विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से बिहार और दिल्ली सहित उनके देश भर के कई ठिकानों पर बीते कल सोमवार को एक साथ रेड कर करोड़ों की संपत्ति अर्जन का खुलासा किया है ।
मिल रही जानकारी के अनुसार सीबीआई ने 1988 बैच के आइआरएस अधिकारी हरिवंश चौधरी के खिलाफ दिल्ली में आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है ।इससे पहले सीबीआई की अलग-अलग टीमों ने उनके कई ठिकानों पर एक साथ रेड किया जिसमें करोड़ों की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है ।इसमें हरिवंश चौधरी के सहरसा जिले के महिषी स्थित पैतृक गाँव आरापट्टी निवास,सहरसा के महिषी स्थित उग्रतारा मार्केट,सहरसा जिला मुख्यालय के कचहरी चौक स्थित उनके आवास के अलावा दिल्ली स्थित कार्यालय और आवास के साथ ही चेन्नई और सूरत में भी,कुल मिलाकर 12 ठिकानों पर सीबीआई ने छापा मारा और जांच-पड़ताल की ।हम तक पहुंची जानकारी के मुताबिक जांच में करीब पांच करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति रखने की बात सामने आई है ।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार उन्हें चौधरी के ठिकानों से काफी दस्तावेज और कई अहम्  कागजात मिले हैं ।कई संपत्ति उनकी पत्नी अनुपमा चौधरी,बेटे और अन्य सगे-संबंधी के नाम पर भी मिली है ।चार कम्पनी भी इनके हैं,इस बात का भी खुलासा हुआ है ।साथ ही उनके नाम से कई निजी कंपनियों के कागजात और शेयर भी मिले हैं ।
सीबीआई और आयकर विभाग ने आयकर कमिश्नर के निकटवर्ती चेन्नई के चार्टड एकाउंटेंट नितिन जैन और सूरत के कुछ चार्टड एकाउंटेंट जिसमें भूपेंद्र छबीलदास और बिरजू साह खास हैं के ठिकाने पर भी छापामारी की ।ये सभी कथित रूप से श्री चौधरी के साथ उनकी कंपनियों में अवैध कमाई को व्हाइट करने के खेल में शामिल थे ।जांच टीम का मानना है कि ये आइआरएस अधिकारी जिन-जिन स्थानों पर ज्यादा समय तक पोस्टेड रहे हैं, वहां-वहां इन्होंने बड़े स्तर पर अवैध संपत्ति बनायी है ।
सीबीआई और आयकर विभाग के अधिकारियों ने इनकम टैक्स कमिश्नर के बिहार के सहरसा जिले स्थित पैतृक गाँव आरापट्टी में इनके आवास की सुरक्षा में लगे गाँव के दो व्यक्ति काली चौधरी और पवन चौधरी के अलावे दागी कमिश्नर की बूढ़ी माँ से भी गहन पूछताछ की ।देश के कई हिस्सों में एक साथ हुए इस तमाम छापे को लेकर इन अधिकारियों ने प्रेस से कोई बात नहीं की ।हद तो यह है की कोई प्रेस विज्ञप्ति भी इन अधिकारियों ने जारी नहीं किया ।जानकारी तो यह भी मिली है की इन अधिकारियों से सहरसा में हो रही छापामारी के दौरान जब पत्रकारों ने सीबीआई अधिकारी से बात करनी चाही, तो, सीबीआई के डीएसपी स्तर के एक अधिकारी बी.भट्टाचार्या ने पत्रकारों के मोबाइल और कैमरे तोड़ने की धमकी तक दे डाली ।हांलांकि दोनों तरफ से हुयी तू--तू,मैं--मैं के बाद स्थानीय लोगों ने मामले को शांत करा लिया ।
कहीं कुछ साजिश तो नहीं ?
हमें विश्वस्त सूत्रों से जानकारी मिल रही है की इनकम टैक्स कमिश्नर हरिवंश कुमार चौधरी के बेटे से सीबीआई के एक बड़े अधिकारी अपनी बेटी की शादी करना चाहते थे लेकिन हरिवंश चौधरी ने किसी वजह से शादी करने से इनकार कर दिया ।सीबीआई अधिकारी को श्री चौधरी के इस व्यवहार से गहरा आघात लगा और उन्होनें हरिवंश कुमार चौधरी की बर्बादी की पटकथा लिख दी ।अब इस बात में कितनी सच्चाई और कितना दम है,यह परदे के पीछे की बात हो गयी । पुरे घटनाक्रम के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं की आखिर वजह जो भी रही हो लेकिन हरिवंश कुमार चौधरी ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए इतना धन संचय किया है ।अभी छापे की सही तस्वीर उभरकर सामने नहीं आई है लेकिन हम यह ताल ठोंककर कहते हैं की इस इनकम टैक्स कमिश्नर ने आरा--तिरछा कर के खूब अवैद्य कमाई की है,जो कहीं से भी जायज नहीं है ।ऐसे अधिकारियों पर नकेल कसने के साथ--साथ कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जानी चाहिए ।
फोटो--सहरसा में हो रही छापे की है ।

