फ़रवरी 02, 2017

युवक की गोली मारकर हत्या....


सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट(पटना)---
बिहार की राजधानी पटना के ग्रामीण इलाके परसा में बेखौफ अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी. जानकारी के मुताबिक मामला जमीन विवाद और लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा है. मृतक युवक धर्मेंद्र यादव जमीन के धंधे से जुड़ा हुआ था. परिजनों को माने तो धर्मेंद्र अपने घर पर आये पांच लोगों को साथ में लेकर जमीन दिखाने के लिये परसा बाजार के धमौल गांव गया हुआ था.उसके बाद बधार में ही अपराधियों ने धर्मेंद्र के सिर और सीने में तीन गोली मारकर उसकी हत्या कर दी.घटना के बाद स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.वहीं दूसरी ओर पटना ग्रामीण इलाके में हुई इस हत्या से लोगों में दहशत का माहौल है.

शहर में बेखोफ हुए चोर....

लगातार घटनाओं को दे रहे है अंजाम.....सहरसा पुलिस बनी मूकदर्शक.....मो० अजहर उद्दीन की रिपोर्ट-- सहरसा जिले में चोरी की घटना हो या अन्य किसी तरह की घटना अपराधी सहरसा पुलिस से एक कदम आगे है। 
 एकबार फिर शहर में चोर अपने इरादे में कामयाब हुए सदर थाना के अन्तर्गत विद्यापति नगर में चोरों ने एक साथ दो घरों में नगदी, कपड़े  और जेवरात सहित नकदी रुपये भी चोरी की गई. चोर लगातर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे है लेकिन अब--तक सहरसा पुलिस पानी में डंडा मारते दिख रही है इस तरह के माहौल से धीरे--धीरे लोगों का पुलिस पर से विश्वास उठता जा रहा है ।फिलवक्त सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है ।आगे देखना बेहद दिलचस्प होगा की सहरसा पुलिस ससमय चोरों की गिरफ्तारी कर पाती है या फिर चोर आगे भी चोरी की घटना को अंजाम देने में कामयाब होती है ।  अपराधियों द्धारा घटना दर घटना को अंजाम देने में सहरसा पुलिस के पास लॉकर में रखी फ़ॉईलों की संख्या में इजाफा हो रहा है लेकिन शहर की घटनाओं में कमी नहीं दिख रही है . जिससे शहरवासी काफी डरे और सहमे नजर आ रहे है.

चोरों का तांडव.....


जीतापुर से पिन्टू भगत की रिपोर्ट -- 
सदर प्रखंड के बुधमा हाट के पास अमन स्टुडियो में बुधवार की रात्रि करीब बारह बजे गाव के ही कुछ दबंगों के द्वारा सुनसान पड़ी दुकान में लगभग पचास हजार रूपये मूल्य का कैमरा एवम नगद रूपये लूट लिये.

दुकान  में रखे प्रिंटर, फोटो स्टेट मशीन कंप्यूटर सहित लाखो रूपये के सामान को तोड़कर बर्बाद कर दिया. मौके पर ही रात्रि में घटना स्थल पर पुलिस प्रशासन ने पहुँच कर मामले की जाँच की ओर पीड़ित अमन कुमार के द्वारा आवेदन भी दिया गया. 
जानकारी अनुसार अमन स्टुडियो बुधमा हाट में बुधवार की रात गाव के ही कुछ दवंगो के द्वारा दुकान में लूटपाट की गई. थाना में पीड़ित के आवेदन अनुसार दूकान से दो कैमरा, एक प्रोजेक्टर सहित गल्ले में रखे कई हजार रूपये को लुट लिया. आवेदन में गाव के ही कुछ लोगों पर आरोप लगाया गया है. 