जमीनी विवाद में गोलीबारी,1 घायल


सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट--
जिले में जमीनी विवाद की घटनाएं थमने का नाम ही नहीं ले रही है । ताजा जमीनी विवाद में गोलीबारी हुयी जिसमें एक व्यक्ति को गोली लगी है जिसे गम्भीर स्थिति में सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है ।घटना सदर थाना के कहरा गाँव की है,जहां भाड़े पर आये अपराधियों ने गोलीबारी की जिसमें एक पक्ष के चंदन यादव को गोली लग गयी ।सदर थाना पुलिस इस मामले की सघन छानबीन कर रही है ।जख्मी चन्दन अभी बेहोश है जिसका बयान पुलिस अभीतक नहीं ले पायी है ।

फ़रवरी 06, 2017

मोहनपुर माँ काली मंदिर के निर्माण से सम्बंधित सूचना .........


सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट :-   मोहनपुर के माँ काली मंदिर जो की इस क्षेत्र में काफी चर्चित मंदिर है. कल दिनांक 07.02.2017 को माता के मंदिर का छत ढलाई होने जा रहा है. ब्रह्म बाबा पूजा समिति, मोहनपुर के सौजन्य से यह सूचना दी गई है कि जो भी माँ काली मंदिर छत ढलैया में भाग लेना चाहते है वह सादर आमंत्रित है. निवेदक :- ब्रह्म बाबा पूजा समिति, मोहनपुर। स्थान :- ब्रह्म स्थान इनायतपुर, मोहनपुर, नवहट्टा, सहरसा.

उर्दू जुबान को जिन्दा रखने की जरूरत....

उर्दू हमारी कीमती विरासत है.... 
सभी भाषाओँ की तरह इसे भी रखे जिन्दा....
स्कूल और कॉलेजों से गुम हो रही है उर्दू की तालीम....
मो० अजहर उद्दीन की रिपोर्ट-------
सभी भाषाओँ की अपनी अलग एक पहचान और वजन होती है उसमें उर्दू भाषा की भी अपनी एक अलग पहचान है । उर्दू भाषा शादियों से ही चली आ रही है जिसे हर घर--घर में जिन्दा रखने और उर्दू भाषा को करीब से पहचाने के लिए सहरसा जिले के स्थानीय सुपर बाजार कला भवन में जिला स्तरीय उर्दू विकास कार्यशाला सह सेमिनार 2017 कार्यक्रम मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय), बिहार के सौजन्य से करवाया गया। उर्दू विकास कार्यशाला सह सेमिनार का उद्धघाटन जिला पदाधिकारी, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, डी० डी० सी०, डी० पी० आर० ओ०, इसराईल राईन, डॉक्टर मो० मोईउद्दीन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया ।
कार्यशाला के प्रथम चरण में लोगों के दिल और दिमाग से उर्दू भाषा दूर होने पर कार्यशाला में मौजूद उर्दू के जानकार लोगों ने अपनी--अपनी बातें रख कर उर्दू भाषा की सही पहचान लोगों के दिल और दिमाग में उतारने की कोशिश की ।
उर्दू किसी की एकलौती भाषा नहीं है बल्कि ये देश की भाषा है अगर ये हमारे देश से गुम हो रही है तो इसकी चिंता सभी को करनी होगी और इसे जल्द से जल्द अपनी जेहन में उतारना होगा ।उर्दू भाषा सिर्फ मदरसों तक ही सीमित रह गई जो काफी चिंता की बात है सभी विषयों की तरह उर्दू की भी बेहतर पढ़ाई सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों और संस्थानों में होनी चाहिये जिससें उर्दू भाषा को पुरे देश में जिन्दा रखा जा सकें।
 इस कार्यशाला में डॉ० अबुल कलाम, मुक्तेश्वर मुकेश, प्रो० अब्दुल हन्नान सुब्हानी, मो० मोइउद्दीन राईन, धनिकलाल मुखिया, ओम प्रकाश नारायण, अंजुम हुसैन, मो० तारिक, परवेज रफत, मो० इजहार, टिंकू, हाफिज मो० चाँद और सैकड़ों लोगों ने शिरकत किया । दिन के दुसरें चरण में शाम 7 बजे से महफ़िल-ए-मुशायरा प्रोग्राम का आयोजन किया गया है जिसमें देश और दुनियां के जानेमाने महशूर शायर और नामचीन हस्ती शामिल हो रहे है जो अपनी आवाजों के फनकार और उर्दू के लब्जों से इस महफ़िल को डुबो डालेगे ।       

बैंक में चोरी....


चोरों ने एक ग्राहक के लॉकर से उड़ाये लाखों के जेवरात और महत्वपूर्ण दस्तावेज...
बैंक की सुरक्षा पर उठ रहे हैं सवाल ....
कटिहार से तौकीर रजा की रिपोर्ट---- 
कटिहार के सहायक थाना क्षेत्र के सेन्ट्रल बैंक में चोरों ने बैंक के लॉकर से किसी ग्राहक के लॉकर में रखे लाखों के कीमती जेवरात सहित जरुरी कागजातों की चोरी कर ली ।चोरी की इस अनोखी वारदात ने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर कई तरह के सवाल खड़े कर दिए हैं ।ये चोर बड़े शातिर थे जो बैंक की खिड़की को तोड़कर भीतर आये और बैंक के भीतर लॉकर को तोड़कर किसी ग्राहक के सारे सामान को उड़ा ले गए ।यही नहीं चोर इतने मंझे हुए थे की बैंक के अंदर लगे सीसीटीवी के कैमरे को चलाने वाले सारे सामान भी अपने साथ ले गए ।
बैंक मैनेजर ने बताया की वो जैसे ही सुबह बैंक पहुंचे बैंक के अंदर सारा सामन बिखरा हुआ था और बैंक की खिड़की टूटी हुई थी ।कागजात जमीन पर बिखरे हुए थे ।साथ ही अलमीरा और एक लॉकर टूटा हुआ था ।उसके बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी ।पुलिस मामले की जांच में जुट गई है ।
वहीं मौके पर पहुंची पुलिस ने डॉग स्काउट की मदद से चोर की शिनाख्त का प्रयास शुरू कर दिया है ।लेकिन बैंक के अंदर इस तरह की चोरी, बैंक अधिकारी और कर्मियों के क्रियाकलाप पर कई सवाल खड़े कर रही है ।