सरकारी स्कूल के हेडमास्टर का अपहरण


पतरघट से सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट---
ओपी क्षेत्र के पतरघट पंचायत स्थित एनपीएस विद्यालय शर्मा टोला लक्ष्मीपुर में पदस्थापित प्रधानाध्यापक दीपक कुमार यादव का विद्यालय से मंगलवार को अपहरण कर लिया गया. पिता ने ओपीअध्यक्ष को आवेदन देकर अपने पुत्र की बरामदगी की गुहार लगायी है. बनमा ओपी क्षेत्र के महारस बस्ती निवासी सेवानिवृत्त बीइओ विशुनदेव प्रसाद यादव ने ओपी अध्यक्ष को दिये आवेदन मे कहा कि पतरघट पंचायत अंतर्गत एनपीएस विद्यालय लक्ष्मीपुर में उनका लड़का दीपक कुमार यादव प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत है. वह सोमवार को दिन के दस बजे करीब अपने विद्यालय में था कि बेलेरो गाड़ी से चार पांच की संख्या में अपराधी विद्यालय पहुंचकर मुंह में गमछा बांध कर घसीटते हुए उसे गाड़ी में बिठा कर फरार हो गये.
उन्हें घटना की सूचना मिलने पर जब वह विद्यालय आये तो चला कि सोनबरसा कचहरी थाना क्षेत्र के अमरपुर बस्ती निवासी सुजीत कुमार यादव सहित अन्य द्वारा बाहरी अपराधियों के सहयोग से उनके लड़के का अपहरण कर लिया गया है. इस बाबत ओपी अध्यक्ष कमलेश कुमार ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रथमदृष्टया अपहरण फिरौती के लिए नहीं किये जाने की बात सामने आ रही है. शादी के लिए शिक्षक को गुम करने का मामला सामने आ रहा है. बरामदगी के लिए पुलिस द्वारा सघन छापेमारी की जा रही है. अपहृत शिक्षक के बरामद होते ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ जायेगी.
 इधर स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मंगलवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक दीपक कुमार अकेले बच्चों को पढ़ा रहे थे. उसी बीच में अचानक एक बंद गाड़ी से कुछ लोग हथियार के साथ उतरे और विद्यालय में घुस कर दीपक सर को हथियार दिखा कर घसीटते हुए गाड़ी में बिठा कर भाग गये. वहीं शिक्षक के पीड़ित पिता विशुनदेव यादव ने बिलखते हुए कहा दीपक को पढ़ा लिखा कर प्रखंड शिक्षक के पद पर योगदान करवाया था. घटना ने हमें अंदर से हिला कर रख दिया है.

सबका साथ सबका कल्याण ----- संविदा कर्मी

मेरी भी दर्द सुनो सरकार ..........
आई. टी. प्रबंधक, आई.टी. सहायक और कार्यपालक सहायक हुए लामबंद..
सहरसा टाईम्स की विशेष रिपोर्ट :::-----
सहरसा जिला ही नहीं बल्कि बिहार सरकार के तमाम कार्यालयों में संविदा पर बहाल कार्यपालक सहायकों, आई.टी. सहायकों और आई.टी. प्रबंधक द्वारा सरकारी कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दिया जा रहा है. सरकार की जन कल्यानकारी योजनाओं का लाभ बिहार के जनता तक पहुँचाने में अहम् भुमका निभा रही है