राज्‍य सरकार की आधारहीन नीतियों का खामियाजा भुगत रहे हैं किसान : किशोर मुन्ना


धान खरीद को लगा सरकारी घुन्न
मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट---
सुपौल (बिहार)---भाजपा के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार मुन्ना ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए सरकार की धान खरीद नीति को जमकर कोसा । उन्होनें कहा की राज्य सरकार द्वारा धान खरीद में व्याप्त अनियमित्ता के खिलाफ राज्य व्यापी धरने के तहत कोसी में भी भारतीय जनता पार्टी ने विरोध जताया ।गौरतलब है कि बिहार में राज्य सरकार की अकर्मण्यता के कारण एक प्रतिशत भी धान की खरीद नहीं हो पाई है ।इतना ही नहीं, खुद को किसानों की मसीहा बताने वाली सरकार ने किसानों को बोनस देना भी जरुरी नहीं समझा ।
श्री मुन्ना ने अपने बयान में आगे कहा है की राज्य सरकार ने पैक्स को भी धान खरीदने के लिए एक पैसा नहीं दिया ।जाहिर तौर पर इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है ।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बतायें कि डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों के निबंधन के आवेदन को क्यों रद्द किया गया ? ढ़ाई महीने बाद भी 3.20 लाख निबंधित किसानों से मात्र 3.80 लाख मैट्रिक टन धान की खरीद ही क्यों हुई है? इनमें से भी मात्र 35 हजार मैट्रिक टन को ही कुटाई के लिए क्यों दिया गया और मात्र 16 हजार मैट्रिक टन चावल ही जमा क्यों हो पाया है ? बड़ा सवाल यह भी है की आखिर धान कुटने के लिए मिल तैयार क्यों नहीं है ?
धान में नमी का बहाना बनाकर राज्‍य सरकार किसानों की धान खरीद में भी विफल साबित हो रही है ।मगर सरकार धान सुखाने के लिए क्रय केंद्रों पर ड्रायर मशीन भी नहीं लगायी है ।ना ही पैक्सों के साथ मीलों की टैगिंग ही की है ।हद तो यह है की राज्य खाद्य निगम ने चावल क्रय केंद्र भी नहीं खोला है ।परिणामस्वरूप किसानों को मजबूर होकर अपने खून पसीने से उपजाए धान को बिचौलिए के हाथों बेचना पड़ रहा है ।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा प्रति क्विंटल चावल के लिए भारत सरकार तय 2543.91 रुपये की जगह पैक्सों को 168 रुपये की कटौती कर 2376 रुपये तथा बोरे के लिए निर्धारित 41 रुपये की जगह मात्र 15 रुपये  दिलायी जा रही है ।वहीं, दो महीने की जगह एक महीने का ब्याज किसानों को दिया जा रहा है ।प्रति क्विंटल चावल पर 168 रुपये की कटौती से पैक्सों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है ।अगर यही स्थिति रही तो भविष्य में कोई भी पैक्स क्या धान की खरीद कर पायेगा? इसलिए हम महागठबंधन की सरकार से पूछना चाहते हैं कि आख़िरकार किसानों के साथ सरकार धोखा क्यों कर रही है ?किसानों के खून पसीने से उपजाए धान पर राजनीति बंद होनी चाहिए ।किशोर कुमार मुन्ना ने बड़े कड़े लहजे में कहा की राज्य सरकार का किसान विरोधी चेहरा अब उजागर हो गया है ।किसान हमारे अन्नदाता हैं ।उनकी मेहनत का उचित मूल्य राज्य सरकार दे,वर्ना आगे संघर्ष का ग्राफ बहुत बड़ा होगा ।

गिरती कानून व्यवस्था के खिलाफ एक दिवसीय धरना....

मो० अजहर उद्दीन की रिपोर्ट-------
जिले में बढ़ते अपराध, गिरती कानून व्यवस्था एवं अन्य समस्यां को लेकर आज स्थानीय सुपर बाजार गेट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के बैनर तले एक दिवसीय धरना दिया गया. जिले में घटने वाली समस्यां को लेकर पार्टी के लोग ने एक जुट होकर गिरती कानून व्यवस्था पर जिला प्रशासन और राज्य सरकार पर जुबानी जंग की. इस एक दिवसीय धरना की मांगों को लेकर महामहिम राज्यपाल महोदय, बिहार सरकार और जिला पदाधिकारी, सहरसा को पत्र देकर समस्याएं पर ध्यान देते हुए व्यवस्था में जल्द से जल्द सुधार  किया जाए. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के द्धारा मुख्य मांगे जो निम्न प्रकार से है ---------

(1).किसानों की धान सरकारी एजेंसीयों के द्धारा समुचित मात्रा में क्रय नहीं कि जा रही है जिस कारण किसान अपने धान औने--पौने दामों में व्यपारियों के हाथ बेच रही है । अविलम्ब इसकी उचित व्यवस्था की जाय ।
(2).केन्द्र सरकार के द्धारा राष्ट्रव्यापी योजना बनाकर सॉयल हेल्थ कार्ड बनाने की पहल की गई है । इसके लिए अलग से बजट का आवंटन किया गया परन्तु इसके बावजूद राज्य सरकार के द्धारा इस दिशा में कोई सार्थक पहल नहीं की जा रही है ।
(3).केन्द्र सरकार के द्धारा बिहार सरकार को खेतों की सिंचाई हेतु 2 वर्षो में जो राशि दी गयी है उस राशि का कोई उपयोग नहीं किया गया है ।
(4).किसानों के हित के लिए केन्द्र सरकार द्धारा कई तरह की लाभ दी जा रही है लेकिन बिहार सरकार इस मामले में दिलचस्पी नहीं ले रही है ।बिहार सरकार की प्रथमिकता सूची से किसान और कृषि गायब है ।
(5).क्योंकि नितीश सरकार के सात निश्चयों में कृषि कही नहीं है ।कृषि राज्य का विषय है लेकिन राज्य सरकार किसान कल्याण की योजनाओं के लिए पूरी तरह उदासीन है ।
इस एक दिवसीय धरना में संयोजक मदन प्रसाद चौधरी,चंदन कुमार बागची,रितेश रंजन,सरिता पासवान,राजन आंनद,रौशन कुमार झा,शिव भूषण सिंह,नवीन कुमार पांडेय,मनोज कुमार माधव,राजीव रंजन साह,पवन कुमार झा,चंद्र मोहन सिन्हा,प्रवीण आनंद और अन्य लोग मौजूद थे ।  
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BSSC परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने पर बिफरे किशोर कुमार मुन्ना


ह्वाट्स एप पर प्रश्नोत्तर लीक होना जंगलराज की निशानी....
परीक्षा रद्द करने की मांग........
मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट----
भाजपा के वरिष्ठ नेता किशोर कुमार ने नीतीश कुमार सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा की BSSC की परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक होने और आंसर व्हाट्सअप पर वायरल हो जाना काफी शर्मनाक और निंदनीय है ।बावजूद इसके ना तो परीक्षा रद्द हुई और ना ही दोषियों चिन्हित कर उन पर कार्रवाई ही हो रही है। नीतीश जी, ये क्या हो रहा है बिहार में? एक तरफ BSSC की तरफ से कार्रवाई की बात की जा रही है, तो दूसरी तरफ आपके मंत्री कहते हैं परीक्षा रद्द की जायेगी ।मगर हकीकत ये है कि हो कुछ नहीं रहा है ।अबतक BSSC की 2 परीक्षा हो चुकी है और दोनों में आंसर वायरल हो चुके हैं ।
किशोर कुमार मुन्ना ने आगे कहा की नीतीश जी,आप ही बताएं कि ये हो क्या रहा है ?यह बिहार की शिक्षा व्यवस्था और राज्य सरकार की नियुक्ति प्रक्रिया पर जोरदार तमाचा है ।आपको बताना चाहिए कि जब आयोग और शिक्षा विभाग भी आंसर लीक होने को धांधली को मान रहे हैं,तो फिर BSSC की परीक्षा अभीतक रद्द क्यों नहीं की गयी ? जब 29 जनवरी को हुयी परीक्षा में आंसर लिक हो गया,तो,क्यों नहीं आगामी एग्जाम में प्रश्नपत्र लीक नहीं हो पाने के लिए कारगर कदम उठाये गये ? इस प्रशासनिक विफलता के लिए दोषी लोगों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? 
मुख्यमंत्री जी, बिहार के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को बंद करिये ।परीक्षा में इस तरह की धांधली योग्य प्रतिभागियों का मनोबल तोड़ देती है,जो राज्य हित में नहीं है ।आप ये क्यों नहीं समझ रहे हैं ?जंगलराज के जनक राजद और भ्रष्टाचार के अगुआ कांग्रेस के साये में आप भी मतिभ्रष्ट हो गए हैं क्या ?किशोर कुमार मुन्ना का अंदाज काफी तल्ख और सवालिया था ।हमारी समझ से सरकार को इस गंभीर मसले पर ना केवल जल्दी से ठोस कदम उठाने चाहिए बल्कि दोषियों को चिन्हित कर कठोर कार्रवाई का रास्ता भी तैयार करना चाहिए ।