गौरतलब है कि संविदा पर नियुक्त कर्मियों को सरकार द्वारा निरंतर नए नए प्रलोभन देकर संविदा कर्मियों को बहुत ही कम मानदेय देकर कार्य लिया जा रहा है. सरकार के इस रवैया से तंग आकर सहरसा जिले के आई. टी. प्रबंधक, आई.टी. सहायक और कार्यपालक सहायकों ने लामबंद होना शुरू कर दिया है. बीते कल सहरसा के स्टेडियम में एक आपात बैठक कर सभी को एक साथ होकर सरकार से अपनी मांगे पूरी करने की अपील की गई है. 
फाइल फोटो 
इस बैठक की अध्यक्षता कर रहे गोप गुट के उपाध्यक्ष श्री माधव प्रसाद सिंह ने कहा कि जबतक आप सभी एक होकर सरकार से अपनी मांग नही रखेंगे तबतक ये सरकार आपकी नही सुनने वाली है. उन्होंने सहरसा ही नहीं बल्कि बिहार के तमाम विभागों में कार्यरत आई. टी. प्रबंधक, आई.टी. सहायक और कार्यपालक सहायकों एक होकर सरकार से अपने हक़ और हकूक के लिए लामबंद होने का अपील किया है. यदि आप ऐसा नही करते हो तो आस सरकार के नये नये प्रोलोभन ही आपको प्राप्त होते रहेंगे.  
सहरसा टाईम्स से एक कार्यपालक सहायक ने अपनी दुखार रोते हुए सुनाया की हमारी हालत जानवर से भी बत्तर है. एक तो कम मानदेय दिया जाता है और वो भी समय पर नहीं मिलता. आवंटन यदि विभाग से आ भी जाता है काफी जद्दोजद करने के बाद ही कुछ माह का मानदेय मिल पता है.  सूत्र के अनुसार कई विभागों में कार्यरत कार्यपालक सहायकों को कई माह से मानदेय भी नहीं मिला है जिसके कारण भुखमरी की नौवत सी आ गई है. साथ ही कहा की हमारे अधिकांश साथी जो कई वर्षों से कार्य कर रहे उनकी उम्र दुसरे किसी नौकड़ी के लिए समाप्त हो चूका है.  इसलिए हमलोग इसे छोड़ भी नहीं सकते है. अब जो भी वो सरकार के रहमोकरम पर हम सभी टिके है.

दिनांक २९-०१-२०१७ कार्यपालक सहायक बैठक की तस्वीर 
जाहिरतौर से बिहार सरकार के विभागों में जो संविदा पर कार्य कर रहे है उसके पीछे जो दर्द छिपा है उसे आज तक किसी अख़बार ने और न किसी न्यूज़ चैनल वालों ने इस सरकार के सामने प्रस्तुत करने की जद्दोजद की है. कम मानदेय पर सरकार के जनकल्यानकारी योजनाओं को धरातल पर उतरने में इनकी अहम् भूमिका मानी जाती है. इतना ही नहीं सरकारी कर्मचारियों से लेकर आलाधिकारी भी इनपर क्रूरता जैसा व्यवहार करने से गुरेज नही आते.  


दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल का स्थापना दिवस धूमधाम से मना ......

सोनवर्षा राज(सहरसा) से गजेन्द्र कुमार की रिपोर्ट---          
 स्थानीय दार्जिलिंग पब्लिक स्कूल के तीसरे स्थापना दिवस सरस्वती पूजा के अवसर पर एक भव्य समारोह आयोजित कर धूमधाम से मनाया गया । 
आयोजित समारोह का विधिवत उद्घाटन थाना अध्यक्ष मो0 ईजहार आलम,बीईओ मिथिलेश कुमार सिंह,एम डी किशोर कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया ।मौके पर उपस्थित अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए थानाध्यक्ष मो.इजहार आलम ने कहा की शिक्षा वो अनमोल रत्न है जिसे न कोई छीन सकता न ही बांट सकता है ।बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने से उसकी प्रतिभा निखारने का अच्छा स्रोत है ।बीईओ मिथिलेश कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन मे कहा कि शिक्षा वो तलवार है जिससे अंधकार रूपी वृक्ष को काटा जा सकता है ।शिक्षा के माध्यम से बच्चों के अन्दर छिपे प्रतिभा को निखारने का काम शिक्षक करें व अभिभावक सहयोग दें ।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विधालय के बच्चों के द्वारा कई मनमोहक प्रस्तुति कर खूब तालियां बटोरी । नेनसी श्री के द्वारा सरस्वती वंदना से कार्यक्रम की शुरुआत हुई और एक से बढ़कर एक शानदार प्रदर्शन व प्रस्तुति बच्चों के द्वारा की गयी । समारोह में उपस्थित अतिथियों को दार्जलिंग पब्लिक स्कूल के निदेशक ई.अजीत कुमार अनुज ने पाग,चादर, व फूलों का बुके देकर सम्मानित किया ।पुरे सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन खुशबू मेम ने किया । 
बच्चों ने स्वागत गान, ग्रुप डांस, रेकाडिंग, कव्वाली, चुटकुला आदि जैसे कई कार्यक्रम किये ।मौके पर शारदा नंद सिंह, श्री कांत झा, राजीव कुमार सिंह मुन्ना, सअनि बिनोद चौधरी, सोनामणि सिंह, शिक्षक प्रवीण कुमार सिंह, पूजा सिंह,  अमृता प्रीतम, रोजी प्रवीण, जटाशंकर यादव, प्रिया कुमारी, ऋतु कुमारी, बीके ठाकुर, सुरेन्द्र शर्मा, अर्जुन कुमार अंजन, सहित दर्जनों अभिभावक उपस्थित थे । जबकि कार्यक्रम मे शिवानी, सानिया, रिमझिम, रोहनी ,आकृति, रिषु ,चंचल,  अन्नु, केशव,  अभिषेक, सहित दर्जनो बच्चों ने भाग लिया ।