BSSC की परीक्षा के पर्चा लीक मामले में सरकार ने लिया बड़ा फैसला....


मामले की होगी उच्चस्तरीय जांच.......
मामले की जांच मुख्य सचिव और डीजीपी की देख--रेख में होगा......... 
मुकेश कुमार सिंह की खास रिपोर्ट-----
एकतरफ जहां BSSC परीक्षा में हुए प्रश्न पत्र लीक मामले में विरोधी हाय तौबा मचा रहें हैं वहीं  सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की बात कही है । पहले विरोधियों ने नीतीश कुमार पर सीधा हमला करते हुए बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने का ना केवल उनपर आरोप लगाया बल्कि जंगलराज की वापसी का इस प्रकरण को उदाहरण भी बताया । अब मामला कुछ और रंग ले चुका है।
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बताना लाजिमी है की आयोग की तरफ से पर्चा लीक के मामले को महज अफवाह ठहराया गया था । लेकिन ठीक इसके उलट सीएम नीतीश कुमार ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया और जांच के आदेश दिये हैं ।सोमवार को संवाद कार्यक्रम के दौरान जब सीएम से इस मामले में पूछा गया तो सीएम ने कहा कि इस मामले की जांच मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह और डीजीपी पी.के.ठाकुर खुद करेंगे ।
मालूम हो कि रविवार को हुई बिहार एसएससी की इंटरस्तरीय परीक्षा का पर्चा परीक्षा के शुरू होने से पहले ही बाहर आ गया था और जब परीक्षा समाप्त होने पर इसकी पड़ताल की गई तो सारे प्रश्न पत्र और उत्तर सही पाये गये ।परीक्षा में हुई गडबड़ी के खिलाफ परीक्षार्थियों ने सोमवार को आयोग के दफ्तर में भी जमकर हंगामा किया और सचिव की पिटाई भी कर दी ।
नीतीश कुमार की उच्चस्तरीय जांच की घोषणा के बाद पटना के एस.एस.पी.मनु महराज के नेतृत्व में नौ सदस्यीय टीम का गठन किया गया है,जो इस पुरे प्रकरण की ना केवल जांच करेगी बल्कि इस मामले का पटाक्षेप भी करेगी ।यह सारी जांच डी.जी.पी.और मुख्य सचिव की निगरानी में होगा । जाहिर तौर पर नीतीश कुमार ने विरोधियों को करारा जबाब दिया है ।सहरसा टाईम्स अपने पाठकों को एक्सक्लूसिव वह पत्र भी दिखा रहा है,जिसमें जांच टीम में कौन--कौन शामिल हैं,उसका उल्लेख है ।अब यह जांच टीम क्या फलाफल देती है,इसे देखने में थोड़ा वक्त तो देना ही पड़ेगा ।

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।