फ़रवरी 01, 2017

गरीब और माध्यमवर्गीय लोगों के लिए बेहतरीन बजट---- किशोर मुन्ना


****वरिष्ठ भाजपा नेता किशोर मुन्ना ने बजट को बताया ऐतिहासिक.........
****गरीब और माध्यमवर्गीय लोगों के लिए बेहतरीन बजट......
****केंद्र सरकार देश निर्माण में है जुटी हुयी ...

सहरसा टाईम्स के चीफ एडिटर मुकेश कुमार सिंह से किशोर कुमार मुन्ना की खास बातचीत  

आज देश के आम बजट और रेल बजट को लेकर किशोर कुमार मुन्ना ने कहा की केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।आज लोकसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किये गये बजट में जहां एक ओर बजट में सबसे से ज्यादा बल किसान, गांव और गरीब पर दिया गया है, वहीं दूसरी ओर आम आदमी को सरकार ने इनकम टैक्स में बड़ी राहत दी और 3 लाख की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया। 

इसके अलावा केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में किसानों की आमदनी दोगुनी करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जो स्वागतयोग है।  फसल बीमा योजना के लिए 9 हजार करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। फसल बीमा 30 से बढ़ाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है। किसानों को कर्ज देने के लिए 10 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डेयरी, स्वच्छ भारत अभियान से लेकर रोजगार बढ़ाने के लिए भी सरकार ने विभिन्न आयामों की घोषणा बजट में की है।
असंगठित क्षेत्र को भी संगठित क्षेत्र के दायरे में लाने की कोशिश की जा रही है। सरकार ने चुनावी खर्चों अंकुश लगाने और पार्टियों को मिलने वाले चंदा में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में काम करने की प्रतिबद्धता दिखायी है। रक्षा बजट में काफी इजाफा किया गया है। रेल बजट में देश के विकास और आम आदमी की समृद्धि का हर संभव प्रयास किया है। यूपीए सरकार ने मनरेगा शुरू तो किया, लेकिन इसकी हालत खराब थी। लेकिन पीएम मोदी के सबका साथ – सबका विकास मिशन की दृढ़ प्रतिज्ञा ने कांग्रेस की नाकामी के प्रतीक बल चुकी मनरेगा से लोगों को रोजगार से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया है। इतना ही नहीं, बजट में महिलाओं और बच्चों के कल्याण के लिए 1.84 करोड़ रूपए का प्रवाधान किया है, जो महिला सशक्तिकरण को और मजूबत करेगा। वित्त मंत्री जी ने बजट में सबों का ख्याल रखते हुए एक विकासोन्मुखी बजट देश को दिया है, जिसमें प्रधानमंत्री जी के देश को आगे बढ़ाने संकल्प है। इसके लिए हम प्रधानमंत्री जी और वित्त मंत्री जी को बधाई देते हैं।

क्या माँ सरस्वती केवल मूर्तियों में हो गयी हैं गुम?

माँ सरस्वती की आराधना पर पूजा परासर की खास रिपोर्ट---
*  क्या माँ सरस्वती केवल मूर्तियों में हो गयी हैं गुम?....
*  इसकी महत्ता से दूर हो रही है नयी पीढियां .......
*  पूजा के नाम पर होती है अश्लीलता ........
*  आज पूजा-अर्चना से ज्यादा आत्म मंथन की है  जरुरत.........
*  आत्म शुद्दिकरण का प्रयास है असली पूजा .........
*  वसंत पंचमी (श्री पंचमी) पर ऋग्वेद में भगवती सरस्वती का वर्णन करते हुए कहा गया है ....
"'प्रणो देवी सरस्वती वाजेभिर्वजिनीवती धीनामणित्रयवतु""।
अर्थात् माँ परम चेतना हैं ।सरस्वती के रूप में ये हमारी बुद्धि,प्रज्ञा तथा मनोवृत्तियों की संरक्षिका हैं ।हममें जो आचार और मेधा है उसका आधार भगवती सरस्वती ही हैं ।इनकी समृद्धि और स्वरूप का वैभव अद्भुत है ।
प्राचीन काल से ही नारी की पूजा अनेक रूपों में की जाती रही है ।आज बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी सरस्वती के रूप में पूजी जाती है ।महान आचारशास्त्री 'मनू' ने भी लिखा है:-" यत्र नार्यस्तू पूज्यते,रमनते तत्र देवता ।"
यानि जहाँ नारी की पूजा की जाती है वहीं देवता निवास करते हैं ।लेकिन इससे कहीं विपरित बातें आज हमें देखने को मिल रही है ।माँ सरस्वती की पूजा पुरातन काल से लेकर आज घर-घर में बड़े उमंग और उत्साह से की जा रही है ।लेकिन विडम्बना देखिये की,इसके विपरीत नारियों को समाज में जो महत्व दिया जा रहा है,उससे हम अनभिज्ञ नहीं हैं ।महलाओं पर देश भर में जुल्म और अत्याचार,अब आम बात हो गयी है ।दामिनी जैसी घटना मानवीय मूल्यों के हुए ह्रास का जीता जागता नमूना है ।यही नहीं नारी का बचपन भी सुरक्षित नहीं है ।कई घटनाएं इस बात की गवाही देती हैं ।आज की परिस्थिति और ताजा हालात से यह साफ तौर पर जाहिर करता है की माँ सरस्वती केवल मूर्तियों में सिमटकर ही रह गयी है ।बारीकी से देखें तो,ज्ञान के अभाव में कई जगह प्रतिमा बनाकर मनोरंजन के उद्धेश्य को पूरा किया जा रहा है ।जो नयी पीढ़ी आज के दौर में सामने आ रही है,उन्हें तो यह भी नहीं मालूम की हमारे निजी जीवन में इस पूजा का कितना महत्व है ...?ऐसे लोग पूजा--अर्चना में लगे होते हैं,जिन्हें ज्ञान अथवा शिक्षा से कोई लेना--देना नहीं होता ।यह पूरी तरह से साफ है की चहुँदिश,पूजा -अर्चना तो की जा रही है लेकिन हम आध्यात्म से उतने ही दूर होते जा रहे हैं ।जहाँ एक ओर समाज में महिलाओं को पूरा सम्मान अब तक नहीं मिल पाया है ,वहीं दूसरी ओर पूजा का माहौल बनाकर नारियों पर गलत निगाह डाली जा रही है ।पूजा के भव्य पांडालों में अश्लील गीत बजते रहते हैं,जहां बच्चे,युवा से लेकर प्रौढ़ पुरुष तक थिरकते रहते हैं ।पूजा पांडालों तक पहुँचने वाली युवतियों और बच्चियों को घूरने से लेकर छेड़ने तक की घटना घटती है । आखिर यह कौन सी पूजा है ?आखिर नारियों को वस्तु समझकर क्यों देखा जाता है ?क्यों हमारे समृद्ध संस्कारों को घुन्न लग गए हैं ?पहले तो माँ की इस पूजा में शराब का भी खूब सेवन होता था ।लेकिन शराबबंदी के खूब फायदे हुए हैं ।बाबजूद इसके इस मौके पर विभिन्य मादक पदार्थों का सेवन,एक तरह से पूजा की एक विधि बन गयी है ।बदले हुए समाज का यह चेहरा हृदय को सालता है ।आखिर कहाँ आ लुढ़के हैं हम ।
         आज के समाज की जरुरत यह नहीं की बाह्य आडम्बरों में घिरकर हम अपने ही अस्तित्व को धुमिल,या फिर खत्म कर दें ।आज जरुरत है की हम आत्म मंथन करें और बहुतेरे ऐसे कार्य करें ताकि माँ सरस्वती को भी अपने नारी रूप में होने पर गर्व हो ...माँ सरस्वती को भी लगे की भक्त सही में उनकी पूजा कर रहे हैं ।माँ सरस्वती की लाज बचाने के लिए नारियों की ना केवल लाज बचानी होगी बल्कि अन्तरतम से नारियों को आसमानी सम्मान देना होगा ।

बजट 2017 के बड़े ऐलान .....

आम बजट की कुछ मुख्य विन्दुये........
गांवों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं----
बजट  में सरकार ने किसान कर्ज पर ब्‍याज में कटौती, किसानों को लोन के लिए दस लाख करोड़ रुपये दिए गये हैं. इसी वर्ष के खेती 4.1 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्‍मीद जताई गई है.
* माइक्रो सिंचाई फंड 5000 करोड़ रुपये का फंड
* डेयरी उद्योग के लिए नाबर्ड के जरिये 8 हजार करोड़ रुपये
* दुग्‍ध पैदावार के लिए 300 करेाड़ का शुरुआती फंड
* साल 2017-18 के बजट में मनरेगा के लिए आवंटन 11 हजार करोड़ रुपए का इजाफा करते हुए इसे 48    हजार करोड़ रुपए
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कॉन्‍ट्रैक्‍ट खेती के लिए नया कानून लाने की घोषणा के साथ साथ सरकार ने दावा किया है कि मार्च 2018 तक सभी गावों में बिजली पहुंचाई जाएगी.

ब्रांडबैंड की कनेक्टविटी गांव में बढ़ाने पर जोर-------* इस बजट के अनुसार 50 लाख गांवों में ब्रॉडबैंड सेवा पहुंचाई जाएगी.
* गांवों में महिला शक्ति केंद्र स्‍थापना के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान.
* गामीण इलाकों में अब 60 फीसदी सैनिटेशन प्रबंध. 
मध्य वर्गों को भी राहत----- * अब 3 लाख रुपये से ज्यादा के नकद लेन-देन पर रोक लगा दी गई.
* अब 2.5 लाख से 5 लाख तक की आयकर सीमा 10 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत.
* एक करोड़ रपये से अधिक की आय पर 15 प्रतिशत का अधिभार बना रहेगा. 

दर्दनाक हादसा: आग में झुलसने से एक की मौत---

सहरसा टाईम्स की रिपोर्ट----
भागलपुर S.P  सामान्य शाखा में कार्यरत लिपिक धर्मेन्द्र कौशल और उनकी पत्नी आग में झुलसी ।पत्नी की मौत ।पति गंभीर हालात में सदर अस्पताल सहरसा में भर्ती । सदर थाना के न्यू कॉलोनी का मामला ।आग लगने के कारण का अभीतक नहीं हुआ है कोई खुलासा ।

*अपनी बात*

अपनी बात---थोड़ी भावनाओं की तासीर,थोड़ी दिल की रजामंदी और थोड़ी जिस्मानी धधक वाली मुहब्बत कई शाख पर बैठती है ।लेकिन रूहानी मुहब्बत ना केवल एक जगह काबिज और कायम रहती है बल्कि ताउम्र उसी इक शख्सियत के संग कुलाचें भरती है ।